एक नजर में (Quick Revision Table)
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| पद | राज्य का संवैधानिक प्रमुख |
| संबंधित अनुच्छेद | 153 से 162 एवं अन्य संबंधित अनुच्छेद |
| नियुक्ति | भारत के राष्ट्रपति द्वारा |
| न्यूनतम आयु | 35 वर्ष |
| कार्यकाल | 5 वर्ष (राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत) |
| कार्यपालिका शक्ति | राज्यपाल में निहित |
| वास्तविक कार्यपालिका | मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद |
| शपथ | उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा |
| हटाने का अधिकार | राष्ट्रपति |
प्रश्न: राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर: राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत की जाती है। राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद होती है। यही तथ्य SSC, Railway, UPSC एवं राज्य स्तरीय परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
राज्यपाल क्या है?
राज्यपाल (Governor) किसी राज्य का संवैधानिक प्रमुख (Constitutional Head) होता है। जिस प्रकार केंद्र में राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होता है, उसी प्रकार राज्य में राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख होता है।
राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका का नाममात्र का प्रमुख होता है। राज्य का वास्तविक प्रशासन मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद द्वारा संचालित किया जाता है।
राज्यपाल राज्य तथा केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कड़ी (Link) के रूप में भी कार्य करता है।
राज्यपाल का संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान के भाग VI (Part VI) में राज्यों की कार्यपालिका का वर्णन किया गया है।
राज्यपाल से संबंधित प्रमुख प्रावधान अनुच्छेद 153 से 162 तक दिए गए हैं।
राज्यपाल भारतीय संघीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है तथा प्रत्येक राज्य में इस पद का होना संवैधानिक रूप से आवश्यक है।
राज्यपाल से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 153 | प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल |
| 154 | राज्य की कार्यपालिका शक्ति |
| 155 | राज्यपाल की नियुक्ति |
| 156 | कार्यकाल |
| 157 | योग्यता |
| 158 | पद की शर्तें |
| 159 | शपथ |
| 160 | आकस्मिक व्यवस्था |
| 161 | क्षमादान की शक्ति |
| 162 | राज्य की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार |
राज्यपाल की नियुक्ति कैसे होती है?
यह प्रश्न लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है।
संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार—
- राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर एवं मुहरयुक्त अधिपत्र (Warrant) द्वारा करता है।
- राज्यपाल जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव से नहीं चुना जाता।
- राज्यपाल केंद्र सरकार का कर्मचारी नहीं होता बल्कि एक स्वतंत्र संवैधानिक पदाधिकारी होता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- एक ही व्यक्ति एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल बन सकता है।
- यह व्यवस्था सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 के बाद संभव हुई।
राज्यपाल की योग्यता
संविधान के अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल बनने के लिए निम्न योग्यताएँ आवश्यक हैं—
- भारत का नागरिक होना चाहिए।
- न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।
राज्यपाल बनने के लिए अन्य आवश्यक शर्तें
संविधान के अनुच्छेद 158 के अनुसार—
- संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं होना चाहिए।
- यदि सदस्य है तो नियुक्ति के साथ ही उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है।
- किसी लाभ के पद (Office of Profit) पर कार्यरत नहीं होना चाहिए।
- उसे आधिकारिक निवास उपलब्ध कराया जाता है।
- वेतन एवं भत्ते संसद द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
राज्यपाल का कार्यकाल कितना होता है?
Google पर सबसे अधिक खोजे जाने वाले प्रश्नों में से एक है—“राज्यपाल का कार्यकाल कितना होता है?”
संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार—
- राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
- लेकिन वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (Pleasure of the President) पद पर बना रहता है।
- राष्ट्रपति चाहे तो पाँच वर्ष पूरे होने से पहले भी राज्यपाल को पद से हटा सकता है।
- उत्तराधिकारी के पद ग्रहण करने तक वर्तमान राज्यपाल अपने पद पर बना रह सकता है।
Exam Trick:
कार्यकाल = 5 वर्ष
लेकिन हटाने का अधिकार = राष्ट्रपति
राज्यपाल को शपथ कौन दिलाता है?
यह SSC एवं Railway में कई बार पूछा गया प्रश्न है।
संविधान के अनुच्छेद 159 के अनुसार—
राज्यपाल को शपथ संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं।
यदि मुख्य न्यायाधीश उपलब्ध न हों तो उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश शपथ दिलाते हैं।
एक व्यक्ति कितने राज्यों का राज्यपाल हो सकता है?
हाँ।
एक ही व्यक्ति को राष्ट्रपति द्वारा एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
वर्तमान समय में प्रशासनिक सुविधा एवं संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कई बार एक ही व्यक्ति को दो राज्यों का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
राज्यपाल का वेतन कितना होता है?
