नगर पालिका (74वाँ संविधान संशोधन) Notes PDF, MCQ एवं PYQ हिंदी

नगर पालिका (74वाँ संविधान संशोधन): Notes, MCQ, PYQ एवं सम्पूर्ण जानकारी

Table of Contents

📌 एक नजर में

बिंदुजानकारी
विषयनगर पालिका (Municipality)
संबंधित संशोधन74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
संवैधानिक दर्जा1 जून 1993 से लागू
संविधान का भागभाग IX-A
संबंधित अनुच्छेदअनुच्छेद 243P से 243ZG
संबंधित अनुसूचीबारहवीं (12वीं) अनुसूची
स्थानीय स्वशासनशहरी स्थानीय स्वशासन
मुख्य उद्देश्यशहरों में स्थानीय प्रशासन एवं विकास

संक्षिप्त परिचय

भारत में बढ़ते शहरीकरण के कारण शहरों के प्रशासन, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए एक प्रभावी स्थानीय शासन व्यवस्था की आवश्यकता महसूस हुई। इसी उद्देश्य से 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से नगर पालिकाओं (Urban Local Bodies) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।

नगर पालिका शहरी क्षेत्रों में कार्य करने वाली स्थानीय स्वशासन संस्था है, जो सड़क, जलापूर्ति, सफाई, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शहरी नियोजन, पार्क, बाजार, भवन निर्माण अनुमति तथा अन्य नागरिक सेवाओं का संचालन करती है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में 74वाँ संविधान संशोधन, अनुच्छेद 243P से 243ZG, बारहवीं अनुसूची, नगर पंचायत, नगर परिषद एवं नगर निगम से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।


नगर पालिका क्या है?

नगर पालिका (Municipality) शहरी क्षेत्रों में स्थापित एक स्थानीय स्वशासन संस्था (Urban Local Government) है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को आवश्यक सार्वजनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना तथा स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रशासन को मजबूत बनाना है।

सरल शब्दों में, जिस प्रकार गाँवों में पंचायती राज संस्थाएँ कार्य करती हैं, उसी प्रकार शहरों में नगर पालिका स्थानीय प्रशासन का कार्य करती है।

नगर पालिका की आवश्यकता क्यों पड़ी?

भारत में तेजी से बढ़ती जनसंख्या एवं शहरीकरण के कारण नगरों की समस्याएँ भी बढ़ने लगीं। जैसे—

  • स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
  • सफाई एवं कचरा प्रबंधन
  • सड़क एवं नालियों का निर्माण
  • स्ट्रीट लाइट
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ
  • पार्क एवं सार्वजनिक स्थानों का रख-रखाव
  • भवन निर्माण की अनुमति
  • शहरी विकास एवं नियोजन

इन सभी कार्यों को स्थानीय स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए नगर पालिकाओं की व्यवस्था की गई।


74वाँ संविधान संशोधन क्या है?

74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 भारत में शहरी स्थानीय स्वशासन (Urban Local Government) को संवैधानिक दर्जा देने वाला ऐतिहासिक संशोधन है।

यह संशोधन 1 जून 1993 से लागू हुआ और इसके माध्यम से संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया।

इसके साथ ही बारहवीं अनुसूची (Twelfth Schedule) भी जोड़ी गई, जिसमें नगर पालिकाओं के 18 प्रमुख कार्य निर्धारित किए गए।

74वें संविधान संशोधन की मुख्य विशेषताएँ

  • नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा मिला।
  • संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया।
  • अनुच्छेद 243P से 243ZG तक नए अनुच्छेद जोड़े गए।
  • बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।
  • प्रत्येक राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय चुनाव कराने का प्रावधान किया गया।
  • प्रत्येक पाँच वर्ष में नियमित चुनाव अनिवार्य किए गए।
  • महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई।
  • राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किया गया।
  • स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र को संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया।

नगर पालिका से संबंधित संवैधानिक प्रावधान

प्रावधानविवरण
संविधान का भागभाग IX-A
अनुच्छेद243P से 243ZG
संशोधन74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
अनुसूचीबारहवीं अनुसूची
लागू1 जून 1993

नगर पालिका से संबंधित प्रमुख अनुच्छेद

अनुच्छेदविषय
243Pपरिभाषाएँ
243Qनगर निकायों का गठन
243Rसंरचना
243Sवार्ड समितियाँ
243Tआरक्षण
243Uकार्यकाल
243Vसदस्यता की योग्यता
243Wशक्तियाँ एवं उत्तरदायित्व
243Xकर लगाने की शक्ति
243Yराज्य वित्त आयोग
243ZAनगर निकाय चुनाव
243ZGन्यायालय द्वारा चुनाव में हस्तक्षेप पर रोक

नगर पालिका कितने प्रकार की होती है?

