एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| संशोधन संख्या | 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम |
| वर्ष | 1976 |
| लागू | 3 जनवरी 1977 (अधिकांश प्रावधान) |
| तत्कालीन प्रधानमंत्री | इंदिरा गांधी |
| प्रसिद्ध नाम | Mini Constitution (लघु संविधान) |
| मुख्य उद्देश्य | संविधान में व्यापक परिवर्तन करना |
| सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन | मौलिक कर्तव्य जोड़ना |
| प्रभावित भाग | प्रस्तावना, संसद, न्यायपालिका, DPSP, मौलिक अधिकार, केंद्र-राज्य संबंध आदि |
42वें संविधान संशोधन को Mini Constitution क्यों कहा जाता है?
42वाँ संविधान संशोधन (1976) भारतीय संविधान का सबसे व्यापक संशोधन था। इसके द्वारा संविधान के अनेक भागों, अनुच्छेदों तथा अनुसूचियों में बड़े पैमाने पर परिवर्तन किए गए तथा मौलिक कर्तव्यों (Part IVA) को जोड़ा गया। इसी कारण इसे Mini Constitution (लघु संविधान) कहा जाता है।
42वाँ संविधान संशोधन क्या है?
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 भारतीय संविधान का सबसे व्यापक एवं महत्वपूर्ण संशोधन माना जाता है। इस संशोधन द्वारा संविधान के अनेक प्रावधानों में परिवर्तन किए गए, कुछ नए प्रावधान जोड़े गए तथा केंद्र सरकार की शक्तियों को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया गया।
यह संशोधन विशेष रूप से इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि—
- संविधान की प्रस्तावना में महत्वपूर्ण शब्द जोड़े गए।
- नागरिकों के मौलिक कर्तव्य पहली बार संविधान में शामिल किए गए।
- राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) को अधिक महत्व देने का प्रयास किया गया।
- संसद और न्यायपालिका के अधिकारों में बदलाव किए गए।
- केंद्र और राज्यों के संबंधों में परिवर्तन किए गए।
सरकारी परीक्षाओं में 42वाँ संशोधन, 44वाँ संशोधन और मौलिक कर्तव्य से संबंधित प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछे जाते हैं।
42वें संविधान संशोधन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1975 में देश में आपातकाल (Emergency) लागू था। उस समय केंद्र सरकार ने यह महसूस किया कि संविधान के कुछ प्रावधानों में बदलाव कर शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) का गठन किया गया।
समिति की कई सिफारिशों के आधार पर संसद ने वर्ष 1976 में 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया।
यह संशोधन भारतीय संविधान के इतिहास का सबसे बड़ा संशोधन माना जाता है क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में अनुच्छेदों एवं विभिन्न भागों में परिवर्तन किए गए।
42वें संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
उस समय सरकार के अनुसार संविधान में निम्न सुधारों की आवश्यकता थी—
- शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना।
- सामाजिक एवं आर्थिक न्याय को मजबूत करना।
- केंद्र सरकार को अधिक शक्तिशाली बनाना।
- न्यायपालिका एवं संसद के बीच शक्तियों का संतुलन स्थापित करना।
- नागरिकों के अधिकारों के साथ उनके कर्तव्यों को भी संविधान में शामिल करना।
- नीति निदेशक तत्वों को अधिक प्रभावी बनाना।
हालाँकि बाद में इन प्रावधानों में से कई की आलोचना भी हुई और 43वें तथा 44वें संविधान संशोधन द्वारा कई बदलाव वापस ले लिए गए।
इसे Mini Constitution क्यों कहा जाता है ?
