एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| सदन | संसद का उच्च सदन |
| संवैधानिक आधार | अनुच्छेद 79 एवं 80 |
| अधिकतम सदस्य | 250 |
| वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था | 245 सदस्य (233 निर्वाचित + 12 मनोनीत तक की व्यवस्था) |
| निर्वाचित सदस्य | राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से |
| मनोनीत सदस्य | राष्ट्रपति द्वारा |
| कार्यकाल | 6 वर्ष |
| प्रत्येक 2 वर्ष बाद | 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त |
| सभापति | भारत के उपराष्ट्रपति |
| उपसभापति | राज्यसभा द्वारा निर्वाचित |
| विघटन | कभी भंग नहीं होती |
प्रश्न: राज्यसभा क्या है?
उत्तर:
राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन (Upper House) है। यह एक स्थायी सदन है जिसे कभी भंग नहीं किया जाता। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है तथा प्रत्येक दो वर्ष बाद एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
संक्षिप्त परिचय
भारत में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है, जिसमें संसद सर्वोच्च विधायिका है। संसद तीन भागों से मिलकर बनती है—
- राष्ट्रपति
- राज्यसभा
- लोकसभा
राज्यसभा संघीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। यह राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती है तथा विधायी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि इसे Council of States (राज्यों की परिषद) भी कहा जाता है।
SSC, Railway, CET, Police, UPSC, REET, CTET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में राज्यसभा से प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेष रूप से “राज्यसभा क्या है”, “राज्यसभा के सदस्य”, “राज्यसभा की शक्तियां”, “राज्यसभा का कार्यकाल” और “राज्यसभा एवं लोकसभा में अंतर” जैसे प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
राज्यसभा क्या है?
राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन (Upper House) है। इसका उद्देश्य राज्यों के हितों का प्रतिनिधित्व करना तथा संसद में विधेयकों की गहन समीक्षा करना है।
लोकसभा की तुलना में राज्यसभा अपेक्षाकृत स्थायी एवं अनुभवी सदन माना जाता है क्योंकि इसमें सदस्यों का एक साथ चुनाव नहीं होता।
राज्यसभा भारत की संघीय व्यवस्था को मजबूत बनाती है तथा राज्यों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का कार्य करती है।
राज्यसभा का इतिहास
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद संविधान सभा ने द्विसदनीय संसद (Bicameral Legislature) की व्यवस्था स्वीकार की।
भारत में राज्यसभा का प्रथम गठन 3 अप्रैल 1952 को हुआ तथा इसकी पहली बैठक 13 मई 1952 को आयोजित की गई।
तब से राज्यसभा लगातार कार्य कर रही है और आज तक कभी भंग नहीं हुई।
राज्यसभा का संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान के भाग V में संसद से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।
राज्यसभा से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद निम्न हैं—
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 79 | संसद का गठन |
| 80 | राज्यसभा की संरचना |
| 81 | लोकसभा की संरचना |
| 83 | संसद के दोनों सदनों का कार्यकाल |
| 84 | संसद सदस्य बनने की योग्यता |
| 89 | सभापति एवं उपसभापति |
| 100 | मतदान की प्रक्रिया |
| 107 | विधेयकों का परिचय |
| 108 | संयुक्त अधिवेशन |
| 109 | धन विधेयक |
| 110 | धन विधेयक की परिभाषा |
राज्यसभा की संरचना
संविधान के अनुच्छेद 80 के अनुसार राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 निर्धारित की गई है।
इनमें—
- अधिकतम 238 सदस्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- अधिकतम 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत कर सकते हैं।
राष्ट्रपति जिन सदस्यों को मनोनीत करते हैं, वे सामान्यतः निम्न क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले व्यक्ति होते हैं—
- साहित्य
- विज्ञान
- कला
- समाज सेवा
इस व्यवस्था का उद्देश्य संसद में विशेषज्ञों का अनुभव उपलब्ध कराना है।
राज्यसभा के सदस्य कैसे चुने जाते हैं?