भारत में शहरी स्थानीय निकाय मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं।

प्रकारक्षेत्र
नगर पंचायतग्रामीण से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित होने वाला क्षेत्र
नगर परिषद (Municipal Council)मध्यम आकार के शहर
नगर निगम (Municipal Corporation)बड़े शहर एवं महानगर

नगर पंचायत क्या है?

नगर पंचायत उन क्षेत्रों में बनाई जाती है जो ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे होते हैं।

उदाहरण

  • विकसित होते कस्बे
  • छोटे नगर
  • उभरते हुए शहरी क्षेत्र

नगर परिषद क्या है?

नगर परिषद (Municipal Council) का गठन उन मध्यम आकार के शहरों में किया जाता है जहाँ जनसंख्या नगर पंचायत से अधिक लेकिन नगर निगम से कम होती है।

यह शहर के विकास, सफाई, जलापूर्ति, प्रकाश व्यवस्था तथा नागरिक सुविधाओं का संचालन करती है।


नगर निगम क्या है?

नगर निगम (Municipal Corporation) बड़े शहरों और महानगरों में गठित किया जाता है।

यह नगर निकायों का सबसे बड़ा स्वरूप है तथा बड़े पैमाने पर शहरी प्रशासन का संचालन करता है।

उदाहरण

  • जयपुर नगर निगम
  • दिल्ली नगर निगम
  • मुंबई महानगरपालिका
  • अहमदाबाद नगर निगम
  • लखनऊ नगर निगम

नगर पालिका और पंचायती राज में अंतर

आधारनगर पालिकापंचायती राज
क्षेत्रशहरीग्रामीण
संबंधित संशोधन74वाँ73वाँ
संविधान का भागभाग IX-Aभाग IX
अनुसूची12वीं11वीं
स्थानीय निकायनगर पंचायत, नगर परिषद, नगर निगमग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद

नगर पालिका और नगर निगम में अंतर

आधारनगर पालिका (नगर परिषद)नगर निगम
क्षेत्रमध्यम शहरबड़े शहर एवं महानगर
जनसंख्याअपेक्षाकृत कमअधिक
प्रशासनसीमितव्यापक
बजटअपेक्षाकृत कमबड़ा
प्रमुखअध्यक्ष/सभापतिमहापौर (Mayor)

परीक्षा में याद रखने योग्य तथ्य

73वाँ संशोधन = ग्रामीण स्थानीय स्वशासन (पंचायती राज)
74वाँ संशोधन = शहरी स्थानीय स्वशासन (नगर पालिका)

इसी प्रकार प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि भाग IX पंचायती राज से संबंधित है, जबकि भाग IX-A नगर पालिकाओं से संबंधित है।


नगर पालिका की संरचना (Structure of Municipality)

नगर पालिका का गठन लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित होता है। इसके अधिकांश सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं तथा राज्य सरकार आवश्यकतानुसार कुछ विशेषज्ञ सदस्यों को भी नामित कर सकती है।

नगर पालिका की संरचना के प्रमुख घटक

  • अध्यक्ष / सभापति (Chairperson)
  • निर्वाचित पार्षद (Councillors)
  • वार्ड समितियाँ (Ward Committees)
  • स्थायी समितियाँ
  • मुख्य नगर अधिकारी / आयुक्त (राज्य के अनुसार)

नगर पालिका का गठन कैसे होता है?

संविधान के अनुच्छेद 243Q के अनुसार प्रत्येक राज्य में निम्न प्रकार के शहरी निकाय गठित किए जाते हैं—

नगर निकायगठन का आधार
नगर पंचायतग्रामीण से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा क्षेत्र
नगर परिषदमध्यम आकार का नगर
नगर निगमबड़ा शहर या महानगर

किस क्षेत्र में कौन-सा नगर निकाय बनाया जाएगा, इसका निर्णय संबंधित राज्य सरकार जनसंख्या, आय, क्षेत्रफल, आर्थिक गतिविधियों एवं शहरी विकास को ध्यान में रखकर करती है।


नगर पालिका के सदस्यों का चुनाव कैसे होता है?

