यदि आप SSC, CET, REET, Railway, Police, Banking, UPSC या राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो राज्य विधानमंडल (State Legislature) का अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है। लगभग हर परीक्षा में राज्य विधानसभा क्या है, विधान परिषद क्या होती है, राज्य विधानमंडल की संरचना, अनुच्छेद 168, विधानसभा और विधान परिषद में अंतर, राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं।
📌 एक नजर में (Quick Revision Table)
| विषय | विवरण |
|---|---|
| संस्था | राज्य विधानमंडल (State Legislature) |
| संवैधानिक आधार | भाग VI (अनुच्छेद 168–212) |
| संबंधित अनुच्छेद | 168 से 212 |
| प्रकार | एकसदनीय एवं द्विसदनीय |
| निम्न सदन | विधानसभा (Legislative Assembly) |
| उच्च सदन | विधान परिषद (Legislative Council) |
| कार्यकाल | विधानसभा – 5 वर्ष, विधान परिषद – स्थायी सदन |
| सदस्य | विधायक (MLA) एवं विधान पार्षद (MLC) |
| प्रमुख कार्य | कानून बनाना, बजट पारित करना, सरकार पर नियंत्रण रखना |
प्रश्न: राज्य विधानमंडल क्या है?
उत्तर: राज्य विधानमंडल किसी राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था होती है, जिसका गठन संविधान के अनुच्छेद 168 के अंतर्गत किया गया है। यह एकसदनीय (केवल विधानसभा) या द्विसदनीय (विधानसभा एवं विधान परिषद) हो सकता है। इसका मुख्य कार्य कानून बनाना, बजट पारित करना तथा राज्य सरकार को उत्तरदायी बनाना है।
राज्य विधानमंडल क्या है?
राज्य विधानमंडल (State Legislature) किसी राज्य की विधायी संस्था (Legislature) होती है, जो राज्य के लिए कानून बनाने का कार्य करती है। यह लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
भारत के सभी राज्यों में विधानमंडल होता है, लेकिन सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं होती।
इसी कारण भारतीय राज्यों में दो प्रकार की विधानमंडल व्यवस्था देखने को मिलती है—
- एकसदनीय विधानमंडल (Unicameral Legislature)
- द्विसदनीय विधानमंडल (Bicameral Legislature)
राज्य विधानमंडल का संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान के भाग VI में राज्यों से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
राज्य विधानमंडल से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद निम्न हैं—
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 168 | राज्य विधानमंडल का गठन |
| 169 | विधान परिषद का सृजन या समाप्ति |
| 170 | विधानसभा की संरचना |
| 171 | विधान परिषद की संरचना |
| 172 | विधानसभा का कार्यकाल |
| 173 | सदस्य बनने की योग्यता |
| 174 | सत्र, स्थगन एवं विघटन |
| 175 | राज्यपाल का संबोधन |
| 176 | विशेष अभिभाषण |
| 177 | मंत्रियों एवं महाधिवक्ता के अधिकार |
Exam Tip: प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक अनुच्छेद 168, 169, 170, 171, 172 और 173 से प्रश्न पूछे जाते हैं।
राज्य विधानमंडल की संरचना
संविधान के अनुसार राज्य विधानमंडल दो प्रकार का हो सकता है।
1. एकसदनीय विधानमंडल (Unicameral Legislature)
इस व्यवस्था में केवल विधानसभा (Legislative Assembly) होती है।
भारत के अधिकांश राज्यों में यही व्यवस्था लागू है।
उदाहरण:
- राजस्थान
- गुजरात
- हरियाणा
- पंजाब
- उत्तराखंड
- हिमाचल प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- ओडिशा
- असम आदि।
2. द्विसदनीय विधानमंडल (Bicameral Legislature)
इस व्यवस्था में दो सदन होते हैं—
- विधानसभा (Lower House)
- विधान परिषद (Upper House)
वर्तमान में निम्न राज्यों में विधान परिषद है—
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- महाराष्ट्र
- कर्नाटक
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
महत्वपूर्ण तथ्य: सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं होती। इसका गठन या समाप्ति अनुच्छेद 169 के अंतर्गत संसद द्वारा किया जाता है।
