एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| विषय | संविधान निर्माण की प्रक्रिया |
| अवधि | 1946–1950 |
| प्रारूप समिति के अध्यक्ष | डॉ. भीमराव अम्बेडकर |
| संविधान पारित | 26 नवम्बर 1949 |
| संविधान लागू | 26 जनवरी 1950 |
| कुल समय | 2 वर्ष 11 माह 18 दिन |
| कुल बैठकें | 11 सत्र |
| कुल कार्य दिवस | 165 दिन |
| कुल संशोधन प्रस्ताव | लगभग 7,600+ |
| स्वीकृत संशोधन | लगभग 2,400 |
प्रश्न: भारतीय संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कितना समय लगा था?
उत्तर: भारतीय संविधान के निर्माण में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन लगे। संविधान सभा ने 9 दिसम्बर 1946 से कार्य प्रारम्भ किया, 26 नवम्बर 1949 को संविधान को अपनाया (Adopt), तथा 26 जनवरी 1950 से इसे पूरे भारत में लागू किया गया।
Exam Trick:
9 Dec 1946 → शुरुआत
26 Nov 1949 → संविधान अपनाया गया
26 Jan 1950 → लागू हुआ
संविधान निर्माण की प्रक्रिया क्या है?
संविधान निर्माण की प्रक्रिया से तात्पर्य उन सभी घटनाओं, निर्णयों, समितियों, मसौदों (Drafts) तथा चर्चाओं से है जिनके माध्यम से भारत का संविधान तैयार किया गया।
यह केवल संविधान सभा की बैठकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें स्वतंत्रता आंदोलन, ब्रिटिश सरकार की योजनाएँ, विभिन्न समितियों की रिपोर्ट, प्रारूप समिति का कार्य, संशोधन प्रस्ताव तथा अंतिम स्वीकृति जैसे अनेक चरण शामिल थे।
इसी कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में “संविधान सभा” और “संविधान निर्माण की प्रक्रिया” को अलग-अलग विषय माना जाता है।
विस्तार से पढ़ें:
- संविधान सभा (गठन, सदस्य, समितियाँ)
- भारत का संविधान (संरचना एवं विशेषताएँ)
- संविधान के स्रोत (किन देशों से क्या लिया गया)
संविधान निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ी?
1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भारत को एक ऐसे सर्वोच्च कानून (Supreme Law) की आवश्यकता थी—
- जो पूरे देश को एक सूत्र में बाँध सके।
- जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे।
- जो सरकार की शक्तियों को सीमित करे।
- जो लोकतंत्र, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे आदर्शों को स्थापित करे।
- जो भविष्य के भारत के शासन की रूपरेखा तय करे।
इसी उद्देश्य से एक विस्तृत एवं लिखित संविधान तैयार किया गया।
संविधान निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय संविधान एक दिन में नहीं बना। इसके पीछे लगभग 16 वर्षों का वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष था।
नीचे दी गई समयरेखा इस प्रक्रिया को समझने का सबसे आसान तरीका है।
| वर्ष | प्रमुख घटना | परीक्षा महत्व |
|---|---|---|
| 1934 | एम. एन. रॉय ने संविधान सभा का विचार दिया | प्रथम प्रस्ताव |
| 1935 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने समर्थन किया | महत्वपूर्ण |
| 1940 | अगस्त प्रस्ताव | ब्रिटिश स्वीकृति का संकेत |
| 1942 | क्रिप्स मिशन | संविधान सभा का प्रस्ताव |
| 1946 | कैबिनेट मिशन योजना | संविधान सभा का गठन |
| 1947 | भारत स्वतंत्र हुआ | संविधान निर्माण तेज हुआ |
| 1949 | संविधान अपनाया गया | अत्यंत महत्वपूर्ण |
| 1950 | संविधान लागू हुआ | गणतंत्र की शुरुआत |
संविधान निर्माण की प्रक्रिया कब शुरू हुई?
बहुत से विद्यार्थी मानते हैं कि संविधान निर्माण की प्रक्रिया 1946 में शुरू हुई, जबकि वास्तविकता यह है कि इसकी वैचारिक शुरुआत 1934 में हो चुकी थी।
पहला विचार किसने दिया?
