📌 एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| पद | भारत का राष्ट्रपति |
| संवैधानिक आधार | भाग V |
| संबंधित अनुच्छेद | 52 से 62 |
| राज्य का प्रमुख | हाँ |
| सरकार का वास्तविक प्रमुख | नहीं (प्रधानमंत्री) |
| कार्यपालिका शक्ति | राष्ट्रपति के नाम पर |
| कार्यकाल | 5 वर्ष |
| न्यूनतम आयु | 35 वर्ष |
| चुनाव | निर्वाचक मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव |
| महाभियोग | संविधान के उल्लंघन पर |
| सर्वोच्च सेनापति | भारतीय सशस्त्र बलों के |
| शपथ दिलाते हैं | भारत के मुख्य न्यायाधीश |
परीक्षा में पूछा जाता है
प्रश्न: भारत के राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है?
उत्तर: भारत के राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा नहीं किया जाता। उनका चुनाव एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों (दिल्ली एवं पुडुचेरी) की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं।
संक्षिप्त परिचय
भारतीय राष्ट्रपति देश का संवैधानिक (Nominal) प्रमुख तथा भारतीय संघ का प्रथम नागरिक होता है। संविधान के अनुसार संघ की समस्त कार्यपालिका शक्तियाँ राष्ट्रपति में निहित होती हैं, किन्तु संसदीय शासन प्रणाली के कारण राष्ट्रपति इन शक्तियों का प्रयोग सामान्यतः प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद की सलाह पर करता है।
राष्ट्रपति भारतीय लोकतंत्र की निरंतरता, संविधान की रक्षा तथा शासन की संवैधानिक मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में राष्ट्रपति से संबंधित अनुच्छेद, चुनाव प्रक्रिया, शक्तियाँ, कार्यकाल तथा महाभियोग से जुड़े प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्रपति क्या है?
राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख (Constitutional Head) एवं राज्य का प्रमुख (Head of the State) होता है। भारत में संसदीय शासन प्रणाली होने के कारण वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के पास होती है, जबकि राष्ट्रपति संविधान के अनुसार उन शक्तियों का औपचारिक प्रयोग करता है।
राष्ट्रपति भारत का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करता है तथा संविधान की रक्षा करने की शपथ लेता है।
राष्ट्रपति की प्रमुख विशेषताएँ
- भारत का प्रथम नागरिक।
- राज्य का संवैधानिक प्रमुख।
- संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित।
- भारतीय सशस्त्र बलों का सर्वोच्च सेनापति।
- प्रधानमंत्री की सलाह पर कार्य करता है।
- संविधान का संरक्षक माना जाता है।
संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान के भाग V (संघ) में राष्ट्रपति के पद का विस्तृत वर्णन किया गया है।
राष्ट्रपति से संबंधित प्रमुख प्रावधान अनुच्छेद 52 से 62 तक दिए गए हैं। इन अनुच्छेदों में राष्ट्रपति के पद की स्थापना, चुनाव, योग्यता, कार्यकाल, शपथ, रिक्ति तथा महाभियोग आदि का उल्लेख किया गया है।
राष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 52 | भारत में राष्ट्रपति होगा |
| 53 | संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी |
| 54 | राष्ट्रपति का निर्वाचन |
| 55 | निर्वाचन की प्रक्रिया |
| 56 | कार्यकाल |
| 57 | पुनर्निर्वाचन की पात्रता |
| 58 | राष्ट्रपति बनने की योग्यता |
| 59 | पद की शर्तें |
| 60 | शपथ या प्रतिज्ञान |
| 61 | महाभियोग की प्रक्रिया |
| 62 | रिक्त पद को भरने का प्रावधान |
राष्ट्रपति का चुनाव
भारत के राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन (Indirect Election) द्वारा किया जाता है।
निर्वाचक मंडल (Electoral College)
राष्ट्रपति का चुनाव निम्नलिखित निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है—
- संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य।
- सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।
- दिल्ली एवं पुडुचेरी विधानसभा के निर्वाचित सदस्य।
चुनाव में कौन भाग नहीं लेता?
