📌 एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| विषय | भारतीय राजव्यवस्था |
| टॉपिक | संवैधानिक निकाय |
| संविधान का भाग | विभिन्न भाग एवं अनुच्छेद |
| प्रमुख निकाय | निर्वाचन आयोग, UPSC, वित्त आयोग, CAG, महान्यायवादी आदि |
| परीक्षा उपयोगिता | SSC, UPSC, Railway, CET, REET, CTET, Police, Banking |
| महत्वपूर्ण अनुच्छेद | 76, 148, 280, 315, 324, 338, 338A, 338B, 339, 340 |
संक्षिप्त परिचय
भारतीय संविधान विश्व के सबसे विस्तृत संविधानों में से एक है। संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र को मजबूत, पारदर्शी तथा उत्तरदायी बनाने के लिए अनेक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संस्थाओं का गठन किया। इन्हें संवैधानिक निकाय (Constitutional Bodies) कहा जाता है।
इन संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य शासन में निष्पक्षता, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता तथा नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। लगभग प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा में इन निकायों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
विषय का परिचय
भारतीय संविधान केवल सरकार की संरचना निर्धारित नहीं करता, बल्कि ऐसी संस्थाओं की भी स्थापना करता है जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करती हैं। ये संस्थाएँ कार्यपालिका, विधायिका तथा न्यायपालिका के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संवैधानिक निकाय क्या हैं?
संवैधानिक निकाय वे संस्थाएँ हैं—
- जिनकी स्थापना सीधे संविधान द्वारा की गई है।
- जिनका उल्लेख संविधान के किसी अनुच्छेद में किया गया है।
- जिनकी शक्तियाँ एवं कार्य संविधान द्वारा निर्धारित हैं।
- जिनकी स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित होती है।
संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान में विभिन्न संवैधानिक निकायों का उल्लेख अलग-अलग अनुच्छेदों में किया गया है।
इनका उद्देश्य—
- स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव
- वित्तीय पारदर्शिता
- योग्य लोक सेवकों की नियुक्ति
- अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों की रक्षा
- सरकार को विधिक सलाह देना
- संघीय व्यवस्था को मजबूत करना
संबंधित अनुच्छेद
| अनुच्छेद | संवैधानिक निकाय |
|---|---|
| 76 | भारत के महान्यायवादी (Attorney General) |
| 148 | नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) |
| 280 | वित्त आयोग |
| 315 | संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) |
| 324 | निर्वाचन आयोग |
| 338 | राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग |
| 338A | राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग |
| 338B | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग |
| 339 | अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित आयोग |
| 340 | पिछड़े वर्ग आयोग की नियुक्ति |
भारत के प्रमुख संवैधानिक निकाय
भारत में निम्नलिखित प्रमुख संवैधानिक निकाय हैं—
| क्रम | संवैधानिक निकाय | अनुच्छेद |
|---|---|---|
| 1 | निर्वाचन आयोग | 324 |
| 2 | संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) | 315–323 |
| 3 | वित्त आयोग | 280 |
| 4 | नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) | 148–151 |
| 5 | भारत के महान्यायवादी | 76 |
| 6 | राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग | 338 |
| 7 | राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग | 338A |
| 8 | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग | 338B |
प्रमुख विशेषताएँ
- संविधान द्वारा स्थापित।
- स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कार्यप्रणाली।
- निश्चित कार्यकाल।
- संवैधानिक सुरक्षा।
- लोकतंत्र को मजबूत बनाना।
- सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- नागरिक अधिकारों की रक्षा।
- प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना।
संवैधानिक निकायों का महत्व
