स्थानीय स्वशासन (Local Self Government) Notes in Hindi | पंचायती राज, नगर निकाय, MCQ, PYQ

स्थानीय स्वशासन (Local Self Government) | पंचायती राज, नगर निकाय

Table of Contents

📌 एक नजर में

विषयविवरण
विषयस्थानीय स्वशासन
Subjectभारतीय राजव्यवस्था (Polity)
संविधान का भागभाग IX एवं भाग IX-A
संबंधित संशोधन73वाँ एवं 74वाँ संविधान संशोधन
लागू वर्ष1993
ग्रामीण स्थानीय शासनपंचायती राज
शहरी स्थानीय शासननगर निकाय
मुख्य उद्देश्यस्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रशासन
परीक्षा हेतु महत्वपूर्णSSC, Railway, CET, Police, REET, CTET, UPSC

स्थानीय स्वशासन वह व्यवस्था है जिसमें स्थानीय स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास, प्रशासन और नागरिक सुविधाओं का संचालन करते हैं। भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पंचायती राज तथा शहरी क्षेत्रों के लिए नगर निकायों की व्यवस्था संविधान के भाग IX एवं भाग IX-A के अंतर्गत की गई है।


संक्षिप्त परिचय

स्थानीय स्वशासन (Local Self Government) लोकतंत्र की सबसे निचली और सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासन को जनता के निकट लाना, स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान करना तथा नागरिकों को शासन में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर प्रदान करना है।

भारत में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विकसित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाएँ कार्य करती हैं जबकि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत जैसी संस्थाएँ कार्य करती हैं।

73वें एवं 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया, जो 24 अप्रैल 1993 तथा 1 जून 1993 से लागू हुए।


स्थानीय स्वशासन क्या है?

स्थानीय स्वशासन ऐसी लोकतांत्रिक प्रशासनिक व्यवस्था है जिसमें किसी क्षेत्र के नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करके स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों, सार्वजनिक सेवाओं तथा प्रशासन का संचालन करते हैं।

यह शासन की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था (Decentralization) का सबसे प्रभावी उदाहरण है।


स्थानीय स्वशासन की परिभाषा

स्थानीय स्वशासन वह प्रणाली है जिसके अंतर्गत किसी स्थानीय क्षेत्र के निवासी अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से स्थानीय प्रशासन एवं विकास कार्यों का संचालन करते हैं।


स्थानीय स्वशासन के उद्देश्य

स्थानीय समस्याओं का समाधान

क्षेत्र विशेष की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करना।

लोकतंत्र को मजबूत बनाना

नागरिकों की शासन में प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करना।

विकेन्द्रीकरण को बढ़ावा देना

केंद्र एवं राज्य सरकारों के कार्यभार को कम करना।

स्थानीय विकास

सड़क, जल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना।

जनभागीदारी बढ़ाना

लोगों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना।


भारत में स्थानीय स्वशासन का विकास

प्राचीन काल

  • ग्राम सभाएँ स्थानीय प्रशासन का संचालन करती थीं।
  • पंचायतें सामाजिक एवं न्यायिक कार्य भी करती थीं।

ब्रिटिश काल

  • 1687 में मद्रास नगर निगम की स्थापना।
  • 1882 में लॉर्ड रिपन ने स्थानीय स्वशासन को प्रोत्साहित किया।
  • लॉर्ड रिपन को भारत में स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता है।

स्वतंत्रता के बाद

संविधान के नीति निदेशक तत्वों में अनुच्छेद 40 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के संगठन का निर्देश दिया गया।


स्थानीय स्वशासन का संवैधानिक आधार

अनुच्छेद 40

राज्य ग्राम पंचायतों का संगठन करेगा तथा उन्हें स्वशासन की इकाई के रूप में विकसित करेगा।


73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992

यह संशोधन ग्रामीण स्थानीय स्वशासन अर्थात पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित है।