42वाँ संविधान संशोधन भारतीय संविधान के इतिहास का सबसे व्यापक संशोधन था।
इसे Mini Constitution कहे जाने के प्रमुख कारण—
- संविधान के अनेक भागों में संशोधन किया गया।
- 50 से अधिक अनुच्छेद प्रभावित हुए।
- कई नए अनुच्छेद जोड़े गए।
- प्रस्तावना में परिवर्तन किया गया।
- Part IVA (मौलिक कर्तव्य) जोड़ा गया।
- संसद एवं न्यायपालिका की शक्तियों में परिवर्तन किए गए।
- केंद्र-राज्य संबंधों को प्रभावित किया गया।
- कई नई व्यवस्थाएँ लागू की गईं।
इसी व्यापकता के कारण इसे “Mini Constitution of India” कहा जाता है।
42वें संविधान संशोधन से पहले और बाद की स्थिति
| विषय | संशोधन से पहले | संशोधन के बाद |
|---|---|---|
| प्रस्तावना | Sovereign Democratic Republic | Sovereign Socialist Secular Democratic Republic |
| राष्ट्रीय एकता | Integrity शब्द नहीं था | Integrity जोड़ा गया |
| मौलिक कर्तव्य | उपलब्ध नहीं थे | Part IVA जोड़ा गया |
| DPSP | सीमित महत्व | अधिक महत्व देने का प्रयास |
| संसद की शक्ति | सीमित | अधिक व्यापक बनाने का प्रयास |
42वें संविधान संशोधन से जुड़े प्रमुख तथ्य
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| वर्ष | 1976 |
| लोकप्रिय नाम | Mini Constitution |
| समिति | स्वर्ण सिंह समिति |
| सबसे प्रसिद्ध प्रावधान | मौलिक कर्तव्य |
| प्रस्तावना में जोड़े गए शब्द | समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता |
42वें संविधान संशोधन के प्रमुख प्रावधान
42वाँ संविधान संशोधन भारतीय संविधान का सबसे व्यापक संशोधन था। इस संशोधन द्वारा संविधान के अनेक भागों, अनुच्छेदों और अनुसूचियों में परिवर्तन किए गए। नीचे इसके प्रमुख प्रावधान परीक्षा की दृष्टि से दिए गए हैं।
प्रस्तावना (Preamble) में किए गए परिवर्तन
42वें संविधान संशोधन द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना में तीन महत्वपूर्ण शब्द जोड़े गए।
| पहले | संशोधन के बाद |
|---|---|
| Sovereign Democratic Republic | Sovereign Socialist Secular Democratic Republic |
| Unity of the Nation | Unity and Integrity of the Nation |
जोड़े गए तीन शब्द
1. समाजवादी (Socialist)
इसका अर्थ है कि राज्य सामाजिक एवं आर्थिक समानता स्थापित करने का प्रयास करेगा।
2. पंथनिरपेक्ष (Secular)
भारत का कोई राजकीय धर्म नहीं होगा तथा सभी धर्मों को समान सम्मान मिलेगा।
3. अखंडता (Integrity)
देश की एकता, संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना।
Exam Trick:
42 = 3 नए शब्द
Socialist + Secular + Integrity
संविधान में नया भाग (Part IVA) जोड़ा गया
42वें संविधान संशोधन का सबसे प्रसिद्ध प्रावधान Part IVA जोड़ना था।
इस भाग में नागरिकों के मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) शामिल किए गए।
| भाग | विषय |
|---|---|
| Part IVA | Fundamental Duties (मौलिक कर्तव्य) |
| अनुच्छेद | 51A |
शुरुआत में 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे।
बाद में 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा 11वाँ कर्तव्य जोड़ा गया।
मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)
अनुच्छेद 51A के अंतर्गत नागरिकों के लिए निम्न प्रमुख कर्तव्य निर्धारित किए गए—
- संविधान का पालन करना।
- राष्ट्रीय ध्वज एवं राष्ट्रगान का सम्मान करना।
- देश की संप्रभुता एवं अखंडता की रक्षा करना।
- देश की रक्षा करना।
- राष्ट्रीय एकता एवं भाईचारे को बढ़ावा देना।
- महिलाओं का सम्मान करना।
- सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना।
- पर्यावरण की सुरक्षा करना।
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना।
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना।
- उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करना।