नगर पालिका के अधिकांश सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष चुनाव (Direct Election) से चुने जाते हैं।

चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य

  • प्रत्येक नगर को कई वार्डों में विभाजित किया जाता है।
  • प्रत्येक वार्ड से एक पार्षद चुना जाता है।
  • चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) कराता है।
  • चुनाव सामान्यतः प्रत्येक 5 वर्ष में कराए जाते हैं।
  • यदि नगर पालिका समय से पहले भंग हो जाए तो 6 माह के भीतर पुनः चुनाव कराना आवश्यक होता है।

नगर पालिका का कार्यकाल

अनुच्छेद 243U के अनुसार प्रत्येक नगर पालिका का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।

यदि किसी कारणवश नगर पालिका को उसके कार्यकाल से पहले भंग कर दिया जाता है, तो निर्धारित समय के भीतर नए चुनाव कराना अनिवार्य होता है।

परीक्षा तथ्य

कार्यकाल = 5 वर्ष

यह प्रश्न SSC, CET, Police तथा राज्य स्तरीय परीक्षाओं में कई बार पूछा जा चुका है।


नगर पालिका में आरक्षण की व्यवस्था

अनुच्छेद 243T नगर निकायों में आरक्षण का प्रावधान करता है।

आरक्षण की प्रमुख विशेषताएँ

  • अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षण
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण
  • महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई (1/3) सीटों का आरक्षण
  • कई राज्यों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण भी लागू है।
  • पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण का प्रावधान राज्य सरकार अपने कानूनों के अनुसार कर सकती है।

नगर पालिका के प्रमुख कार्य

बारहवीं अनुसूची के अनुसार नगर पालिकाओं को कुल 18 विषयों पर कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रमुख कार्य

  • शहरी नियोजन (Urban Planning)
  • भूमि उपयोग का विनियमन
  • भवन निर्माण की अनुमति
  • सड़क एवं पुलों का निर्माण
  • पेयजल व्यवस्था
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य
  • स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन
  • स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
  • अग्निशमन सेवाएँ
  • शहरी वानिकी
  • पर्यावरण संरक्षण
  • झुग्गी-झोपड़ी सुधार
  • गरीबों का उत्थान
  • पार्क एवं उद्यानों का रख-रखाव
  • सार्वजनिक सुविधाओं का विकास
  • जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण
  • बाजार एवं मेले का प्रबंधन
  • सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास

बारहवीं अनुसूची (Twelfth Schedule)

74वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।

इसमें नगर पालिकाओं के 18 विषयों का उल्लेख किया गया है।

अनुसूचीसंबंधित विषय
ग्यारहवीं अनुसूचीपंचायती राज (29 विषय)
बारहवीं अनुसूचीनगर पालिका (18 विषय)

याद रखने की ट्रिक

11वीं अनुसूची → गाँव → 29 विषय

12वीं अनुसूची → शहर → 18 विषय


नगर पालिका की आय के स्रोत

नगर पालिका को अपने कार्यों के संचालन के लिए विभिन्न स्रोतों से आय प्राप्त होती है।

प्रमुख आय के स्रोत

आय का स्रोतविवरण
गृह कर (Property Tax)मकानों एवं भवनों पर कर
जल करजलापूर्ति शुल्क
व्यापार लाइसेंस शुल्कदुकानों एवं व्यवसायों से
पार्किंग शुल्कसार्वजनिक पार्किंग
विज्ञापन करहोर्डिंग एवं विज्ञापन
बाजार शुल्कबाजार एवं मंडियों से
राज्य सरकार का अनुदानवित्तीय सहायता
केंद्र सरकार की योजनाएँAMRUT, Smart City, SBM आदि

राज्य वित्त आयोग की भूमिका

अनुच्छेद 243Y के अनुसार प्रत्येक राज्य में राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन किया जाता है।

प्रमुख कार्य

  • नगर निकायों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन
  • करों के वितरण की सिफारिश
  • राज्य एवं स्थानीय निकायों के बीच राजस्व बँटवारा
  • अनुदान संबंधी सुझाव देना

राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका

नगर निकायों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की होती है।

प्रमुख कार्य

  • मतदाता सूची तैयार करना
  • चुनाव कार्यक्रम घोषित करना
  • मतदान एवं मतगणना कराना
  • चुनाव परिणाम घोषित करना
  • उपचुनाव आयोजित करना

वार्ड समिति (Ward Committee)

अनुच्छेद 243S के अनुसार बड़े नगरों में वार्ड समितियों का गठन किया जा सकता है।

उद्देश्य

  • स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान
  • नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना
  • वार्ड स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी
  • स्थानीय प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना

नगर पालिका का महत्व

भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण नगर पालिकाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

नगर पालिका क्यों महत्वपूर्ण है?