राज्यसभा के अधिकांश सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से नहीं चुने जाते।
इनका चुनाव संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote) तथा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation) के माध्यम से करते हैं।
इस प्रणाली का उद्देश्य विभिन्न राजनीतिक दलों को उनके विधानसभा में प्रतिनिधित्व के अनुपात में सीटें प्रदान करना है।
राज्यसभा के लिए योग्यता
राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति में निम्न योग्यताएँ होनी चाहिए—
- भारत का नागरिक हो।
- न्यूनतम आयु 30 वर्ष हो।
- संसद द्वारा निर्धारित अन्य योग्यताओं को पूरा करता हो।
- किसी लाभ के पद पर न हो (जहाँ लागू हो)।
- विधि द्वारा अयोग्य घोषित न किया गया हो।
राज्यसभा का कार्यकाल
राज्यसभा भारत की एक स्थायी (Permanent House) संस्था है।
इसे कभी भंग नहीं किया जाता।
प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।
हर दो वर्ष बाद लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं और उनके स्थान पर नए सदस्य चुने जाते हैं।
इसी व्यवस्था के कारण राज्यसभा में अनुभव और निरंतरता बनी रहती है।
राज्यसभा के सभापति
भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होते हैं।
सभापति की प्रमुख भूमिकाएँ—
- सदन की कार्यवाही का संचालन
- अनुशासन बनाए रखना
- नियमों की व्याख्या करना
- मतदान की स्थिति में आवश्यक निर्णय लेना
यदि सभापति अनुपस्थित हों, तो उपसभापति सदन की कार्यवाही संचालित करते हैं।
राज्यसभा के उपसभापति
उपसभापति का चुनाव राज्यसभा स्वयं अपने सदस्यों में से करती है।
उनका कार्य—
- सभापति की अनुपस्थिति में सदन की अध्यक्षता करना।
- सदन के कार्यों का संचालन करना।
- संसदीय परंपराओं का पालन सुनिश्चित करना।
राज्यसभा की प्रमुख विशेषताएँ
- संसद का उच्च सदन है।
- यह स्थायी सदन है।
- कभी भंग नहीं होती।
- कार्यकाल 6 वर्ष।
- प्रत्येक दो वर्ष बाद एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त।
- राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है।
- उपराष्ट्रपति इसके पदेन सभापति होते हैं।
- राष्ट्रपति 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं।
- विधेयकों की समीक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- संघीय ढांचे को मजबूत बनाती है।
राज्यसभा क्यों बनाई गई?
संविधान निर्माताओं ने राज्यसभा का गठन कई महत्वपूर्ण उद्देश्यों से किया—
राज्यों का प्रतिनिधित्व
भारत एक संघीय राष्ट्र है। इसलिए राज्यों की आवाज़ संसद में प्रभावी रूप से पहुँचे, इसके लिए राज्यसभा का गठन किया गया।
विधेयकों की समीक्षा
लोकसभा से पारित विधेयकों की विस्तृत समीक्षा राज्यसभा करती है जिससे कानून अधिक प्रभावी बनते हैं।
अनुभवी व्यक्तियों का योगदान
राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ होते हैं, जो संसद की गुणवत्ता बढ़ाते हैं।
निरंतरता बनाए रखना
लोकसभा के भंग होने पर भी राज्यसभा कार्य करती रहती है। इससे विधायी प्रक्रिया पूरी तरह रुकती नहीं है।
राज्यसभा का महत्व
भारतीय लोकतंत्र में राज्यसभा का महत्व अत्यंत व्यापक है।
- राज्यों के हितों की रक्षा करती है।
- संसद में संतुलन स्थापित करती है।
- जल्दबाजी में कानून बनने से रोकती है।
- विधेयकों की गुणवत्तापूर्ण समीक्षा करती है।
- संघीय शासन प्रणाली को मजबूत बनाती है।
- विशेषज्ञों को संसद में योगदान का अवसर देती है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- राज्यसभा को Council of States कहा जाता है।
- यह संसद का उच्च सदन है।
- इसे कभी भंग नहीं किया जाता।
- पहला गठन 3 अप्रैल 1952।
- पहली बैठक 13 मई 1952।
- सभापति — भारत के उपराष्ट्रपति।
- सदस्य का कार्यकाल — 6 वर्ष।
- प्रत्येक 2 वर्ष बाद 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त।
- अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना से संबंधित है।
- राष्ट्रपति 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं।
राज्यसभा की शक्तियां
राज्यसभा केवल एक चर्चा करने वाला सदन नहीं है, बल्कि भारतीय संसद का एक महत्वपूर्ण विधायी अंग है। संविधान ने इसे अनेक प्रकार की शक्तियाँ प्रदान की हैं।
1. विधायी शक्तियां (Legislative Powers)
राज्यसभा साधारण विधेयकों (Ordinary Bills) पर लोकसभा के समान अधिकार रखती है।
राज्यसभा—
- विधेयक प्रस्तुत कर सकती है।
- विधेयक में संशोधन सुझा सकती है।
- विधेयक को अस्वीकार कर सकती है।
- विधेयक को लंबित रख सकती है।