- राज्यसभा के मनोनीत सदस्य।
- लोकसभा के मनोनीत सदस्य (यदि कोई हों)।
- विधान परिषद (MLC) के सदस्य।
- विधानसभाओं के मनोनीत सदस्य।
चुनाव प्रणाली
राष्ट्रपति का चुनाव निम्न प्रणाली से होता है—
- आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation)
- एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote)
- गुप्त मतदान (Secret Ballot)
राष्ट्रपति बनने की योग्यता
संविधान के अनुच्छेद 58 के अनुसार राष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति में निम्न योग्यताएँ होना आवश्यक है—
- भारत का नागरिक हो।
- कम से कम 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो।
- लोकसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता रखता हो।
- भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर कार्यरत न हो।
लाभ का पद (Office of Profit)
यदि कोई व्यक्ति सरकार के अधीन वेतनभोगी पद पर कार्य करता है, तो सामान्यतः वह राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार नहीं बन सकता। हालांकि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल तथा मंत्री इस नियम के अपवाद हैं।
राष्ट्रपति का कार्यकाल
अनुच्छेद 56 के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
हालाँकि निम्न परिस्थितियों में कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी पद रिक्त हो सकता है—
- इस्तीफा देने पर।
- महाभियोग द्वारा पद से हटाए जाने पर।
- मृत्यु होने पर।
- अन्य संवैधानिक कारणों से पद रिक्त होने पर।
यदि नया राष्ट्रपति निर्वाचित नहीं हुआ हो, तब तक वर्तमान राष्ट्रपति अपने उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक कार्य करता रहता है।
राष्ट्रपति का पुनर्निर्वाचन
अनुच्छेद 57 के अनुसार राष्ट्रपति कितनी भी बार चुनाव लड़ सकता है। संविधान में राष्ट्रपति के पुनर्निर्वाचन की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
अब तक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ही ऐसे राष्ट्रपति रहे हैं जिन्हें लगातार दो बार राष्ट्रपति चुना गया।
राष्ट्रपति की शपथ
अनुच्छेद 60 के अनुसार राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से पहले शपथ या प्रतिज्ञान करता है।
शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) द्वारा दिलाई जाती है। यदि मुख्य न्यायाधीश उपलब्ध न हों, तो सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश शपथ दिलाते हैं।
शपथ में राष्ट्रपति प्रतिज्ञा करता है कि वह—
- संविधान का संरक्षण, परिरक्षण एवं रक्षा करेगा।
- भारत की जनता की सेवा एवं कल्याण के लिए कार्य करेगा।
- अपने पद का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।
महत्वपूर्ण सारणी : राष्ट्रपति का संक्षिप्त विवरण
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पद का नाम | राष्ट्रपति |
| अनुच्छेद | 52–62 |
| कार्यकाल | 5 वर्ष |
| चुनाव | अप्रत्यक्ष |
| न्यूनतम आयु | 35 वर्ष |
| निर्वाचन प्रणाली | आनुपातिक प्रतिनिधित्व एवं एकल संक्रमणीय मत |
| शपथ | मुख्य न्यायाधीश द्वारा |
| पुनर्निर्वाचन | असीमित |
| हटाने की प्रक्रिया | महाभियोग |
| राज्य का प्रमुख | हाँ |
राष्ट्रपति की शक्तियाँ
भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख है। यद्यपि वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के पास होती है, फिर भी राष्ट्रपति अनेक महत्वपूर्ण संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर करता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में राष्ट्रपति की शक्तियों से संबंधित प्रश्न सबसे अधिक पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से राष्ट्रपति की शक्तियों को सात भागों में विभाजित किया जाता है।
1. कार्यपालिका शक्तियाँ (Executive Powers)
अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की समस्त कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होती है।
राष्ट्रपति निम्नलिखित महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ करता है—
- प्रधानमंत्री की नियुक्ति।