1. लोकतंत्र की रक्षा
ये संस्थाएँ लोकतांत्रिक मूल्यों को सुरक्षित रखती हैं।
2. निष्पक्ष चुनाव
निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है।
3. वित्तीय अनुशासन
CAG सरकारी व्यय का ऑडिट करता है।
4. योग्य अधिकारियों का चयन
UPSC योग्य एवं निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करता है।
5. सामाजिक न्याय
SC, ST तथा OBC आयोग कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करते हैं।
6. संघीय संतुलन
वित्त आयोग केंद्र एवं राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करता है।
संवैधानिक निकाय एवं वैधानिक निकाय में अंतर
| आधार | संवैधानिक निकाय | वैधानिक निकाय |
|---|---|---|
| गठन | संविधान द्वारा | संसद के कानून द्वारा |
| संशोधन | संवैधानिक संशोधन आवश्यक | सामान्य कानून से संभव |
| उदाहरण | UPSC, CAG, ECI | NHRC, NGT, CBI, CIC |
संवैधानिक निकायों की सामान्य विशेषताएँ
- अधिकांश निकाय स्वतंत्र होते हैं।
- सरकार से कार्यात्मक स्वायत्तता प्राप्त होती है।
- नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है (अधिकांश मामलों में)।
- कार्यकाल निश्चित होता है।
- हटाने की प्रक्रिया संविधान में निर्धारित होती है।
- लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाते हैं।
महत्वपूर्ण संशोधन
संवैधानिक निकायों से संबंधित प्रमुख संशोधन:
| संशोधन | प्रभाव |
|---|---|
| 65वाँ संशोधन (1990) | राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग को संवैधानिक दर्जा |
| 89वाँ संशोधन (2003) | SC एवं ST आयोग अलग-अलग बनाए गए |
| 102वाँ संशोधन (2018) | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा |
महत्वपूर्ण न्यायालय निर्णय
1. टी. एन. शेषन बनाम भारत संघ (1995)
निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता एवं बहु-सदस्यीय आयोग की वैधता को स्पष्ट किया गया।
2. इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ (1992)
पिछड़ा वर्ग आयोग एवं आरक्षण व्यवस्था से संबंधित ऐतिहासिक निर्णय।
3. एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ (1981)
संवैधानिक पदों की स्वतंत्रता एवं प्रशासनिक पारदर्शिता पर महत्वपूर्ण निर्णय।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत में निर्वाचन आयोग का उल्लेख अनुच्छेद 324 में है।
- UPSC का उल्लेख अनुच्छेद 315 से 323 तक किया गया है।
- वित्त आयोग प्रत्येक पाँच वर्ष में गठित किया जाता है।
- CAG को भारत का वित्तीय प्रहरी कहा जाता है।
- महान्यायवादी भारत सरकार के सर्वोच्च विधिक सलाहकार होते हैं।
- NCBC को 102वें संविधान संशोधन द्वारा संवैधानिक दर्जा मिला।
- CAG की रिपोर्ट संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के लिए महत्वपूर्ण आधार होती है।
- UPSC एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।
- निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव का संरक्षक है।
- संवैधानिक निकाय भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ माने जाते हैं।
सारांश
संवैधानिक निकाय भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं। इनका गठन संविधान द्वारा किया गया है तथा इनकी स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित है। निर्वाचन आयोग, UPSC, वित्त आयोग, CAG, महान्यायवादी तथा विभिन्न राष्ट्रीय आयोग शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करते हैं।
1. निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 324
- स्थापना: 25 जनवरी 1950
- मुख्यालय: नई दिल्ली
परिचय
निर्वाचन आयोग भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था है। यह लोकसभा, राज्यसभा, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति तथा राज्य विधानसभाओं के चुनावों का संचालन करता है।
संरचना
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त (Chief Election Commissioner)
- अन्य निर्वाचन आयुक्त (Election Commissioners)
राष्ट्रपति आवश्यकता अनुसार आयुक्तों की संख्या निर्धारित करते हैं।
नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति।