मुख्य बिंदु

  • संविधान में भाग IX जोड़ा गया।
  • अनुच्छेद 243 से 243-O तक जोड़े गए।
  • ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।
  • 29 विषय पंचायतों को सौंपे गए।
  • ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता मिली।
  • पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित किया गया।
  • महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया।

74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992

यह संशोधन शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित है।

मुख्य बिंदु

  • संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया।
  • अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक जोड़े गए।
  • बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।
  • 18 विषय नगर निकायों को दिए गए।
  • नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत को संवैधानिक दर्जा मिला।

स्थानीय स्वशासन के प्रकार

ग्रामीण स्थानीय स्वशासन

ग्रामीण क्षेत्रों में लागू व्यवस्था।

मुख्य संस्थाएँ—

  • ग्राम सभा
  • ग्राम पंचायत
  • पंचायत समिति
  • जिला परिषद

शहरी स्थानीय स्वशासन

शहरी क्षेत्रों में लागू व्यवस्था।

मुख्य संस्थाएँ—

  • नगर निगम
  • नगर परिषद
  • नगर पंचायत

पंचायती राज व्यवस्था

भारत में पंचायती राज ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला है। इसका उद्देश्य ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक प्रशासन स्थापित करना तथा ग्रामीण विकास को गति देना है।


पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था

स्तरसंस्थाप्रमुख
ग्राम स्तरग्राम पंचायतसरपंच
ब्लॉक स्तरपंचायत समितिप्रधान
जिला स्तरजिला परिषदजिला प्रमुख

ग्राम सभा

ग्राम सभा किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी पंजीकृत मतदाताओं का समूह होती है।

प्रमुख कार्य

  • पंचायत के कार्यों की समीक्षा
  • विकास योजनाओं की स्वीकृति
  • सामाजिक अंकेक्षण
  • बजट पर चर्चा
  • लाभार्थियों का चयन

ग्राम पंचायत

ग्राम पंचायत ग्रामीण प्रशासन की कार्यपालिका होती है।

प्रमुख कार्य

  • पेयजल व्यवस्था
  • स्वच्छता
  • सड़क निर्माण
  • जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण
  • सार्वजनिक संपत्ति का रखरखाव
  • ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन

पंचायत समिति

यह ब्लॉक स्तर की संस्था होती है।

प्रमुख कार्य

  • ग्राम पंचायतों का समन्वय
  • विकास योजनाओं की निगरानी
  • कृषि एवं सिंचाई कार्यक्रम
  • ग्रामीण रोजगार योजनाओं का संचालन

जिला परिषद

जिले की सर्वोच्च पंचायती संस्था।

प्रमुख कार्य

  • जिला स्तर की विकास योजनाएँ
  • पंचायत समितियों का समन्वय
  • जिला योजना का निर्माण
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी

पंचायती राज से संबंधित महत्वपूर्ण समितियाँ

समितिवर्षप्रमुख सिफारिश
बलवंत राय मेहता समिति1957त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था
अशोक मेहता समिति1978द्विस्तरीय प्रणाली का सुझाव
जी.वी.के. राव समिति1985जिला परिषद को प्रमुख इकाई बनाने की सिफारिश
एल.एम. सिंहवी समिति1986पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देने की सिफारिश

नगर निकाय (Urban Local Bodies)

शहरी क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन के लिए नगर निकायों की व्यवस्था की गई है। इनका उद्देश्य नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना, शहरी विकास को गति देना तथा स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ बनाना है।

नगर पंचायत

ऐसे क्षेत्र जहाँ ग्रामीण क्षेत्र धीरे-धीरे शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे हों, वहाँ नगर पंचायत का गठन किया जाता है।

नगर परिषद (Municipal Council)

मध्यम आकार के शहरों में नगर परिषद का गठन किया जाता है।

नगर निगम (Municipal Corporation)