Exam Point:
मौलिक कर्तव्य = अनुच्छेद 51A = 42वाँ संशोधन
राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) में परिवर्तन
42वें संशोधन द्वारा राज्य के नीति निदेशक तत्वों को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया।
इस संशोधन द्वारा तीन नए नीति निदेशक तत्व जोड़े गए।
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 39A | समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता |
| 43A | उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी |
| 48A | पर्यावरण एवं वन संरक्षण |
इनका महत्व
- गरीबों को न्याय उपलब्ध कराना।
- श्रमिकों को उद्योग प्रबंधन में भागीदारी देना।
- पर्यावरण संरक्षण को संवैधानिक महत्व देना।
मौलिक अधिकार एवं DPSP के संबंध में परिवर्तन
42वें संशोधन द्वारा सरकार ने यह व्यवस्था करने का प्रयास किया कि—
यदि कोई कानून राज्य के नीति निदेशक तत्वों को लागू करने के उद्देश्य से बनाया गया है, तो उसे मौलिक अधिकारों के आधार पर आसानी से चुनौती नहीं दी जा सके।
हालाँकि बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने इस विषय पर महत्वपूर्ण निर्णय दिए और 44वें संशोधन सहित अन्य संशोधनों द्वारा कई प्रावधानों में परिवर्तन हुआ।
संसद की शक्तियों में वृद्धि
42वें संविधान संशोधन द्वारा संसद की शक्तियों को बढ़ाने का प्रयास किया गया।
मुख्य परिवर्तन—
- संविधान संशोधन करने की संसद की शक्ति को और मजबूत बनाया गया।
- न्यायालयों द्वारा संविधान संशोधनों की समीक्षा पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया गया।
- संसद के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने की कोशिश की गई।
न्यायपालिका से संबंधित परिवर्तन
42वें संशोधन के दौरान न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित करने का प्रयास किया गया।
मुख्य परिवर्तन—
- न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) को सीमित करने का प्रयास।
- कुछ मामलों में सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के अधिकारों में कमी लाने का प्रयास।
- संसद के बनाए गए कानूनों को चुनौती देना कठिन बनाने की कोशिश।
बाद में मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (1980) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने इन प्रावधानों के कुछ हिस्सों को असंवैधानिक घोषित कर दिया।
लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल
42वें संविधान संशोधन द्वारा—
| संस्था | पहले | संशोधन के बाद |
|---|---|---|
| लोकसभा | 5 वर्ष | 6 वर्ष |
| राज्य विधानसभा | 5 वर्ष | 6 वर्ष |
महत्वपूर्ण:
बाद में 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा पुनः कार्यकाल 5 वर्ष कर दिया गया।
प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Administrative Tribunals)
42वें संशोधन द्वारा प्रशासनिक विवादों के त्वरित समाधान के लिए प्रशासनिक न्यायाधिकरणों की व्यवस्था की गई।
नया अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 323A | Administrative Tribunals |
| 323B | अन्य विशेष न्यायाधिकरण |
इनका उद्देश्य सामान्य न्यायालयों पर भार कम करना था।
शिक्षा को समवर्ती सूची (Concurrent List) में स्थानांतरित किया गया
42वें संशोधन से पहले शिक्षा राज्य सूची में थी।
इस संशोधन के बाद—
| पहले | बाद में |
|---|---|
| राज्य सूची | समवर्ती सूची |
इससे केंद्र एवं राज्य दोनों शिक्षा से संबंधित कानून बना सकते हैं।
वन एवं पर्यावरण से संबंधित परिवर्तन
42वें संशोधन द्वारा—
- वन (Forests)
- वन्यजीव संरक्षण (Protection of Wild Animals & Birds)
को भी समवर्ती सूची में शामिल किया गया।
इसका उद्देश्य पूरे देश में एक समान संरक्षण नीति लागू करना था।
संविधान के किन-किन भागों में परिवर्तन हुआ?
