राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) : अनुच्छेद 36 से 51, विशेषताएँ, MCQ, PYQ एवं सम्पूर्ण नोट्स
📌 एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy) |
| संविधान का भाग | भाग-IV |
| अनुच्छेद | 36 से 51 |
| प्रेरणा स्रोत | आयरलैंड का संविधान |
| प्रकृति | न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं |
| उद्देश्य | कल्याणकारी राज्य की स्थापना |
| संबंधित संशोधन | 42वाँ एवं 44वाँ संविधान संशोधन |
| परीक्षा महत्व | SSC, Railway, CET, Police, REET, CTET |
⚡ 30 सेकंड में समझें (Quick Answer Box)
✅ DPSP का पूरा नाम क्या है?
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy)
✅ DPSP किस देश से लिया गया है?
आयरलैंड के संविधान से।
✅ DPSP संविधान के किस भाग में है?
भाग-IV
✅ DPSP किन अनुच्छेदों में वर्णित है?
अनुच्छेद 36 से 51
✅ क्या DPSP न्यायालय द्वारा लागू किए जा सकते हैं?
नहीं।
✅ DPSP का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत में सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय पर आधारित कल्याणकारी राज्य (Welfare State) की स्थापना करना।
परीक्षा में पूछा जाता है
प्रश्न: राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) किस देश से लिए गए हैं तथा ये संविधान के किस भाग में वर्णित हैं?
उत्तर: राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy – DPSP) आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं। भारतीय संविधान के भाग-IV (अनुच्छेद 36 से 51) में इनका वर्णन किया गया है। ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होते, लेकिन सरकार को जनकल्याणकारी नीतियाँ बनाने हेतु संवैधानिक दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं।
संक्षिप्त परिचय
भारतीय संविधान केवल नागरिकों को अधिकार ही नहीं देता, बल्कि सरकार को यह भी निर्देश देता है कि वह ऐसी नीतियाँ बनाए जिससे प्रत्येक नागरिक को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्राप्त हो सके। इन्हीं संवैधानिक निर्देशों को राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy – DPSP) कहा जाता है।
DPSP भारतीय संविधान के भाग-IV (अनुच्छेद 36 से 51) में वर्णित हैं। इनका उद्देश्य भारत को एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) बनाना है, जहाँ समान अवसर, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और आर्थिक समानता सुनिश्चित की जा सके।
हालाँकि, राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, फिर भी भारत सरकार और राज्य सरकारों की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाएँ तथा सामाजिक नीतियाँ इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित होती हैं।
यदि आप जानना चाहते हैं कि DPSP किस देश से लिया गया है, DPSP संविधान के किस भाग में है, अनुच्छेद 36 से 51 में क्या-क्या प्रावधान हैं, तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में इससे किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, तो यह सम्पूर्ण लेख आपके लिए उपयोगी है।
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) क्या हैं?
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy) ऐसे संवैधानिक निर्देश हैं जो केंद्र एवं राज्य सरकारों को यह बताते हैं कि देश का शासन किस प्रकार चलाया जाना चाहिए।
इनका उद्देश्य नागरिकों के लिए ऐसी सामाजिक एवं आर्थिक व्यवस्था स्थापित करना है जिसमें सभी को समान अवसर, सम्मानपूर्ण जीवन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा न्याय प्राप्त हो सके।
इन सिद्धांतों को भारतीय संविधान का नैतिक मार्गदर्शक भी कहा जाता है क्योंकि ये सरकार को जनकल्याणकारी नीतियाँ बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
DPSP किस देश से लिया गया है?
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) आयरलैंड (Ireland) के संविधान से लिए गए हैं।
भारतीय संविधान सभा ने आयरलैंड के संविधान में वर्णित Directive Principles of Social Policy से प्रेरणा लेकर इन्हें भारतीय संविधान के भाग-IV में शामिल किया।
हालाँकि आयरलैंड ने भी इन सिद्धांतों की प्रेरणा स्पेन के संविधान से प्राप्त की थी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- ✅ DPSP → आयरलैंड
- ✅ मौलिक अधिकार → अमेरिका
- ✅ संसदीय शासन → ब्रिटेन
- ✅ समवर्ती सूची → ऑस्ट्रेलिया
यह प्रश्न SSC, UPSC, Railway, CET, Police एवं REET जैसी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
DPSP संविधान के किस भाग में है?
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत भारतीय संविधान के भाग-IV में वर्णित हैं।
इनका विस्तार अनुच्छेद 36 से अनुच्छेद 51 तक है।
यह भाग सरकार को ऐसी नीतियाँ बनाने का निर्देश देता है जो देश में सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करें।
हालाँकि नागरिक इन सिद्धांतों को लागू कराने के लिए न्यायालय नहीं जा सकते, लेकिन सरकार इनका पालन करने के लिए नैतिक एवं संवैधानिक रूप से उत्तरदायी मानी जाती है।
DPSP क्यों बनाए गए?