राज्य विधानमंडल के अंग
राज्य विधानमंडल तीन घटकों से मिलकर बनता है—
- राज्यपाल
- विधानसभा
- विधान परिषद (जहाँ लागू हो)
ध्यान रखें कि जिन राज्यों में विधान परिषद नहीं होती, वहाँ भी राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग होता है।
विधानसभा क्या है? (Legislative Assembly)
विधानसभा राज्य विधानमंडल का निम्न सदन (Lower House) तथा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदन है। इसके सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से चुने जाते हैं और इन्हें विधायक (MLA) कहा जाता है।
विधानसभा की प्रमुख विशेषताएँ
- जनता द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन।
- सदस्य MLA कहलाते हैं।
- कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष।
- राज्य सरकार इसी सदन के प्रति उत्तरदायी होती है।
- मुख्यमंत्री सामान्यतः इसी सदन का सदस्य होता है।
- अविश्वास प्रस्ताव केवल विधानसभा में लाया जा सकता है।
विधानसभा के सदस्यों की संख्या
संविधान के अनुसार—
- अधिकतम सदस्य – 500
- न्यूनतम सदस्य – 60
अपवाद:
कुछ छोटे राज्यों में इससे कम सदस्य भी हो सकते हैं, जैसे—
- गोवा
- सिक्किम
- मिजोरम
विधायक (MLA) बनने की योग्यता
विधानसभा का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति—
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए।
- संसद द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताओं को पूरा करना चाहिए।
- किसी लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए।
विधानसभा का कार्यकाल कितना होता है?
सामान्य परिस्थितियों में विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
लेकिन—
- आपातकाल की स्थिति में इसका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
- राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर विधानसभा को समय से पहले भी भंग कर सकता है।
📌 परीक्षा की दृष्टि से याद रखने योग्य तथ्य
| तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| विधानसभा का न्यूनतम कार्यकाल | 5 वर्ष (सामान्य) |
| विधायक की न्यूनतम आयु | 25 वर्ष |
| विधानसभा का चुनाव | प्रत्यक्ष |
| विधानसभा के सदस्य | MLA |
| संबंधित अनुच्छेद | 170, 172, 173 |
विधान परिषद क्या है? (Legislative Council)
विधान परिषद (Legislative Council) राज्य विधानमंडल का उच्च सदन (Upper House) होता है। यह संसद की राज्यसभा के समान कार्य करता है, लेकिन सभी राज्यों में इसका गठन नहीं होता।
संविधान के अनुच्छेद 171 में विधान परिषद की संरचना तथा सदस्यों के निर्वाचन का प्रावधान किया गया है।
विधान परिषद राज्य विधानमंडल का स्थायी उच्च सदन है। इसके सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव से नहीं चुने जाते, बल्कि विभिन्न निर्वाचन मंडलों तथा राज्यपाल द्वारा नामांकन के माध्यम से चुने जाते हैं।
विधान परिषद की प्रमुख विशेषताएँ
- राज्य विधानमंडल का उच्च सदन।
- स्थायी सदन (कभी भंग नहीं होता)।
- प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष।
- प्रत्येक दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
- सदस्य MLC (Member of Legislative Council) कहलाते हैं।
- अधिकतम सदस्य संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों की 1/3 से अधिक नहीं।
- न्यूनतम सदस्य संख्या 40 (कुछ विशेष राज्यों को छोड़कर)।
विधान परिषद की संरचना (अनुच्छेद 171)
| निर्वाचन का आधार | प्रतिशत |
|---|---|
| स्थानीय निकायों द्वारा निर्वाचित | लगभग 1/3 |
| विधानसभा के सदस्यों द्वारा निर्वाचित | लगभग 1/3 |
| स्नातक निर्वाचन क्षेत्र | लगभग 1/12 |
| शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र | लगभग 1/12 |
| राज्यपाल द्वारा मनोनीत | लगभग 1/6 |
राज्यपाल किन व्यक्तियों को मनोनीत करता है?
