एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| विषय | मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) |
| संविधान | भाग V |
| संबंधित अनुच्छेद | अनुच्छेद 74 एवं 75 |
| प्रमुख | प्रधानमंत्री |
| नियुक्ति | राष्ट्रपति द्वारा |
| वास्तविक कार्यपालिका | मंत्रिपरिषद |
| संवैधानिक प्रमुख | राष्ट्रपति |
| सामूहिक उत्तरदायित्व | लोकसभा के प्रति |
प्रश्न: भारतीय संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद का संवैधानिक आधार क्या है?
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 एवं 75 में मंत्रिपरिषद का उल्लेख किया गया है। अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद की व्यवस्था करता है, जबकि अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल एवं लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व का प्रावधान करता है।
संक्षिप्त परिचय
भारतीय शासन प्रणाली संसदीय लोकतंत्र पर आधारित है। इस व्यवस्था में राष्ट्रपति राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जबकि शासन का वास्तविक संचालन प्रधानमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद करती है। यही कारण है कि भारतीय मंत्रिपरिषद को Real Executive कहा जाता है।
संविधान निर्माताओं ने ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली से प्रेरणा लेकर भारत में मंत्रिपरिषद की व्यवस्था अपनाई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कार्यपालिका जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति उत्तरदायी रहे।
सरल शब्दों में, मंत्रिपरिषद वह समूह है जिसमें प्रधानमंत्री तथा विभिन्न स्तरों के मंत्री शामिल होते हैं। ये सभी मिलकर सरकार की नीतियाँ बनाते हैं, प्रशासन चलाते हैं और संसद के प्रति उत्तरदायी रहते हैं।
विषय का परिचय
भारतीय संविधान में संघीय कार्यपालिका के अंतर्गत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और महान्यायवादी का उल्लेख किया गया है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मंत्रिपरिषद की होती है क्योंकि देश के अधिकांश प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णय इसी के माध्यम से लिए जाते हैं।
राष्ट्रपति सभी कार्य अपने नाम से करते हैं, लेकिन व्यवहार में अधिकांश निर्णय प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही लिए जाते हैं। इसलिए संविधान और व्यवहार दोनों की दृष्टि से मंत्रिपरिषद भारतीय शासन का केंद्रीय स्तंभ है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर निम्न प्रश्न पूछे जाते हैं—
- मंत्रिपरिषद क्या है?
- अनुच्छेद 74 क्या कहता है?
- अनुच्छेद 75 का महत्व क्या है?
- मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में क्या अंतर है?
- वास्तविक कार्यपालिका किसे कहा जाता है?
- सामूहिक उत्तरदायित्व का क्या अर्थ है?
इन सभी प्रश्नों के उत्तर इस लेख में विस्तार से दिए गए हैं।
मंत्रिपरिषद क्या है?
मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करने वाले सभी मंत्रियों का समूह है, जो राष्ट्रपति को शासन संबंधी मामलों में सहायता एवं सलाह देता है तथा देश के प्रशासन का वास्तविक संचालन करता है।
दूसरे शब्दों में, मंत्रिपरिषद वह संवैधानिक संस्था है जो भारत सरकार की नीतियों का निर्माण करती है, उन्हें लागू करती है और संसद के प्रति उत्तरदायी रहती है।
मंत्रिपरिषद की मुख्य विशेषताएँ
- प्रधानमंत्री इसके प्रमुख होते हैं।
- राष्ट्रपति इसकी सलाह पर कार्य करते हैं।
- यह भारत की वास्तविक कार्यपालिका है।
- सभी मंत्री सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
- इसका गठन आम चुनाव के बाद किया जाता है।
- सरकार के सभी प्रमुख निर्णय मंत्रिपरिषद के माध्यम से लिए जाते हैं।
मंत्रिपरिषद का संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान में मंत्रिपरिषद का उल्लेख मुख्य रूप से अनुच्छेद 74 और अनुच्छेद 75 में किया गया है। ये दोनों अनुच्छेद भारतीय संसदीय शासन प्रणाली की आधारशिला माने जाते हैं।
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| अनुच्छेद 74 | राष्ट्रपति की सहायता एवं सलाह के लिए मंत्रिपरिषद |
| अनुच्छेद 75 | मंत्रियों की नियुक्ति, कार्यकाल एवं उत्तरदायित्व |
इसके अतिरिक्त 42वें एवं 44वें संविधान संशोधन ने राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के संबंधों को और स्पष्ट किया।
अनुच्छेद 74 क्या कहता है?