संविधान निर्माताओं का मानना था कि केवल मौलिक अधिकार देने से सामाजिक न्याय स्थापित नहीं होगा।
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में सरकार को ऐसी नीतियाँ बनानी होंगी जो—
- गरीबी कम करें।
- बेरोजगारी घटाएँ।
- शिक्षा को बढ़ावा दें।
- स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर बनाएँ।
- महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- कमजोर वर्गों का विकास करें।
- आर्थिक असमानता कम करें।
इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संविधान में राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों को शामिल किया गया।
DPSP के प्रमुख उद्देश्य
- सामाजिक न्याय स्थापित करना।
- आर्थिक असमानता कम करना।
- कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना।
- नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना।
- समान अवसर उपलब्ध कराना।
- महिलाओं एवं बच्चों का संरक्षण करना।
- पर्यावरण की रक्षा करना।
- अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना।
संवैधानिक आधार (Constitutional Basis)
भारतीय संविधान में राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy – DPSP) का उल्लेख भाग-IV में किया गया है। इनका विस्तार अनुच्छेद 36 से 51 तक है।
संविधान सभा का उद्देश्य था कि भारत केवल एक लोकतांत्रिक राष्ट्र ही नहीं बल्कि सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय पर आधारित कल्याणकारी राज्य (Welfare State) भी बने।
DPSP सरकार को यह निर्देश देते हैं कि वह ऐसी नीतियाँ बनाए जिनसे नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर हो, गरीबी कम हो, समान अवसर उपलब्ध हों तथा समाज के कमजोर वर्गों का उत्थान हो।
महत्वपूर्ण तथ्य:
DPSP न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार ये शासन संचालन के लिए मूलभूत (Fundamental in the Governance of the Country) माने गए हैं।
अनुच्छेद 36 से 51 (Article-wise Summary)
| अनुच्छेद | विषय | परीक्षा हेतु याद रखें |
|---|---|---|
| 36 | राज्य की परिभाषा | वही परिभाषा जो अनुच्छेद 12 में है |
| 37 | DPSP की प्रकृति | न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं |
| 38 | सामाजिक व्यवस्था | सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय |
| 39 | राज्य की नीति के सिद्धांत | समान वेतन, संसाधनों का समान वितरण |
| 39A | समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता | 42वाँ संशोधन |
| 40 | ग्राम पंचायतों का संगठन | पंचायती राज |
| 41 | काम, शिक्षा एवं लोक सहायता | बेरोजगारी, वृद्धावस्था सहायता |
| 42 | मानवीय कार्य दशाएँ | प्रसूति सहायता |
| 43 | निर्वाह मजदूरी | कुटीर उद्योग |
| 43A | उद्योगों में श्रमिक भागीदारी | 42वाँ संशोधन |
| 44 | समान नागरिक संहिता (UCC) | अत्यंत महत्वपूर्ण |
| 45 | प्रारंभिक बाल शिक्षा | 86वें संशोधन के बाद संशोधित |
| 46 | SC/ST एवं कमजोर वर्गों का विकास | सामाजिक न्याय |
| 47 | पोषण एवं लोक स्वास्थ्य | नशाबंदी |
| 48 | कृषि एवं पशुपालन | गौ संरक्षण |
| 48A | पर्यावरण संरक्षण | 42वाँ संशोधन |
| 49 | राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण | सांस्कृतिक धरोहर |
| 50 | न्यायपालिका एवं कार्यपालिका का पृथक्करण | न्यायपालिका की स्वतंत्रता |
| 51 | अंतरराष्ट्रीय शांति | संयुक्त राष्ट्र संबंध |
अनुच्छेद 37 क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाने वाला अनुच्छेद 37 है।
अनुच्छेद 37 क्या कहता है?