- प्रधानमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति।
- भारत के महान्यायवादी (Attorney General) की नियुक्ति।
- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति।
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति।
- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति।
- राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति।
- सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति।
- वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति।
- विभिन्न संवैधानिक आयोगों की नियुक्ति।
परीक्षा तथ्य: सभी नियुक्तियाँ राष्ट्रपति के नाम से होती हैं, लेकिन अधिकांश नियुक्तियाँ मंत्रिपरिषद की सलाह पर की जाती हैं।
2. विधायी शक्तियाँ (Legislative Powers)
राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग है।
राष्ट्रपति की प्रमुख विधायी शक्तियाँ—
- संसद का अधिवेशन बुलाना।
- संसद का सत्रावसान (Prorogation) करना।
- लोकसभा को भंग करना।
- संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करना।
- प्रत्येक वर्ष प्रथम सत्र एवं आम चुनाव के बाद प्रथम सत्र में अभिभाषण देना।
- संसद द्वारा पारित विधेयकों पर स्वीकृति देना।
- आवश्यक होने पर विधेयक पुनर्विचार के लिए वापस भेजना (धन विधेयक को छोड़कर)।
- संसद के अवकाश के दौरान अध्यादेश जारी करना (अनुच्छेद 123)।
- राज्यसभा में साहित्य, विज्ञान, कला एवं समाज सेवा के क्षेत्र के 12 सदस्यों का मनोनयन (अनुच्छेद 80)।
3. वित्तीय शक्तियाँ (Financial Powers)
राष्ट्रपति की अनुमति के बिना संसद में कोई धन विधेयक (Money Bill) प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
मुख्य वित्तीय शक्तियाँ—
- वार्षिक बजट राष्ट्रपति के नाम पर संसद में प्रस्तुत किया जाता है।
- धन विधेयक प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की अनुशंसा आवश्यक होती है।
- भारत की आकस्मिक निधि (Contingency Fund of India) पर राष्ट्रपति का नियंत्रण होता है।
- प्रत्येक पाँच वर्ष में वित्त आयोग का गठन करता है (अनुच्छेद 280)।
4. न्यायिक शक्तियाँ (Judicial Powers)
अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को दया याचिका से संबंधित विशेष अधिकार प्रदान करता है।
राष्ट्रपति निम्न कार्य कर सकता है—
- क्षमादान (Pardon)
- दण्ड का स्थगन (Reprieve)
- दण्ड में राहत (Respite)
- दण्ड का परिहार (Remission)
- दण्ड का लघुकरण (Commutation)
विशेष रूप से मृत्यु दण्ड के मामलों में राष्ट्रपति अंतिम संवैधानिक राहत प्रदान कर सकता है।
5. सैन्य शक्तियाँ (Military Powers)
राष्ट्रपति भारत के तीनों सशस्त्र बलों का सर्वोच्च सेनापति होता है।
इनमें शामिल हैं—
- थल सेना
- नौसेना
- वायु सेना
राष्ट्रपति—
- सेनाध्यक्षों की नियुक्ति करता है।
- युद्ध अथवा शांति की घोषणा करता है (संसद की स्वीकृति के अधीन)।
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े औपचारिक निर्णयों का अनुमोदन करता है।
6. कूटनीतिक शक्तियाँ (Diplomatic Powers)
राष्ट्रपति भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करता है।
मुख्य कूटनीतिक कार्य—
- विदेशी देशों में भारतीय राजदूतों की नियुक्ति।
- विदेशी राजदूतों के परिचय-पत्र स्वीकार करना।
- अंतरराष्ट्रीय संधियों एवं समझौतों का अनुमोदन (संसदीय प्रावधानों के अनुसार)।
- विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का औपचारिक स्वागत करना।
7. आपातकालीन शक्तियाँ (Emergency Powers)
भारतीय संविधान राष्ट्रपति को तीन प्रकार की आपातकालीन शक्तियाँ प्रदान करता है।
| आपातकाल | अनुच्छेद | आधार |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय आपातकाल | 352 | युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह |
| राज्य आपातकाल (राष्ट्रपति शासन) | 356 | राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता |
| वित्तीय आपातकाल | 360 | देश की वित्तीय स्थिरता को खतरा |
परीक्षा तथ्य: अब तक भारत में वित्तीय आपातकाल कभी लागू नहीं किया गया है।
राष्ट्रपति की वीटो शक्तियाँ