यह प्रश्न भी Google पर काफी खोजा जाता है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार—
- राज्यपाल का मासिक वेतन ₹3,50,000 है।
- इसके अतिरिक्त उन्हें सरकारी आवास, स्टाफ, वाहन, सुरक्षा एवं अन्य संवैधानिक सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।
Exam Note: वेतन से अधिक महत्वपूर्ण प्रश्न नियुक्ति, अनुच्छेद एवं शक्तियों पर पूछे जाते हैं।
राज्यपाल का पद क्यों महत्वपूर्ण है?
राज्यपाल केवल एक औपचारिक पद नहीं है, बल्कि भारतीय संघीय व्यवस्था में उसका विशेष महत्व है।
इस लेख के साथ अवश्य पढ़ें
- भारत का संविधान → https://gkdost.com/polity/constitution-of-india/
- भारतीय संविधान की प्रस्तावना → https://gkdost.com/polity/bharatiya-samvidhan-ki-prastavana-notes/
- राष्ट्रपति → https://gkdost.com/polity/president-of-india-notes-hindi/
- संसद → https://gkdost.com/polity/parliament-notes-hindi/
- मौलिक अधिकार → https://gkdost.com/polity/maulik-adhikar/
- राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) → https://gkdost.com/polity/rajyo-ke-niti-nirdeshak-tatva-dpsp/
- मौलिक कर्तव्य → https://gkdost.com/polity/fundamental-duties/
- भारतीय नागरिकता → https://gkdost.com/polity/bharatiya-nagrikta/
- संविधान संशोधन → https://gkdost.com/polity/constitutional-amendment/
राज्यपाल की शक्तियाँ (Powers of Governor)
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख है। संविधान ने उसे अनेक प्रकार की शक्तियाँ प्रदान की हैं। हालांकि अधिकांश शक्तियों का प्रयोग वह मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद की सलाह पर करता है, लेकिन कुछ मामलों में उसे विवेकाधीन (Discretionary) अधिकार भी प्राप्त हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में राज्यपाल की शक्तियों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें अच्छी तरह समझना आवश्यक है।
राज्यपाल की शक्तियों के प्रकार
| शक्ति | संबंधित विषय |
|---|---|
| कार्यपालिका शक्ति | मुख्यमंत्री, मंत्रियों एवं अधिकारियों की नियुक्ति |
| विधायी शक्ति | विधानसभा, विधेयक, अध्यादेश |
| वित्तीय शक्ति | बजट, धन विधेयक |
| न्यायिक शक्ति | क्षमादान, दंड में राहत |
| विवेकाधीन शक्ति | विशेष परिस्थितियों में स्वतंत्र निर्णय |
1. कार्यपालिका शक्तियाँ (Executive Powers)
राज्य की समस्त कार्यपालिका शक्ति संविधान के अनुच्छेद 154 के अनुसार राज्यपाल में निहित होती है।
हालाँकि वास्तविक प्रशासन मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद चलाती है, लेकिन सभी कार्य राज्यपाल के नाम से किए जाते हैं।
राज्यपाल की प्रमुख कार्यपालिका शक्तियाँ
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है।
- मुख्यमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
- मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाता है।
- राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति करता है।
- राज्य लोक सेवा आयोग (State Public Service Commission) के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति करता है।
- राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति करता है।
- विश्वविद्यालयों के कुलपति (जहाँ राज्य कानून में प्रावधान हो) की नियुक्ति भी कई राज्यों में राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- राज्य प्रशासन से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री से प्राप्त कर सकता है।
Exam Fact: राज्यपाल किसी भी प्रशासनिक विषय पर मुख्यमंत्री से जानकारी मांग सकता है।
मुख्यमंत्री की नियुक्ति में राज्यपाल की भूमिका
यह प्रश्न SSC, UPSC तथा राज्य परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
यदि स्पष्ट बहुमत हो
राज्यपाल उस दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त करता है जिसे विधानसभा में स्पष्ट बहुमत प्राप्त हो।
यदि त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) हो
राज्यपाल अपने विवेक का प्रयोग करते हुए ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री नियुक्त कर सकता है जो सदन का विश्वास प्राप्त करने की संभावना रखता हो।
मंत्रिपरिषद की नियुक्ति
संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार—
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
- अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है।
- सभी मंत्री सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री का संबंध
राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री राज्य कार्यपालिका के दो महत्वपूर्ण अंग हैं।
| राज्यपाल | मुख्यमंत्री |
|---|---|
| संवैधानिक प्रमुख | वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख |
| राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त | विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता |
| अधिकांश कार्य सलाह पर करता है | शासन का संचालन करता है |
| संवैधानिक संरक्षक | प्रशासनिक प्रमुख |
2. विधायी शक्तियाँ (Legislative Powers)
राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग होता है।
विधानसभा को बुलाना एवं स्थगित करना
राज्यपाल—
- विधानसभा का अधिवेशन बुलाता है।
- अधिवेशन स्थगित (Prorogue) कर सकता है।
- विधानसभा भंग कर सकता है (मुख्यमंत्री की सलाह पर)।
राज्यपाल का अभिभाषण
प्रत्येक वर्ष के प्रथम सत्र तथा विधानसभा चुनाव के बाद प्रथम सत्र की शुरुआत में राज्यपाल दोनों सदनों (यदि विधान परिषद भी हो) को संबोधित करता है।
इस अभिभाषण में सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों का उल्लेख होता है।
विधेयकों पर राज्यपाल की भूमिका
राज्य विधानमंडल द्वारा पारित प्रत्येक विधेयक राज्यपाल के पास भेजा जाता है।
राज्यपाल निम्न में से कोई भी निर्णय ले सकता है—
- स्वीकृति (Assent) देना।
- स्वीकृति रोकना।
- पुनर्विचार हेतु वापस भेजना (धन विधेयक को छोड़कर)।
- राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रखना।
Exam Point: धन विधेयक (Money Bill) को राज्यपाल पुनर्विचार हेतु वापस नहीं भेज सकता।
किन विधेयकों को राष्ट्रपति के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है?