ऐसे व्यक्ति जिन्होंने निम्न क्षेत्रों में विशेष योगदान दिया हो—
- साहित्य
- विज्ञान
- कला
- सहकारिता
- समाज सेवा
यह प्रश्न SSC, UPSC तथा राज्य परीक्षाओं में कई बार पूछा जा चुका है।
विधान परिषद के सदस्य (MLC) बनने की योग्यता
किसी व्यक्ति को विधान परिषद का सदस्य बनने के लिए—
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- न्यूनतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए।
- संसद द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताओं को पूरा करना चाहिए।
- लाभ के पद पर नहीं होना चाहिए।
विधानसभा एवं विधान परिषद में अंतर
| आधार | विधानसभा | विधान परिषद |
|---|---|---|
| सदन | निम्न सदन | उच्च सदन |
| सदस्य | MLA | MLC |
| चुनाव | प्रत्यक्ष | अप्रत्यक्ष |
| कार्यकाल | 5 वर्ष | स्थायी सदन |
| न्यूनतम आयु | 25 वर्ष | 30 वर्ष |
| सरकार के प्रति उत्तरदायित्व | हाँ | नहीं |
| अविश्वास प्रस्ताव | केवल यहाँ | नहीं |
Exam Tip: “MLA – 25 वर्ष” तथा “MLC – 30 वर्ष” सबसे अधिक पूछे जाने वाले तथ्यों में से हैं।
राज्य विधानमंडल की शक्तियाँ
राज्य विधानमंडल केवल कानून बनाने का कार्य ही नहीं करता, बल्कि सरकार को उत्तरदायी बनाने, वित्तीय नियंत्रण रखने तथा संविधान के अनुसार अनेक महत्वपूर्ण कार्य भी करता है।
1. विधायी शक्तियाँ (Legislative Powers)
राज्य विधानमंडल—
- राज्य सूची (State List) के विषयों पर कानून बनाता है।
- समवर्ती सूची (Concurrent List) के विषयों पर भी कानून बना सकता है।
- राज्य के प्रशासन, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पुलिस, स्थानीय शासन आदि विषयों पर कानून बनाने का अधिकार रखता है।
उदाहरण
- कृषि कानून
- भूमि सुधार कानून
- नगर निकाय कानून
- पंचायत कानून
- राज्य शिक्षा कानून
2. वित्तीय शक्तियाँ (Financial Powers)
राज्य की आय और व्यय पर अंतिम नियंत्रण विधानसभा के पास होता है।
मुख्य कार्य—
- राज्य का वार्षिक बजट पारित करना।
- धन विधेयक पारित करना।
- कर लगाने अथवा समाप्त करने से संबंधित कानून बनाना।
- अनुदान की मांगों को स्वीकृति देना।
महत्वपूर्ण: धन विधेयक केवल विधानसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
3. कार्यपालिका पर नियंत्रण
राज्य मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
विधानसभा निम्न माध्यमों से सरकार पर नियंत्रण रखती है—
- प्रश्नकाल
- शून्यकाल
- ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
- स्थगन प्रस्ताव
- अविश्वास प्रस्ताव
- कटौती प्रस्ताव
4. निर्वाचन संबंधी शक्तियाँ
राज्य विधानमंडल के सदस्य—
- राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल का हिस्सा होते हैं।
- राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव करते हैं (विधानसभा)।
- विधान परिषद के कुछ सदस्यों का चुनाव करते हैं।
5. संवैधानिक शक्तियाँ
कुछ संविधान संशोधन ऐसे होते हैं जिनके लिए संसद के साथ-साथ कम-से-कम आधे राज्यों की विधानसभाओं की स्वीकृति आवश्यक होती है।
उदाहरण—
- राष्ट्रपति के निर्वाचन से संबंधित संशोधन
- संघ-राज्य संबंध
- उच्च न्यायालय
- सर्वोच्च न्यायालय
- सातवीं अनुसूची में परिवर्तन
राज्य विधानमंडल में विधेयक कैसे पारित होता है?
साधारण विधेयक (Ordinary Bill)
सामान्य विधेयक दोनों सदनों से पारित होकर राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त करने के बाद कानून बनता है।
यदि राज्य में विधान परिषद नहीं है, तो केवल विधानसभा से पारित होना पर्याप्त होता है।
धन विधेयक (Money Bill)
धन विधेयक से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य—
- केवल विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है।
- राज्यपाल की पूर्व अनुशंसा आवश्यक होती है।
- विधान परिषद केवल सुझाव दे सकती है।
- परिषद को विधेयक 14 दिनों के भीतर वापस करना होता है।
- अंतिम निर्णय विधानसभा का होता है।
SSC Favourite Question: धन विधेयक पर अंतिम अधिकार किसका होता है?