एम. एन. रॉय (M. N. Roy) ने सबसे पहले भारत के लिए संविधान सभा गठित करने का विचार प्रस्तुत किया।
उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, इसलिए भारतीय जनता अपना संविधान स्वयं नहीं बना सकती थी। लेकिन धीरे-धीरे यह मांग राष्ट्रीय आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य बन गई।
इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भी संविधान सभा की मांग का समर्थन किया और यह विचार स्वतंत्र भारत की आधारशिला बन गया।
1934 से 1946 तक संविधान निर्माण की दिशा में प्रमुख घटनाएँ
1. एम. एन. रॉय का प्रस्ताव (1934)
- संविधान सभा का विचार पहली बार प्रस्तुत किया।
- भारतीयों द्वारा भारतीयों के लिए संविधान बनाने की बात कही।
- बाद की सभी संवैधानिक चर्चाओं की नींव बनी।
2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का समर्थन
कांग्रेस ने मांग रखी कि भारत का संविधान किसी विदेशी संसद द्वारा नहीं, बल्कि भारतीय जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा बनाया जाना चाहिए।
3. अगस्त प्रस्ताव (1940)
ब्रिटिश सरकार ने पहली बार यह स्वीकार किया कि भारतीयों को संविधान बनाने में भूमिका दी जाएगी।
हालाँकि यह प्रस्ताव भारतीय नेताओं की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा।
4. क्रिप्स मिशन (1942)
क्रिप्स मिशन ने युद्ध के बाद संविधान सभा बनाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन इसकी शर्तें भारतीय नेताओं को स्वीकार नहीं थीं।
फलस्वरूप यह योजना असफल रही।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चरण?
प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाता है—
- संविधान सभा का विचार सबसे पहले किसने दिया?
- अगस्त प्रस्ताव किस वर्ष आया?
- क्रिप्स मिशन कब आया?
- संविधान निर्माण की शुरुआत किस घटना से मानी जाती है?
इसलिए 1934 से 1946 की घटनाओं का क्रम याद रखना अत्यंत आवश्यक है।
कैबिनेट मिशन योजना (1946) और संविधान निर्माण की वास्तविक शुरुआत
भारतीय संविधान निर्माण की प्रक्रिया को व्यवहारिक रूप से गति कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan) से मिली। इसी योजना के आधार पर संविधान सभा के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
कैबिनेट मिशन को ब्रिटिश सरकार ने मार्च 1946 में भारत भेजा था।
इस मिशन में तीन सदस्य थे—
- लॉर्ड पैथिक लॉरेंस
- सर स्टैफोर्ड क्रिप्स
- ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
कैबिनेट मिशन योजना के प्रमुख उद्देश्य
- भारत के लिए संविधान सभा का गठन करना।
- सत्ता हस्तांतरण की रूपरेखा तैयार करना।
- भारतीय नेताओं के बीच राजनीतिक समाधान निकालना।
- स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण का मार्ग निर्धारित करना।
Exam Point:
अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछा जाता है कि संविधान सभा का गठन किस योजना के आधार पर हुआ था?
उत्तर: कैबिनेट मिशन योजना, 1946।
संविधान सभा का गठन कैसे हुआ?
कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार संविधान सभा का गठन प्रत्यक्ष चुनाव (Direct Election) से नहीं हुआ था।
संविधान सभा के अधिकांश सदस्य प्रांतीय विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष निर्वाचन (Indirect Election) के माध्यम से चुने गए थे।
संविधान सभा की प्रारम्भिक संरचना
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल प्रस्तावित सदस्य | 389 |
| ब्रिटिश भारत से | 296 |
| देशी रियासतों से | 93 |
भारत के विभाजन के बाद संविधान सभा की सदस्य संख्या घटकर 299 रह गई।
विस्तार से पढ़ें:
यदि आप संविधान सभा के गठन, सदस्य संख्या, निर्वाचन पद्धति एवं प्रमुख समितियों का विस्तृत अध्ययन करना चाहते हैं, तो GkDost का “संविधान सभा“ लेख पढ़ें। यहाँ केवल संविधान निर्माण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जा रही है।
संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को नई दिल्ली के संविधान सभा भवन (वर्तमान संसद भवन के केंद्रीय कक्ष) में आयोजित हुई।
इस बैठक का ऐतिहासिक महत्व इसलिए है क्योंकि यहीं से भारत के संविधान निर्माण का वास्तविक कार्य प्रारम्भ हुआ।
पहली बैठक के महत्वपूर्ण तथ्य
- तिथि — 9 दिसम्बर 1946
- स्थान — नई दिल्ली
- मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिष्कार किया।
- सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया गया।
Exam Trick:
9 दिसम्बर 1946 = First Sitting
अस्थायी अध्यक्ष एवं स्थायी अध्यक्ष
संविधान सभा के कार्य को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए पहले अस्थायी अध्यक्ष और बाद में स्थायी अध्यक्ष का चयन किया गया।
| पद | नाम |
|---|---|
| अस्थायी अध्यक्ष | डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा |
| स्थायी अध्यक्ष (President of Constituent Assembly) | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद |
| उपाध्यक्ष | एच. सी. मुखर्जी |
11 दिसम्बर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
यही आगे चलकर स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति भी बने।
उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) क्या था?