कुछ विशेष परिस्थितियों में राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रख सकता है, जैसे—
- उच्च न्यायालय की शक्तियों को प्रभावित करने वाला विधेयक।
- संविधान से टकराव की संभावना वाला विधेयक।
- राष्ट्रीय महत्व से संबंधित विशेष विधेयक।
अध्यादेश जारी करने की शक्ति
जब विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा हो और तत्काल कानून बनाने की आवश्यकता हो, तब राज्यपाल अनुच्छेद 213 के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है।
अध्यादेश की प्रमुख बातें
- विधानसभा सत्र में न होने पर जारी किया जाता है।
- इसका प्रभाव कानून के समान होता है।
- विधानसभा की बैठक शुरू होने के 6 सप्ताह तक प्रभावी रहता है यदि उसे पारित न किया जाए।
Exam Trick:
राष्ट्रपति → अनुच्छेद 123 → अध्यादेश
राज्यपाल → अनुच्छेद 213 → अध्यादेश
3. वित्तीय शक्तियाँ (Financial Powers)
राज्य की वित्तीय व्यवस्था में भी राज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
राज्यपाल की वित्तीय शक्तियाँ
- उसकी अनुमति के बिना धन विधेयक (Money Bill) विधानसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
- वार्षिक बजट राज्यपाल की अनुशंसा पर प्रस्तुत किया जाता है।
- अनुपूरक, अतिरिक्त एवं आकस्मिक अनुदानों की अनुशंसा करता है।
- राज्य की आकस्मिक निधि (Contingency Fund) से व्यय की अनुमति देता है।
Exam Fact: Money Bill केवल राज्यपाल की पूर्व अनुशंसा से ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
4. न्यायिक शक्तियाँ (Judicial Powers)
संविधान के अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल को कुछ न्यायिक शक्तियाँ प्रदान की गई हैं।
राज्यपाल—
- दंड को क्षमा (Pardon) नहीं, बल्कि राज्य कानूनों से संबंधित मामलों में राहत प्रदान कर सकता है।
- दंड को कम (Remission) कर सकता है।
- दंड को स्थगित (Reprieve) कर सकता है।
- दंड में परिवर्तन (Commutation) कर सकता है।
- दंड में छूट (Respite) दे सकता है।
महत्वपूर्ण अंतर:
राष्ट्रपति (अनुच्छेद 72) को मृत्युदंड सहित व्यापक क्षमादान की शक्ति प्राप्त है, जबकि राज्यपाल की शक्ति राज्य कानूनों से संबंधित मामलों तक सीमित होती है।
राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ (Discretionary Powers)
सामान्यतः राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में वह अपने विवेक से निर्णय ले सकता है।
प्रमुख विवेकाधीन शक्तियाँ
- त्रिशंकु विधानसभा में मुख्यमंत्री की नियुक्ति।
- सदन में बहुमत सिद्ध करने का निर्देश देना।
- राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा हेतु रिपोर्ट भेजना (अनुच्छेद 356 के संदर्भ में)।
- कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रखना।
- विशेष राज्यों में संविधान द्वारा प्रदत्त अतिरिक्त दायित्वों का निर्वहन।
राष्ट्रपति शासन में राज्यपाल की भूमिका
यदि किसी राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए, तो राज्यपाल राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेज सकता है।
राष्ट्रपति इस रिपोर्ट के आधार पर अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार करता है।
Exam Note: राज्यपाल स्वयं राष्ट्रपति शासन लागू नहीं करता, बल्कि केवल रिपोर्ट भेजता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- कार्यपालिका शक्ति — अनुच्छेद 154
- नियुक्ति — अनुच्छेद 155
- कार्यकाल — अनुच्छेद 156
- योग्यता — अनुच्छेद 157
- पद की शर्तें — अनुच्छेद 158
- शपथ — अनुच्छेद 159
- क्षमादान संबंधी शक्ति — अनुच्छेद 161
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति — अनुच्छेद 213
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति — अनुच्छेद 164
- राष्ट्रपति शासन — अनुच्छेद 356
राज्यपाल और राष्ट्रपति में अंतर
प्रतियोगी परीक्षाओं में “राज्यपाल और राष्ट्रपति में अंतर” एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। दोनों ही संवैधानिक प्रमुख हैं, लेकिन राष्ट्रपति केंद्र का तथा राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है।