  • स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत बनाती है।
  • नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करती है।
  • शहरी विकास को गति देती है।
  • स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर बनाने में योगदान देती है।
  • स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान करती है।
  • सरकार और नागरिकों के बीच समन्वय स्थापित करती है।

73वें एवं 74वें संविधान संशोधन में अंतर

आधार73वाँ संशोधन74वाँ संशोधन
लागू19931993
संबंधित क्षेत्रग्रामीणशहरी
स्थानीय निकायपंचायती राजनगर पालिका
संविधान का भागभाग IXभाग IX-A
अनुसूची11वीं12वीं
विषय2918

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

📌 नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से मिला।

📌 यह संशोधन 1 जून 1993 से लागू हुआ।

📌 नगर पालिकाओं का उल्लेख भाग IX-A में किया गया है।

📌 नगर पालिका से संबंधित अनुच्छेद 243P से 243ZG तक हैं।

📌 नगर पालिकाओं के कार्य बारहवीं अनुसूची में दिए गए हैं।

📌 बारहवीं अनुसूची में कुल 18 विषय शामिल हैं।

📌 नगर पालिका का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।

📌 नगर निकायों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

📌 नगर निकायों की वित्तीय समीक्षा राज्य वित्त आयोग करता है।

📌 शहरी स्थानीय स्वशासन का संवैधानिक आधार 74वाँ संविधान संशोधन है।


Quick Revision Notes

  • नगर पालिका = शहरी स्थानीय स्वशासन
  • 74वाँ संविधान संशोधन = 1992
  • लागू = 1 जून 1993
  • भाग IX-A
  • अनुच्छेद 243P–243ZG
  • बारहवीं अनुसूची
  • 18 विषय
  • कार्यकाल = 5 वर्ष
  • चुनाव = राज्य निर्वाचन आयोग
  • वित्त = राज्य वित्त आयोग
  • नगर पंचायत → छोटे/परिवर्तनशील क्षेत्र
  • नगर परिषद → मध्यम शहर
  • नगर निगम → बड़े शहर

Exam Booster Trick

गाँव = 73 = 11वीं अनुसूची = 29 विषय

शहर = 74 = 12वीं अनुसूची = 18 विषय

महत्वपूर्ण सारणी

नगर पालिका से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद

अनुच्छेदविषय
243Pपरिभाषाएँ
243Qनगर निकायों का गठन
243Rनगर पालिका की संरचना
243Sवार्ड समितियाँ
243Tआरक्षण
243Uनगर पालिका का कार्यकाल
243Vसदस्यता की योग्यता
243Wशक्तियाँ एवं उत्तरदायित्व
243Xकर लगाने की शक्ति
243Yराज्य वित्त आयोग
243Zनगर पालिका के लेखों का लेखा परीक्षण
243ZAनगर निकाय चुनाव
243ZGचुनाव संबंधी मामलों में न्यायालय के हस्तक्षेप पर रोक

नगर पालिका की प्रमुख समितियाँ

समितिमुख्य कार्य
वित्त समितिबजट एवं वित्तीय प्रबंधन
स्वास्थ्य समितिस्वच्छता एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य
शिक्षा समितिशिक्षा संबंधी योजनाएँ
निर्माण समितिसड़क, पुल एवं भवन निर्माण
जल प्रबंधन समितिपेयजल एवं जल निकासी व्यवस्था
नगर पालिका Infographic | 74वाँ संविधान संशोधन | अनुच्छेद 243P-243ZG
नगर पालिका Quick Revision Infographic

नगर पालिका MCQ (Practice Set)

प्रश्न 1: नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा दिया गया?

A. 42वाँ संशोधन
B. 44वाँ संशोधन
C. 73वाँ संशोधन
D. 74वाँ संशोधन
उत्तर: D. 74वाँ संशोधन
व्याख्या: 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया।

प्रश्न 2: नगर पालिका से संबंधित प्रावधान संविधान के किस भाग में हैं?