- लोकसभा से आए विधेयकों पर विचार करती है।
यदि दोनों सदनों में मतभेद हो जाए तो संविधान के अनुच्छेद 108 के अंतर्गत संयुक्त अधिवेशन बुलाया जा सकता है।
2. वित्तीय शक्तियां (Financial Powers)
धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है।
राज्यसभा—
- धन विधेयक में संशोधन नहीं कर सकती।
- केवल सुझाव दे सकती है।
- विधेयक अधिकतम 14 दिनों तक अपने पास रख सकती है।
- यदि 14 दिनों में वापस नहीं करती तो विधेयक स्वतः पारित माना जाता है।
यही कारण है कि वित्तीय मामलों में लोकसभा अधिक शक्तिशाली मानी जाती है।
3. संवैधानिक शक्तियां (Constitutional Powers)
संविधान संशोधन विधेयक के मामले में राज्यसभा और लोकसभा दोनों समान शक्तियाँ रखते हैं।
किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को तभी पारित माना जाता है जब दोनों सदन उसे विशेष बहुमत से पारित करें।
यहाँ राज्यसभा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
4. निर्वाचन संबंधी शक्तियां
राज्यसभा निम्न चुनावों में भाग लेती है—
- राष्ट्रपति के निर्वाचन में
- उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में
इसके अतिरिक्त राज्यसभा अपने उपसभापति का चुनाव भी स्वयं करती है।
5. न्यायिक शक्तियां
राज्यसभा निम्न मामलों में भाग लेती है—
- राष्ट्रपति पर महाभियोग
- उपराष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया
- सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया
राज्यसभा की विशेष शक्तियां
राज्यसभा को संविधान ने कुछ ऐसी शक्तियाँ भी दी हैं जो लोकसभा के पास नहीं हैं।
अनुच्छेद 249
यदि राज्यसभा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से यह घोषित कर दे कि राष्ट्रीय हित में संसद को राज्य सूची के किसी विषय पर कानून बनाना चाहिए, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।
यह राज्यसभा की सबसे महत्वपूर्ण विशेष शक्तियों में से एक है।
अनुच्छेद 312
यदि राज्यसभा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करे तो संसद नई अखिल भारतीय सेवा (All India Service) का गठन कर सकती है।
उदाहरण—
- IAS
- IPS
- IFoS
भविष्य में नई अखिल भारतीय सेवा भी इसी प्रक्रिया से बनाई जा सकती है।
राज्यसभा की भूमिका
भारतीय लोकतंत्र में राज्यसभा निम्न कार्य करती है—
- राज्यों के हितों की रक्षा
- कानूनों की समीक्षा
- विशेषज्ञों की भागीदारी
- लोकतांत्रिक संतुलन बनाए रखना
- जल्दबाजी में कानून बनने से रोकना
- संघीय व्यवस्था को मजबूत करना
राज्यसभा एवं लोकसभा में अंतर
| आधार | राज्यसभा | लोकसभा |
|---|---|---|
| सदन | उच्च सदन | निम्न सदन |
| प्रकृति | स्थायी | अस्थायी |
| विघटन | कभी नहीं | हो सकती है |
| अधिकतम सदस्य | 250 | 552 |
| न्यूनतम आयु | 30 वर्ष | 25 वर्ष |
| कार्यकाल | 6 वर्ष | 5 वर्ष |
| चुनाव | अप्रत्यक्ष | प्रत्यक्ष |
| सभापति | उपराष्ट्रपति | लोकसभा अध्यक्ष |
| धन विधेयक | सुझाव दे सकती है | अंतिम निर्णय |
| सरकार की जिम्मेदारी | नहीं | हाँ |
राज्यसभा बनाम लोकसभा (Exam Snapshot)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| उच्च सदन कौन-सा है? | राज्यसभा |
| स्थायी सदन कौन-सा है? | राज्यसभा |
| धन विधेयक कहाँ प्रस्तुत होता है? | लोकसभा |
| संयुक्त अधिवेशन कौन बुलाता है? | राष्ट्रपति |
| राज्यसभा का सभापति कौन होता है? | उपराष्ट्रपति |
राज्यसभा से जुड़े महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 79 | संसद |
| 80 | राज्यसभा की संरचना |
| 83 | कार्यकाल |
| 84 | सदस्यता की योग्यता |
| 89 | सभापति एवं उपसभापति |
| 100 | मतदान |
| 107 | विधेयक |
| 108 | संयुक्त अधिवेशन |
| 109 | धन विधेयक |
| 110 | Money Bill |
| 249 | राज्य सूची पर संसद की शक्ति |
| 312 | अखिल भारतीय सेवाएँ |
महत्वपूर्ण तथ्य
- राज्यसभा संसद का उच्च सदन है।
- इसे Council of States कहा जाता है।
- यह कभी भंग नहीं होती।
- पहला गठन 3 अप्रैल 1952 को हुआ।
- पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई।
- प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।
- हर दो वर्ष बाद एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
- उपराष्ट्रपति इसके पदेन सभापति होते हैं।
- राष्ट्रपति 12 सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं।
- धन विधेयक पर राज्यसभा केवल सुझाव दे सकती है।
- अनुच्छेद 249 राज्यसभा को विशेष शक्ति देता है।
- अनुच्छेद 312 नई अखिल भारतीय सेवाओं के गठन से संबंधित है.