- वर्तमान में नियुक्ति प्रक्रिया कानून एवं चयन समिति के प्रावधानों के अनुसार संचालित होती है।
कार्यकाल
- 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो)
हटाने की प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन आयुक्त
- सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया से हटाया जाता है।
अन्य निर्वाचन आयुक्त
- राष्ट्रपति द्वारा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश पर।
प्रमुख कार्य
- लोकसभा चुनाव
- विधानसभा चुनाव
- राष्ट्रपति चुनाव
- उपराष्ट्रपति चुनाव
- मतदाता सूची तैयार करना
- राजनीतिक दलों को मान्यता देना
- चुनाव चिन्ह आवंटित करना
- आदर्श आचार संहिता लागू करना
शक्तियाँ
- चुनाव कार्यक्रम घोषित करना
- पुनर्मतदान कराना
- चुनाव रद्द करना
- चुनाव खर्च की निगरानी
- राजनीतिक दलों का पंजीकरण
परीक्षा तथ्य
- अनुच्छेद 324
- स्थापना: 25 जनवरी 1950
- राष्ट्रीय मतदाता दिवस: 25 जनवरी
2. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 315–323
परिचय
UPSC भारत की सर्वोच्च भर्ती संस्था है। यह अखिल भारतीय सेवाओं एवं केंद्रीय सेवाओं के लिए परीक्षाएँ आयोजित करती है।
संरचना
- अध्यक्ष
- अन्य सदस्य
नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा
कार्यकाल
- 6 वर्ष या 65 वर्ष
हटाने की प्रक्रिया
राष्ट्रपति द्वारा।
दुराचार के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय की जांच आवश्यक हो सकती है।
प्रमुख कार्य
- IAS परीक्षा
- IPS परीक्षा
- IFS परीक्षा
- CDS
- NDA
- CAPF
- इंजीनियरिंग सेवा
- संयुक्त चिकित्सा सेवा
UPSC की सलाह
- भर्ती
- पदोन्नति
- स्थानांतरण
- अनुशासनात्मक मामलों पर सलाह
परीक्षा तथ्य
- अनुच्छेद 315
- भारत का सर्वोच्च भर्ती आयोग
3. वित्त आयोग (Finance Commission)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 280
परिचय
वित्त आयोग केंद्र एवं राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश करता है।
गठन
राष्ट्रपति प्रत्येक 5 वर्ष में गठित करते हैं।
संरचना
- अध्यक्ष
- चार अन्य सदस्य
प्रमुख कार्य
- करों का बंटवारा
- अनुदान की सिफारिश
- वित्तीय असमानता कम करना
- पंचायत एवं नगर निकायों को संसाधनों की सिफारिश (संवैधानिक संशोधनों के बाद)
परीक्षा तथ्य
- अनुच्छेद 280
- प्रत्येक पाँच वर्ष में गठन
4. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 148–151
परिचय
CAG भारत सरकार एवं राज्य सरकारों के आय-व्यय का लेखा परीक्षण (Audit) करता है।
इसे भारत का Financial Watchdog कहा जाता है।
नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा
कार्यकाल
- 6 वर्ष
- या 65 वर्ष की आयु
हटाने की प्रक्रिया
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया।
प्रमुख कार्य
- सरकारी खातों का ऑडिट
- सार्वजनिक उपक्रमों का ऑडिट
- संसद को रिपोर्ट देना
- वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना
परीक्षा तथ्य
- PAC (लोक लेखा समिति) CAG रिपोर्टों की जांच करती है।
- अनुच्छेद 148
5. भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 76
परिचय
भारत सरकार के सर्वोच्च विधिक सलाहकार।
नियुक्ति
- राष्ट्रपति द्वारा
योग्यता
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बनने की योग्यता।
प्रमुख कार्य
- सरकार को कानूनी सलाह
- सर्वोच्च न्यायालय में सरकार का पक्ष रखना
- राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए कार्य करना
विशेष अधिकार
- संसद की कार्यवाही में भाग ले सकते हैं।
- मतदान का अधिकार नहीं होता।
परीक्षा तथ्य
- अनुच्छेद 76
6. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (National Commission for Scheduled Castes)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 338
प्रमुख कार्य
- SC के अधिकारों की रक्षा
- शिकायतों की जांच
- राष्ट्रपति को रिपोर्ट देना
- कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी
महत्वपूर्ण तथ्य
- 65वें संविधान संशोधन से संवैधानिक दर्जा।
- 89वें संशोधन के बाद अलग आयोग।
7. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for Scheduled Tribes)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 338A