A. भाग VIII
B. भाग IX
C. भाग IX-A
D. भाग X
उत्तर: C. भाग IX-A
व्याख्या: भाग IX-A में अनुच्छेद 243P से 243ZG तक नगर पालिकाओं का वर्णन है।

प्रश्न 3: नगर पालिका से संबंधित अनुच्छेद कौन-से हैं?

A. 243A–243O
B. 243P–243ZG
C. 244–244A
D. 245–255
उत्तर: B. 243P–243ZG
व्याख्या: नगर पालिकाओं का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 243P से 243ZG तक है।

प्रश्न 4: नगर पालिकाओं के कार्य किस अनुसूची में दिए गए हैं?

A. दसवीं
B. ग्यारहवीं
C. बारहवीं
D. तेरहवीं
उत्तर: C. बारहवीं
व्याख्या: बारहवीं अनुसूची में नगर निकायों के 18 विषय दिए गए हैं।

प्रश्न 5: बारहवीं अनुसूची में कुल कितने विषय हैं?

A. 18
B. 22
C. 29
D. 30
उत्तर: A. 18
व्याख्या: नगर पालिकाओं के कार्यों हेतु 18 विषय निर्धारित किए गए हैं।

प्रश्न 6: नगर पालिका का कार्यकाल कितना होता है?

A. 3 वर्ष
B. 4 वर्ष
C. 5 वर्ष
D. 6 वर्ष
उत्तर: C. 5 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 243U के अनुसार नगर पालिका का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है।

प्रश्न 7: नगर निकायों का चुनाव कौन कराता है?

A. निर्वाचन आयोग (भारत)
B. राज्यपाल
C. राज्य निर्वाचन आयोग
D. संसद
उत्तर: C. राज्य निर्वाचन आयोग
व्याख्या: नगर निकायों के चुनाव कराने की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग की होती है।

प्रश्न 8: नगर निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा कौन करता है?

A. वित्त मंत्रालय
B. राज्य वित्त आयोग
C. नीति आयोग
D. वित्त आयोग (केंद्र)
उत्तर: B. राज्य वित्त आयोग
व्याख्या: अनुच्छेद 243Y राज्य वित्त आयोग के गठन का प्रावधान करता है।

प्रश्न 9: निम्न में से कौन शहरी स्थानीय निकाय नहीं है?

A. नगर पंचायत
B. नगर परिषद
C. नगर निगम
D. ग्राम पंचायत
उत्तर: D. ग्राम पंचायत
व्याख्या: ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्था है।

प्रश्न 10: नगर पंचायत का गठन किस क्षेत्र में किया जाता है?

A. महानगर
B. मध्यम शहर
C. ग्रामीण से शहरी बनने वाले क्षेत्र
D. राजधानी
उत्तर: C. ग्रामीण से शहरी बनने वाले क्षेत्र
व्याख्या: नगर पंचायत संक्रमणशील (Transitional) क्षेत्रों के लिए बनाई जाती है।

प्रश्न 11: नगर परिषद किसके लिए गठित की जाती है?

A. गाँव
B. मध्यम आकार के शहर
C. महानगर
D. जिला
उत्तर: B. मध्यम आकार के शहर
व्याख्या: नगर परिषद मध्यम आकार के नगरों का स्थानीय निकाय है।

प्रश्न 12: बड़े शहरों के लिए कौन-सा नगर निकाय बनाया जाता है?

A. नगर पंचायत
B. नगर परिषद
C. नगर निगम
D. जिला परिषद
उत्तर: C. नगर निगम
व्याख्या: नगर निगम बड़े शहरों एवं महानगरों में गठित किया जाता है।

प्रश्न 13: नगर पालिका का गठन किस अनुच्छेद में वर्णित है?

A. 243Q
B. 243R
C. 243U
D. 243Y
उत्तर: A. 243Q
व्याख्या: अनुच्छेद 243Q नगर निकायों के गठन से संबंधित है।

प्रश्न 14: वार्ड समिति का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

A. 243R
B. 243S
C. 243T
D. 243W
उत्तर: B. 243S
व्याख्या: बड़े नगरों में वार्ड समितियों के गठन का प्रावधान अनुच्छेद 243S में है।

प्रश्न 15: नगर पालिका में आरक्षण का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?

A. 243R
B. 243S
C. 243T
D. 243U
उत्तर: C. 243T
व्याख्या: SC, ST एवं महिलाओं के लिए आरक्षण अनुच्छेद 243T में वर्णित है।

प्रश्न 16: नगर पालिका की शक्तियाँ एवं उत्तरदायित्व किस अनुच्छेद में दिए गए हैं?

