| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| अधिनियम | भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 |
| English Name | Indian Independence Act, 1947 |
| संबंधित देश | ब्रिटेन |
| ब्रिटिश संसद में विधेयक पेश | 4 जुलाई 1947 |
| Royal Assent | 18 जुलाई 1947 |
| प्रभावी/नियत तिथि | 15 अगस्त 1947 |
| मुख्य आधार | 3 जून योजना / माउंटबेटन योजना |
| प्रमुख परिणाम | भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन |
| प्रांतों का विभाजन | बंगाल और पंजाब |
| रियासतों पर प्रभाव | ब्रिटिश Paramountcy समाप्त |
| अंतरिम संवैधानिक आधार | Government of India Act, 1935 |
| महत्वपूर्ण संवैधानिक संबंध | संविधान के अनुच्छेद 395 ने बाद में इस अधिनियम को निरस्त किया |
प्रश्न: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान क्या था?
उत्तर: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ने ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित करने का कानूनी आधार प्रदान किया। इसके साथ 15 अगस्त 1947 को सत्ता हस्तांतरण, बंगाल और पंजाब के विभाजन, रियासतों पर ब्रिटिश Paramountcy की समाप्ति तथा दोनों डोमिनियन की संविधान सभाओं को विधायी अधिकार देने की व्यवस्था हुई।
संक्षिप्त परिचय
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 आधुनिक भारतीय इतिहास का वह महत्वपूर्ण ब्रिटिश कानून था जिसने भारत में ब्रिटिश शासन के अंत और सत्ता हस्तांतरण के लिए कानूनी ढाँचा तैयार किया। इस अधिनियम के तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बनाए गए और 15 अगस्त 1947 को सत्ता हस्तांतरण की व्यवस्था हुई।
यह अधिनियम केवल स्वतंत्रता की घोषणा तक सीमित नहीं था। इसमें भारत के विभाजन, बंगाल और पंजाब के विभाजन, रियासतों पर ब्रिटिश सर्वोच्चता की समाप्ति, संविधान सभाओं के अधिकार और नए डोमिनियन की शासन-व्यवस्था से जुड़े प्रावधान भी थे।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 क्या है?
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ब्रिटिश संसद द्वारा पारित एक कानून था, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश भारत में सत्ता हस्तांतरण और दो नए स्वतंत्र डोमिनियन की स्थापना की व्यवस्था करना था।
अधिनियम के अनुसार 15 अगस्त 1947 से भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन के रूप में स्थापित होने थे। ब्रिटिश संसद के आधिकारिक अभिलेख में अधिनियम की तिथि 18 जुलाई 1947 दर्ज है, जब इसे Royal Assent मिला।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 कब पारित हुआ?
| घटना | तिथि |
| भारतीय स्वतंत्रता विधेयक ब्रिटिश संसद में पेश | 4 जुलाई 1947 |
| Royal Assent | 18 जुलाई 1947 |
| भारत-पाकिस्तान के स्वतंत्र डोमिनियन का गठन | 15 अगस्त 1947 |
Exam Trick:
4 जुलाई → Bill
18 जुलाई → Royal Assent
15 अगस्त → Independence / Appointed Day
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति कमजोर हो चुकी थी। भारत में स्वतंत्रता आंदोलन भी निर्णायक चरण में पहुँच चुका था।
1946 के बाद कैबिनेट मिशन योजना, अंतरिम सरकार, कांग्रेस-मुस्लिम लीग के बीच मतभेद और सांप्रदायिक तनाव के कारण सत्ता हस्तांतरण का प्रश्न और जटिल हो गया।
फरवरी 1947 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने भारत से ब्रिटिश सत्ता हटाने की दिशा स्पष्ट की। इसके बाद लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का अंतिम वायसराय बनाया गया।
माउंटबेटन ने भारतीय राजनीतिक दलों के साथ बातचीत के बाद 3 जून 1947 की योजना प्रस्तुत की, जिसे माउंटबेटन योजना भी कहा जाता है।
इसी योजना के आधार पर भारतीय स्वतंत्रता विधेयक तैयार हुआ और ब्रिटिश संसद ने इसे कानून का रूप दिया।