प्रमुख कार्य
- ST अधिकारों की रक्षा
- जनजातीय क्षेत्रों का विकास
- राष्ट्रपति को रिपोर्ट
परीक्षा तथ्य
- 89वाँ संविधान संशोधन
8. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC)
संवैधानिक आधार
- अनुच्छेद: 338B
परिचय
सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा करता है।
प्रमुख कार्य
- OBC अधिकारों की सुरक्षा
- शिकायतों की जांच
- सरकार को सुझाव
परीक्षा तथ्य
- 102वाँ संविधान संशोधन (2018)
सभी संवैधानिक निकायों की तुलना
| निकाय | अनुच्छेद | नियुक्ति | मुख्य कार्य |
|---|---|---|---|
| निर्वाचन आयोग | 324 | राष्ट्रपति | चुनाव कराना |
| UPSC | 315 | राष्ट्रपति | भर्ती |
| वित्त आयोग | 280 | राष्ट्रपति | कर वितरण |
| CAG | 148 | राष्ट्रपति | ऑडिट |
| महान्यायवादी | 76 | राष्ट्रपति | कानूनी सलाह |
| SC आयोग | 338 | राष्ट्रपति | SC अधिकार |
| ST आयोग | 338A | राष्ट्रपति | ST अधिकार |
| NCBC | 338B | राष्ट्रपति | OBC अधिकार |
संवैधानिक निकायों से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद (Quick Revision Table)
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 76 | महान्यायवादी |
| 148 | CAG |
| 280 | वित्त आयोग |
| 315 | UPSC |
| 324 | निर्वाचन आयोग |
| 338 | राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग |
| 338A | राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग |
| 338B | राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग |
| 339 | अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन |
| 340 | पिछड़ा वर्ग आयोग |
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए याद रखने की ट्रिक
“76 का वकील, 148 का हिसाब, 280 का बंटवारा, 315 की भर्ती, 324 का चुनाव, 338–338B सामाजिक न्याय।”

MCQ Practice Set
प्रश्न 1. निर्वाचन आयोग का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
A. 315
B. 280
C. 324
D. 148
उत्तर: C
व्याख्या: भारतीय निर्वाचन आयोग का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 324 में किया गया है.
प्रश्न 2. UPSC का उल्लेख किस अनुच्छेद में किया गया है?
A. 315
B. 324
C. 148
D. 76
उत्तर: A
व्याख्या: संघ लोक सेवा आयोग का उल्लेख अनुच्छेद 315 से 323 तक किया गया है.
प्रश्न 3. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) किस अनुच्छेद में है?
A. 76
B. 148
C. 280
D. 324
उत्तर: B
व्याख्या: CAG का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 148 से 151 तक है.
प्रश्न 4. वित्त आयोग का गठन किस अनुच्छेद के अंतर्गत होता है?
A. 315
B. 324
C. 280
D. 338
उत्तर: C
व्याख्या: वित्त आयोग का गठन अनुच्छेद 280 के अंतर्गत किया जाता है.
प्रश्न 5. भारत के महान्यायवादी का उल्लेख किस अनुच्छेद में है?
A. 148
B. 280
C. 324
D. 76
उत्तर: D
व्याख्या: महान्यायवादी का उल्लेख अनुच्छेद 76 में है.
प्रश्न 6. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग किस अनुच्छेद में है?
A. 338
B. 338A
C. 338B
D. 340
उत्तर: A
व्याख्या: SC आयोग का उल्लेख अनुच्छेद 338 में किया गया है.
प्रश्न 7. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग किस अनुच्छेद में है?
A. 338
B. 338A
C. 338B
D. 339
उत्तर: B
व्याख्या: ST आयोग का उल्लेख अनुच्छेद 338A में किया गया है.
प्रश्न 8. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन द्वारा मिला?
A. 89वाँ
B. 42वाँ
C. 102वाँ
D. 44वाँ
उत्तर: C
व्याख्या: 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा NCBC को संवैधानिक दर्जा दिया गया.
प्रश्न 9. CAG की नियुक्ति कौन करता है?
A. प्रधानमंत्री
B. राष्ट्रपति
C. संसद
D. सर्वोच्च न्यायालय
उत्तर: B
व्याख्या: CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है.
प्रश्न 10. UPSC के अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है?
A. प्रधानमंत्री
B. राष्ट्रपति
C. संसद
D. राज्यपाल
उत्तर: B
व्याख्या: UPSC के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं.
प्रश्न 11. निर्वाचन आयोग का मुख्य कार्य क्या है?