| क्षेत्र | परिवर्तन |
|---|---|
| प्रस्तावना | 3 नए शब्द जोड़े गए |
| मौलिक अधिकार | कई प्रावधानों में संशोधन |
| नीति निदेशक तत्व | नए अनुच्छेद जोड़े गए |
| मौलिक कर्तव्य | पहली बार जोड़े गए |
| संसद | शक्तियों में वृद्धि |
| न्यायपालिका | न्यायिक समीक्षा सीमित करने का प्रयास |
| केंद्र-राज्य संबंध | केंद्र को अधिक शक्तियाँ |
| शिक्षा | समवर्ती सूची में |
| पर्यावरण | संवैधानिक संरक्षण |
| न्यायाधिकरण | नए प्रावधान |
42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए प्रमुख अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 39A | समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता |
| 43A | श्रमिकों की भागीदारी |
| 48A | पर्यावरण संरक्षण |
| 51A | मौलिक कर्तव्य |
| 323A | प्रशासनिक न्यायाधिकरण |
| 323B | अन्य न्यायाधिकरण |
परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य
✅ 42वाँ संविधान संशोधन वर्ष 1976 में हुआ।
✅ इसे Mini Constitution कहा जाता है।
✅ प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।
✅ Part IVA जोड़ा गया।
✅ अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्य जोड़े गए।
✅ प्रारंभ में 10 मौलिक कर्तव्य थे।
✅ 39A, 43A और 48A नए नीति निदेशक तत्व जोड़े गए।
✅ 323A एवं 323B के अंतर्गत न्यायाधिकरणों की व्यवस्था की गई।
✅ शिक्षा, वन एवं वन्यजीव संरक्षण को समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया।
✅ लोकसभा एवं विधानसभा का कार्यकाल 5 से 6 वर्ष किया गया, जिसे बाद में 44वें संशोधन द्वारा पुनः 5 वर्ष कर दिया गया।
42वें संविधान संशोधन के लाभ (Advantages)
42वाँ संविधान संशोधन केवल विवादों के कारण ही नहीं, बल्कि कुछ महत्वपूर्ण सकारात्मक सुधारों के कारण भी जाना जाता है। इसके कई प्रावधान आज भी भारतीय संविधान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
1. मौलिक कर्तव्यों का समावेश
पहली बार नागरिकों के अधिकारों के साथ-साथ उनके कर्तव्यों को भी संविधान में स्थान दिया गया।
इससे नागरिकों में—
- राष्ट्रीय एकता
- संविधान के प्रति सम्मान
- पर्यावरण संरक्षण
- सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा
- वैज्ञानिक सोच
जैसी जिम्मेदारियों को बढ़ावा मिला।
2. पर्यावरण संरक्षण को संवैधानिक महत्व
अनुच्छेद 48A के माध्यम से राज्य को पर्यावरण, वन एवं वन्यजीवों की रक्षा का दायित्व दिया गया।
आज पर्यावरण संबंधी अनेक नीतियों का संवैधानिक आधार यही प्रावधान है।
3. गरीबों को न्याय दिलाने की व्यवस्था
अनुच्छेद 39A के अंतर्गत सभी नागरिकों के लिए समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान किया गया।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए न्याय प्राप्त करना आसान हुआ।
4. श्रमिकों की भागीदारी
अनुच्छेद 43A के अनुसार उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।
5. राष्ट्रीय एकता को बल
प्रस्तावना में Integrity (अखंडता) शब्द जोड़कर देश की एकता एवं अखंडता को संवैधानिक महत्व दिया गया।
42वें संविधान संशोधन की आलोचना (Criticism)
हालाँकि 42वाँ संशोधन कई सकारात्मक बदलाव लेकर आया, लेकिन इसकी व्यापक आलोचना भी हुई।
प्रमुख आलोचनाएँ
- संसद की शक्तियों को अत्यधिक बढ़ाने का प्रयास।
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता को सीमित करने का प्रयास।
- न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) को कमजोर करना।
- केंद्र सरकार को राज्यों की तुलना में अधिक शक्तिशाली बनाना।
- आपातकाल के दौरान पारित होने के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्न उठे।
इन्हीं कारणों से बाद में 43वें एवं 44वें संविधान संशोधन द्वारा कई प्रावधानों में बदलाव किए गए।
मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ (Minerva Mills Case, 1980)
42वें संविधान संशोधन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय Minerva Mills v. Union of India (1980) है।
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि—
- संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) को समाप्त नहीं किया जा सकता।
- संसद की संशोधन शक्ति असीमित नहीं है।
- मौलिक अधिकार और राज्य के नीति निदेशक तत्व दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
- न्यायिक पुनरावलोकन संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है।
परीक्षा में महत्वपूर्ण
| मामला | महत्व |
|---|---|
| Minerva Mills Case (1980) | 42वें संशोधन के कई प्रावधान निरस्त किए गए |
| सिद्धांत | Basic Structure Doctrine को मजबूत किया गया |
43वाँ एवं 44वाँ संविधान संशोधन का प्रभाव
42वें संशोधन के बाद नई सरकार बनने पर कई विवादित प्रावधानों को वापस लिया गया।
43वाँ संविधान संशोधन (1977)
- न्यायपालिका की कुछ शक्तियाँ पुनः बहाल की गईं।
- न्यायिक समीक्षा से संबंधित प्रतिबंध हटाए गए।
44वाँ संविधान संशोधन (1978)
- लोकसभा एवं विधानसभा का कार्यकाल फिर से 6 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष किया गया।
- आपातकाल संबंधी प्रावधानों में सुधार किया गया।
- नागरिक स्वतंत्रताओं को अधिक संरक्षण दिया गया।
42वाँ, 43वाँ एवं 44वाँ संशोधन : तुलना
| विषय | 42वाँ संशोधन | 43वाँ संशोधन | 44वाँ संशोधन |
|---|---|---|---|
| वर्ष | 1976 | 1977 | 1978 |
| उद्देश्य | व्यापक संशोधन | न्यायपालिका की शक्तियाँ बहाल | लोकतांत्रिक सुधार |
| कार्यकाल | 6 वर्ष | कोई परिवर्तन नहीं | पुनः 5 वर्ष |
| न्यायपालिका | शक्तियाँ सीमित | शक्तियाँ बहाल | और मजबूत |
| लोकप्रिय नाम | Mini Constitution | — | Democracy Restoration Amendment (अनौपचारिक) |
42वें संशोधन एवं 44वें संशोधन में अंतर
| आधार | 42वाँ संशोधन | 44वाँ संशोधन |
|---|---|---|
| समय | आपातकाल के दौरान | आपातकाल के बाद |
| सरकार | इंदिरा गांधी | मोरारजी देसाई |
| लोकसभा कार्यकाल | 6 वर्ष | पुनः 5 वर्ष |
| न्यायपालिका | सीमित करने का प्रयास | स्वतंत्रता बहाल |
| उद्देश्य | केंद्र की शक्तियाँ बढ़ाना | लोकतांत्रिक संतुलन स्थापित करना |
महत्वपूर्ण अनुच्छेद एक साथ
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 39A | समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता |
| 43A | श्रमिकों की भागीदारी |
| 48A | पर्यावरण संरक्षण |
| 51A | मौलिक कर्तव्य |
| 323A | प्रशासनिक न्यायाधिकरण |
| 323B | अन्य न्यायाधिकरण |
Quick Revision Notes
- 42वाँ संविधान संशोधन 1976 में पारित हुआ।
- इसे Mini Constitution कहा जाता है।
- स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर आधारित था।
- प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़े गए।
- Part IVA जोड़ा गया।
- अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्य जोड़े गए।
- प्रारंभ में 10 मौलिक कर्तव्य थे।
- 39A, 43A एवं 48A नए नीति निदेशक तत्व जोड़े गए।
- 323A एवं 323B द्वारा न्यायाधिकरणों की व्यवस्था की गई।
- शिक्षा, वन एवं वन्यजीव संरक्षण को समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया।
- लोकसभा एवं विधानसभा का कार्यकाल 5 से 6 वर्ष किया गया।
- 44वें संशोधन द्वारा पुनः 5 वर्ष कर दिया गया।
- Minerva Mills Case (1980) इस संशोधन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है।
- Basic Structure Doctrine को सर्वोच्च न्यायालय ने पुनः मजबूत किया।
Exam Booster Facts
✅ भारतीय संविधान का सबसे व्यापक संशोधन 42वाँ संशोधन है।
✅ Mini Constitution नाम सबसे अधिक SSC एवं UPSC परीक्षाओं में पूछा जाता है।
✅ मौलिक कर्तव्य = 42वाँ संशोधन = अनुच्छेद 51A (यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है।)
✅ प्रस्तावना में केवल तीन शब्द जोड़े गए—
- समाजवादी
- पंथनिरपेक्ष
- अखंडता
✅ 39A, 43A और 48A — तीनों 42वें संशोधन से जुड़े महत्वपूर्ण अनुच्छेद हैं।
✅ Minerva Mills Case (1980) और Kesavananda Bharati Case (1973) को साथ में याद रखें। दोनों Basic Structure Doctrine से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय हैं।

MCQ Practice Set (42वाँ संविधान संशोधन)
प्रश्न 1. 42वें संविधान संशोधन को किस नाम से जाना जाता है?