| आधार | राष्ट्रपति | राज्यपाल |
|---|---|---|
| संवैधानिक प्रमुख | केंद्र सरकार | राज्य सरकार |
| संबंधित अनुच्छेद | 52–78 | 153–167 |
| नियुक्ति | निर्वाचक मंडल द्वारा चुनाव | राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त |
| कार्यक्षेत्र | संपूर्ण भारत | संबंधित राज्य |
| कार्यपालिका शक्ति | संघ की कार्यपालिका | राज्य की कार्यपालिका |
| अध्यादेश | अनुच्छेद 123 | अनुच्छेद 213 |
| क्षमादान | अनुच्छेद 72 | अनुच्छेद 161 |
| कार्यकाल | 5 वर्ष | 5 वर्ष (राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत) |
Exam Trick:
President = Elected
Governor = Appointed
राज्यपाल और मुख्यमंत्री में अंतर
Google पर यह प्रश्न सबसे अधिक खोजे जाने वाले प्रश्नों में से एक है।
| राज्यपाल | मुख्यमंत्री |
|---|---|
| संवैधानिक प्रमुख | वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख |
| राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त | राज्यपाल द्वारा नियुक्त |
| राज्य का औपचारिक प्रमुख | शासन का संचालन करता है |
| मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है | मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है |
| कार्यपालिका शक्ति उसके नाम पर | वास्तविक शक्ति मुख्यमंत्री के पास |
क्या राज्यपाल केंद्र सरकार का प्रतिनिधि होता है?
हाँ, व्यवहारिक रूप से राज्यपाल को केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक सेतु (Constitutional Link) माना जाता है।
राज्यपाल—
- संविधान की रक्षा सुनिश्चित करता है।
- केंद्र सरकार को राज्य की संवैधानिक स्थिति से अवगत कराता है।
- आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा करता है।
- संविधान के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
राज्यपाल से संबंधित प्रमुख आयोग
समय-समय पर राज्यपाल की भूमिका को स्पष्ट करने के लिए विभिन्न आयोगों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
1. सरकारिया आयोग (Sarkaria Commission)
स्थापना: 1983
मुख्य सिफारिशें—
- राज्यपाल राजनीतिक रूप से निष्पक्ष व्यक्ति होना चाहिए।
- जिस राज्य में नियुक्ति हो, वहाँ का सक्रिय राजनीतिज्ञ नहीं होना चाहिए।
- मुख्यमंत्री से परामर्श कर नियुक्ति की जाए।
- अनुच्छेद 356 का उपयोग केवल अंतिम विकल्प के रूप में हो।
2. पंची आयोग (Punchhi Commission)
स्थापना: 2007
मुख्य सिफारिशें—
- राज्यपाल का कार्यकाल अधिक स्थिर होना चाहिए।
- राज्यपाल की निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए।
- राष्ट्रपति शासन लगाने से पहले सभी संवैधानिक विकल्प अपनाए जाएँ।
- विवेकाधीन शक्तियों का सीमित एवं पारदर्शी उपयोग हो।
Exam Fact:
सरकारिया आयोग = 1983
पंची आयोग = 2007
राज्यपाल से जुड़े महत्वपूर्ण सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय
प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर UPSC एवं State PSC में इन निर्णयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
1. Shamsher Singh v. State of Punjab (1974)
निर्णय—
राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करेगा। व्यक्तिगत विवेक का प्रयोग केवल संविधान द्वारा निर्दिष्ट सीमित परिस्थितियों में ही किया जा सकता है।
2. S.R. Bommai v. Union of India (1994)
महत्व—
- अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग पर रोक लगाने वाला ऐतिहासिक निर्णय।
- राष्ट्रपति शासन न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे में है।
- विधानसभा में बहुमत का परीक्षण सदन के भीतर होना चाहिए।
3. Nabam Rebia v. Deputy Speaker (2016)
महत्व—
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल अपनी विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग मनमाने ढंग से नहीं कर सकता।