भारतीय संविधान के दर्शन (Philosophy) की नींव उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) को माना जाता है।
इसे 13 दिसम्बर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में प्रस्तुत किया।
बाद में 22 जनवरी 1947 को इसे संविधान सभा ने स्वीकार कर लिया।
इसी उद्देश्य प्रस्ताव के आधार पर आगे चलकर भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) तैयार की गई।
उद्देश्य प्रस्ताव से विकसित हुई प्रस्तावना के बारे में विस्तार से जानने के लिए “भारतीय संविधान की प्रस्तावना“ लेख पढ़ें।
उद्देश्य प्रस्ताव के प्रमुख उद्देश्य
उद्देश्य प्रस्ताव में भविष्य के भारत की मूल अवधारणाएँ प्रस्तुत की गई थीं—
- भारत को पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न राष्ट्र बनाना।
- लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था स्थापित करना।
- सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करना।
- स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की स्थापना करना।
- राज्यों का संघ (Union of States) बनाना।
- नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना।
यही सिद्धांत आगे चलकर संविधान की प्रस्तावना तथा अनेक संवैधानिक प्रावधानों का आधार बने।
संविधान निर्माण की प्रारम्भिक समयरेखा
| तिथि | घटना |
|---|---|
| मार्च 1946 | कैबिनेट मिशन भारत आया |
| जुलाई 1946 | संविधान सभा के चुनाव |
| 9 दिसम्बर 1946 | संविधान सभा की पहली बैठक |
| 11 दिसम्बर 1946 | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष बने |
| 13 दिसम्बर 1946 | उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत |
| 22 जनवरी 1947 | उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकार |
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
✔ संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (1946) के आधार पर हुआ।
✔ संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई।
✔ प्रथम अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे।
✔ स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद बने।
✔ उद्देश्य प्रस्ताव 13 दिसम्बर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने प्रस्तुत किया।
✔ उद्देश्य प्रस्ताव 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया।
🧠 Quick Memory Trick
9 → 11 → 13 → 22
- 9 दिसम्बर → पहली बैठक
- 11 दिसम्बर → डॉ. राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष
- 13 दिसम्बर → उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत
- 22 जनवरी → उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकार
यह क्रम SSC, Railway, CET, REET, UPSC एवं State PSC परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है।
प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन
संविधान सभा के प्रारम्भिक कार्य पूर्ण होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण था संविधान का प्रारूप (Draft Constitution) तैयार करना। इसके लिए 29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन किया गया।
इस समिति का कार्य विभिन्न समितियों की सिफारिशों, संवैधानिक सिद्धांतों तथा संविधान सभा की चर्चाओं के आधार पर संविधान का विधिक मसौदा (Legal Draft) तैयार करना था।
Exam Point:
प्रारूप समिति का गठन — 29 अगस्त 1947
प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर थे।
उन्हें भारतीय संविधान का मुख्य शिल्पकार (Chief Architect of the Indian Constitution) कहा जाता है क्योंकि उन्होंने संविधान के अंतिम प्रारूप को व्यवस्थित रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हालाँकि संविधान केवल डॉ. अम्बेडकर द्वारा नहीं लिखा गया था, बल्कि यह संविधान सभा की विभिन्न समितियों, विशेषज्ञों और सदस्यों के सामूहिक प्रयास का परिणाम था।