A. Magna Carta
B. Mini Constitution
C. People’s Constitution
D. National Constitution
उत्तर: B. Mini Constitution
व्याख्या: 42वाँ संविधान संशोधन (1976) भारतीय संविधान का सबसे व्यापक संशोधन था, इसलिए इसे Mini Constitution कहा जाता है।
प्रश्न 2. 42वाँ संविधान संशोधन किस वर्ष पारित किया गया?
A. 1975
B. 1976
C. 1977
D. 1978
उत्तर: B. 1976
व्याख्या: 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1976 में पारित किया गया था।
प्रश्न 3. 42वें संविधान संशोधन के समय भारत के प्रधानमंत्री कौन थे?
A. मोरारजी देसाई
B. राजीव गांधी
C. इंदिरा गांधी
D. लाल बहादुर शास्त्री
उत्तर: C. इंदिरा गांधी
व्याख्या: यह संशोधन इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में पारित हुआ।
प्रश्न 4. 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान के किस भाग को जोड़ा गया?
A. Part III
B. Part IVA
C. Part IX
D. Part X
उत्तर: B. Part IVA
व्याख्या: Part IVA के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा गया।
प्रश्न 5. मौलिक कर्तव्य संविधान में किस अनुच्छेद के अंतर्गत हैं?
A. अनुच्छेद 48A
B. अनुच्छेद 39A
C. अनुच्छेद 51A
D. अनुच्छेद 323A
उत्तर: C. अनुच्छेद 51A
व्याख्या: अनुच्छेद 51A नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों से संबंधित है।
प्रश्न 6. प्रारंभ में संविधान में कितने मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे?
A. 8
B. 9
C. 10
D. 11
उत्तर: C. 10
व्याख्या: 42वें संशोधन द्वारा 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए थे। 11वाँ कर्तव्य 86वें संशोधन से जोड़ा गया।
प्रश्न 7. प्रस्तावना में निम्न में से कौन-सा शब्द 42वें संशोधन द्वारा नहीं जोड़ा गया?
A. समाजवादी
B. पंथनिरपेक्ष
C. अखंडता
D. गणराज्य
उत्तर: D. गणराज्य
व्याख्या: गणराज्य पहले से ही प्रस्तावना का हिस्सा था।
प्रश्न 8. 42वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 39A किससे संबंधित है?
A. पर्यावरण संरक्षण
B. निःशुल्क विधिक सहायता
C. मौलिक कर्तव्य
D. पंचायत
उत्तर: B. निःशुल्क विधिक सहायता
व्याख्या: अनुच्छेद 39A समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित है।
प्रश्न 9. अनुच्छेद 48A किससे संबंधित है?
A. चुनाव आयोग
B. वन एवं पर्यावरण संरक्षण
C. संसद
D. नागरिकता
उत्तर: B. वन एवं पर्यावरण संरक्षण
व्याख्या: 48A राज्य को पर्यावरण एवं वन संरक्षण का निर्देश देता है।
प्रश्न 10. अनुच्छेद 43A किससे संबंधित है?