बड़े महानगरों एवं अधिक जनसंख्या वाले शहरों में नगर निगम की स्थापना की जाती है।


नगर निकायों के प्रमुख कार्य

नागरिक सुविधाएँ

  • स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना
  • सड़क एवं पुलों का निर्माण
  • स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
  • सीवरेज एवं जल निकासी

स्वास्थ्य एवं स्वच्छता

  • सफाई व्यवस्था
  • कचरा प्रबंधन
  • सार्वजनिक शौचालय
  • मच्छर एवं संक्रामक रोग नियंत्रण

सामाजिक विकास

  • प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा
  • सार्वजनिक पुस्तकालय
  • पार्क एवं खेल मैदान
  • सामुदायिक भवन

आर्थिक विकास

  • स्थानीय बाजारों का विकास
  • व्यापारिक लाइसेंस जारी करना
  • संपत्ति कर संग्रह
  • स्थानीय राजस्व में वृद्धि

ग्यारहवीं अनुसूची (11th Schedule)

73वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।

इसमें पंचायतों को सौंपे गए 29 विषयों का उल्लेख है।

प्रमुख विषय

  • कृषि
  • सिंचाई
  • पशुपालन
  • मत्स्य पालन
  • ग्रामीण आवास
  • ग्रामीण सड़कें
  • पेयजल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • महिला एवं बाल विकास
  • गरीबी उन्मूलन
  • सामाजिक कल्याण

बारहवीं अनुसूची (12th Schedule)

74वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।

इसमें नगर निकायों को सौंपे गए 18 विषयों का उल्लेख है।

प्रमुख विषय

  • नगर नियोजन
  • भूमि उपयोग
  • सड़क निर्माण
  • जलापूर्ति
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य
  • अग्निशमन सेवा
  • शहरी वानिकी
  • पर्यावरण संरक्षण
  • पार्क एवं उद्यान
  • जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण
  • शहरी गरीबी उन्मूलन

स्थानीय स्वशासन से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद

अनुच्छेदविषय
अनुच्छेद 40ग्राम पंचायतों के संगठन का निर्देश
अनुच्छेद 243पंचायतों की परिभाषाएँ
अनुच्छेद 243Aग्राम सभा
अनुच्छेद 243Bपंचायतों का गठन
अनुच्छेद 243Cपंचायतों की संरचना
अनुच्छेद 243Dआरक्षण
अनुच्छेद 243Eकार्यकाल
अनुच्छेद 243Fसदस्यता की अयोग्यता
अनुच्छेद 243Gशक्तियाँ एवं उत्तरदायित्व
अनुच्छेद 243Hवित्तीय अधिकार
अनुच्छेद 243Iराज्य वित्त आयोग
अनुच्छेद 243Kराज्य निर्वाचन आयोग
अनुच्छेद 243P–243ZGनगर निकायों से संबंधित प्रावधान

राज्य निर्वाचन आयोग

73वें एवं 74वें संविधान संशोधनों के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया गया।

प्रमुख कार्य

  • पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव कराना
  • मतदाता सूची तैयार करना
  • चुनाव कार्यक्रम घोषित करना
  • स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना

राज्य वित्त आयोग

प्रत्येक पाँच वर्ष में राज्यपाल द्वारा राज्य वित्त आयोग का गठन किया जाता है।

प्रमुख कार्य

  • पंचायतों एवं नगर निकायों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन
  • करों के वितरण पर सिफारिश
  • अनुदान संबंधी सुझाव देना

स्थानीय स्वशासन के वित्तीय स्रोत

कर आधारित आय

  • गृह कर
  • संपत्ति कर
  • जल कर
  • प्रकाश कर
  • बाजार शुल्क
  • लाइसेंस शुल्क

गैर-कर आय

  • भवन किराया
  • पार्किंग शुल्क
  • मेलों से आय
  • जुर्माना
  • उपयोगकर्ता शुल्क

सरकारी सहायता

  • राज्य सरकार से अनुदान
  • केंद्र सरकार से अनुदान
  • वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर सहायता