किसी विधेयक पर राष्ट्रपति की स्वीकृति आवश्यक होती है। राष्ट्रपति निम्न प्रकार की वीटो शक्तियों का प्रयोग कर सकता है—
1. पूर्ण वीटो (Absolute Veto)
राष्ट्रपति किसी विधेयक को स्वीकृति देने से पूर्णतः इंकार कर सकता है। सामान्यतः यह निजी सदस्य विधेयकों या विशेष परिस्थितियों में सरकारी विधेयकों पर लागू होता है।
2. निलंबनकारी वीटो (Suspensive Veto)
राष्ट्रपति धन विधेयक को छोड़कर किसी साधारण विधेयक को पुनर्विचार हेतु संसद को वापस भेज सकता है। यदि संसद उसे पुनः पारित कर देती है, तो राष्ट्रपति को स्वीकृति देनी होती है।
3. जेबी वीटो (Pocket Veto)
संविधान में राष्ट्रपति के लिए किसी विधेयक पर निर्णय लेने की समय-सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति विधेयक को अनिश्चितकाल तक लंबित रख सकता है। इसे जेबी वीटो कहा जाता है।
अध्यादेश जारी करने की शक्ति
अनुच्छेद 123 के अनुसार जब संसद का कोई भी सदन सत्र में न हो और तत्काल कानून बनाने की आवश्यकता हो, तब राष्ट्रपति अध्यादेश जारी कर सकता है।
अध्यादेश की प्रमुख विशेषताएँ
- संसद के अवकाश में जारी किया जाता है।
- इसका प्रभाव संसद द्वारा बनाए गए कानून के समान होता है।
- संसद का सत्र प्रारंभ होने के बाद 6 सप्ताह के भीतर इसे अनुमोदित कराना आवश्यक होता है।
- संसद द्वारा अस्वीकार किए जाने पर अध्यादेश स्वतः समाप्त हो जाता है।
राष्ट्रपति से संबंधित महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन
| संशोधन | प्रमुख प्रावधान |
|---|---|
| 42वाँ संविधान संशोधन, 1976 | राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह का पालन करेगा। |
| 44वाँ संविधान संशोधन, 1978 | राष्ट्रपति एक बार मंत्रिपरिषद की सलाह पुनर्विचार हेतु वापस भेज सकता है; पुनः भेजी गई सलाह मानना अनिवार्य है। |
राष्ट्रपति से जुड़े महत्वपूर्ण सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय
1. शमशेर सिंह बनाम पंजाब राज्य (1974)
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर कार्य करेगा। इससे संसदीय शासन प्रणाली की संवैधानिक स्थिति स्पष्ट हुई।
2. एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)
इस निर्णय में अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लगाने की शक्ति पर न्यायिक समीक्षा को मान्यता दी गई। न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रपति की संतुष्टि पूर्णतः असीमित नहीं है।
3. रामेश्वर प्रसाद बनाम भारत संघ (2006)
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा की गई संवैधानिक कार्रवाई भी न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ सकती है यदि वह संविधान के विरुद्ध हो।
महत्वपूर्ण सारणी : राष्ट्रपति की शक्तियों का सार
| शक्ति | संबंधित अनुच्छेद | प्रमुख कार्य |
|---|---|---|
| कार्यपालिका | 53 | नियुक्तियाँ एवं प्रशासन |
| विधायी | 79, 85, 111, 123 | संसद, विधेयक एवं अध्यादेश |
| वित्तीय | 110, 112, 280 | बजट, धन विधेयक, वित्त आयोग |
| न्यायिक | 72 | क्षमादान एवं दया याचिका |
| सैन्य | 53 | तीनों सेनाओं का सर्वोच्च सेनापति |
| कूटनीतिक | परंपरागत संवैधानिक शक्ति | राजदूत एवं संधियाँ |
| आपातकालीन | 352, 356, 360 | तीन प्रकार के आपातकाल |
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्तियाँ अनुच्छेद 53 में वर्णित हैं।
- दया याचिका की शक्ति अनुच्छेद 72 में दी गई है।
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 123 के अंतर्गत है।
- धन विधेयक राष्ट्रपति की अनुशंसा के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
- राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है।
- 42वें एवं 44वें संविधान संशोधन राष्ट्रपति की शक्तियों से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण संशोधन हैं।
- शमशेर सिंह (1974) और एस. आर. बोम्मई (1994) के निर्णय प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts)
प्रतियोगी परीक्षाओं में राष्ट्रपति से संबंधित निम्नलिखित तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं—