माउंटबेटन योजना और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 का संबंध
3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना राजनीतिक योजना थी, जबकि Indian Independence Act 1947 उस सत्ता हस्तांतरण और विभाजन को कानूनी रूप देने वाला ब्रिटिश कानून था।
सरल रूप में:
माउंटबेटन योजना
↓
भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण की योजना
↓
Indian Independence Bill
↓
ब्रिटिश संसद में विधायी प्रक्रिया
↓
Indian Independence Act 1947
↓
15 अगस्त 1947 को दो स्वतंत्र डोमिनियन
इसलिए परीक्षा में यदि पूछा जाए कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 किस योजना पर आधारित था? तो उत्तर होगा—माउंटबेटन योजना / 3 जून योजना।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की प्रमुख विशेषताएँ
1. भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बने
अधिनियम ने ब्रिटिश भारत से दो नए डोमिनियन स्थापित करने का प्रावधान किया:
- Dominion of India
- Dominion of Pakistan
यह व्यवस्था 15 अगस्त 1947 से लागू हुई।
2. भारत का विभाजन
अधिनियम ने ब्रिटिश भारत के विभाजन का कानूनी आधार तैयार किया।
विशेष रूप से:
- बंगाल का विभाजन
- पंजाब का विभाजन
इन दोनों क्षेत्रों की सीमाओं के निर्धारण के लिए Boundary Commissions की व्यवस्था की गई।
3. रैडक्लिफ सीमा आयोग
भारत और पाकिस्तान के बीच सीमाएँ निर्धारित करने के लिए सर सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोगों का गठन किया गया।
रैडक्लिफ का कार्य मुख्य रूप से पंजाब और बंगाल की सीमाओं का निर्धारण करना था।
Exam Point:
Radcliffe → Boundary Demarcation
4. रियासतों पर ब्रिटिश Paramountcy समाप्त
अधिनियम के तहत भारतीय रियासतों के ऊपर ब्रिटिश Crown की Paramountcy समाप्त हो गई।
इसका अर्थ था कि ब्रिटिश सरकार और रियासतों के बीच मौजूद पुराने संबंध समाप्त हो गए।
यह स्वतंत्र भारत में रियासतों के एकीकरण की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण संवैधानिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि बनी।
5. प्रत्येक डोमिनियन के लिए Governor-General
भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए अलग-अलग Governor-General का प्रावधान किया गया।
भारत में लॉर्ड माउंटबेटन स्वतंत्रता के प्रारंभिक चरण में Governor-General बने, जबकि पाकिस्तान में मुहम्मद अली जिन्ना Governor-General बने।
6. संविधान सभाओं को विधायी अधिकार
दोनों डोमिनियन की संविधान सभाओं को अपने-अपने संविधान के निर्माण और शासन के लिए विधायी अधिकार प्रदान किए गए।
Indian Independence Act की Section 8(1) के अंतर्गत प्रत्येक डोमिनियन की Constituent Assembly को प्रारंभिक रूप से Dominion Legislature की शक्तियाँ दी गई थीं।
7. Government of India Act 1935 का अंतरिम उपयोग
नए संविधान के तैयार होने तक शासन व्यवस्था के लिए Government of India Act, 1935 को आवश्यक परिवर्तनों के साथ अंतरिम आधार के रूप में जारी रखा गया।
इससे स्वतंत्रता के तुरंत बाद प्रशासनिक और संवैधानिक निरंतरता बनी रही।
8. ब्रिटिश संसद का नियंत्रण समाप्त
अधिनियम ने नए डोमिनियन के आंतरिक मामलों पर ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण को समाप्त करने की दिशा तय की।
अर्थात सत्ता का अंतिम हस्तांतरण भारतीय और पाकिस्तानी राजनीतिक संस्थाओं की ओर हुआ।
9. ब्रिटिश सम्राट की उपाधि में परिवर्तन
अधिनियम ने ब्रिटिश Crown द्वारा “Emperor of India” की उपाधि के उपयोग को समाप्त करने की व्यवस्था की।
10. संपत्ति और प्रशासनिक संसाधनों का विभाजन
दोनों नए डोमिनियन के बीच संयुक्त संपत्ति, प्रशासनिक संसाधनों और सशस्त्र बलों आदि के विभाजन की व्यवस्था भी की गई।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 में रियासतों की स्थिति