A. 243V
B. 243W
C. 243X
D. 243Y
उत्तर: B. 243W
व्याख्या: अनुच्छेद 243W नगर निकायों की शक्तियों एवं जिम्मेदारियों से संबंधित है।

प्रश्न 17: नगर निकायों को कर लगाने की शक्ति किस अनुच्छेद में दी गई है?

A. 243X
B. 243Y
C. 243ZA
D. 243ZG
उत्तर: A. 243X
व्याख्या: नगर निकायों को कर लगाने की शक्ति अनुच्छेद 243X के अंतर्गत दी गई है।

प्रश्न 18: 74वाँ संविधान संशोधन कब लागू हुआ?

A. 26 जनवरी 1993
B. 1 अप्रैल 1993
C. 1 जून 1993
D. 15 अगस्त 1993
उत्तर: C. 1 जून 1993
व्याख्या: यह संशोधन 1 जून 1993 से प्रभावी हुआ।

प्रश्न 19: 74वाँ संविधान संशोधन किससे संबंधित है?

A. पंचायती राज
B. शहरी स्थानीय स्वशासन
C. मौलिक अधिकार
D. संसद
उत्तर: B. शहरी स्थानीय स्वशासन
व्याख्या: यह संशोधन नगर पालिकाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित है।

प्रश्न 20: नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य क्या है?

A. न्याय प्रदान करना
B. राष्ट्रीय सुरक्षा
C. शहरी नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन एवं विकास
D. कानून बनाना
उत्तर: C. शहरी नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन एवं विकास
व्याख्या: नगर पालिकाएँ स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं एवं शहरी विकास का कार्य करती हैं।


नगर पालिका Previous Year Questions (PYQ)

PYQ 1: नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा प्रदान किया गया?

परीक्षा: SSC CGL
उत्तर: 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
व्याख्या: 74वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX-A एवं बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।

PYQ 2: नगर पालिकाओं के कार्य किस अनुसूची में दिए गए हैं?

परीक्षा: UPSC (Prelims) Pattern
उत्तर: बारहवीं अनुसूची
व्याख्या: बारहवीं अनुसूची में नगर निकायों के 18 विषय शामिल हैं।

PYQ 3: नगर पालिका का कार्यकाल कितना होता है?

परीक्षा: Rajasthan CET
उत्तर: 5 वर्ष
व्याख्या: अनुच्छेद 243U नगर पालिका का पाँच वर्षीय कार्यकाल निर्धारित करता है।

PYQ 4: नगर निकायों के चुनाव कौन कराता है?

परीक्षा: Railway NTPC
उत्तर: राज्य निर्वाचन आयोग
व्याख्या: नगर निकायों के चुनाव स्वतंत्र रूप से राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं।

PYQ 5: नगर पालिका से संबंधित संवैधानिक अनुच्छेद कौन-से हैं?

परीक्षा: State PSC
उत्तर: अनुच्छेद 243P से 243ZG
व्याख्या: ये अनुच्छेद भाग IX-A में शामिल हैं और नगर पालिकाओं से संबंधित हैं।


नगर पालिका FAQ

नगर पालिका क्या है?

नगर पालिका शहरी स्थानीय स्वशासन संस्था है, जो शहरों में नागरिक सुविधाओं, विकास कार्यों और स्थानीय प्रशासन का संचालन करती है।

नगर पालिका और नगर निगम में क्या अंतर है?

नगर परिषद (नगर पालिका) मध्यम आकार के शहरों के लिए होती है, जबकि नगर निगम बड़े शहरों और महानगरों के लिए गठित किया जाता है।

नगर पालिका का चुनाव कौन कराता है?

नगर पालिका के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाते हैं।

नगर पालिका का कार्यकाल कितना होता है?

नगर पालिका का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है।

नगर पालिका के कार्य कहाँ दिए गए हैं?

नगर पालिका के कार्य भारतीय संविधान की बारहवीं अनुसूची में दिए गए हैं।

74वाँ संविधान संशोधन क्यों महत्वपूर्ण है?

इस संशोधन ने शहरी स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया और स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत बनाया।

नगर पालिका कितने प्रकार की होती है?

नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम।

बारहवीं अनुसूची में कितने विषय हैं?

बारहवीं अनुसूची में कुल 18 विषय शामिल हैं।


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