राज्यपाल से संबंधित महत्वपूर्ण संविधान संशोधन
यद्यपि राज्यपाल के पद में प्रत्यक्ष रूप से बहुत कम संशोधन हुए हैं, लेकिन कुछ संशोधनों का प्रभाव इस पद पर भी पड़ा।
सातवाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1956
- एक ही व्यक्ति को एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
42वाँ संविधान संशोधन, 1976
- केंद्र-राज्य संबंधों के संदर्भ में राज्यपाल की भूमिका अप्रत्यक्ष रूप से अधिक महत्वपूर्ण हुई।
44वाँ संविधान संशोधन, 1978
- संघीय व्यवस्था को अधिक संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए।
राज्यपाल से जुड़े महत्वपूर्ण अनुच्छेद (Quick Revision Table)
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 153 | प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल |
| 154 | कार्यपालिका शक्ति |
| 155 | नियुक्ति |
| 156 | कार्यकाल |
| 157 | योग्यता |
| 158 | पद की शर्तें |
| 159 | शपथ |
| 160 | आकस्मिक व्यवस्था |
| 161 | क्षमादान की शक्ति |
| 162 | कार्यपालिका शक्ति का विस्तार |
| 163 | मंत्रिपरिषद की सहायता एवं सलाह |
| 164 | मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की नियुक्ति |
| 174 | विधानसभा का अधिवेशन |
| 175 | सदन को संबोधित करने का अधिकार |
| 200 | विधेयकों पर स्वीकृति |
| 213 | अध्यादेश जारी करने की शक्ति |
| 356 | राष्ट्रपति शासन |
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत के प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होता है।
- एक ही व्यक्ति एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल हो सकता है।
- राज्यपाल राज्य का प्रथम नागरिक माना जाता है।
- राज्यपाल राज्य कार्यपालिका का संवैधानिक प्रमुख होता है।
- वास्तविक कार्यपालिका मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद होती है।
- राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है।
- राज्यपाल का कार्यकाल सामान्यतः 5 वर्ष होता है।
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
- धन विधेयक राज्यपाल की पूर्व अनुशंसा के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति अनुच्छेद 213 में दी गई है।
Key Takeaways
- राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख है।
- वास्तविक प्रशासन मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद चलाते हैं।
- नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- संबंधित प्रमुख अनुच्छेद 153–162 हैं।
- कार्यकाल 5 वर्ष, लेकिन राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत।
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति एवं शपथ राज्यपाल कराता है।
- विधेयकों पर स्वीकृति, अध्यादेश जारी करना तथा राष्ट्रपति शासन की रिपोर्ट भेजना इसके महत्वपूर्ण कार्य हैं।
- विवेकाधीन शक्तियाँ सीमित हैं और न्यायालय द्वारा नियंत्रित हैं।
Quick Revision Notes
- अनुच्छेद 153 → राज्यपाल
- अनुच्छेद 154 → कार्यपालिका शक्ति
- अनुच्छेद 155 → नियुक्ति
- अनुच्छेद 156 → कार्यकाल
- अनुच्छेद 157 → योग्यता
- अनुच्छेद 158 → पद की शर्तें
- अनुच्छेद 159 → शपथ
- अनुच्छेद 161 → क्षमादान
- अनुच्छेद 163 → मंत्रिपरिषद की सलाह
- अनुच्छेद 164 → मुख्यमंत्री की नियुक्ति
- अनुच्छेद 200 → विधेयक पर स्वीकृति
- अनुच्छेद 213 → अध्यादेश
- अनुच्छेद 356 → राष्ट्रपति शासन
One-Liner Revision Questions
- राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
- राज्यपाल का कार्यकाल कितना होता है?
- राज्यपाल से संबंधित पहला अनुच्छेद कौन-सा है?
- राज्यपाल की शपथ कौन दिलाता है?
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
- अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद में है?
- क्षमादान की शक्ति किस अनुच्छेद में है?
- धन विधेयक किसकी अनुशंसा से प्रस्तुत होता है?
- सरकारिया आयोग कब बना था?
- पंची आयोग का गठन किस वर्ष हुआ?