Exam Tip:
“भारतीय संविधान के जनक” और “भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार” जैसे प्रश्नों में अधिकांश परीक्षाओं का अपेक्षित उत्तर डॉ. बी. आर. अम्बेडकर होता है।
प्रारूप समिति के प्रमुख सदस्य
| सदस्य | भूमिका |
|---|---|
| डॉ. बी. आर. अम्बेडकर | अध्यक्ष |
| एन. गोपालस्वामी आयंगर | सदस्य |
| अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर | सदस्य |
| के. एम. मुंशी | सदस्य |
| सैयद मोहम्मद सादुल्ला | सदस्य |
| बी. एल. मिटर* | सदस्य |
| डी. पी. खेतान* | सदस्य |
*बाद में कुछ सदस्यों के स्थान पर अन्य सदस्यों को नामित किया गया।
महत्वपूर्ण:
प्रारूप समिति के सभी सदस्यों का विस्तृत परिचय इस लेख का विषय नहीं है। यदि आप समिति की संरचना, सदस्यों एवं कार्यों का विस्तृत अध्ययन करना चाहते हैं, तो “संविधान सभा“ लेख देखें।
संविधान निर्माण में प्रमुख समितियों की भूमिका
संविधान निर्माण केवल प्रारूप समिति तक सीमित नहीं था। संविधान सभा ने विभिन्न विषयों पर अलग-अलग समितियाँ गठित की थीं, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम संविधान तैयार किया गया।
| समिति | प्रमुख कार्य |
|---|---|
| प्रारूप समिति | संविधान का अंतिम मसौदा तैयार करना |
| संघ शक्ति समिति | केंद्र की शक्तियों का निर्धारण |
| संघ संविधान समिति | संघीय व्यवस्था की रूपरेखा |
| प्रांतीय संविधान समिति | प्रांतीय शासन व्यवस्था |
| मौलिक अधिकार समिति | नागरिकों के अधिकारों का प्रारूप |
| अल्पसंख्यक समिति | अल्पसंख्यकों के हितों पर सुझाव |
संविधान का प्रारूप (Draft Constitution) कैसे तैयार हुआ?
प्रारूप समिति ने विभिन्न समितियों की रिपोर्ट, ब्रिटिश भारत के प्रशासनिक अनुभव, न्यायिक सिद्धांतों तथा विश्व के अनेक संविधानों का अध्ययन करके संविधान का प्रारंभिक मसौदा तैयार किया।
इसके साथ ही संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राऊ (B. N. Rau) द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक संवैधानिक नोट्स और सुझावों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ध्यान दें:
विभिन्न देशों से लिए गए संवैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी के लिए “संविधान के स्रोत“ लेख देखें। यहाँ केवल संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रारूप संविधान (Draft Constitution) कब प्रस्तुत किया गया?
प्रारूप समिति ने संविधान का मसौदा तैयार करने के बाद उसे संविधान सभा के समक्ष प्रस्तुत किया।
महत्वपूर्ण तिथियाँ
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 29 अगस्त 1947 | प्रारूप समिति का गठन |
| फरवरी 1948 | संविधान का प्रथम प्रारूप प्रकाशित |
| नवम्बर 1948 | संविधान सभा में प्रारूप पर विस्तृत चर्चा प्रारम्भ |
संविधान के प्रारूप को जनता एवं विशेषज्ञों के सुझावों के लिए भी उपलब्ध कराया गया, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
संविधान का तीन चरणों में वाचन (Three Readings)
भारतीय संविधान को बिना चर्चा के स्वीकार नहीं किया गया था। संविधान सभा में प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रावधान पर विस्तृत बहस हुई।
संविधान के प्रारूप पर कुल तीन वाचन (Three Readings) हुए।
प्रथम वाचन
- प्रारूप संविधान प्रस्तुत किया गया।
- सामान्य चर्चा हुई।
- सदस्यों ने प्रारंभिक सुझाव दिए।
द्वितीय वाचन
यह सबसे लंबा और महत्वपूर्ण चरण था।
इस दौरान—
- अनुच्छेद-दर-अनुच्छेद चर्चा हुई।
- हजारों संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
- प्रत्येक संशोधन पर विचार-विमर्श किया गया।
- आवश्यक संशोधनों को स्वीकार किया गया।
तृतीय वाचन
- अंतिम रूप से पूरे संविधान पर चर्चा हुई।
- संविधान सभा ने अंतिम स्वीकृति प्रदान की।
- संविधान को अंगीकृत (Adopt) करने का निर्णय लिया गया।
संविधान निर्माण के दौरान कितने संशोधन प्रस्ताव आए?