अनुच्छेद 74 के अनुसार भारत के राष्ट्रपति की सहायता और सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक मंत्रिपरिषद होगी।
42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करेंगे।
44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा राष्ट्रपति को यह अधिकार दिया गया कि वे किसी सलाह पर एक बार पुनर्विचार के लिए मंत्रिपरिषद को भेज सकते हैं। यदि मंत्रिपरिषद पुनः वही सलाह देती है, तो राष्ट्रपति को उसे स्वीकार करना होता है।
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य
- अनुच्छेद 74 = सहायता एवं सलाह
- प्रधानमंत्री = मंत्रिपरिषद का प्रमुख
- राष्ट्रपति = संवैधानिक प्रमुख
- मंत्रिपरिषद = वास्तविक कार्यपालिका
अनुच्छेद 75 क्या कहता है?
अनुच्छेद 75 मंत्रियों की नियुक्ति, शपथ, वेतन, कार्यकाल और उत्तरदायित्व से संबंधित प्रावधान करता है।
इस अनुच्छेद के अनुसार—
- प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
- अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करते हैं।
- सभी मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं।
- संपूर्ण मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
- मंत्री पद ग्रहण करने से पहले पद एवं गोपनीयता की शपथ लेते हैं।
मंत्रिपरिषद का गठन कैसे होता है?
लोकसभा चुनावों के बाद जिस दल या गठबंधन को बहुमत प्राप्त होता है, उसके नेता को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नियुक्त करते हैं।
प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अपने सहयोगियों का चयन करते हैं और राष्ट्रपति उनकी नियुक्ति मंत्री के रूप में करते हैं। इसके पश्चात सभी मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ लेते हैं और औपचारिक रूप से मंत्रिपरिषद का गठन हो जाता है।
गठन के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न मंत्रालयों का आवंटन भी करते हैं, जैसे—
- गृह मंत्रालय
- वित्त मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
- विदेश मंत्रालय
- शिक्षा मंत्रालय
- कृषि मंत्रालय
- रेल मंत्रालय
यही मंत्रालय आगे चलकर सरकार की नीतियों को लागू करते हैं।
मंत्रिपरिषद की संरचना (Composition of Council of Ministers)
भारतीय संविधान में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या निश्चित नहीं की गई है। समय-समय पर आवश्यकता के अनुसार प्रधानमंत्री मंत्रियों का चयन करते हैं। हालांकि 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
मंत्रिपरिषद में शामिल प्रमुख पद
| पद | मुख्य कार्य |
|---|---|
| प्रधानमंत्री | मंत्रिपरिषद का प्रमुख एवं सरकार का वास्तविक मुखिया |
| कैबिनेट मंत्री | महत्वपूर्ण मंत्रालयों का संचालन एवं नीतिगत निर्णय |
| राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) | स्वतंत्र मंत्रालय का संचालन |
| राज्य मंत्री | कैबिनेट मंत्री की सहायता |
| उप मंत्री* | पूर्व में सहायक भूमिका (अब लगभग समाप्त) |
परीक्षा तथ्य: वर्तमान समय में उप मंत्री (Deputy Minister) का पद व्यवहार में लगभग समाप्त हो चुका है।
मंत्रियों के प्रकार (Types of Ministers)
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है कि मंत्रिपरिषद में कितने प्रकार के मंत्री होते हैं।
1. कैबिनेट मंत्री
ये सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्री होते हैं। गृह, वित्त, रक्षा, विदेश, शिक्षा, कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय सामान्यतः कैबिनेट मंत्रियों के पास होते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
- कैबिनेट बैठकों में भाग लेते हैं।
- राष्ट्रीय नीतियाँ निर्धारित करते हैं।
- सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं।
- प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार होते हैं।
2. राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