Exam Booster Facts
- Governor = Appointed by President
- Chief Minister = Appointed by Governor
- Real Executive = Chief Minister
- Constitutional Head = Governor
- Article 153 = Governor
- Article 161 = Pardoning Power
- Article 213 = Ordinance
- Article 200 = Assent to Bills
- Article 356 = President’s Rule
- One Governor can serve multiple States (7th Amendment, 1956)
महत्वपूर्ण सारणी 1 : राज्यपाल की प्रमुख शक्तियाँ
| शक्ति | प्रमुख कार्य | संबंधित अनुच्छेद |
|---|---|---|
| कार्यपालिका शक्ति | मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की नियुक्ति | 154, 163, 164 |
| विधायी शक्ति | विधानसभा बुलाना, स्थगित करना, विधेयकों पर स्वीकृति | 174, 175, 200 |
| वित्तीय शक्ति | बजट एवं धन विधेयक की अनुशंसा | 202, 207 |
| न्यायिक शक्ति | दंड में राहत, क्षमा, परिवर्तन | 161 |
| अध्यादेश शक्ति | विधानसभा का सत्र न होने पर अध्यादेश जारी करना | 213 |
| विवेकाधीन शक्ति | मुख्यमंत्री की नियुक्ति, राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना | 163, 356 |
महत्वपूर्ण सारणी 2 : राज्यपाल से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 153 | प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल |
| 154 | राज्य की कार्यपालिका शक्ति |
| 155 | नियुक्ति |
| 156 | कार्यकाल |
| 157 | योग्यता |
| 158 | पद की शर्तें |
| 159 | शपथ |
| 160 | आकस्मिक व्यवस्था |
| 161 | क्षमादान की शक्ति |
| 162 | कार्यपालिका शक्ति का विस्तार |
| 163 | मंत्रिपरिषद की सहायता एवं सलाह |
| 164 | मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों की नियुक्ति |
| 174 | विधानसभा का अधिवेशन |
| 175 | सदन को संबोधित करने का अधिकार |
| 200 | विधेयकों पर स्वीकृति |
| 201 | राष्ट्रपति के विचार हेतु विधेयक सुरक्षित रखना |
| 213 | अध्यादेश जारी करने की शक्ति |
| 356 | राष्ट्रपति शासन |
महत्वपूर्ण सारणी 3 : राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति में अंतर
| आधार | राष्ट्रपति | राज्यपाल |
|---|---|---|
| अनुच्छेद | 72 | 161 |
| कार्यक्षेत्र | केंद्र के विषय | राज्य के विषय |
| कोर्ट मार्शल | हाँ | नहीं |
| मृत्युदंड | क्षमादान दे सकता है | पूर्ण क्षमादान नहीं, राज्य कानूनों के मामलों में सीमित राहत |
| सैन्य न्यायालय | लागू | लागू नहीं |
Exam Tip: अनुच्छेद 72 और 161 में अंतर से प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
राज्यपाल Notes PDF (Quick Revision)
यदि आप SSC, Railway, UPSC, CET, Police, REET, Patwari, LDC, Banking जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो राज्यपाल से संबंधित निम्न बिंदु अवश्य याद रखें—
- राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख है।
- संबंधित प्रमुख अनुच्छेद 153–162 हैं।
- नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- न्यूनतम आयु 35 वर्ष।
- कार्यकाल 5 वर्ष, लेकिन राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत।
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
- मंत्रिपरिषद को शपथ दिलाता है।
- राज्य विधानसभा को बुलाता एवं स्थगित करता है।
- धन विधेयक उसकी पूर्व अनुशंसा के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
- अनुच्छेद 213 के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है।
- अनुच्छेद 161 के अंतर्गत न्यायिक शक्तियाँ प्राप्त हैं।
- राष्ट्रपति शासन के लिए अनुच्छेद 356 के अंतर्गत रिपोर्ट भेज सकता है।
परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य
- पहला अनुच्छेद — 153
- नियुक्ति — राष्ट्रपति
- कार्यकाल — 5 वर्ष
- न्यूनतम आयु — 35 वर्ष
- शपथ — उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- अध्यादेश — अनुच्छेद 213
- क्षमादान — अनुच्छेद 161
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति — अनुच्छेद 164
- विधेयक पर स्वीकृति — अनुच्छेद 200
- राष्ट्रपति शासन — अनुच्छेद 356
निष्कर्ष
राज्यपाल भारतीय संघीय व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक पद है। वह राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के साथ-साथ केंद्र और राज्य के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी भी है। यद्यपि वास्तविक प्रशासन मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद द्वारा संचालित किया जाता है, फिर भी राज्यपाल की भूमिका विधानसभा, विधेयकों, अध्यादेश, वित्तीय मामलों, न्यायिक शक्तियों तथा संवैधानिक संकट की स्थिति में अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अनुच्छेद 153–162, 163, 164, 200, 213 एवं 356, राज्यपाल की शक्तियाँ, विवेकाधीन अधिकार, सरकारिया आयोग, पंची आयोग तथा सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख निर्णयों का अध्ययन अवश्य करें। यही विषय SSC, Railway, UPSC, State PSC, CET, Police तथा अन्य परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।

राज्यपाल MCQ (Practice Set)
1. राज्यपाल की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
A. प्रधानमंत्री
B. राष्ट्रपति
C. मुख्यमंत्री
D. संसद
उत्तर: B. राष्ट्रपति
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
2. राज्यपाल से संबंधित पहला अनुच्छेद कौन-सा है?