A. पंचायत
B. श्रमिकों की भागीदारी
C. नागरिकता
D. न्यायपालिका
उत्तर: B. श्रमिकों की भागीदारी
व्याख्या: उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु यह अनुच्छेद जोड़ा गया।
प्रश्न 11. 42वें संशोधन द्वारा लोकसभा का कार्यकाल कितना किया गया?
A. 4 वर्ष
B. 5 वर्ष
C. 6 वर्ष
D. 7 वर्ष
उत्तर: C. 6 वर्ष
व्याख्या: बाद में 44वें संशोधन द्वारा इसे पुनः 5 वर्ष कर दिया गया।
प्रश्न 12. शिक्षा को किस सूची में स्थानांतरित किया गया?
A. संघ सूची
B. राज्य सूची
C. समवर्ती सूची
D. अवशिष्ट सूची
उत्तर: C. समवर्ती सूची
व्याख्या: 42वें संशोधन द्वारा शिक्षा को समवर्ती सूची में लाया गया।
प्रश्न 13. 42वें संशोधन द्वारा निम्न में से कौन समवर्ती सूची में लाया गया?
A. वन
B. वन्यजीव संरक्षण
C. शिक्षा
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
व्याख्या: शिक्षा, वन और वन्यजीव संरक्षण तीनों को समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया।
प्रश्न 14. 42वें संशोधन की सिफारिश किस समिति ने की थी?
A. सरकारिया समिति
B. स्वर्ण सिंह समिति
C. बलवंत राय मेहता समिति
D. कोठारी समिति
उत्तर: B. स्वर्ण सिंह समिति
व्याख्या: स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर संशोधन लाया गया।
प्रश्न 15. 42वें संशोधन से संबंधित प्रसिद्ध न्यायिक निर्णय कौन-सा है?
A. गोलकनाथ मामला
B. मिनर्वा मिल्स मामला
C. एस.आर. बोम्मई मामला
D. शंकर प्रसाद मामला
उत्तर: B. मिनर्वा मिल्स मामला
व्याख्या: 1980 के Minerva Mills मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 42वें संशोधन के कुछ प्रावधान निरस्त किए।
प्रश्न 16. Minerva Mills निर्णय किस वर्ष दिया गया?
A. 1978
B. 1979
C. 1980
D. 1981
उत्तर: C. 1980
व्याख्या: यह निर्णय संविधान की मूल संरचना के सिद्धांत को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण फैसला था।
प्रश्न 17. 42वें संशोधन के बाद लोकसभा का कार्यकाल पुनः 5 वर्ष किस संशोधन द्वारा किया गया?
A. 43वाँ
B. 44वाँ
C. 52वाँ
D. 61वाँ
उत्तर: B. 44वाँ
व्याख्या: 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा कार्यकाल पुनः 5 वर्ष किया गया।
प्रश्न 18. 42वें संशोधन द्वारा कौन-सा नया भाग जोड़ा गया?
A. Part II
B. Part IVA
C. Part VII
D. Part IX
उत्तर: B. Part IVA
व्याख्या: Part IVA में मौलिक कर्तव्य सम्मिलित किए गए।
प्रश्न 19. 42वें संविधान संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या माना जाता है?
A. राष्ट्रपति का चुनाव
B. मौलिक कर्तव्यों का समावेश
C. निर्वाचन आयोग की स्थापना
D. वित्त आयोग की स्थापना
उत्तर: B. मौलिक कर्तव्यों का समावेश
व्याख्या: यही इस संशोधन की सबसे प्रसिद्ध उपलब्धि मानी जाती है।
प्रश्न 20. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
A. 42वाँ संशोधन 1950 में हुआ।
B. इसे Mini Constitution कहा जाता है।
C. इससे मौलिक अधिकार समाप्त हो गए।
D. इससे संविधान की प्रस्तावना नहीं बदली।
उत्तर: B. इसे Mini Constitution कहा जाता है।
व्याख्या: 42वाँ संशोधन 1976 में हुआ तथा इसे Mini Constitution कहा जाता है।
Previous Year Questions (PYQs)
PYQ 1. भारतीय संविधान का “Mini Constitution” किस संविधान संशोधन को कहा जाता है?