इनके पास अपना स्वतंत्र मंत्रालय होता है, लेकिन ये सामान्यतः कैबिनेट का स्थायी हिस्सा नहीं होते।
उदाहरण
यदि किसी मंत्रालय के लिए कैबिनेट मंत्री नियुक्त न हो, तो उसका कार्य स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री द्वारा किया जा सकता है।
3. राज्य मंत्री
ये किसी कैबिनेट मंत्री की सहायता करते हैं तथा मंत्रालय के विशेष कार्यों का संचालन करते हैं।
4. उप मंत्री (Deputy Minister)
संविधान में इसका उल्लेख नहीं है। यह केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए बनाया गया पद था। वर्तमान में इसका प्रयोग लगभग नहीं किया जाता।
मंत्रिपरिषद के प्रमुख कार्य (Functions of Council of Ministers)
यदि कोई पूछे कि मंत्रिपरिषद क्या कार्य करती है, तो इसका उत्तर केवल “राष्ट्रपति को सलाह देती है” नहीं होगा। वास्तव में भारत सरकार का सम्पूर्ण प्रशासन मंत्रिपरिषद के माध्यम से चलता है।
1. राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देना
अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति अपने अधिकांश कार्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं।
2. राष्ट्रीय नीतियों का निर्माण
- नई योजनाएँ
- नई नीतियाँ
- कानून बनाने के प्रस्ताव
- बजट संबंधी निर्णय
सभी प्रमुख नीतिगत निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिए जाते हैं।
3. प्रशासन का संचालन
सभी मंत्रालय मंत्रिपरिषद के नियंत्रण में कार्य करते हैं।
उदाहरण
- गृह मंत्रालय
- वित्त मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
- विदेश मंत्रालय
4. संसद के प्रति उत्तरदायित्व
मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाए, तो पूरी मंत्रिपरिषद को इस्तीफा देना पड़ता है।
5. विधेयकों का निर्माण
सरकार द्वारा प्रस्तुत अधिकांश विधेयक मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद संसद में लाए जाते हैं।
6. वित्तीय कार्य
- बजट तैयार करना
- कर नीति बनाना
- सरकारी व्यय तय करना
- आर्थिक योजनाएँ बनाना
7. विदेश नीति का संचालन
अन्य देशों से संबंध, अंतरराष्ट्रीय समझौते और विदेश नीति के महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रिपरिषद की सलाह से लिए जाते हैं।
8. राष्ट्रीय सुरक्षा
रक्षा, आंतरिक सुरक्षा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिए जाते हैं।
मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद में अंतर
यह SSC, Railway, CET, UPSC तथा State PSC परीक्षाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
| आधार | मंत्रिपरिषद | मंत्रिमंडल (Cabinet) |
|---|---|---|
| संरचना | सभी मंत्री | केवल वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री |
| आकार | बड़ा | छोटा |
| निर्णय | व्यापक प्रशासन | प्रमुख नीतिगत निर्णय |
| बैठक | सभी सदस्य नियमित नहीं | नियमित कैबिनेट बैठक |
| संवैधानिक उल्लेख | अनुच्छेद 74 एवं 75 | केवल अनुच्छेद 352 में स्पष्ट उल्लेख |
| महत्व | व्यापक संस्था | वास्तविक निर्णय लेने वाला मुख्य समूह |
याद रखने की ट्रिक
हर कैबिनेट मंत्रिपरिषद का हिस्सा है, लेकिन हर मंत्री कैबिनेट का सदस्य नहीं होता।
प्रधानमंत्री की भूमिका
प्रधानमंत्री को मंत्रिपरिषद का धुरी (Pivot) कहा जाता है।
प्रधानमंत्री के प्रमुख कार्य
- मंत्रियों का चयन करना
- मंत्रालयों का आवंटन करना
- मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाना
- सरकार की नीतियाँ निर्धारित करना
- राष्ट्रपति को सलाह देना
- मंत्रिपरिषद में समन्वय बनाए रखना
- संसद में सरकार का नेतृत्व करना
परीक्षा तथ्य: यदि प्रधानमंत्री इस्तीफा देते हैं, तो पूरी मंत्रिपरिषद स्वतः समाप्त मानी जाती है।
सामूहिक उत्तरदायित्व (Collective Responsibility)
अनुच्छेद 75(3) के अनुसार पूरी मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
इसका अर्थ है—
- सभी मंत्री कैबिनेट के निर्णयों का सार्वजनिक रूप से समर्थन करेंगे।