A. न्याय देना
B. कानून बनाना
C. चुनाव कराना
D. बजट बनाना
उत्तर: C
व्याख्या: निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव आयोजित करता है.
प्रश्न 12. CAG को किस नाम से जाना जाता है?
A. संविधान का संरक्षक
B. वित्तीय प्रहरी
C. न्यायिक प्रहरी
D. प्रशासनिक प्रमुख
उत्तर: B
व्याख्या: CAG को भारत का Financial Watchdog अर्थात वित्तीय प्रहरी कहा जाता है.
प्रश्न 13. वित्त आयोग का गठन कितने वर्षों में किया जाता है?
A. 3 वर्ष
B. 4 वर्ष
C. 5 वर्ष
D. 6 वर्ष
उत्तर: C
व्याख्या: राष्ट्रपति प्रत्येक पाँच वर्ष में वित्त आयोग का गठन करते हैं.
प्रश्न 14. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया किसके समान है?
A. राष्ट्रपति
B. राज्यपाल
C. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश
D. प्रधानमंत्री
उत्तर: C
व्याख्या: मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान है.
प्रश्न 15. UPSC का मुख्य कार्य क्या है?
A. कर संग्रह करना
B. सरकारी भर्ती करना
C. कानून बनाना
D. न्याय देना
उत्तर: B
व्याख्या: UPSC अखिल भारतीय एवं केंद्रीय सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करता है.
प्रश्न 16. राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?
A. 26 जनवरी
B. 15 अगस्त
C. 25 जनवरी
D. 2 अक्टूबर
उत्तर: C
व्याख्या: राष्ट्रीय मतदाता दिवस प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है.
प्रश्न 17. निम्न में से कौन संवैधानिक निकाय है?
A. NGT
B. NHRC
C. UPSC
D. CBI
उत्तर: C
व्याख्या: UPSC का गठन संविधान द्वारा किया गया है, जबकि अन्य वैधानिक निकाय हैं.
प्रश्न 18. निर्वाचन आयोग की स्थापना कब हुई?
A. 26 जनवरी 1950
B. 15 अगस्त 1947
C. 25 जनवरी 1950
D. 26 नवंबर 1949
उत्तर: C
व्याख्या: निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी.
प्रश्न 19. निम्न में से कौन सरकार का सर्वोच्च विधिक सलाहकार है?
A. CAG
B. UPSC अध्यक्ष
C. महान्यायवादी
D. मुख्य निर्वाचन आयुक्त
उत्तर: C
व्याख्या: महान्यायवादी भारत सरकार के सर्वोच्च विधिक सलाहकार होते हैं.
प्रश्न 20. केंद्र एवं राज्यों के बीच करों के वितरण की सिफारिश कौन करता है?
A. CAG
B. निर्वाचन आयोग
C. वित्त आयोग
D. UPSC
उत्तर: C
व्याख्या: वित्त आयोग करों के वितरण तथा वित्तीय संसाधनों के बंटवारे की सिफारिश करता है।
Previous Year Questions (PYQs)
PYQ 1. भारतीय निर्वाचन आयोग का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में किया गया है?
Exam: SSC CGL
उत्तर: अनुच्छेद 324
व्याख्या: भारतीय निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत किया गया है तथा यह स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उत्तरदायी है.
PYQ 2. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?
Exam: UPSC Prelims
उत्तर: राष्ट्रपति
व्याख्या: CAG की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है तथा इसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया से हटाया जा सकता है.
PYQ 3. वित्त आयोग का गठन कितने वर्षों के लिए किया जाता है?
Exam: Railway NTPC
उत्तर: प्रत्येक 5 वर्ष
व्याख्या: संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक पाँच वर्ष में वित्त आयोग का गठन करते हैं.
PYQ 4. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?
Exam: SSC CHSL
उत्तर: अनुच्छेद 315 से 323
व्याख्या: UPSC भारत की सर्वोच्च भर्ती संस्था है और इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 315–323 में किया गया है.
PYQ 5. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा दिया गया?
Exam: State PCS
उत्तर: 102वाँ संविधान संशोधन, 2018
व्याख्या: 102वें संविधान संशोधन द्वारा NCBC को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया और अनुच्छेद 338B जोड़ा गया.
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