- भारत के राष्ट्रपति का उल्लेख संविधान के भाग V में किया गया है।
- राष्ट्रपति से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 52 से 62 तक दिए गए हैं।
- राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख (Constitutional Head) होता है।
- भारत में संसदीय शासन प्रणाली होने के कारण वास्तविक कार्यपालिका शक्ति प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के पास होती है।
- राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
- राष्ट्रपति बनने के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित है।
- राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
- राष्ट्रपति को पद की शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं।
- राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों का सर्वोच्च सेनापति होता है।
- राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया महाभियोग (Impeachment) कहलाती है।
- अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 123 राष्ट्रपति को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है।
- राष्ट्रपति तीन प्रकार के आपातकाल लागू कर सकता है।
- राष्ट्रपति कितनी भी बार पुनः निर्वाचित हो सकता है।
- राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है।
महाभियोग (Impeachment)
यदि राष्ट्रपति संविधान का उल्लंघन करता है, तो उसे महाभियोग की प्रक्रिया द्वारा पद से हटाया जा सकता है।
महाभियोग से संबंधित प्रमुख तथ्य
- संबंधित अनुच्छेद : अनुच्छेद 61
- आधार : संविधान का उल्लंघन
- प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है।
- प्रस्ताव लाने से कम-से-कम 14 दिन पूर्व लिखित सूचना देना आवश्यक है।
- प्रस्ताव पारित होने के लिए सदन की कुल सदस्य संख्या के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है।
- दूसरा सदन आरोपों की जाँच करता है।
- दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित होने पर राष्ट्रपति पद से हट जाता है।
परीक्षा तथ्य: अब तक भारत के किसी भी राष्ट्रपति पर महाभियोग सफलतापूर्वक लागू नहीं हुआ है।
राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री में अंतर
| आधार | राष्ट्रपति | प्रधानमंत्री |
|---|---|---|
| पद | राज्य का प्रमुख | सरकार का प्रमुख |
| संवैधानिक स्थिति | नाममात्र का कार्यपालिका प्रमुख | वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख |
| चुनाव | अप्रत्यक्ष निर्वाचन | लोकसभा में बहुमत दल का नेता |
| कार्यपालिका शक्ति | मंत्रिपरिषद की सलाह पर प्रयोग | वास्तविक निर्णय लेने वाला |
| उत्तरदायित्व | संविधान के प्रति | लोकसभा के प्रति |
| कार्यकाल | 5 वर्ष | लोकसभा का विश्वास रहने तक |
राष्ट्रपति एवं राज्यपाल में अंतर
| आधार | राष्ट्रपति | राज्यपाल |
|---|---|---|
| स्तर | संघ | राज्य |
| संबंधित अनुच्छेद | 52–62 | 153–162 |
| नियुक्ति | निर्वाचित | राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त |
| कार्यकाल | 5 वर्ष | सामान्यतः 5 वर्ष |
| कार्यक्षेत्र | सम्पूर्ण भारत | संबंधित राज्य |
भारत के राष्ट्रपति (क्रमवार सूची)
| क्रम | राष्ट्रपति | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | डॉ. राजेंद्र प्रसाद | 1950–1962 |
| 2 | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 1962–1967 |
| 3 | डॉ. ज़ाकिर हुसैन | 1967–1969 |
| 4 | वी. वी. गिरि | 1969–1974 |
| 5 | फ़ख़रुद्दीन अली अहमद | 1974–1977 |
| 6 | नीलम संजीव रेड्डी | 1977–1982 |
| 7 | ज्ञानी ज़ैल सिंह | 1982–1987 |
| 8 | आर. वेंकटरमण | 1987–1992 |
| 9 | डॉ. शंकर दयाल शर्मा | 1992–1997 |
| 10 | के. आर. नारायणन | 1997–2002 |
| 11 | डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम | 2002–2007 |
| 12 | प्रतिभा देवीसिंह पाटिल | 2007–2012 |
| 13 | प्रणब मुखर्जी | 2012–2017 |
| 14 | राम नाथ कोविंद | 2017–2022 |
| 15 | द्रौपदी मुर्मु | 2022–वर्तमान |
Key Takeaways
- राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख एवं प्रथम नागरिक है।
- राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा होता है।
- राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्ति अनुच्छेद 53 में वर्णित है।
- राष्ट्रपति को दया याचिका की शक्ति अनुच्छेद 72 से प्राप्त होती है।
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 123 में दी गई है।
- राष्ट्रपति तीन प्रकार के आपातकाल घोषित कर सकता है।
- राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
- राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया महाभियोग कहलाती है।
- राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है।
- SSC, UPSC, Railway एवं State Exams में यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Quick Revision Notes
- भाग V → राष्ट्रपति
- अनुच्छेद 52 → राष्ट्रपति का पद
- अनुच्छेद 53 → कार्यपालिका शक्ति
- अनुच्छेद 54–55 → चुनाव
- अनुच्छेद 56 → कार्यकाल
- अनुच्छेद 57 → पुनर्निर्वाचन
- अनुच्छेद 58 → योग्यता
- अनुच्छेद 60 → शपथ
- अनुच्छेद 61 → महाभियोग
- अनुच्छेद 72 → क्षमादान
- अनुच्छेद 123 → अध्यादेश
- अनुच्छेद 352 → राष्ट्रीय आपातकाल
- अनुच्छेद 356 → राष्ट्रपति शासन
- अनुच्छेद 360 → वित्तीय आपातकाल
One-Liner Revision Questions
- राष्ट्रपति का उल्लेख संविधान के किस भाग में है?
- राष्ट्रपति से संबंधित अनुच्छेद कौन-कौन से हैं?
- राष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार होता है?
- राष्ट्रपति बनने की न्यूनतम आयु कितनी है?
- राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?
- राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है?
- राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति किस अनुच्छेद में दी गई है?
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद में है?
- राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
- भारत के वर्तमान राष्ट्रपति कौन हैं?
Exam Booster Facts
- अनुच्छेद 52–62 एक साथ याद करें।
- अनुच्छेद 72 = क्षमादान।
- अनुच्छेद 123 = अध्यादेश।
- अनुच्छेद 61 = महाभियोग।
- राष्ट्रपति = राज्य का प्रमुख।
- प्रधानमंत्री = सरकार का प्रमुख।
- राष्ट्रपति संसद का अभिन्न अंग है।
- धन विधेयक राष्ट्रपति की अनुशंसा के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
- वित्तीय आपातकाल भारत में कभी लागू नहीं हुआ।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद दो बार निर्वाचित होने वाले एकमात्र राष्ट्रपति रहे हैं।
महत्वपूर्ण वर्णनात्मक प्रश्न
- भारतीय राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन कीजिए।
- राष्ट्रपति की कार्यपालिका, विधायी एवं न्यायिक शक्तियों का विश्लेषण कीजिए।
- राष्ट्रपति की वीटो शक्तियों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
- राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
- राष्ट्रपति के महाभियोग की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
- राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों की व्याख्या कीजिए।
- भारतीय संसदीय शासन प्रणाली में राष्ट्रपति की भूमिका पर टिप्पणी कीजिए।
निष्कर्ष
राष्ट्रपति भारतीय गणराज्य का सर्वोच्च संवैधानिक पद है और संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक परंपराओं तथा शासन की निरंतरता का प्रतीक माना जाता है। यद्यपि संसदीय शासन प्रणाली में वास्तविक कार्यपालिका शक्ति मंत्रिपरिषद के पास होती है, फिर भी राष्ट्रपति की नियुक्ति संबंधी, विधायी, न्यायिक, वित्तीय, सैन्य तथा आपातकालीन शक्तियाँ भारतीय संविधान की प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अनुच्छेद 52–62, अनुच्छेद 72, अनुच्छेद 123, महाभियोग, वीटो शक्तियाँ, आपातकालीन प्रावधान तथा राष्ट्रपति की प्रमुख शक्तियाँ इस विषय के सबसे महत्वपूर्ण भाग हैं।
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राष्ट्रपति MCQ (20 महत्वपूर्ण प्रश्न)
प्रश्न 1: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में राष्ट्रपति के पद का प्रावधान है?