स्थानीय स्वशासन के लाभ

लोकतंत्र को मजबूत बनाता है

स्थानीय स्तर पर जनता की भागीदारी बढ़ती है।

विकास कार्यों में तेजी

स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान होता है।

पारदर्शिता

जनप्रतिनिधि जनता के प्रति सीधे उत्तरदायी होते हैं।

महिलाओं का सशक्तिकरण

महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है।

सामाजिक न्याय

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्गों को आरक्षण मिलता है।


स्थानीय स्वशासन की चुनौतियाँ

  • वित्तीय संसाधनों की कमी
  • प्रशासनिक हस्तक्षेप
  • प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी
  • भ्रष्टाचार
  • राजनीतिक दबाव
  • योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कठिनाई
  • तकनीकी संसाधनों का अभाव

स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने के उपाय

  • वित्तीय स्वायत्तता बढ़ाई जाए।
  • ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जाए।
  • जनभागीदारी बढ़ाई जाए।
  • कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण हो।
  • सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाया जाए।
  • योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए।

स्थानीय स्वशासन एवं पंचायती राज में अंतर

आधारस्थानीय स्वशासनपंचायती राज
क्षेत्रग्रामीण एवं शहरी दोनोंकेवल ग्रामीण
स्वरूपव्यापक व्यवस्थास्थानीय स्वशासन का ग्रामीण भाग
संवैधानिक आधारभाग IX एवं IX-Aभाग IX
संस्थाएँपंचायत एवं नगर निकायग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद
लागू क्षेत्रसम्पूर्ण भारतग्रामीण भारत

स्थानीय स्वशासन से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन

संशोधनवर्षमहत्व
73वाँ संशोधन1992पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा
74वाँ संशोधन1992नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

  • स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की आधारशिला माना जाता है।
  • अनुच्छेद 40 नीति निदेशक तत्वों में शामिल है।
  • 73वाँ एवं 74वाँ संविधान संशोधन 1992 में पारित हुए।
  • 73वाँ संशोधन 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ।
  • 74वाँ संशोधन 1 जून 1993 से लागू हुआ।
  • पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
  • पंचायतों से संबंधित विषय 11वीं अनुसूची में हैं।
  • नगर निकायों से संबंधित विषय 12वीं अनुसूची में हैं।
  • पंचायतों के लिए 29 विषय निर्धारित हैं।
  • नगर निकायों के लिए 18 विषय निर्धारित हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  1. लॉर्ड रिपन को स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता है।
  2. मद्रास नगर निगम भारत का सबसे पुराना नगर निगम है।
  3. ग्राम सभा पंचायती राज की आधारभूत इकाई है।
  4. पंचायत चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।
  5. राज्य वित्त आयोग प्रत्येक पाँच वर्ष में गठित होता है।
  6. महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान है।
  7. कई राज्यों में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया है।
  8. 11वीं अनुसूची में 29 विषय हैं।
  9. 12वीं अनुसूची में 18 विषय हैं।
  10. स्थानीय स्वशासन प्रशासन के विकेंद्रीकरण का सर्वोत्तम उदाहरण है।

निष्कर्ष

स्थानीय स्वशासन भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है। यह शासन के विकेंद्रीकरण, जनभागीदारी, पारदर्शिता तथा स्थानीय विकास को बढ़ावा देता है। 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों ने पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा देकर लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत किया। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से स्थानीय स्वशासन, अनुच्छेद 40, भाग IX, भाग IX-A, 73वाँ एवं 74वाँ संशोधन, 11वीं एवं 12वीं अनुसूची, राज्य निर्वाचन आयोग तथा राज्य वित्त आयोग अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं।

स्थानीय स्वशासन Quick Revision Infographic
स्थानीय स्वशासन Quick Revision Chart

स्थानीय स्वशासन MCQ PRACTICE SET

प्रश्न 1. भारत में स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा दिया गया?