- यदि कोई मंत्री निर्णय से असहमत है, तो उसे इस्तीफा देना चाहिए।
- लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
व्यक्तिगत उत्तरदायित्व (Individual Responsibility)
प्रत्येक मंत्री अपने मंत्रालय के कार्यों के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होता है।
यदि किसी मंत्री के विभाग में गंभीर त्रुटि या विवाद हो, तो प्रधानमंत्री उसके इस्तीफे की सिफारिश कर सकते हैं।
मंत्रिपरिषद का कार्यकाल
संविधान में मंत्रिपरिषद का निश्चित कार्यकाल निर्धारित नहीं किया गया है।
व्यवहार में मंत्रिपरिषद तब तक कार्य करती है जब तक—
- प्रधानमंत्री को लोकसभा का विश्वास प्राप्त है।
- प्रधानमंत्री इस्तीफा नहीं देते।
- लोकसभा भंग नहीं होती।
- सरकार अविश्वास प्रस्ताव से नहीं गिरती।
42वाँ एवं 44वाँ संविधान संशोधन
| संशोधन | प्रभाव |
|---|---|
| 42वाँ संविधान संशोधन (1976) | राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करेंगे। |
| 44वाँ संविधान संशोधन (1978) | राष्ट्रपति एक बार सलाह को पुनर्विचार हेतु वापस भेज सकते हैं, लेकिन पुनः भेजी गई सलाह मानना अनिवार्य है। |
महत्वपूर्ण न्यायालय निर्णय
Shamsher Singh v. State of Punjab (1974)
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं। यह निर्णय भारतीय संसदीय शासन प्रणाली की मूल भावना को स्पष्ट करता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- मंत्रिपरिषद का उल्लेख अनुच्छेद 74 एवं 75 में है।
- प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के प्रमुख होते हैं।
- राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख हैं।
- मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यपालिका है।
- लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व अनुच्छेद 75(3) में है।
- मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
- नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर होती है।
- 91वें संविधान संशोधन के अनुसार मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
- कैबिनेट मंत्रिपरिषद का छोटा एवं सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
- प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर पूरी मंत्रिपरिषद समाप्त मानी जाती है।
महत्वपूर्ण सारणी
अनुच्छेदों का सार
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 74 | सहायता एवं सलाह |
| 75 | नियुक्ति, शपथ, कार्यकाल एवं उत्तरदायित्व |
| 75(3) | सामूहिक उत्तरदायित्व |
| 352 | कैबिनेट का उल्लेख |
प्रमुख संविधान संशोधन
| संशोधन | वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| 42वाँ | 1976 | राष्ट्रपति सलाह मानने के लिए बाध्य |
| 44वाँ | 1978 | पुनर्विचार का सीमित अधिकार |
| 91वाँ | 2003 | मंत्रियों की संख्या 15% सीमा |
Key Takeaways
- भारत में वास्तविक कार्यपालिका मंत्रिपरिषद है।
- प्रधानमंत्री इसके प्रमुख होते हैं।
- अनुच्छेद 74 एवं 75 इसका संवैधानिक आधार हैं।
- मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
- कैबिनेट मंत्रिपरिषद का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
- राष्ट्रपति अधिकांश कार्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं।
Quick Revision Notes
- वास्तविक कार्यपालिका — मंत्रिपरिषद
- संवैधानिक प्रमुख — राष्ट्रपति
- प्रमुख — प्रधानमंत्री
- अनुच्छेद — 74 एवं 75
- सामूहिक उत्तरदायित्व — अनुच्छेद 75(3)
- 42वाँ संशोधन — सलाह मानना अनिवार्य
- 44वाँ संशोधन — पुनर्विचार का अधिकार
- 91वाँ संशोधन — 15% सीमा
- महत्वपूर्ण निर्णय — Shamsher Singh Case (1974)
- कैबिनेट = वरिष्ठ मंत्रियों का समूह
One-Liner Revision Questions
- मंत्रिपरिषद का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
- प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?