- DPSP न्यायालय द्वारा लागू नहीं किए जा सकते।
- फिर भी ये देश के शासन संचालन के लिए मूलभूत हैं।
- सरकार का कर्तव्य है कि कानून बनाते समय इन सिद्धांतों का पालन करे।
Exam Trick:
37 = Not Enforceable + Fundamental in Governance
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों का वर्गीकरण
संविधान में DPSP का वर्गीकरण नहीं दिया गया है। यह वर्गीकरण संवैधानिक विशेषज्ञ डॉ. बी. एन. राव तथा अन्य विद्वानों द्वारा किया गया।
इन्हें मुख्यतः तीन भागों में बाँटा जाता है।
1. समाजवादी सिद्धांत (Socialistic Principles)
इनका उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक समानता स्थापित करना है।
संबंधित अनुच्छेद
- अनुच्छेद 38
- अनुच्छेद 39
- अनुच्छेद 39A
- अनुच्छेद 41
- अनुच्छेद 42
- अनुच्छेद 43
- अनुच्छेद 43A
- अनुच्छेद 47
प्रमुख उद्देश्य
- गरीबी समाप्त करना
- समान अवसर
- समान कार्य के लिए समान वेतन
- श्रमिकों का संरक्षण
- निःशुल्क विधिक सहायता
- जनस्वास्थ्य सुधार
2. गांधीवादी सिद्धांत (Gandhian Principles)
महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज एवं ग्रामीण विकास के विचारों पर आधारित।
संबंधित अनुच्छेद
- अनुच्छेद 40
- अनुच्छेद 43
- अनुच्छेद 46
- अनुच्छेद 47
- अनुच्छेद 48
प्रमुख उद्देश्य
- ग्राम पंचायतों का विकास
- कुटीर उद्योगों को बढ़ावा
- गौ संरक्षण
- कमजोर वर्गों का उत्थान
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करना
3. उदार-बौद्धिक सिद्धांत (Liberal-Intellectual Principles)
लोकतांत्रिक मूल्यों एवं आधुनिक शासन व्यवस्था से संबंधित।
संबंधित अनुच्छेद
- अनुच्छेद 44
- अनुच्छेद 45
- अनुच्छेद 48A
- अनुच्छेद 49
- अनुच्छेद 50
- अनुच्छेद 51
प्रमुख उद्देश्य
- समान नागरिक संहिता
- पर्यावरण संरक्षण
- राष्ट्रीय धरोहर संरक्षण
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता
- अंतरराष्ट्रीय शांति
DPSP का वर्गीकरण (Comparison Table)
| प्रकार | मुख्य उद्देश्य | प्रमुख अनुच्छेद |
|---|---|---|
| समाजवादी | आर्थिक एवं सामाजिक न्याय | 38, 39, 39A, 41, 42, 43, 43A, 47 |
| गांधीवादी | ग्राम स्वराज एवं ग्रामीण विकास | 40, 43, 46, 47, 48 |
| उदार-बौद्धिक | आधुनिक लोकतांत्रिक राज्य | 44, 45, 48A, 49, 50, 51 |
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद
यदि परीक्षा से ठीक पहले केवल कुछ अनुच्छेद याद करने हों, तो सबसे पहले इन्हें याद करें:
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 39(d) | समान कार्य के लिए समान वेतन |
| 39A | निःशुल्क विधिक सहायता |
| 40 | ग्राम पंचायत |
| 44 | समान नागरिक संहिता (UCC) |
| 45 | बाल शिक्षा |
| 46 | SC/ST उत्थान |
| 47 | पोषण एवं स्वास्थ्य |
| 48A | पर्यावरण संरक्षण |
| 50 | न्यायपालिका-कार्यपालिका पृथक्करण |
| 51 | अंतरराष्ट्रीय शांति |
परीक्षा टिप्स (Exam Booster)
⭐ याद रखने की ट्रिक
- 36–37 → परिचय एवं प्रकृति
- 38–43A → समाजवादी विचार
- 40 → ग्राम पंचायत
- 44 → UCC
- 45 → शिक्षा
- 46 → SC/ST
- 47 → स्वास्थ्य
- 48A → पर्यावरण
- 50 → न्यायपालिका
- 51 → अंतरराष्ट्रीय शांति
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Quick Doubts)
क्या DPSP मौलिक अधिकारों से कम महत्वपूर्ण हैं?
नहीं। दोनों संविधान के महत्वपूर्ण भाग हैं। मौलिक अधिकार नागरिकों को अधिकार देते हैं, जबकि DPSP सरकार को दिशा-निर्देश देते हैं।
क्या सरकार DPSP का पालन करने के लिए बाध्य है?
हाँ। न्यायालय इन्हें लागू नहीं कर सकता, लेकिन सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह नीति निर्माण में इनका पालन करे।
क्या UPSC और SSC में DPSP से प्रश्न पूछे जाते हैं?