A. 42वाँ संशोधन
B. 44वाँ संशोधन
C. 73वाँ एवं 74वाँ संशोधन
D. 52वाँ संशोधन
उत्तर: C. 73वाँ एवं 74वाँ संशोधन
व्याख्या: 73वें संशोधन ने पंचायती राज तथा 74वें संशोधन ने नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।

प्रश्न 2. ग्राम पंचायतों का उल्लेख संविधान के किस भाग में किया गया है?

A. भाग VIII
B. भाग IX
C. भाग IX-A
D. भाग X
उत्तर: B. भाग IX
व्याख्या: संविधान का भाग IX पंचायतों से संबंधित है।

प्रश्न 3. नगर निकायों का उल्लेख संविधान के किस भाग में किया गया है?

A. भाग VII
B. भाग VIII
C. भाग IX
D. भाग IX-A
उत्तर: D. भाग IX-A
व्याख्या: भाग IX-A में नगर निकायों के संबंध में प्रावधान किए गए हैं।

प्रश्न 4. अनुच्छेद 40 किससे संबंधित है?

A. मौलिक अधिकार
B. पंचायतों के संगठन
C. राष्ट्रपति
D. संसद
उत्तर: B. पंचायतों के संगठन
व्याख्या: अनुच्छेद 40 राज्य को ग्राम पंचायतों के संगठन का निर्देश देता है।

प्रश्न 5. पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश किस समिति ने की थी?

A. सरकारिया समिति
B. बलवंत राय मेहता समिति
C. कोठारी समिति
D. राजमन्नार समिति
उत्तर: B. बलवंत राय मेहता समिति
व्याख्या: 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की।

प्रश्न 6. स्थानीय स्वशासन का जनक किसे कहा जाता है?

A. लॉर्ड कर्जन
B. लॉर्ड रिपन
C. लॉर्ड माउंटबेटन
D. लॉर्ड डलहौजी
उत्तर: B. लॉर्ड रिपन
व्याख्या: लॉर्ड रिपन के 1882 के प्रस्ताव के कारण उन्हें स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता है।

प्रश्न 7. पंचायतों का कार्यकाल कितना होता है?

A. 3 वर्ष
B. 4 वर्ष
C. 5 वर्ष
D. 6 वर्ष
उत्तर: C. 5 वर्ष
व्याख्या: 73वें संविधान संशोधन के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पाँच वर्ष है।

प्रश्न 8. पंचायतों को कितने विषय सौंपे गए हैं?

A. 18
B. 22
C. 29
D. 32
उत्तर: C. 29
व्याख्या: ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों को 29 विषय दिए गए हैं।

प्रश्न 9. नगर निकायों को कितने विषय दिए गए हैं?

A. 18
B. 20
C. 25
D. 29
उत्तर: A. 18
व्याख्या: बारहवीं अनुसूची में नगर निकायों को 18 विषय सौंपे गए हैं।

प्रश्न 10. पंचायत चुनाव कौन कराता है?

A. निर्वाचन आयोग
B. राज्य निर्वाचन आयोग
C. संसद
D. राज्यपाल
उत्तर: B. राज्य निर्वाचन आयोग
व्याख्या: पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

प्रश्न 11. ग्राम पंचायत का प्रमुख कौन होता है?

A. जिला प्रमुख
B. महापौर
C. सरपंच
D. प्रधान
उत्तर: C. सरपंच
व्याख्या: ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख सरपंच कहलाता है।

प्रश्न 12. पंचायत समिति किस स्तर की संस्था है?

A. ग्राम स्तर
B. ब्लॉक स्तर
C. जिला स्तर
D. राज्य स्तर
उत्तर: B. ब्लॉक स्तर
व्याख्या: पंचायत समिति विकासखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था है।

प्रश्न 13. जिला परिषद किस स्तर पर कार्य करती है?