A. अनुच्छेद 152
B. अनुच्छेद 153
C. अनुच्छेद 154
D. अनुच्छेद 155
उत्तर: B. अनुच्छेद 153
व्याख्या: अनुच्छेद 153 प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल के पद का प्रावधान करता है।
3. राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल कितना होता है?
A. 4 वर्ष
B. 5 वर्ष
C. 6 वर्ष
D. 7 वर्ष
उत्तर: B. 5 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है, लेकिन वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है।
4. राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
A. 25 वर्ष
B. 30 वर्ष
C. 35 वर्ष
D. 40 वर्ष
उत्तर: C. 35 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित है।
5. राज्यपाल को शपथ कौन दिलाता है?
A. राष्ट्रपति
B. मुख्यमंत्री
C. उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
D. भारत का मुख्य न्यायाधीश
उत्तर: C. उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
व्याख्या: अनुच्छेद 159 के अनुसार राज्यपाल को संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश शपथ दिलाता है।
6. राज्य की कार्यपालिका शक्ति किसमें निहित होती है?
A. मुख्यमंत्री
B. विधानसभा
C. राज्यपाल
D. मंत्रिपरिषद
उत्तर: C. राज्यपाल
व्याख्या: अनुच्छेद 154 के अनुसार राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है।
7. मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
A. राष्ट्रपति
B. विधानसभा
C. राज्यपाल
D. लोकसभा
उत्तर: C. राज्यपाल
व्याख्या: अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
8. राज्यपाल की क्षमादान शक्ति किस अनुच्छेद में वर्णित है?
A. 72
B. 161
C. 162
D. 213
उत्तर: B. 161
व्याख्या: अनुच्छेद 161 राज्यपाल की क्षमादान संबंधी शक्तियों का वर्णन करता है।
9. राज्यपाल अध्यादेश किस अनुच्छेद के अंतर्गत जारी करता है?
A. 123
B. 200
C. 213
D. 356
उत्तर: C. 213
व्याख्या: अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है।
10. धन विधेयक विधानसभा में किसकी पूर्व अनुशंसा से प्रस्तुत किया जाता है?
A. मुख्यमंत्री
B. विधानसभा अध्यक्ष
C. राज्यपाल
D. राष्ट्रपति
उत्तर: C. राज्यपाल
व्याख्या: धन विधेयक राज्यपाल की पूर्व अनुशंसा के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
11. एक ही व्यक्ति कितने राज्यों का राज्यपाल हो सकता है?
A. केवल एक
B. केवल दो
C. दो या अधिक
D. तीन से अधिक नहीं
उत्तर: C. दो या अधिक
व्याख्या: सातवें संविधान संशोधन (1956) के बाद एक व्यक्ति को एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
12. राज्यपाल किसका संवैधानिक प्रमुख होता है?
A. केंद्र सरकार
B. राज्य सरकार
C. संसद
D. न्यायपालिका
उत्तर: B. राज्य सरकार
व्याख्या: राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है जबकि वास्तविक कार्यपालिका मुख्यमंत्री होता है।
13. राज्यपाल का पद किस प्रकार का पद है?
A. निर्वाचित
B. संवैधानिक
C. न्यायिक
D. राजनीतिक
उत्तर: B. संवैधानिक
व्याख्या: राज्यपाल भारतीय संविधान द्वारा स्थापित एक संवैधानिक पद है।
14. राज्यपाल को हटाने का अधिकार किसके पास है?
A. संसद
B. मुख्यमंत्री
C. राष्ट्रपति
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: C. राष्ट्रपति
व्याख्या: राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है, इसलिए उसे हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है।
15. सरकारिया आयोग का गठन कब हुआ था?
A. 1977
B. 1983
C. 1989
D. 1994
उत्तर: B. 1983
व्याख्या: सरकारिया आयोग का गठन केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए 1983 में किया गया था।
16. पंची आयोग का गठन किस वर्ष हुआ?
A. 1999
B. 2003
C. 2007
D. 2010
उत्तर: C. 2007
व्याख्या: पंची आयोग का गठन 2007 में केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा हेतु किया गया था।
17. राज्यपाल का वेतन कौन निर्धारित करता है?
A. राष्ट्रपति
B. संसद
C. राज्य विधानसभा
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: B. संसद
व्याख्या: राज्यपाल के वेतन एवं भत्तों का निर्धारण संसद द्वारा किया जाता है।
18. राज्यपाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन की रिपोर्ट भेज सकता है?