हाँ। लगभग हर वर्ष UPSC, SSC CGL, CHSL, Railway, CET, REET, Police एवं राज्य स्तरीय परीक्षाओं में DPSP से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
DPSP एवं मौलिक अधिकारों में अंतर
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) और मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) दोनों भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण भाग हैं। हालांकि, इनका उद्देश्य और प्रकृति अलग-अलग है।
| आधार | राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) | मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) |
|---|---|---|
| संविधान का भाग | भाग-IV | भाग-III |
| अनुच्छेद | 36 से 51 | 12 से 35 |
| प्रकृति | सकारात्मक निर्देश (Positive Obligations) | नकारात्मक एवं सकारात्मक अधिकार |
| न्यायालय द्वारा लागू | ❌ नहीं | ✅ हाँ |
| उद्देश्य | कल्याणकारी राज्य की स्थापना | नागरिकों की स्वतंत्रता एवं अधिकारों की रक्षा |
| पालन किसे करना है | राज्य एवं सरकार | राज्य द्वारा नागरिकों के अधिकारों का सम्मान |
| कानूनी स्थिति | नैतिक एवं संवैधानिक दायित्व | विधिक रूप से लागू |
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण अंतर
- मौलिक अधिकार = Justiciable (न्यायालय द्वारा लागू)
- DPSP = Non-Justiciable (न्यायालय द्वारा लागू नहीं)
Exam Trick
Rights = Court
DPSP = Government Policy
DPSP एवं मौलिक कर्तव्यों का संबंध
मौलिक कर्तव्य नागरिकों के लिए हैं, जबकि DPSP सरकार के लिए दिशा-निर्देश हैं।
| DPSP | मौलिक कर्तव्य |
|---|---|
| सरकार के लिए | नागरिकों के लिए |
| भाग-IV | भाग-IVA |
| अनुच्छेद 36–51 | अनुच्छेद 51A |
| कल्याणकारी राज्य | जिम्मेदार नागरिक |
DPSP एवं संविधान की प्रस्तावना (Preamble)
भारतीय संविधान की प्रस्तावना में जिन आदर्शों का उल्लेख किया गया है—
- सामाजिक न्याय
- आर्थिक न्याय
- राजनीतिक न्याय
- समानता
- बंधुता
उन्हें व्यवहार में लागू करने का कार्य DPSP करते हैं।
इसलिए कई संवैधानिक विशेषज्ञ DPSP को प्रस्तावना का व्यावहारिक रूप (Practical Implementation of the Preamble) भी मानते हैं।
DPSP एवं कल्याणकारी राज्य (Welfare State)
भारतीय संविधान का उद्देश्य केवल शासन चलाना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार करना भी है।
DPSP सरकार को निर्देश देते हैं कि वह—
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए।
- स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर बनाए।
- गरीब एवं कमजोर वर्गों की सहायता करे।
- महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
- पर्यावरण संरक्षण करे।
- ग्रामीण विकास को बढ़ावा दे।
इसी कारण भारत को कल्याणकारी राज्य (Welfare State) बनाने में DPSP की महत्वपूर्ण भूमिका है।
महत्वपूर्ण संविधान संशोधन
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
DPSP से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण संशोधन।
इस संशोधन द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 39A | समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता |
| 43A | उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी |
| 48A | पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण |
परीक्षा तथ्य
39A + 43A + 48A = 42वाँ संशोधन
44वाँ संविधान संशोधन
44वें संशोधन ने DPSP और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन को और मजबूत किया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की।
86वाँ संविधान संशोधन
इस संशोधन द्वारा—
- अनुच्छेद 21A (शिक्षा का अधिकार) जोड़ा गया।
- अनुच्छेद 45 में संशोधन किया गया।
- 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल एवं शिक्षा पर बल दिया गया।
महत्वपूर्ण सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय
1. State of Madras v. Champakam Dorairajan (1951)
निर्णय
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यदि मौलिक अधिकार और DPSP में टकराव हो, तो मौलिक अधिकारों को प्राथमिकता मिलेगी।
परीक्षा तथ्य
यह निर्णय प्रथम संविधान संशोधन का प्रमुख कारण बना।
2. Golaknath v. State of Punjab (1967)
न्यायालय ने मौलिक अधिकारों की सर्वोच्चता पर बल दिया।
3. Kesavananda Bharati v. State of Kerala (1973)
भारतीय संवैधानिक इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय।
निर्णय
- Basic Structure Doctrine स्थापित हुई।
- संसद संविधान में संशोधन कर सकती है।
- लेकिन संविधान की मूल संरचना को समाप्त नहीं कर सकती।
DPSP के संदर्भ में महत्व
मौलिक अधिकार एवं DPSP दोनों संविधान की मूल भावना का हिस्सा माने गए।
4. Minerva Mills v. Union of India (1980)
निर्णय
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा—
मौलिक अधिकार और DPSP संविधान के दो पहिए हैं।
दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
यह प्रतियोगी परीक्षाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है।
5. Unnikrishnan v. State of Andhra Pradesh (1993)
इस निर्णय के बाद शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
बाद में 86वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 21A जोड़ा गया।
महत्वपूर्ण न्यायालय निर्णय (Quick Revision Table)
| मामला | वर्ष | परीक्षा हेतु याद रखें |
|---|---|---|
| Champakam Dorairajan | 1951 | FR को प्राथमिकता |
| Golaknath | 1967 | मौलिक अधिकारों पर बल |
| Kesavananda Bharati | 1973 | Basic Structure Doctrine |
| Minerva Mills | 1980 | FR एवं DPSP में संतुलन |
| Unnikrishnan | 1993 | शिक्षा के अधिकार का आधार |
DPSP की वर्तमान प्रासंगिकता
आज भारत सरकार की अनेक योजनाएँ DPSP की भावना पर आधारित हैं।
उदाहरण—
- मनरेगा (MGNREGA)
- आयुष्मान भारत
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
- मिड-डे मील योजना
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति
- स्वच्छ भारत मिशन
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक न्याय सुनिश्चित करना है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
✔ DPSP = भाग-IV
✔ अनुच्छेद 36–51
✔ आयरलैंड से प्रेरित
✔ न्यायालय द्वारा लागू नहीं
✔ कल्याणकारी राज्य का आधार
✔ अनुच्छेद 37 सबसे महत्वपूर्ण
✔ 42वें संशोधन से 39A, 43A एवं 48A जोड़े गए
✔ UCC = अनुच्छेद 44
✔ पर्यावरण = अनुच्छेद 48A
✔ न्यायपालिका पृथक्करण = अनुच्छेद 50
✔ अंतरराष्ट्रीय शांति = अनुच्छेद 51
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या DPSP संविधान की मूल संरचना का भाग हैं?