भारतीय संविधान निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल संशोधन प्रस्ताव | लगभग 7,635 |
| चर्चा हेतु प्रस्तुत | लगभग 2,473 |
यह तथ्य दर्शाता है कि भारतीय संविधान व्यापक चर्चा, विचार-विमर्श और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का परिणाम है।
Exam Fact:
“संविधान जल्दबाजी में बनाया गया था” — यह कथन गलत है। संविधान का प्रत्येक भाग विस्तृत बहस और संशोधन के बाद स्वीकार किया गया।
संविधान निर्माण की प्रक्रिया का प्रवाह (Flow)
संविधान सभा का गठन
↓
उद्देश्य प्रस्ताव
↓
विभिन्न समितियों का गठन
↓
प्रारूप समिति (29 अगस्त 1947)
↓
संविधान का प्रारूप तैयार
↓
तीन चरणों में चर्चा
↓
संशोधन स्वीकार
↓
अंतिम संविधान तैयार
यह फ्लोचार्ट प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी प्रक्रिया को एक मिनट में याद रखने का आसान तरीका है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
✔ प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ।
✔ प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अम्बेडकर थे।
✔ संवैधानिक सलाहकार बी. एन. राऊ थे।
✔ संविधान का प्रथम प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित हुआ।
✔ संविधान पर तीन वाचन (Three Readings) हुए।
✔ लगभग 7,635 संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से लगभग 2,473 पर चर्चा हुई।
Quick Revision Box
| घटना | याद रखने योग्य तथ्य |
|---|---|
| प्रारूप समिति | 29 अगस्त 1947 |
| अध्यक्ष | डॉ. बी. आर. अम्बेडकर |
| संवैधानिक सलाहकार | बी. एन. राऊ |
| प्रथम प्रारूप | फरवरी 1948 |
| तीन वाचन | प्रथम, द्वितीय, तृतीय |
| संशोधन प्रस्ताव | 7,635 |
संविधान का अंगीकरण (Adoption of the Constitution)
लगभग तीन वर्षों तक चली विस्तृत चर्चा, हजारों संशोधन प्रस्तावों और अनेक बैठकों के बाद संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान को अंगीकृत (Adopt), अधिनियमित (Enact) तथा आत्मार्पित (Give to Ourselves) किया।
इसी कारण प्रत्येक वर्ष 26 नवम्बर को भारत में संविधान दिवस (Constitution Day) मनाया जाता है।
Exam Point:
26 नवम्बर 1949 = संविधान अंगीकृत (Adopted)
26 जनवरी 1950 = संविधान लागू (Enforced)
संविधान पर हस्ताक्षर कब हुए?
संविधान को अपनाने (Adoption) के बाद संविधान सभा के सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को अंतिम हस्ताक्षर किए।
इस दिन—
- संविधान सभा के 284 सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए।
- डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने सबसे पहले हस्ताक्षर किए।
- इसी दिन “जन गण मन” को भारत का राष्ट्रीय गान तथा “वन्दे मातरम्” को राष्ट्रीय गीत का दर्जा स्वीकार किया गया।
Exam Fact:
कई परीक्षाओं में 24 जनवरी 1950 से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इस तिथि को अवश्य याद रखें।
संविधान 26 जनवरी 1950 को ही क्यों लागू किया गया?
संविधान 26 नवम्बर 1949 को तैयार हो चुका था, फिर भी इसे तुरंत लागू नहीं किया गया।
इसका कारण क्या था?
26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज (Purna Swaraj) का ऐतिहासिक संकल्प लिया था।
स्वतंत्रता आंदोलन की उसी ऐतिहासिक स्मृति को सम्मान देने के लिए संविधान को 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया।
इसी दिन भारत एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
Memory Trick:
1930 → पूर्ण स्वराज दिवस
1950 → गणतंत्र दिवस
संविधान निर्माण में कितना समय लगा?
भारतीय संविधान विश्व के सबसे विस्तृत लिखित संविधानों में से एक है। इसे तैयार करने में लगभग तीन वर्ष का समय लगा।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कार्य प्रारम्भ | 9 दिसम्बर 1946 |
| संविधान अपनाया गया | 26 नवम्बर 1949 |
| संविधान लागू | 26 जनवरी 1950 |
| कुल समय | 2 वर्ष 11 माह 18 दिन |
| कुल सत्र | 11 |
| कुल कार्य दिवस | 165 दिन |
संविधान निर्माण पर कितना व्यय हुआ?