उत्तर: विधानसभा।
राज्यपाल की भूमिका
यद्यपि राज्यपाल जनता द्वारा निर्वाचित नहीं होता, फिर भी वह राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग है।
राज्यपाल के प्रमुख कार्य—
- विधानसभा का सत्र बुलाना।
- सत्रावसान करना।
- विधानसभा भंग करना।
- विधेयकों पर स्वीकृति देना।
- आवश्यकता पड़ने पर विधेयक राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रखना।
- विशेष अभिभाषण देना।
- विधान परिषद के कुछ सदस्यों को मनोनीत करना।
राज्य विधानमंडल से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 168 | राज्य विधानमंडल |
| 169 | विधान परिषद का गठन एवं समाप्ति |
| 170 | विधानसभा की संरचना |
| 171 | विधान परिषद की संरचना |
| 172 | विधानसभा का कार्यकाल |
| 173 | सदस्य बनने की योग्यता |
| 174 | सत्र, स्थगन एवं विघटन |
| 175 | राज्यपाल का संबोधन |
| 176 | विशेष अभिभाषण |
| 177 | मंत्री एवं महाधिवक्ता के अधिकार |
| 178 | विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष |
| 182 | विधान परिषद सभापति एवं उपसभापति |
| 199 | धन विधेयक |
| 200 | राज्यपाल की स्वीकृति |
| 201 | राष्ट्रपति के विचार हेतु आरक्षण |
| 202 | वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget) |
महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन
यद्यपि राज्य विधानमंडल की मूल संरचना में किसी एक संशोधन द्वारा बड़ा परिवर्तन नहीं किया गया, फिर भी निम्न संशोधन परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं—
| संशोधन | महत्व |
|---|---|
| 42वाँ संशोधन | संघ-राज्य संबंधों पर प्रभाव |
| 44वाँ संशोधन | लोकतांत्रिक प्रावधानों की पुनर्स्थापना |
| 52वाँ संशोधन | दल-बदल विरोधी कानून |
| 91वाँ संशोधन | मंत्रिपरिषद के आकार की सीमा एवं दल-बदल प्रावधानों को मजबूत किया |
सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय
1. Kihoto Hollohan Case (1992)
दल-बदल विरोधी कानून की वैधता को स्वीकार किया गया।
2. Nabam Rebia Case (2016)
विधानसभा अध्यक्ष की शक्तियों तथा संवैधानिक प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया।
3. S.R. Bommai Case (1994)
संघवाद, राज्य सरकार तथा लोकतांत्रिक बहुमत की अवधारणा को मजबूत किया गया।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- राज्य विधानमंडल का उल्लेख भाग VI में है।
- अनुच्छेद 168–212 राज्य विधानमंडल से संबंधित हैं।
- सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं होती।
- विधान परिषद स्थायी सदन है।
- विधानसभा अधिक शक्तिशाली सदन मानी जाती है।
- धन विधेयक केवल विधानसभा में प्रस्तुत होता है।
- MLC बनने की न्यूनतम आयु 30 वर्ष।
- MLA बनने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष।
- विधान परिषद का गठन संसद करती है।
- राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग होता है।
Quick Revision Notes
- राज्य विधानमंडल = राज्य की विधायिका।
- दो प्रकार—एकसदनीय एवं द्विसदनीय।
- विधानसभा = Lower House।
- विधान परिषद = Upper House।
- अनुच्छेद 168 सबसे महत्वपूर्ण।
- विधान परिषद स्थायी सदन।
- विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष।
- परिषद सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष।
- धन विधेयक केवल विधानसभा।
- राज्यपाल विधानमंडल का अभिन्न अंग।
Exam Booster Facts
✅ अनुच्छेद 168 सबसे अधिक पूछा जाता है।
✅ विधानसभा सरकार को हटा सकती है, परिषद नहीं।
✅ परिषद कभी भंग नहीं होती।
✅ प्रत्येक दो वर्ष में 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
✅ विधानसभा का चुनाव प्रत्यक्ष होता है।
✅ परिषद का चुनाव मुख्यतः अप्रत्यक्ष होता है।
✅ Money Bill पर परिषद की भूमिका सलाहकार है।
✅ राज्यपाल बिना सदन का सदस्य हुए भी विधानमंडल का अंग होता है।
✅ अनुच्छेद 169 से परिषद बनाई या समाप्त की जा सकती है।
✅ विधान परिषद केवल कुछ राज्यों में ही है।

राज्य विधानमंडल MCQ (Practice Set)
प्रश्न 1. राज्य विधानमंडल का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद से प्रारम्भ होता है?