Key Takeaways
- राज्यसभा भारतीय संसद का स्थायी उच्च सदन है।
- यह राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है।
- संविधान संशोधन में इसकी भूमिका लोकसभा के समान है।
- धन विधेयक के मामले में इसकी शक्तियाँ सीमित हैं।
- अनुच्छेद 249 एवं 312 राज्यसभा को विशेष संवैधानिक शक्तियाँ प्रदान करते हैं।
- राज्यसभा भारतीय संघीय ढाँचे की महत्वपूर्ण संस्था है।
- विधेयकों की समीक्षा कर यह कानून निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाती है।
- अनुभवी एवं विशेषज्ञ सदस्यों की भागीदारी इसे विशिष्ट बनाती है।
Quick Revision Notes
- उच्च सदन → राज्यसभा
- अनुच्छेद → 80
- स्थायी सदन → हाँ
- अधिकतम सदस्य → 250
- वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था → 245
- सभापति → उपराष्ट्रपति
- कार्यकाल → 6 वर्ष
- 2 वर्ष बाद → 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त
- चुनाव → अप्रत्यक्ष
- न्यूनतम आयु → 30 वर्ष
- धन विधेयक → 14 दिन
- विशेष शक्ति → अनुच्छेद 249
- नई All India Service → अनुच्छेद 312
- पहली बैठक → 13 मई 1952
- गठन → 3 अप्रैल 1952
One-Liner Revision Questions
- राज्यसभा को किस नाम से जाना जाता है?
- राज्यसभा का गठन किस अनुच्छेद में है?
- राज्यसभा के सभापति कौन होते हैं?
- राज्यसभा का कार्यकाल कितना होता है?
- क्या राज्यसभा भंग होती है?
- राज्यसभा के सदस्य कैसे चुने जाते हैं?
- धन विधेयक कितने दिनों तक राज्यसभा में रह सकता है?
- अनुच्छेद 249 किससे संबंधित है?
- अनुच्छेद 312 किससे संबंधित है?
- राज्यसभा का पहला गठन कब हुआ?
- पहली बैठक कब हुई?
- सदस्य बनने की न्यूनतम आयु कितनी है?
- राष्ट्रपति कितने सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं?
- राज्यसभा संसद का कौन-सा सदन है?
- संविधान संशोधन में राज्यसभा की क्या भूमिका है?
Exam Booster Facts
- SSC का पसंदीदा प्रश्न: राज्यसभा का सभापति कौन होता है?
- Railway में अक्सर अनुच्छेद 80 पूछा जाता है।
- CET में राज्यसभा एवं लोकसभा का अंतर बार-बार पूछा जाता है।
- Police Exams में सदस्य संख्या एवं कार्यकाल महत्वपूर्ण हैं।
- REET में संसद के दोनों सदनों की तुलना पूछी जाती है।
- UPSC में अनुच्छेद 249 और 312 पर अवधारणात्मक प्रश्न आते हैं।
- Money Bill पर राज्यसभा की सीमित भूमिका एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
- राज्यसभा के सदस्य प्रत्यक्ष चुनाव से नहीं चुने जाते।
- राज्यसभा भारतीय संघीय व्यवस्था का प्रतिनिधित्व करती है।
- राज्यसभा कभी भंग नहीं होती—यह सबसे अधिक पूछे जाने वाले तथ्यों में से एक है।

राज्यसभा MCQ Practice Set
प्रश्न 1: राज्यसभा को किस नाम से जाना जाता है?