- वास्तविक कार्यपालिका किसे कहा जाता है?
- सामूहिक उत्तरदायित्व किस अनुच्छेद में है?
- कैबिनेट का स्पष्ट उल्लेख किस अनुच्छेद में मिलता है?
- 91वें संशोधन का संबंध किससे है?
- राष्ट्रपति किसकी सलाह पर कार्य करते हैं?
- मंत्रिपरिषद का प्रमुख कौन होता है?
- 42वाँ संशोधन किस विषय से संबंधित है?
- प्रधानमंत्री के इस्तीफे का मंत्रिपरिषद पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Exam Booster Facts
- Council of Ministers ≠ Cabinet — यह अंतर हर परीक्षा में महत्वपूर्ण है।
- राष्ट्रपति “Nominal Executive” तथा मंत्रिपरिषद “Real Executive” है।
- प्रधानमंत्री के बिना मंत्रिपरिषद की कल्पना नहीं की जा सकती।
- कैबिनेट की बैठकों में केवल कैबिनेट मंत्री भाग लेते हैं।
- सामूहिक उत्तरदायित्व केवल लोकसभा के प्रति होता है, राज्यसभा के प्रति नहीं।
- 91वाँ संशोधन दल-बदल और छोटे आकार की मंत्रिपरिषद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
- अनुच्छेद 74 और 75 को अक्सर एक साथ पूछा जाता है।
- UPSC तथा SSC दोनों में Shamsher Singh निर्णय पूछा जा चुका है।
- संविधान में “उप मंत्री” का पृथक संवैधानिक उल्लेख नहीं है।
- मंत्रिपरिषद भारतीय संसदीय शासन प्रणाली की केंद्रीय संस्था है।
निष्कर्ष
मंत्रिपरिषद भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक कार्यपालिका है और देश के प्रशासन, नीति-निर्माण तथा शासन संचालन का प्रमुख केंद्र है। संविधान के अनुच्छेद 74 एवं 75 इसके गठन, शक्तियों और उत्तरदायित्व का आधार प्रदान करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से मंत्रिपरिषद, मंत्रिमंडल से अंतर, सामूहिक उत्तरदायित्व, 42वाँ, 44वाँ एवं 91वाँ संविधान संशोधन, तथा Shamsher Singh निर्णय सबसे अधिक महत्वपूर्ण विषय हैं। यदि इन बिंदुओं को सारणी, संशोधन और अनुच्छेदों के साथ याद रखा जाए, तो SSC, Railway, CET, UPSC तथा राज्य स्तरीय परीक्षाओं में इस विषय से जुड़े अधिकांश प्रश्न आसानी से हल किए जा सकते।

मंत्रिपरिषद MCQ Practice Set
प्रश्न 1: भारतीय संविधान में मंत्रिपरिषद का उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है?