A. अनुच्छेद 166
B. अनुच्छेद 167
C. अनुच्छेद 168
D. अनुच्छेद 170
उत्तर: C. अनुच्छेद 168
व्याख्या: संविधान के भाग VI में अनुच्छेद 168 से राज्य विधानमंडल का उल्लेख प्रारम्भ होता है।
प्रश्न 2. राज्य विधानमंडल का उच्च सदन क्या कहलाता है?
A. विधानसभा
B. लोकसभा
C. विधान परिषद
D. राज्यसभा
उत्तर: C. विधान परिषद
व्याख्या: जिन राज्यों में द्विसदनीय व्यवस्था है, वहाँ उच्च सदन विधान परिषद कहलाता है।
प्रश्न 3. विधानसभा के सदस्य को क्या कहा जाता है?
A. MP
B. MLC
C. MLA
D. Councillor
उत्तर: C. MLA
व्याख्या: विधानसभा के सदस्य विधायक (Member of Legislative Assembly) कहलाते हैं।
प्रश्न 4. विधान परिषद के सदस्य को क्या कहा जाता है?
A. MLA
B. MP
C. MLC
D. Mayor
उत्तर: C. MLC
व्याख्या: विधान परिषद के सदस्य Member of Legislative Council कहलाते हैं।
प्रश्न 5. विधायक (MLA) बनने की न्यूनतम आयु कितनी होती है?
A. 21 वर्ष
B. 25 वर्ष
C. 30 वर्ष
D. 35 वर्ष
उत्तर: B. 25 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 173 के अनुसार विधानसभा सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
प्रश्न 6. विधान परिषद के सदस्य बनने की न्यूनतम आयु कितनी है?
A. 25 वर्ष
B. 28 वर्ष
C. 30 वर्ष
D. 35 वर्ष
उत्तर: C. 30 वर्ष
व्याख्या: विधान परिषद के सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित है।
प्रश्न 7. विधान परिषद किस प्रकार का सदन है?
A. अस्थायी
B. स्थायी
C. भंग होने वाला
D. मनोनीत
उत्तर: B. स्थायी
व्याख्या: विधान परिषद कभी भंग नहीं होती।
प्रश्न 8. विधानसभा का सामान्य कार्यकाल कितना होता है?
A. 4 वर्ष
B. 5 वर्ष
C. 6 वर्ष
D. 7 वर्ष
उत्तर: B. 5 वर्ष
व्याख्या: विधानसभा का सामान्य कार्यकाल पाँच वर्ष होता है।
प्रश्न 9. धन विधेयक सबसे पहले कहाँ प्रस्तुत किया जाता है?
A. विधान परिषद
B. राज्यपाल
C. विधानसभा
D. संसद
उत्तर: C. विधानसभा
व्याख्या: धन विधेयक केवल विधानसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रश्न 10. विधान परिषद धन विधेयक को कितने दिनों तक रोक सकती है?
A. 7 दिन
B. 10 दिन
C. 14 दिन
D. 30 दिन
उत्तर: C. 14 दिन
व्याख्या: विधान परिषद धन विधेयक को अधिकतम 14 दिनों तक अपने पास रख सकती है।
प्रश्न 11. विधान परिषद का गठन या समाप्ति किस अनुच्छेद के अंतर्गत होती है?
A. 168
B. 169
C. 170
D. 171
उत्तर: B. अनुच्छेद 169
व्याख्या: संसद अनुच्छेद 169 के अंतर्गत विधान परिषद का गठन या समाप्ति करती है।
प्रश्न 12. राज्य सरकार किस सदन के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?
A. विधान परिषद
B. राज्यपाल
C. विधानसभा
D. राष्ट्रपति
उत्तर: C. विधानसभा
व्याख्या: मंत्रिपरिषद केवल विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
प्रश्न 13. राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग कौन है?
A. मुख्यमंत्री
B. राज्यपाल
C. मुख्य सचिव
D. मुख्य न्यायाधीश
उत्तर: B. राज्यपाल
व्याख्या: संविधान के अनुसार राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग है।
प्रश्न 14. विधान परिषद के कितने सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं?
A. आधे
B. एक-तिहाई
C. एक-चौथाई
D. दो-तिहाई
उत्तर: B. एक-तिहाई
व्याख्या: प्रत्येक दो वर्ष में परिषद के एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
प्रश्न 15. विधानसभा का चुनाव किस प्रकार होता है?