A. अनुच्छेद 50
B. अनुच्छेद 52
C. अनुच्छेद 54
D. अनुच्छेद 60
उत्तर: B. अनुच्छेद 52
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 52 में भारत में राष्ट्रपति के पद की व्यवस्था की गई है।
प्रश्न 2: भारत के राष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार होता है?
A. प्रत्यक्ष निर्वाचन
B. अप्रत्यक्ष निर्वाचन
C. मनोनयन
D. लोकसभा द्वारा
उत्तर: B. अप्रत्यक्ष निर्वाचन
व्याख्या: राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
प्रश्न 3: राष्ट्रपति का कार्यकाल कितना होता है?
A. 4 वर्ष
B. 5 वर्ष
C. 6 वर्ष
D. 7 वर्ष
उत्तर: B. 5 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 56 के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है।
प्रश्न 4: राष्ट्रपति बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
A. 25 वर्ष
B. 30 वर्ष
C. 35 वर्ष
D. 40 वर्ष
उत्तर: C. 35 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 58 के अनुसार राष्ट्रपति बनने के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित है।
प्रश्न 5: राष्ट्रपति को शपथ कौन दिलाता है?
A. प्रधानमंत्री
B. उपराष्ट्रपति
C. लोकसभा अध्यक्ष
D. भारत के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर: D. भारत के मुख्य न्यायाधीश
व्याख्या: अनुच्छेद 60 के अनुसार राष्ट्रपति को मुख्य न्यायाधीश शपथ दिलाते हैं।
प्रश्न 6: राष्ट्रपति भारत का कौन-सा प्रमुख होता है?
A. सरकार का प्रमुख
B. राज्य का प्रमुख
C. न्यायपालिका का प्रमुख
D. संसद का प्रमुख
उत्तर: B. राज्य का प्रमुख
व्याख्या: राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक एवं राज्य का प्रमुख होता है।
प्रश्न 7: राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति किस अनुच्छेद में दी गई है?
A. अनुच्छेद 72
B. अनुच्छेद 73
C. अनुच्छेद 74
D. अनुच्छेद 75
उत्तर: A. अनुच्छेद 72
व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को क्षमादान सहित विभिन्न दया शक्तियाँ प्रदान करता है।
प्रश्न 8: राष्ट्रपति अध्यादेश किस अनुच्छेद के अंतर्गत जारी करता है?
A. अनुच्छेद 111
B. अनुच्छेद 123
C. अनुच्छेद 124
D. अनुच्छेद 356
उत्तर: B. अनुच्छेद 123
व्याख्या: संसद का सत्र न होने पर राष्ट्रपति अनुच्छेद 123 के तहत अध्यादेश जारी करता है।
प्रश्न 9: राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
A. अविश्वास प्रस्ताव
B. महाभियोग
C. निंदा प्रस्ताव
D. विशेष प्रस्ताव
उत्तर: B. महाभियोग
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 61 में महाभियोग की प्रक्रिया का उल्लेख है।
प्रश्न 10: राष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है?
A. केवल लोकसभा
B. केवल राज्यसभा
C. निर्वाचक मंडल
D. प्रधानमंत्री
उत्तर: C. निर्वाचक मंडल
व्याख्या: राष्ट्रपति का चुनाव संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
प्रश्न 11: भारत के राष्ट्रपति भारतीय सशस्त्र बलों के क्या होते हैं?
A. प्रमुख सलाहकार
B. सर्वोच्च सेनापति
C. रक्षा मंत्री
D. कमांडर
उत्तर: B. सर्वोच्च सेनापति
व्याख्या: राष्ट्रपति भारतीय थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना के सर्वोच्च सेनापति होते हैं।
प्रश्न 12: राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्ति किस अनुच्छेद में निहित है?
A. अनुच्छेद 52
B. अनुच्छेद 53
C. अनुच्छेद 54
D. अनुच्छेद 74
उत्तर: B. अनुच्छेद 53
व्याख्या: अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होती है।
प्रश्न 13: राष्ट्रपति के चुनाव में कौन भाग नहीं लेता?
A. लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
B. राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य
C. विधान परिषद के सदस्य
D. राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
उत्तर: C. विधान परिषद के सदस्य
व्याख्या: राष्ट्रपति के चुनाव में विधान परिषद (MLC) के सदस्य भाग नहीं लेते।
प्रश्न 14: राष्ट्रपति कितनी बार पुनः निर्वाचित हो सकता है?
A. एक बार
B. दो बार
C. तीन बार
D. कितनी भी बार
उत्तर: D. कितनी भी बार
व्याख्या: संविधान में पुनर्निर्वाचन की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
प्रश्न 15: राष्ट्रपति की सलाह पर मंत्रियों की नियुक्ति कौन करता है?
A. लोकसभा अध्यक्ष
B. उपराष्ट्रपति
C. राष्ट्रपति
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: C. राष्ट्रपति
व्याख्या: प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
प्रश्न 16: वित्तीय आपातकाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत घोषित किया जाता है?
A. 352
B. 356
C. 360
D. 365
उत्तर: C. 360
व्याख्या: अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।
प्रश्न 17: राष्ट्रीय आपातकाल किस अनुच्छेद में वर्णित है?
A. 352
B. 356
C. 360
D. 365
उत्तर: A. 352
व्याख्या: युद्ध, बाहरी आक्रमण अथवा सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में अनुच्छेद 352 लागू होता है।
प्रश्न 18: राष्ट्रपति शासन किस अनुच्छेद के अंतर्गत लगाया जाता है?
A. 352
B. 355
C. 356
D. 360
उत्तर: C. 356
व्याख्या: राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता होने पर अनुच्छेद 356 लागू किया जाता है।
प्रश्न 19: भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे?
A. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
B. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
C. डॉ. ज़ाकिर हुसैन
D. वी. वी. गिरि
उत्तर: B. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
व्याख्या: 26 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।
प्रश्न 20: वर्तमान में भारत के राष्ट्रपति कौन हैं?
A. राम नाथ कोविंद
B. प्रणब मुखर्जी
C. द्रौपदी मुर्मु
D. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
उत्तर: C. द्रौपदी मुर्मु
व्याख्या: द्रौपदी मुर्मु ने 25 जुलाई 2022 को भारत के राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण की।
राष्ट्रपति PYQs (5)
PYQ 1: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में राष्ट्रपति के पद का प्रावधान है?
परीक्षा: SSC CGL
उत्तर: अनुच्छेद 52
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 52 में राष्ट्रपति के पद की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
PYQ 2: राष्ट्रपति को क्षमादान की शक्ति किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?
परीक्षा: UPSC Prelims
उत्तर: अनुच्छेद 72
व्याख्या: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति को क्षमा, दण्ड परिवर्तन एवं अन्य दया शक्तियाँ प्रदान करता है।
PYQ 3: भारत के राष्ट्रपति का चुनाव किसके द्वारा किया जाता है?
परीक्षा: RRB NTPC
उत्तर: निर्वाचक मंडल (Electoral College)
व्याख्या: राष्ट्रपति का चुनाव संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
PYQ 4: राष्ट्रपति का कार्यकाल कितना होता है?
परीक्षा: Rajasthan CET
उत्तर: 5 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 56 के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है।
PYQ 5: राष्ट्रपति से संबंधित महाभियोग की प्रक्रिया किस अनुच्छेद में वर्णित है?
परीक्षा: SSC CHSL
उत्तर: अनुच्छेद 61
व्याख्या: अनुच्छेद 61 में राष्ट्रपति के महाभियोग की संपूर्ण प्रक्रिया दी गई है।
FAQs
राष्ट्रपति कौन होता है?
राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रमुख तथा देश का प्रथम नागरिक होता है।
राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से किया जाता है।
राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?
राष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है।
राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
राष्ट्रपति को महाभियोग की प्रक्रिया द्वारा हटाया जाता है।
राष्ट्रपति की सबसे महत्वपूर्ण शक्तियाँ कौन-सी हैं?
कार्यपालिका, विधायी, वित्तीय, न्यायिक, सैन्य, कूटनीतिक एवं आपातकालीन शक्तियाँ राष्ट्रपति की प्रमुख शक्तियाँ हैं।