A. अनुच्छेद 52 एवं 53
B. अनुच्छेद 74 एवं 75
C. अनुच्छेद 76 एवं 77
D. अनुच्छेद 78 एवं 79
उत्तर: B
व्याख्या: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 एवं 75 में मंत्रिपरिषद के गठन, राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह तथा मंत्रियों की नियुक्ति एवं उत्तरदायित्व का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 2: भारत की वास्तविक कार्यपालिका किसे कहा जाता है?
A. राष्ट्रपति
B. संसद
C. मंत्रिपरिषद
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: C
व्याख्या: राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद शासन का वास्तविक संचालन करती है।
प्रश्न 3: मंत्रिपरिषद का प्रमुख कौन होता है?
A. राष्ट्रपति
B. लोकसभा अध्यक्ष
C. प्रधानमंत्री
D. उपराष्ट्रपति
उत्तर: C
व्याख्या: प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के प्रमुख होते हैं तथा सरकार के सभी महत्वपूर्ण निर्णयों का नेतृत्व करते हैं।
प्रश्न 4: अनुच्छेद 74 किससे संबंधित है?
A. राष्ट्रपति का निर्वाचन
B. प्रधानमंत्री की नियुक्ति
C. राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद
D. संसद का गठन
उत्तर: C
व्याख्या: अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति की सहायता एवं सलाह के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी।
प्रश्न 5: अनुच्छेद 75(3) किससे संबंधित है?
A. प्रधानमंत्री की नियुक्ति
B. मंत्रियों की शपथ
C. सामूहिक उत्तरदायित्व
D. वेतन
उत्तर: C
व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
प्रश्न 6: मंत्रिपरिषद किसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?
A. राष्ट्रपति
B. राज्यसभा
C. लोकसभा
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: C
व्याख्या: यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
प्रश्न 7: अन्य मंत्रियों की नियुक्ति कौन करता है?
A. प्रधानमंत्री
B. राष्ट्रपति
C. लोकसभा
D. भारत के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर: B
व्याख्या: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं।
प्रश्न 8: मंत्रिमंडल (Cabinet) के संबंध में सही कथन कौन-सा है?
A. मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद समान हैं।
B. मंत्रिमंडल, मंत्रिपरिषद से बड़ा होता है।
C. मंत्रिपरिषद में केवल कैबिनेट मंत्री होते हैं।
D. मंत्रिमंडल, मंत्रिपरिषद का छोटा एवं सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
उत्तर: D
व्याख्या: कैबिनेट वरिष्ठ मंत्रियों का छोटा समूह होता है जो सरकार के प्रमुख नीतिगत निर्णय लेता है।
प्रश्न 9: 42वें संविधान संशोधन का मुख्य प्रभाव क्या था?
A. नागरिकता में संशोधन
B. राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानना अनिवार्य किया गया।
C. लोकसभा भंग करने का अधिकार दिया गया।
D. न्यायपालिका की शक्तियाँ बढ़ाई गईं।
उत्तर: B
व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन (1976) ने राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य किया।
प्रश्न 10: 44वें संविधान संशोधन द्वारा राष्ट्रपति को कौन-सा अधिकार दिया गया?
A. प्रधानमंत्री को पद से हटाना
B. संसद भंग करना
C. मंत्रिपरिषद की सलाह एक बार पुनर्विचार हेतु लौटाना
D. मंत्रिपरिषद को भंग करना
उत्तर: C
व्याख्या: 44वें संविधान संशोधन (1978) के अनुसार राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकते हैं, लेकिन पुनः भेजी गई सलाह को स्वीकार करना अनिवार्य होता है।
प्रश्न 11: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 का संबंध किससे है?