प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मौलिक अधिकार और DPSP दोनों मिलकर संविधान की मूल भावना को व्यक्त करते हैं।
क्या सरकार DPSP के विरुद्ध कानून बना सकती है?
सरकार ऐसा कानून नहीं बना सकती जो संविधान की मूल भावना के विपरीत हो। नीति निर्माण में DPSP का सम्मान किया जाना अपेक्षित है।
UPSC में कौन-सा केस सबसे महत्वपूर्ण है?
Kesavananda Bharati (1973) और Minerva Mills (1980) दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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यदि केवल 5 बातें याद रखनी हों, तो ये याद रखें—
- DPSP → आयरलैंड
- भाग-IV
- अनुच्छेद 36–51
- अनुच्छेद 37 → न्यायालय द्वारा लागू नहीं
- Minerva Mills → FR + DPSP = संतुलन
महत्वपूर्ण सारणी (Important Summary Tables)
DPSP के सबसे महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय | परीक्षा में कितनी बार पूछा जाता है |
|---|---|---|
| 36 | राज्य की परिभाषा | ⭐⭐ |
| 37 | DPSP की प्रकृति | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| 38 | सामाजिक न्याय | ⭐⭐⭐⭐ |
| 39 | समान वेतन, संसाधनों का वितरण | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| 39A | निःशुल्क विधिक सहायता | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| 40 | ग्राम पंचायत | ⭐⭐⭐⭐ |
| 41 | काम, शिक्षा एवं लोक सहायता | ⭐⭐⭐ |
| 42 | मानवीय कार्य दशाएँ | ⭐⭐⭐ |
| 43 | निर्वाह मजदूरी | ⭐⭐⭐ |
| 43A | उद्योगों में श्रमिक भागीदारी | ⭐⭐⭐ |
| 44 | समान नागरिक संहिता (UCC) | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| 45 | प्रारंभिक बाल शिक्षा | ⭐⭐⭐⭐ |
| 46 | SC/ST उत्थान | ⭐⭐⭐⭐ |
| 47 | पोषण एवं स्वास्थ्य | ⭐⭐⭐⭐ |
| 48 | कृषि एवं पशुपालन | ⭐⭐⭐ |
| 48A | पर्यावरण संरक्षण | ⭐⭐⭐⭐⭐ |
| 49 | राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण | ⭐⭐ |
| 50 | न्यायपालिका एवं कार्यपालिका पृथक्करण | ⭐⭐⭐⭐ |
| 51 | अंतरराष्ट्रीय शांति | ⭐⭐⭐⭐ |
एक नज़र में याद रखें (Revision Table)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| DPSP किस देश से लिया गया? | आयरलैंड |
| संविधान का कौन-सा भाग? | भाग-IV |
| अनुच्छेद | 36 से 51 |
| न्यायालय द्वारा लागू? | नहीं |
| उद्देश्य | कल्याणकारी राज्य |
| 42वें संशोधन से जुड़े अनुच्छेद | 39A, 43A, 48A |
| UCC | अनुच्छेद 44 |
| पर्यावरण | अनुच्छेद 48A |
| ग्राम पंचायत | अनुच्छेद 40 |
DPSP याद रखने की आसान ट्रिक
प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुच्छेद याद रखना कठिन लगता है। नीचे दी गई ट्रिक आपकी मदद करेगी।
36–37
परिभाषा + प्रकृति
38–39A
सामाजिक न्याय + समानता
40
ग्राम पंचायत
41–43A
रोजगार, मजदूरी, श्रमिक
44
Uniform Civil Code (UCC)
45
बाल शिक्षा
46
SC/ST विकास
47
स्वास्थ्य
48
कृषि एवं पशुपालन
48A
पर्यावरण
49
राष्ट्रीय स्मारक
50
न्यायपालिका
51
अंतरराष्ट्रीय शांति
Key Takeaways
यदि परीक्षा से पहले केवल 2 मिनट मिलें, तो ये बातें अवश्य याद रखें—
- DPSP भारतीय संविधान के भाग-IV में हैं।
- इनका विस्तार अनुच्छेद 36 से 51 तक है।
- DPSP आयरलैंड के संविधान से लिए गए हैं।
- इन्हें न्यायालय द्वारा लागू नहीं कराया जा सकता।
- अनुच्छेद 37 इनकी प्रकृति बताता है।
- अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित है।
- अनुच्छेद 48A पर्यावरण संरक्षण से संबंधित है।
- अनुच्छेद 50 न्यायपालिका एवं कार्यपालिका के पृथक्करण से संबंधित है।