संविधान निर्माण की प्रक्रिया पर लगभग ₹64 लाख (लगभग ₹63.96 लाख) का व्यय हुआ था।
यह राशि संविधान सभा की बैठकों, दस्तावेजों की छपाई, प्रशासनिक कार्यों तथा अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च की गई।
Exam Fact:
संविधान निर्माण की लागत ≈ ₹64 लाख
मूल भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताएँ
26 जनवरी 1950 को लागू हुए मूल संविधान की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित थीं—
| बिंदु | मूल संविधान (1950) |
|---|---|
| भाग (Parts) | 22 |
| अनुच्छेद (Articles) | 395 |
| अनुसूचियाँ (Schedules) | 8 |
Internal Link:
वर्तमान संविधान में भाग, अनुच्छेद एवं अनुसूचियों में हुए परिवर्तनों की जानकारी के लिए “भारतीय संविधान के प्रमुख भाग“ तथा “भारतीय संविधान की अनुसूचियाँ“ लेख पढ़ें।
संविधान निर्माण की सम्पूर्ण समयरेखा (Timeline)
| वर्ष / तिथि | घटना |
|---|---|
| 1934 | एम. एन. रॉय ने संविधान सभा का विचार दिया |
| 1940 | अगस्त प्रस्ताव |
| 1942 | क्रिप्स मिशन |
| 1946 | कैबिनेट मिशन योजना |
| 9 दिसम्बर 1946 | संविधान सभा की पहली बैठक |
| 13 दिसम्बर 1946 | उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत |
| 22 जनवरी 1947 | उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकृत |
| 29 अगस्त 1947 | प्रारूप समिति का गठन |
| फरवरी 1948 | प्रारूप संविधान प्रकाशित |
| 26 नवम्बर 1949 | संविधान अंगीकृत |
| 24 जनवरी 1950 | सदस्यों के हस्ताक्षर |
| 26 जनवरी 1950 | संविधान लागू |
संविधान निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- भारत का संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान माना जाता है।
- संविधान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संविधान सभा के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
- संविधान निर्माण के दौरान हजारों संशोधन प्रस्तावों पर विचार किया गया।
- संविधान ने लोकतंत्र, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों को अपनाया।
- भारतीय संविधान में अनेक देशों की संवैधानिक परंपराओं का समावेश किया गया, लेकिन इसे भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढाला गया।
Key Takeaways
- ✅ संविधान निर्माण की वैचारिक शुरुआत 1934 में हुई।
- ✅ संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (1946) के आधार पर हुआ।
- ✅ प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ।
- ✅ डॉ. बी. आर. अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
- ✅ संविधान 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया।
- ✅ संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ।
- ✅ संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे।
- ✅ कुल 165 कार्य दिवस में संविधान पर चर्चा हुई।
Quick Revision Notes
- 1934 → एम. एन. रॉय का प्रस्ताव
- 1946 → कैबिनेट मिशन योजना
- 9 दिसम्बर 1946 → पहली बैठक
- 11 दिसम्बर 1946 → डॉ. राजेन्द्र प्रसाद अध्यक्ष
- 13 दिसम्बर 1946 → उद्देश्य प्रस्ताव
- 22 जनवरी 1947 → उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकृत
- 29 अगस्त 1947 → प्रारूप समिति
- फरवरी 1948 → प्रारूप संविधान
- 26 नवम्बर 1949 → संविधान अंगीकृत
- 24 जनवरी 1950 → हस्ताक्षर
- 26 जनवरी 1950 → संविधान लागू
Exam Booster Facts
⭐ 26 नवम्बर = संविधान दिवस
⭐ 26 जनवरी = गणतंत्र दिवस
⭐ 24 जनवरी = राष्ट्रीय गान स्वीकार एवं संविधान पर हस्ताक्षर
⭐ मूल संविधान = 22 भाग, 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ
⭐ संविधान निर्माण = 2 वर्ष 11 माह 18 दिन
⭐ कुल कार्य दिवस = 165
⭐ कुल सत्र = 11
⭐ प्रारूप समिति = 29 अगस्त 1947
⭐ प्रारूप समिति के अध्यक्ष = डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
⭐ संविधान निर्माण की लागत = लगभग ₹64 लाख

संविधान निर्माण की प्रक्रिया MCQ (20 महत्वपूर्ण प्रश्न)
प्रश्न 1. भारतीय संविधान निर्माण का विचार सबसे पहले किसने प्रस्तुत किया?