A. नागरिकता
B. न्यायपालिका
C. मंत्रिपरिषद के आकार की सीमा
D. चुनाव आयोग
उत्तर: C
व्याख्या: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
प्रश्न 12: प्रधानमंत्री के इस्तीफे का मंत्रिपरिषद पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A. केवल प्रधानमंत्री का पद समाप्त होता है।
B. लोकसभा भंग हो जाती है।
C. पूरी मंत्रिपरिषद समाप्त मानी जाती है।
D. राष्ट्रपति इस्तीफा दे देते हैं।
उत्तर: C
व्याख्या: प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के प्रमुख होते हैं। उनके इस्तीफे या पद छोड़ने पर पूरी मंत्रिपरिषद समाप्त मानी जाती है।
प्रश्न 13: भारतीय संविधान में “कैबिनेट” शब्द का स्पष्ट उल्लेख किस अनुच्छेद में मिलता है?
A. अनुच्छेद 74
B. अनुच्छेद 75
C. अनुच्छेद 352
D. अनुच्छेद 356
उत्तर: C
व्याख्या: संविधान में “कैबिनेट” शब्द का स्पष्ट उल्लेख केवल अनुच्छेद 352 में किया गया है, जो राष्ट्रीय आपातकाल से संबंधित है।
प्रश्न 14: निम्नलिखित में से कौन मंत्रिपरिषद का सदस्य नहीं होता?
A. प्रधानमंत्री
B. कैबिनेट मंत्री
C. राज्य मंत्री
D. लोकसभा अध्यक्ष
उत्तर: D
व्याख्या: लोकसभा अध्यक्ष विधायिका का पद है, जबकि प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री मंत्रिपरिषद के सदस्य होते हैं।
प्रश्न 15: Shamsher Singh बनाम State of Punjab (1974) का संबंध किससे है?
A. मौलिक अधिकार
B. राष्ट्रपति का निर्वाचन
C. राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करना
D. संसद की शक्तियाँ
उत्तर: C
व्याख्या: इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति और राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सहायता एवं सलाह पर कार्य करते हैं।
प्रश्न 16: राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की प्रमुख विशेषता क्या है?
A. वे किसी कैबिनेट मंत्री के अधीन कार्य करते हैं।
B. उनके पास स्वतंत्र मंत्रालय होता है।
C. वे केवल राज्यसभा के सदस्य होते हैं।
D. उनकी नियुक्ति संसद करती है।
उत्तर: B
व्याख्या: राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अपने मंत्रालय का स्वतंत्र रूप से संचालन करते हैं और उनके ऊपर कोई कैबिनेट मंत्री नहीं होता।
प्रश्न 17: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
A. सभी मंत्री कैबिनेट मंत्री होते हैं।
B. सभी कैबिनेट मंत्री मंत्रिपरिषद के सदस्य होते हैं।
C. मंत्रिमंडल, मंत्रिपरिषद से बड़ा होता है।
D. मंत्रिपरिषद का कोई प्रमुख नहीं होता।
उत्तर: B
व्याख्या: कैबिनेट मंत्रिपरिषद का सबसे महत्वपूर्ण भाग है और प्रत्येक कैबिनेट मंत्री मंत्रिपरिषद का सदस्य होता है।
प्रश्न 18: मंत्रिपरिषद का कार्यकाल मुख्यतः किस पर निर्भर करता है?
A. राष्ट्रपति की इच्छा
B. लोकसभा का विश्वास
C. राज्यसभा का समर्थन
D. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय
उत्तर: B
व्याख्या: जब तक मंत्रिपरिषद को लोकसभा का विश्वास प्राप्त रहता है, तब तक वह पद पर बनी रहती है।
प्रश्न 19: भारत की संसदीय शासन प्रणाली किस देश से प्रेरित है?
A. अमेरिका
B. फ्रांस
C. ब्रिटेन
D. रूस
उत्तर: C
व्याख्या: भारत ने ब्रिटेन की संसदीय शासन प्रणाली को अपनाया है, जिसमें प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद शासन का वास्तविक संचालन करते हैं।
प्रश्न 20: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
A. राष्ट्रपति भारत के संवैधानिक प्रमुख हैं।
B. प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद के प्रमुख होते हैं।
C. मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
D. राष्ट्रपति भारत की वास्तविक कार्यपालिका हैं।
उत्तर: D
व्याख्या: भारत में राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख (Nominal Executive) हैं, जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यपालिका (Real Executive) होती है।
Previous Year Questions (PYQ)
PYQ 1: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया है?