- 42वें संविधान संशोधन द्वारा 39A, 43A और 48A जोड़े गए।
- भारत को कल्याणकारी राज्य बनाने में DPSP की महत्वपूर्ण भूमिका है।
Quick Revision Notes
Quick Revision 1
DPSP = Directive Principles of State Policy
Quick Revision 2
भाग-IV
Quick Revision 3
अनुच्छेद 36–51
Quick Revision 4
आयरलैंड
Quick Revision 5
Non-Justiciable
Quick Revision 6
Welfare State
Quick Revision 7
अनुच्छेद 39(d)
समान कार्य के लिए समान वेतन
Quick Revision 8
अनुच्छेद 39A
निःशुल्क विधिक सहायता
Quick Revision 9
अनुच्छेद 44
Uniform Civil Code
Quick Revision 10
अनुच्छेद 48A
पर्यावरण संरक्षण
Quick Revision 11
अनुच्छेद 50
Judiciary Separation
Quick Revision 12
अनुच्छेद 51
International Peace
One-Liner Revision Questions
- DPSP किस देश से लिया गया है?
- DPSP संविधान के किस भाग में है?
- DPSP किन अनुच्छेदों में वर्णित है?
- क्या DPSP न्यायालय द्वारा लागू किए जा सकते हैं?
- अनुच्छेद 37 किससे संबंधित है?
- अनुच्छेद 44 किससे संबंधित है?
- अनुच्छेद 48A किससे संबंधित है?
- अनुच्छेद 50 किससे संबंधित है?
- 42वें संविधान संशोधन द्वारा कौन-कौन से अनुच्छेद जोड़े गए?
- भारत को कल्याणकारी राज्य बनाने में DPSP की क्या भूमिका है?
Exam Booster Facts
⭐ DPSP = आयरलैंड
⭐ Fundamental Rights = अमेरिका
⭐ Fundamental Duties = रूस (USSR)
⭐ UCC = Article 44
⭐ Environment = Article 48A
⭐ Panchayat = Article 40
⭐ Equal Pay = Article 39(d)
⭐ Legal Aid = Article 39A
⭐ Welfare State = DPSP
⭐ Basic Structure Doctrine = Kesavananda Bharati (1973)
⭐ FR + DPSP Balance = Minerva Mills (1980)
⭐ अनुच्छेद 37 = सबसे महत्वपूर्ण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) क्या हैं?
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (Directive Principles of State Policy) भारतीय संविधान के भाग-IV (अनुच्छेद 36 से 51) में दिए गए ऐसे संवैधानिक निर्देश हैं, जो सरकार को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय पर आधारित कल्याणकारी राज्य की स्थापना के लिए मार्गदर्शन देते हैं।
2. DPSP किस देश के संविधान से लिया गया है?
DPSP की अवधारणा आयरलैंड (Ireland) के संविधान से ली गई है।
3. DPSP संविधान के किस भाग में है?
DPSP भारतीय संविधान के भाग-IV में वर्णित हैं।
4. DPSP किन अनुच्छेदों में वर्णित हैं?
राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत अनुच्छेद 36 से 51 तक दिए गए हैं।
5. क्या DPSP न्यायालय द्वारा लागू किए जा सकते हैं?
नहीं। DPSP Non-Justiciable हैं अर्थात इन्हें न्यायालय के माध्यम से लागू नहीं कराया जा सकता।
6. DPSP का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारत को सामाजिक एवं आर्थिक न्याय पर आधारित कल्याणकारी राज्य (Welfare State) बनाना।
7. अनुच्छेद 44 किससे संबंधित है?
अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) से संबंधित है।
8. अनुच्छेद 48A किससे संबंधित है?
अनुच्छेद 48A पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित है।
9. DPSP और मौलिक अधिकारों में क्या अंतर है?
मौलिक अधिकार नागरिकों को कानूनी अधिकार प्रदान करते हैं और न्यायालय द्वारा लागू किए जा सकते हैं, जबकि DPSP सरकार को नीति निर्माण के लिए दिशा-निर्देश देते हैं और न्यायालय द्वारा लागू नहीं किए जा सकते।
MCQ PRACTICE SET (20 MCQs)
प्रश्न 1. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत (DPSP) संविधान के किस भाग में वर्णित हैं?