A. ग्राम
B. नगर
C. जिला
D. राज्य
उत्तर: C. जिला
व्याख्या: जिला परिषद जिले की सर्वोच्च पंचायती संस्था होती है।

प्रश्न 14. ग्राम सभा में कौन शामिल होते हैं?

A. केवल सरपंच
B. केवल पंच
C. सभी पंजीकृत मतदाता
D. केवल अधिकारी
उत्तर: C. सभी पंजीकृत मतदाता
व्याख्या: ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी पंजीकृत मतदाता ग्राम सभा के सदस्य होते हैं।

प्रश्न 15. 74वाँ संविधान संशोधन किससे संबंधित है?

A. संसद
B. न्यायपालिका
C. नगर निकाय
D. राष्ट्रपति
उत्तर: C. नगर निकाय
व्याख्या: 74वाँ संविधान संशोधन शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित है।

प्रश्न 16. राज्य वित्त आयोग का गठन कितने वर्ष में किया जाता है?

A. 3 वर्ष
B. 4 वर्ष
C. 5 वर्ष
D. 6 वर्ष
उत्तर: C. 5 वर्ष
व्याख्या: प्रत्येक पाँच वर्ष में राज्य वित्त आयोग का गठन किया जाता है।

प्रश्न 17. पंचायतों में महिलाओं के लिए न्यूनतम आरक्षण कितना है?

A. 20%
B. 25%
C. एक-तिहाई
D. 50%
उत्तर: C. एक-तिहाई
व्याख्या: संविधान में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

प्रश्न 18. भारत का सबसे पुराना नगर निगम कौन-सा है?

A. मुंबई
B. दिल्ली
C. मद्रास (चेन्नई)
D. कोलकाता
उत्तर: C. मद्रास (चेन्नई)
व्याख्या: 1687 में मद्रास नगर निगम की स्थापना हुई थी।

प्रश्न 19. ग्यारहवीं अनुसूची किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

A. 42वाँ
B. 44वाँ
C. 73वाँ
D. 74वाँ
उत्तर: C. 73वाँ
व्याख्या: पंचायतों के लिए ग्यारहवीं अनुसूची 73वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ी गई।

प्रश्न 20. बारहवीं अनुसूची किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

A. 73वाँ
B. 74वाँ
C. 86वाँ
D. 91वाँ
उत्तर: B. 74वाँ
व्याख्या: नगर निकायों के लिए बारहवीं अनुसूची 74वें संविधान संशोधन द्वारा जोड़ी गई।


PREVIOUS YEAR QUESTIONS (PYQ)

PYQ 1. पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा दिया गया?

परीक्षा: SSC CGL
उत्तर: 73वाँ संविधान संशोधन
व्याख्या: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा संविधान के भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची को जोड़ा गया।

PYQ 2. स्थानीय स्वशासन का जनक किसे कहा जाता है?

परीक्षा: SSC CHSL
उत्तर: लॉर्ड रिपन
व्याख्या: 1882 के स्थानीय स्वशासन संबंधी प्रस्ताव के कारण लॉर्ड रिपन को भारत में स्थानीय स्वशासन का जनक कहा जाता है।

PYQ 3. नगर निकायों को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा दिया गया?

परीक्षा: RRB NTPC
उत्तर: 74वाँ संविधान संशोधन
व्याख्या: 74वें संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX-A एवं बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई।

PYQ 4. पंचायतों से संबंधित विषय किस अनुसूची में दिए गए हैं?

परीक्षा: UPSC Prelims
उत्तर: ग्यारहवीं अनुसूची
व्याख्या: पंचायतों को सौंपे गए 29 विषय ग्यारहवीं अनुसूची में वर्णित हैं।

PYQ 5. राज्य निर्वाचन आयोग का संबंध किससे है?

परीक्षा: SSC GD
उत्तर: पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव
व्याख्या: राज्य निर्वाचन आयोग स्थानीय निकायों के चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से आयोजित कराता है।

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