A. अप्रत्यक्ष
B. प्रत्यक्ष
C. मनोनयन
D. निर्वाचन मंडल द्वारा
उत्तर: B. प्रत्यक्ष
व्याख्या: विधानसभा के सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।
प्रश्न 16. विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?
A. 4 वर्ष
B. 5 वर्ष
C. 6 वर्ष
D. 7 वर्ष
उत्तर: C. 6 वर्ष
व्याख्या: प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है।
प्रश्न 17. विधानसभा की अधिकतम सदस्य संख्या कितनी हो सकती है?
A. 400
B. 450
C. 500
D. 550
उत्तर: C. 500
व्याख्या: संविधान के अनुसार विधानसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 500 हो सकती है।
प्रश्न 18. विधानसभा की न्यूनतम सदस्य संख्या सामान्यतः कितनी होती है?
A. 40
B. 50
C. 60
D. 80
उत्तर: C. 60
व्याख्या: सामान्यतः विधानसभा में न्यूनतम 60 सदस्य होते हैं, हालांकि कुछ राज्यों को अपवाद प्राप्त है।
प्रश्न 19. निम्न में से कौन-सा राज्य वर्तमान में द्विसदनीय विधानमंडल वाला राज्य है?
A. राजस्थान
B. गुजरात
C. महाराष्ट्र
D. पंजाब
उत्तर: C. महाराष्ट्र
व्याख्या: महाराष्ट्र में विधानसभा एवं विधान परिषद दोनों हैं।
प्रश्न 20. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
A. सभी राज्यों में विधान परिषद होती है।
B. विधान परिषद धन विधेयक को अस्वीकार कर सकती है।
C. विधानसभा सरकार को उत्तरदायी बनाती है।
D. विधान परिषद प्रत्यक्ष रूप से चुनी जाती है।
उत्तर: C. विधानसभा सरकार को उत्तरदायी बनाती है।
व्याख्या: राज्य मंत्रिपरिषद केवल विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
Previous Year Questions (PYQ)
PYQ 1
प्रश्न: राज्य विधानमंडल का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?
परीक्षा: SSC CGL
उत्तर: अनुच्छेद 168
व्याख्या: अनुच्छेद 168 राज्य विधानमंडल की संरचना का आधार है।
PYQ 2
प्रश्न: विधान परिषद किस प्रकार का सदन है?
परीक्षा: UPSC Prelims
उत्तर: स्थायी सदन
व्याख्या: विधान परिषद कभी भंग नहीं होती तथा प्रत्येक दो वर्ष में इसके एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
PYQ 3
प्रश्न: धन विधेयक किस सदन में प्रस्तुत किया जाता है?
परीक्षा: RRB NTPC
उत्तर: विधानसभा
व्याख्या: धन विधेयक केवल विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है।
PYQ 4
प्रश्न: विधायक बनने की न्यूनतम आयु कितनी है?
परीक्षा: Rajasthan CET
उत्तर: 25 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 173 के अनुसार विधानसभा सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
PYQ 5
प्रश्न: विधान परिषद के गठन या समाप्ति का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
परीक्षा: UPSC / State PSC
उत्तर: अनुच्छेद 169
व्याख्या: संसद, संबंधित राज्य विधानसभा के विशेष प्रस्ताव के आधार पर विधान परिषद का गठन या समाप्ति कर सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
राज्य विधानमंडल क्या है?
राज्य विधानमंडल राज्य की विधायी संस्था है, जो राज्य के लिए कानून बनाती है। इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 168 से 212 तक किया गया है।
राज्य विधानमंडल में कितने सदन होते हैं?
भारत में राज्य विधानमंडल एकसदनीय (केवल विधानसभा) या द्विसदनीय (विधानसभा + विधान परिषद) हो सकता है।
विधानसभा और विधान परिषद में क्या अंतर है?
विधानसभा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित निम्न सदन है, जबकि विधान परिषद अप्रत्यक्ष रूप से गठित स्थायी उच्च सदन है।
धन विधेयक कहाँ प्रस्तुत किया जाता है?
धन विधेयक केवल विधानसभा में प्रस्तुत किया जाता है। विधान परिषद केवल सुझाव दे सकती है।
विधान परिषद किन राज्यों में है?
वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में विधान परिषद है।
राज्यपाल की क्या भूमिका है?
राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग है। वह सत्र बुलाता है, विधेयकों को स्वीकृति देता है तथा आवश्यक होने पर उन्हें राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रख सकता है।