परीक्षा: SSC CGL (बार-बार पूछी जाने वाली अवधारणा)
उत्तर: 42वाँ संविधान संशोधन (1976)
व्याख्या: यह भारतीय संविधान का सबसे व्यापक संशोधन था, इसलिए इसे Mini Constitution कहा जाता है।
PYQ 2. मौलिक कर्तव्यों को भारतीय संविधान में किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
परीक्षा: UPSC Prelims / State PSC
उत्तर: 42वाँ संविधान संशोधन
व्याख्या: अनुच्छेद 51A एवं Part IVA 42वें संशोधन द्वारा जोड़े गए।
PYQ 3. भारतीय संविधान की प्रस्तावना में “समाजवादी”, “पंथनिरपेक्ष” एवं “अखंडता” शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?
परीक्षा: SSC CHSL / Railway
उत्तर: 42वाँ संविधान संशोधन
व्याख्या: 1976 में प्रस्तावना में ये तीनों शब्द जोड़े गए।
PYQ 4. 42वें संविधान संशोधन की सिफारिश किस समिति ने की थी?
परीक्षा: State PSC
उत्तर: स्वर्ण सिंह समिति
व्याख्या: सरकार ने स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के आधार पर संशोधन लाया।
PYQ 5. Minerva Mills बनाम भारत संघ (1980) निर्णय किस संविधान संशोधन से संबंधित है?
परीक्षा: UPSC / Judiciary / State PSC
उत्तर: 42वाँ संविधान संशोधन
व्याख्या: इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने संसद की संशोधन शक्ति पर Basic Structure Doctrine लागू करते हुए 42वें संशोधन के कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित किया।
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42वाँ संविधान संशोधन क्या है?
2वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 भारतीय संविधान का सबसे व्यापक संशोधन माना जाता है। इसके द्वारा संविधान की प्रस्तावना, मौलिक कर्तव्य, राज्य के नीति निदेशक तत्व, संसद, न्यायपालिका तथा कई अन्य प्रावधानों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए। इसी कारण इसे Mini Constitution कहा जाता है।
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42वें संविधान संशोधन को Mini Constitution क्यों कहा जाता है?
इसे Mini Constitution इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस संशोधन द्वारा संविधान के अनेक भागों, अनुच्छेदों और अनुसूचियों में व्यापक परिवर्तन किए गए। यह भारतीय संविधान के इतिहास का सबसे बड़ा संशोधन माना जाता है।
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42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में कौन-कौन से शब्द जोड़े गए?
42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में निम्न तीन शब्द जोड़े गए—
समाजवादी (Socialist)
पंथनिरपेक्ष (Secular)
अखंडता (Integrity) -
मौलिक कर्तव्य किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए?
मौलिक कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए। इन्हें संविधान के Part IVA तथा अनुच्छेद 51A में शामिल किया गया।
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42वें संविधान संशोधन की सिफारिश किस समिति ने की थी?
42वें संविधान संशोधन की सिफारिश स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) ने की थी।
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42वें संविधान संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान क्या था?
इस संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ना तथा प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द जोड़ना था।
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42वें संविधान संशोधन से कौन-कौन से नए अनुच्छेद जुड़े?
मुख्य नए अनुच्छेद—
अनुच्छेद 39A
अनुच्छेद 43A
अनुच्छेद 48A
अनुच्छेद 51A
अनुच्छेद 323A
अनुच्छेद 323B -
42वें संविधान संशोधन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण न्यायालय निर्णय कौन-सा है?
Minerva Mills v. Union of India (1980) इस संशोधन से संबंधित सबसे महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने संसद की संशोधन शक्ति पर Basic Structure Doctrine लागू करते हुए कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित किया।
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