A. भाग-II
B. भाग-III
C. भाग-IV
D. भाग-V
सही उत्तर: C. भाग-IV
व्याख्या: राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों का वर्णन भारतीय संविधान के भाग-IV में किया गया है।
प्रश्न 2. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत संविधान के किस अनुच्छेद से किस अनुच्छेद तक वर्णित हैं?
A. अनुच्छेद 12 से 35
B. अनुच्छेद 36 से 51
C. अनुच्छेद 52 से 78
D. अनुच्छेद 79 से 123
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 36 से 51
व्याख्या: DPSP संविधान के अनुच्छेद 36 से 51 तक विस्तृत हैं।
प्रश्न 3. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत किस देश के संविधान से प्रेरित हैं?
A. अमेरिका
B. कनाडा
C. आयरलैंड
D. फ्रांस
सही उत्तर: C. आयरलैंड
व्याख्या: भारतीय संविधान में नीति निदेशक सिद्धांतों की प्रेरणा आयरलैंड के संविधान से ली गई है।
प्रश्न 4. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों को लागू कराने के लिए नागरिक किसकी शरण नहीं ले सकते?
A. संसद
B. राष्ट्रपति
C. न्यायालय
D. राज्यपाल
सही उत्तर: C. न्यायालय
व्याख्या: DPSP न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, इसलिए इनके लिए न्यायालय में दावा नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 5. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. पुलिस व्यवस्था को मजबूत करना
B. कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना
C. संघीय व्यवस्था समाप्त करना
D. न्यायपालिका को समाप्त करना
सही उत्तर: B. कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना
व्याख्या: DPSP का उद्देश्य सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय पर आधारित कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है।
प्रश्न 6. अनुच्छेद 38 किससे संबंधित है?
A. ग्राम पंचायत
B. सामाजिक व्यवस्था की स्थापना
C. पर्यावरण संरक्षण
D. अंतरराष्ट्रीय शांति
सही उत्तर: B. सामाजिक व्यवस्था की स्थापना
व्याख्या: अनुच्छेद 38 राज्य को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय आधारित व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश देता है।
प्रश्न 7. समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 38
B. अनुच्छेद 39(d)
C. अनुच्छेद 40
D. अनुच्छेद 42
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 39(d)
व्याख्या: अनुच्छेद 39(d) पुरुषों और महिलाओं के लिए समान कार्य पर समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
प्रश्न 8. ग्राम पंचायतों के संगठन का उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है?
A. अनुच्छेद 39
B. अनुच्छेद 40
C. अनुच्छेद 41
D. अनुच्छेद 42
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 40
व्याख्या: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन एवं उन्हें स्वशासन की इकाई बनाने का निर्देश देता है।
प्रश्न 9. काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार किस अनुच्छेद से संबंधित है?
A. अनुच्छेद 41
B. अनुच्छेद 42
C. अनुच्छेद 43
D. अनुच्छेद 44
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 41
व्याख्या: अनुच्छेद 41 राज्य को काम, शिक्षा और लोक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश देता है।
प्रश्न 10. मानवीय कार्य दशाओं एवं प्रसूति सहायता का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 40
B. अनुच्छेद 41
C. अनुच्छेद 42
D. अनुच्छेद 43
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 42
व्याख्या: अनुच्छेद 42 श्रमिकों के लिए मानवीय कार्य दशाएँ एवं प्रसूति सहायता सुनिश्चित करने की बात करता है।
प्रश्न 11. निर्वाह मजदूरी एवं कुटीर उद्योगों के प्रोत्साहन का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 43
B. अनुच्छेद 44
C. अनुच्छेद 45
D. अनुच्छेद 46
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 43
व्याख्या: अनुच्छेद 43 श्रमिकों के लिए निर्वाह मजदूरी और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने का निर्देश देता है।
प्रश्न 12. समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) किस अनुच्छेद में वर्णित है?
A. अनुच्छेद 42
B. अनुच्छेद 43
C. अनुच्छेद 44
D. अनुच्छेद 45
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 44
व्याख्या: अनुच्छेद 44 पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है।
प्रश्न 13. अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के हितों की अभिवृद्धि किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 45
B. अनुच्छेद 46
C. अनुच्छेद 47
D. अनुच्छेद 48
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 46
व्याख्या: अनुच्छेद 46 SC, ST तथा कमजोर वर्गों के शैक्षणिक एवं आर्थिक हितों की उन्नति से संबंधित है।
प्रश्न 14. पोषण स्तर एवं लोक स्वास्थ्य सुधार का दायित्व किस अनुच्छेद में दिया गया है?