A. महात्मा गांधी
B. जवाहरलाल नेहरू
C. एम. एन. रॉय
D. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
उत्तर: C
व्याख्या: 1934 में एम. एन. रॉय ने संविधान सभा का विचार सबसे पहले प्रस्तुत किया।
प्रश्न 2. संविधान सभा का गठन किस योजना के आधार पर किया गया था?
A. वेवल योजना
B. माउंटबेटन योजना
C. कैबिनेट मिशन योजना
D. क्रिप्स मिशन
उत्तर: C
व्याख्या: 1946 की कैबिनेट मिशन योजना के आधार पर संविधान सभा का गठन हुआ।
प्रश्न 3. संविधान सभा की पहली बैठक कब आयोजित हुई?
A. 15 अगस्त 1947
B. 26 जनवरी 1950
C. 9 दिसम्बर 1946
D. 26 नवम्बर 1949
उत्तर: C
व्याख्या: संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर 1946 को हुई थी।
प्रश्न 4. संविधान सभा के प्रथम अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
A. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
B. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
C. डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
D. जवाहरलाल नेहरू
उत्तर: C
व्याख्या: पहली बैठक की अध्यक्षता डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ने की थी।
प्रश्न 5. संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन चुने गए थे?
A. जवाहरलाल नेहरू
B. सरदार पटेल
C. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
D. सी. राजगोपालाचारी
उत्तर: C
व्याख्या: 11 दिसम्बर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष बने।
प्रश्न 6. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) किसने प्रस्तुत किया था?
A. डॉ. अम्बेडकर
B. जवाहरलाल नेहरू
C. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
D. सरदार पटेल
उत्तर: B
व्याख्या: 13 दिसम्बर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रश्न 7. उद्देश्य प्रस्ताव को संविधान सभा ने कब स्वीकार किया?
A. 26 जनवरी 1950
B. 15 अगस्त 1947
C. 22 जनवरी 1947
D. 29 अगस्त 1947
उत्तर: C
व्याख्या: उद्देश्य प्रस्ताव 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया गया।
प्रश्न 8. प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन कब हुआ?
A. 15 अगस्त 1947
B. 29 अगस्त 1947
C. 26 नवम्बर 1949
D. 24 जनवरी 1950
उत्तर: B
व्याख्या: प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को किया गया।
प्रश्न 9. प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
A. बी. एन. राऊ
B. के. एम. मुंशी
C. डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
D. एन. गोपालस्वामी आयंगर
उत्तर: C
व्याख्या: डॉ. बी. आर. अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
प्रश्न 10. भारतीय संविधान के संवैधानिक सलाहकार (Constitutional Advisor) कौन थे?
A. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
B. बी. एन. राऊ
C. अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
D. के. एम. मुंशी
उत्तर: B
व्याख्या: बी. एन. राऊ ने प्रारंभिक संवैधानिक मसौदा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 11. भारतीय संविधान का प्रथम प्रारूप (Draft Constitution) कब प्रकाशित किया गया?
A. जनवरी 1948
B. फरवरी 1948
C. नवम्बर 1948
D. जनवरी 1949
उत्तर: B
व्याख्या: संविधान का प्रथम प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित किया गया।
प्रश्न 12. भारतीय संविधान पर कुल कितने वाचन (Readings) हुए?
A. 2
B. 3
C. 4
D. 5
उत्तर: B
व्याख्या: संविधान पर तीन चरणों में विस्तृत चर्चा की गई।
प्रश्न 13. भारतीय संविधान को कब अंगीकृत (Adopt) किया गया?
A. 24 जनवरी 1950
B. 15 अगस्त 1947
C. 26 नवम्बर 1949
D. 26 जनवरी 1950
उत्तर: C
व्याख्या: 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने संविधान को अंगीकृत किया।
प्रश्न 14. संविधान पर अंतिम हस्ताक्षर कब किए गए?
A. 26 नवम्बर 1949
B. 24 जनवरी 1950
C. 26 जनवरी 1950
D. 15 अगस्त 1947
उत्तर: B
व्याख्या: 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सदस्यों ने अंतिम हस्ताक्षर किए।
प्रश्न 15. भारतीय संविधान कब लागू हुआ?
A. 15 अगस्त 1947
B. 24 जनवरी 1950
C. 26 जनवरी 1950
D. 26 नवम्बर 1949
उत्तर: C
व्याख्या: भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ।
प्रश्न 16. भारतीय संविधान निर्माण में कुल कितना समय लगा?