A. House of People
B. Council of States
C. National Council
D. Federal House
उत्तर: B. Council of States
व्याख्या: राज्यसभा को Council of States कहा जाता है क्योंकि यह राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती है।
प्रश्न 2: राज्यसभा की संरचना किस अनुच्छेद में वर्णित है?
A. अनुच्छेद 79
B. अनुच्छेद 80
C. अनुच्छेद 81
D. अनुच्छेद 83
उत्तर: B. अनुच्छेद 80
व्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना एवं सदस्य संख्या से संबंधित है।
प्रश्न 3: राज्यसभा के पदेन सभापति कौन होते हैं?
A. राष्ट्रपति
B. प्रधानमंत्री
C. उपराष्ट्रपति
D. लोकसभा अध्यक्ष
उत्तर: C. उपराष्ट्रपति
व्याख्या: भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन (Ex-officio) सभापति होते हैं।
प्रश्न 4: राज्यसभा के सदस्य का कार्यकाल कितना होता है?
A. 4 वर्ष
B. 5 वर्ष
C. 6 वर्ष
D. 7 वर्ष
उत्तर: C. 6 वर्ष
व्याख्या: राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।
प्रश्न 5: राज्यसभा के एक-तिहाई सदस्य कितने वर्ष बाद सेवानिवृत्त होते हैं?
A. 1 वर्ष
B. 2 वर्ष
C. 3 वर्ष
D. 6 वर्ष
उत्तर: B. 2 वर्ष
व्याख्या: प्रत्येक दो वर्ष बाद राज्यसभा के लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
प्रश्न 6: राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या कितनी हो सकती है?
A. 230
B. 238
C. 245
D. 250
उत्तर: D. 250
व्याख्या: संविधान के अनुसार राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 निर्धारित की गई है।
प्रश्न 7: राष्ट्रपति राज्यसभा में अधिकतम कितने सदस्यों को मनोनीत कर सकते हैं?
A. 10
B. 11
C. 12
D. 15
उत्तर: C. 12
व्याख्या: साहित्य, विज्ञान, कला एवं समाज सेवा में विशेष योगदान देने वाले 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत कर सकते हैं।
प्रश्न 8: राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों का चुनाव किसके द्वारा किया जाता है?
A. राष्ट्रपति
B. लोकसभा सदस्य
C. विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
D. जनता द्वारा प्रत्यक्ष मतदान
उत्तर: C. विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
व्याख्या: राज्यसभा के निर्वाचित सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य करते हैं।
प्रश्न 9: राज्यसभा का चुनाव किस प्रणाली से होता है?
A. प्रत्यक्ष मतदान
B. साधारण बहुमत
C. आनुपातिक प्रतिनिधित्व एवं एकल संक्रमणीय मत
D. खुला मतदान
उत्तर: C. आनुपातिक प्रतिनिधित्व एवं एकल संक्रमणीय मत
व्याख्या: राज्यसभा के चुनाव में Proportional Representation एवं Single Transferable Vote प्रणाली अपनाई जाती है।
प्रश्न 10: राज्यसभा कभी भंग क्यों नहीं होती?
A. राष्ट्रपति अनुमति नहीं देते
B. प्रधानमंत्री रोकते हैं
C. यह स्थायी सदन है
D. संविधान में उल्लेख नहीं है
उत्तर: C. यह स्थायी सदन है
व्याख्या: राज्यसभा भारतीय संसद का स्थायी सदन है, इसलिए इसे भंग नहीं किया जाता।
प्रश्न 11: राज्यसभा के सदस्य बनने की न्यूनतम आयु कितनी है?
A. 25 वर्ष
B. 28 वर्ष
C. 30 वर्ष
D. 35 वर्ष
उत्तर: C. 30 वर्ष
व्याख्या: राज्यसभा की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित है।
प्रश्न 12: धन विधेयक राज्यसभा में अधिकतम कितने दिन तक रखा जा सकता है?
A. 7 दिन
B. 10 दिन
C. 14 दिन
D. 30 दिन
उत्तर: C. 14 दिन
व्याख्या: राज्यसभा धन विधेयक को अधिकतम 14 दिनों तक अपने पास रख सकती है।
प्रश्न 13: अनुच्छेद 249 किससे संबंधित है?