A. अनुच्छेद 46
B. अनुच्छेद 47
C. अनुच्छेद 48
D. अनुच्छेद 49
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 47
व्याख्या: अनुच्छेद 47 राज्य को पोषण स्तर बढ़ाने और लोक स्वास्थ्य सुधारने का निर्देश देता है।
प्रश्न 15. कृषि एवं पशुपालन के संगठन से संबंधित अनुच्छेद कौन-सा है?
A. अनुच्छेद 47
B. अनुच्छेद 48
C. अनुच्छेद 49
D. अनुच्छेद 50
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 48
व्याख्या: अनुच्छेद 48 कृषि एवं पशुपालन के वैज्ञानिक संगठन का निर्देश देता है।
प्रश्न 16. पर्यावरण संरक्षण एवं वन्य जीवों की रक्षा किस अनुच्छेद में वर्णित है?
A. अनुच्छेद 48
B. अनुच्छेद 48A
C. अनुच्छेद 49
D. अनुच्छेद 50
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 48A
व्याख्या: अनुच्छेद 48A राज्य को पर्यावरण, वन एवं वन्यजीवों की रक्षा करने का निर्देश देता है।
प्रश्न 17. राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों एवं वस्तुओं के संरक्षण का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 48A
B. अनुच्छेद 49
C. अनुच्छेद 50
D. अनुच्छेद 51
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 49
व्याख्या: अनुच्छेद 49 राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से संबंधित है।
प्रश्न 18. कार्यपालिका एवं न्यायपालिका के पृथक्करण का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 48A
B. अनुच्छेद 49
C. अनुच्छेद 50
D. अनुच्छेद 51
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 50
व्याख्या: अनुच्छेद 50 न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक रखने का निर्देश देता है।
प्रश्न 19. अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की अभिवृद्धि किस अनुच्छेद से संबंधित है?
A. अनुच्छेद 49
B. अनुच्छेद 50
C. अनुच्छेद 51
D. अनुच्छेद 52
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 51
व्याख्या: अनुच्छेद 51 अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देता है।
प्रश्न 20. निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद 42वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया था?
A. अनुच्छेद 39A
B. अनुच्छेद 43A
C. अनुच्छेद 48A
D. उपर्युक्त सभी
सही उत्तर: D. उपर्युक्त सभी
व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन, 1976 द्वारा अनुच्छेद 39A, 43A तथा 48A को DPSP में जोड़ा गया था।
PREVIOUS YEAR QUESTIONS (PYQ)
PYQ 1. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत किस देश के संविधान से प्रेरित हैं?
Exam Name: SSC CGL
A. अमेरिका
B. आयरलैंड
C. फ्रांस
D. रूस
सही उत्तर: B. आयरलैंड
व्याख्या: भारतीय संविधान में DPSP की अवधारणा आयरलैंड के संविधान से ली गई है।
PYQ 2. राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत संविधान के किस भाग में वर्णित हैं?
Exam Name: RRB NTPC
A. भाग-II
B. भाग-III
C. भाग-IV
D. भाग-V
सही उत्तर: C. भाग-IV
व्याख्या: DPSP संविधान के भाग-IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक वर्णित हैं।
PYQ 3. समान नागरिक संहिता का उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है?
Exam Name: SSC CHSL
A. अनुच्छेद 43
B. अनुच्छेद 44
C. अनुच्छेद 45
D. अनुच्छेद 46
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 44
व्याख्या: अनुच्छेद 44 पूरे भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्देश देता है।
PYQ 4. पर्यावरण संरक्षण का प्रावधान किस अनुच्छेद में किया गया है?
Exam Name: UP Police
A. अनुच्छेद 47
B. अनुच्छेद 48
C. अनुच्छेद 48A
D. अनुच्छेद 49
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 48A
व्याख्या: अनुच्छेद 48A पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित है।
PYQ 5. कार्यपालिका और न्यायपालिका के पृथक्करण का निर्देश किस अनुच्छेद में दिया गया है?
Exam Name: Rajasthan CET
A. अनुच्छेद 48A
B. अनुच्छेद 49
C. अनुच्छेद 50
D. अनुच्छेद 51
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 50
व्याख्या: अनुच्छेद 50 न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग रखने का निर्देश देता है।
PYQ 6. ग्राम पंचायतों के संगठन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
Exam Name: REET
A. अनुच्छेद 39
B. अनुच्छेद 40
C. अनुच्छेद 41
D. अनुच्छेद 42
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 40
व्याख्या: अनुच्छेद 40 ग्राम पंचायतों के संगठन और स्वशासन से संबंधित है।
PYQ 7. समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत किस अनुच्छेद में निहित है?
Exam Name: SSC GD
A. अनुच्छेद 38
B. अनुच्छेद 39(d)
C. अनुच्छेद 42
D. अनुच्छेद 43
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 39(d)
व्याख्या: अनुच्छेद 39(d) पुरुषों एवं महिलाओं के लिए समान कार्य पर समान वेतन सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
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