A. 352
B. 355
C. 356
D. 360
उत्तर: C. 356
व्याख्या: अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राज्यपाल संवैधानिक तंत्र विफल होने की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज सकता है।
19. राज्यपाल सामान्यतः किसकी सलाह पर कार्य करता है?
A. राष्ट्रपति
B. मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद
C. संसद
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: B. मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद
व्याख्या: अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है।
20. राज्यपाल द्वारा पुनर्विचार हेतु वापस नहीं भेजा जा सकने वाला विधेयक कौन-सा है?
A. साधारण विधेयक
B. संविधान संशोधन विधेयक
C. धन विधेयक
D. निजी सदस्य विधेयक
उत्तर: C. धन विधेयक
व्याख्या: राज्यपाल धन विधेयक को पुनर्विचार के लिए वापस नहीं भेज सकता।
राज्यपाल Previous Year Questions (PYQ)
1. राज्यपाल की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है? (SSC CGL)
उत्तर: राष्ट्रपति
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
2. राज्यपाल की क्षमादान शक्ति किस अनुच्छेद में वर्णित है? (UPSC Prelims)
उत्तर: अनुच्छेद 161
व्याख्या: अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल राज्य के विषयों से संबंधित अपराधों में दंड को कम, स्थगित या परिवर्तित कर सकता है।
3. राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल कितना होता है? (RRB NTPC)
उत्तर: 5 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है, लेकिन वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर बना रहता है।
4. राज्यपाल अध्यादेश किस अनुच्छेद के अंतर्गत जारी करता है? (State PSC)
उत्तर: अनुच्छेद 213
व्याख्या: जब राज्य विधानमंडल का सत्र नहीं चल रहा हो, तब राज्यपाल अनुच्छेद 213 के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है।
5. मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है? (SSC CHSL)
उत्तर: राज्यपाल
व्याख्या: अनुच्छेद 164 के अनुसार राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है।
6. राज्य की कार्यपालिका शक्ति किसमें निहित होती है? (UPPCS)
उत्तर: राज्यपाल
व्याख्या: अनुच्छेद 154 के अनुसार राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है।
7. राज्यपाल को शपथ कौन दिलाता है? (BPSC)
उत्तर: संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
व्याख्या: अनुच्छेद 159 के अनुसार राज्यपाल को शपथ मुख्य न्यायाधीश या उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ न्यायाधीश दिलाते हैं।
8. राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए? (MPPSC)
उत्तर: 35 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित है।
9. राज्यपाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन की रिपोर्ट भेज सकता है? (UPSC)
उत्तर: अनुच्छेद 356
व्याख्या: राज्यपाल संवैधानिक तंत्र की विफलता की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेज सकता है, जिसके आधार पर राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।
10. एक व्यक्ति कितने राज्यों का राज्यपाल हो सकता है? (SSC MTS)
उत्तर: एक से अधिक राज्यों का
व्याख्या: सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 के बाद एक व्यक्ति को एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
FAQs
राज्यपाल क्या है?
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख (Constitutional Head) होता है। वह राज्य की कार्यपालिका का नाममात्र का प्रमुख है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद होती है।
राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?
राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 155 के अंतर्गत की जाती है।
राज्यपाल का कार्यकाल कितना होता है?
राज्यपाल का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष होता है, लेकिन वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर बना रहता है।
राज्यपाल की न्यूनतम आयु कितनी होती है?
राज्यपाल बनने के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है।
राज्यपाल की प्रमुख शक्तियाँ कौन-कौन सी हैं?
राज्यपाल को कार्यपालिका, विधायी, वित्तीय, न्यायिक तथा विवेकाधीन शक्तियाँ प्राप्त हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री में क्या अंतर है?
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि मुख्यमंत्री राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है।
राज्यपाल अध्यादेश कब जारी कर सकता है?
जब राज्य विधानमंडल का सत्र नहीं चल रहा हो और तत्काल कानून बनाने की आवश्यकता हो, तब राज्यपाल अनुच्छेद 213 के अंतर्गत अध्यादेश जारी कर सकता है।
राज्यपाल की क्षमादान शक्ति किस अनुच्छेद में है?
राज्यपाल की क्षमादान संबंधी शक्ति अनुच्छेद 161 में वर्णित है।
क्या एक व्यक्ति दो राज्यों का राज्यपाल बन सकता है?
हाँ। सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 के बाद एक व्यक्ति को एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
राज्यपाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है?
मुख्यमंत्री की नियुक्ति अनुच्छेद 164 के अंतर्गत राज्यपाल द्वारा की जाती है।