Exam: SSC CGL (Previous Year Pattern)
उत्तर: अनुच्छेद 74
व्याख्या: अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति की सहायता एवं सलाह के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी। यही भारतीय संसदीय शासन प्रणाली का आधार है।
PYQ 2: भारतीय संविधान के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
Exam: UPSC Civil Services (Prelims Pattern)
उत्तर: लोकसभा
व्याख्या: अनुच्छेद 75(3) के अनुसार संपूर्ण मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। यदि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
PYQ 3: भारतीय संविधान में “कैबिनेट” शब्द का स्पष्ट उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है?
Exam: RRB NTPC (Previous Year Pattern)
उत्तर: अनुच्छेद 352
व्याख्या: संविधान में “कैबिनेट” शब्द का स्पष्ट उल्लेख केवल अनुच्छेद 352 में किया गया है, जो राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से संबंधित है।
PYQ 4: भारत में वास्तविक कार्यपालिका किसे कहा जाता है?
Exam: SSC CHSL (Previous Year Pattern)
उत्तर: मंत्रिपरिषद
व्याख्या: राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख (Nominal Executive) हैं, जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद वास्तविक कार्यपालिका (Real Executive) होती है।
PYQ 5: मंत्रियों की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?
Exam: Rajasthan CET (Previous Year Pattern)
उत्तर: राष्ट्रपति
व्याख्या: अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर करते हैं।
PYQ 6: 42वें संविधान संशोधन का मंत्रिपरिषद से संबंधित प्रमुख प्रभाव क्या था?
Exam: State PSC (Previous Year Pattern)
उत्तर: राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करना अनिवार्य किया गया।
व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 ने राष्ट्रपति की विवेकाधीन शक्ति को सीमित करते हुए मंत्रिपरिषद की सलाह को बाध्यकारी बना दिया।
PYQ 7: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 का संबंध किससे है?
Exam: SSC GD (Previous Year Pattern)
उत्तर: मंत्रिपरिषद के आकार की सीमा
व्याख्या: 91वें संविधान संशोधन के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मंत्रिपरिषद क्या है?
उत्तर: मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कार्य करने वाले मंत्रियों का समूह है, जो राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देता है तथा देश का वास्तविक शासन चलाता है।
मंत्रिपरिषद का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 74 एवं 75 में मंत्रिपरिषद का उल्लेख किया गया है।
मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में क्या अंतर है?
उत्तर: मंत्रिपरिषद सभी मंत्रियों का समूह है, जबकि मंत्रिमंडल केवल वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों का छोटा एवं महत्वपूर्ण समूह होता है।
मंत्रिपरिषद किसके प्रति उत्तरदायी होती है?
उत्तर: मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
राष्ट्रपति क्या मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य हैं?
उत्तर: हाँ। 42वें संविधान संशोधन के बाद राष्ट्रपति सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह के अनुसार कार्य करते हैं। 44वें संशोधन के अनुसार वे सलाह को केवल एक बार पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं।
प्रधानमंत्री के इस्तीफे पर क्या होता है?
उत्तर: प्रधानमंत्री के इस्तीफे के साथ पूरी मंत्रिपरिषद समाप्त मानी जाती है क्योंकि प्रधानमंत्री ही उसका प्रमुख होता है।
मंत्रिपरिषद में अधिकतम कितने मंत्री हो सकते हैं?
उत्तर: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
वास्तविक कार्यपालिका किसे कहा जाता है?
उत्तर: भारत में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को वास्तविक कार्यपालिका (Real Executive) कहा जाता है।
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