A. 2 वर्ष 6 माह
B. 3 वर्ष
C. 2 वर्ष 11 माह 18 दिन
D. 3 वर्ष 2 माह
उत्तर: C
व्याख्या: संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे।
प्रश्न 17. संविधान सभा ने कुल कितने कार्य दिवसों में संविधान पर विचार किया?
A. 120 दिन
B. 150 दिन
C. 165 दिन
D. 200 दिन
उत्तर: C
व्याख्या: संविधान सभा ने 11 सत्रों में कुल 165 कार्य दिवसों तक चर्चा की।
प्रश्न 18. मूल भारतीय संविधान में कितने अनुच्छेद थे?
A. 370
B. 395
C. 448
D. 470
उत्तर: B
व्याख्या: 26 जनवरी 1950 को लागू मूल संविधान में 395 अनुच्छेद थे।
प्रश्न 19. मूल भारतीय संविधान में कितनी अनुसूचियाँ थीं?
A. 6
B. 8
C. 10
D. 12
उत्तर: B
व्याख्या: प्रारम्भ में भारतीय संविधान में 8 अनुसूचियाँ थीं।
प्रश्न 20. 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू करने का प्रमुख कारण क्या था?
A. ब्रिटिश सरकार का आदेश
B. संविधान सभा का अंतिम सत्र
C. पूर्ण स्वराज दिवस (26 जनवरी 1930) की स्मृति
D. स्वतंत्रता दिवस मनाना
उत्तर: C
व्याख्या: 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था। उसी ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देने के लिए संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया।
Previous Year Questions (PYQs)
PYQ 1. भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष कौन थे?
परीक्षा: SSC CGL
उत्तर: डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
व्याख्या: प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे।
PYQ 2. भारतीय संविधान कब अंगीकृत किया गया?
परीक्षा: UPSC Prelims
उत्तर: 26 नवम्बर 1949
व्याख्या: इसी दिन संविधान सभा ने संविधान को अपनाया।
PYQ 3. संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
परीक्षा: RRB NTPC
उत्तर: 9 दिसम्बर 1946
व्याख्या: संविधान निर्माण का कार्य इसी बैठक से प्रारम्भ हुआ।
PYQ 4. संविधान सभा का गठन किस योजना के आधार पर हुआ?
परीक्षा: SSC CHSL
उत्तर: कैबिनेट मिशन योजना
व्याख्या: 1946 की योजना के अनुसार संविधान सभा बनी।
PYQ 5. संविधान 26 जनवरी 1950 को ही क्यों लागू किया गया?
परीक्षा: State PSC
उत्तर: 1930 के पूर्ण स्वराज दिवस की स्मृति में।
व्याख्या: 26 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व होने के कारण यही तिथि चुनी गई।
FAQs:
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संविधान निर्माण की प्रक्रिया क्या है?
भारतीय संविधान को तैयार करने के लिए 1934 से 1950 तक हुई घटनाओं, समितियों, मसौदों, चर्चाओं और संविधान सभा की कार्यवाही को संविधान निर्माण की प्रक्रिया कहा जाता है।
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भारतीय संविधान निर्माण में कितना समय लगा?
भारतीय संविधान के निर्माण में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे।
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भारतीय संविधान कब तैयार हुआ?
संविधान को 26 नवम्बर 1949 को अंगीकृत किया गया था।
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भारतीय संविधान कब लागू हुआ?
भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 से पूरे देश में लागू हुआ।
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प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर थे।
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संविधान सभा का गठन किस योजना से हुआ?
कैबिनेट मिशन योजना (1946) के आधार पर संविधान सभा का गठन किया गया।
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संविधान निर्माण का विचार सबसे पहले किसने दिया?
एम. एन. रॉय ने 1934 में संविधान सभा का विचार प्रस्तुत किया।
निष्कर्ष
संविधान निर्माण की प्रक्रिया भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं संवैधानिक यात्रा है। इसकी शुरुआत संविधान सभा की मांग से हुई, जिसे कैबिनेट मिशन योजना के माध्यम से मूर्त रूप मिला। विस्तृत विचार-विमर्श, विभिन्न समितियों के योगदान और प्रारूप समिति के अथक प्रयासों के बाद 26 नवम्बर 1949 को संविधान अंगीकृत किया गया तथा 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से इस विषय की तिथियाँ, समितियाँ, प्रमुख व्यक्तित्व और समयरेखा अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस अध्याय का नियमित पुनरावर्तन अवश्य करें। Official Sources