A. राष्ट्रपति चुनाव
B. राज्य सूची पर संसद की विधायी शक्ति
C. न्यायपालिका
D. वित्त आयोग
उत्तर: B. राज्य सूची पर संसद की विधायी शक्ति
व्याख्या: अनुच्छेद 249 के अंतर्गत राज्यसभा राष्ट्रीय हित में संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति दे सकती है।
प्रश्न 14: अनुच्छेद 312 किससे संबंधित है?
A. लोकसभा चुनाव
B. वित्त आयोग
C. नई अखिल भारतीय सेवाओं का गठन
D. राज्यपाल की नियुक्ति
उत्तर: C. नई अखिल भारतीय सेवाओं का गठन
व्याख्या: अनुच्छेद 312 के अंतर्गत राज्यसभा के विशेष प्रस्ताव के आधार पर नई अखिल भारतीय सेवाएँ बनाई जा सकती हैं।
प्रश्न 15: राज्यसभा किसका प्रतिनिधित्व करती है?
A. केवल जनता
B. केवल राष्ट्रपति
C. राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश
D. न्यायपालिका
उत्तर: C. राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश
व्याख्या: राज्यसभा संघीय ढांचे के अनुरूप राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती है।
प्रश्न 16: राज्यसभा की पहली बैठक कब हुई?
A. 26 जनवरी 1950
B. 3 अप्रैल 1952
C. 13 मई 1952
D. 15 अगस्त 1947
उत्तर: C. 13 मई 1952
व्याख्या: राज्यसभा की पहली बैठक 13 मई 1952 को आयोजित हुई थी।
प्रश्न 17: राज्यसभा का पहला गठन कब हुआ?
A. 26 जनवरी 1950
B. 3 अप्रैल 1952
C. 13 मई 1952
D. 1951
उत्तर: B. 3 अप्रैल 1952
व्याख्या: राज्यसभा का गठन 3 अप्रैल 1952 को हुआ था।
प्रश्न 18: संविधान संशोधन विधेयक के मामले में राज्यसभा की स्थिति क्या है?
A. कोई भूमिका नहीं
B. केवल सलाह देती है
C. लोकसभा के समान शक्ति रखती है
D. केवल राष्ट्रपति निर्णय लेते हैं
उत्तर: C. लोकसभा के समान शक्ति रखती है
व्याख्या: संविधान संशोधन विधेयक को दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित किया जाना आवश्यक है।
प्रश्न 19: राज्यसभा में धन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है?
A. हाँ
B. नहीं
C. केवल आपातकाल में
D. केवल राष्ट्रपति की अनुमति से
उत्तर: B. नहीं
व्याख्या: धन विधेयक केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
प्रश्न 20: राज्यसभा भारतीय लोकतंत्र में किस व्यवस्था को मजबूत बनाती है?
A. एकात्मक व्यवस्था
B. संघीय व्यवस्था
C. राष्ट्रपति शासन
D. न्यायिक व्यवस्था
उत्तर: B. संघीय व्यवस्था
व्याख्या: राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व कर भारत की संघीय व्यवस्था को मजबूत बनाती है।
राज्यसभा Previous Year Questions (PYQs)
PYQ 1: राज्यसभा का सभापति कौन होता है? (SSC CGL)
उत्तर: भारत का उपराष्ट्रपति।
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुसार उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं और सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं।
PYQ 2: राज्यसभा की संरचना किस अनुच्छेद में दी गई है? (UPSC Prelims)
उत्तर: अनुच्छेद 80।
व्याख्या: अनुच्छेद 80 राज्यसभा की संरचना, सदस्य संख्या तथा मनोनीत सदस्यों से संबंधित प्रावधान करता है।
PYQ 3: राज्यसभा का कार्यकाल कितना होता है? (RRB NTPC)
उत्तर: 6 वर्ष।
व्याख्या: राज्यसभा के प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है तथा प्रत्येक दो वर्ष बाद एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।
PYQ 4: राज्यसभा धन विधेयक को अधिकतम कितने दिनों तक रोक सकती है? (State PSC)
उत्तर: 14 दिन।
व्याख्या: राज्यसभा धन विधेयक पर केवल सिफारिशें दे सकती है और उसे अधिकतम 14 दिनों तक अपने पास रख सकती है।
PYQ 5: राज्यसभा किस प्रकार का सदन है? (SSC CHSL)
उत्तर: स्थायी सदन (Permanent House)।
व्याख्या: राज्यसभा कभी भंग नहीं होती, इसलिए इसे संसद का स्थायी सदन कहा जाता है।
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