ब्रिटिश Paramountcy समाप्त होने के बाद रियासतों और ब्रिटिश Crown के बीच पुराने संबंध समाप्त हो गए।
इससे रियासतों के सामने भारत या पाकिस्तान के साथ अपने भविष्य के संबंध तय करने का प्रश्न आया।
Exam Concept:
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ने रियासतों को ब्रिटिश शासन से अलग किया; इसके बाद रियासतों के भारत में एकीकरण की राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हुई।
इसे आगे पढ़ने के लिए स्वतंत्रता संग्राम की व्यापक पृष्ठभूमि समझना उपयोगी है, जैसे 1857 की क्रांति और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और संविधान सभा
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के बाद संविधान सभा का महत्व और बढ़ गया।
संविधान सभा ने:
- कानून निर्माण किया
- शासन के लिए आवश्यक संवैधानिक व्यवस्था संभाली
- स्वतंत्र भारत का संविधान तैयार किया
- अंततः भारत को गणराज्य बनाने की दिशा में कार्य पूरा किया
अधिनियम के तहत संविधान सभाओं को अपने-अपने डोमिनियन के लिए संवैधानिक व्यवस्था बनाने की शक्ति मिली थी।
याद रखने योग्य Section
Section 8(1) → Constituent Assembly की legislative powers
यह तथ्य SSC और अन्य सरकारी परीक्षाओं में पूछा जा चुका है। SSC CGL/MTS स्तर के पिछले प्रश्नों में Section 8(1) से संबंधित प्रश्न देखा गया है।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 का महत्व
इस अधिनियम का महत्व केवल इस कारण नहीं था कि भारत स्वतंत्र हुआ। इसका महत्व इस बात में भी था कि इसने ब्रिटिश शासन से भारतीय राजनीतिक सत्ता में संक्रमण का कानूनी ढाँचा बनाया।
इसके प्रमुख महत्व:
- ब्रिटिश शासन के अंत का कानूनी आधार तैयार हुआ।
- भारत और पाकिस्तान दो नए डोमिनियन बने।
- भारत का विभाजन कानूनी रूप से लागू हुआ।
- बंगाल और पंजाब का विभाजन हुआ।
- रियासतों पर ब्रिटिश Paramountcy समाप्त हुई।
- संविधान सभाओं को व्यापक विधायी अधिकार मिले।
- स्वतंत्र भारत में संविधान निर्माण का मार्ग स्पष्ट हुआ।
- Government of India Act 1935 को अंतरिम प्रशासनिक आधार के रूप में उपयोग किया गया।
- ब्रिटिश Crown की भारतीय मामलों में प्रत्यक्ष भूमिका समाप्त हुई।
- आगे चलकर 26 जनवरी 1950 को भारत के गणराज्य बनने का संवैधानिक मार्ग पूरा हुआ।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 और भारतीय संविधान का संबंध
एक महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य यह है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 395 ने बाद में Indian Independence Act, 1947 और Government of India Act, 1935 को निरस्त कर दिया।
इसलिए:
1947 Act → स्वतंत्रता का कानूनी संक्रमण
और
26 जनवरी 1950 → संविधान का पूर्ण प्रभाव और गणराज्य
यह distinction बहुत महत्वपूर्ण है।
2026 की UPSC Prelims में Article 395 के माध्यम से Indian Independence Act 1947 के repeal से संबंधित प्रश्न भी पूछा गया।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947: महत्वपूर्ण तिथियों की समयरेखा
| तिथि | घटना |
| 20 फरवरी 1947 | एटली की सत्ता हस्तांतरण संबंधी घोषणा |
| 3 जून 1947 | माउंटबेटन योजना की घोषणा |
| 4 जुलाई 1947 | Indian Independence Bill ब्रिटिश संसद में पेश |
| 18 जुलाई 1947 | Royal Assent |
| 15 अगस्त 1947 | भारत और पाकिस्तान स्वतंत्र डोमिनियन बने |
| 26 नवंबर 1949 | संविधान अपनाया गया |
| 26 जनवरी 1950 | भारतीय संविधान पूर्ण रूप से लागू; भारत गणराज्य बना |
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 बनाम माउंटबेटन योजना
| आधार | माउंटबेटन योजना | भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 |
| प्रकृति | राजनीतिक योजना | ब्रिटिश संसद का कानून |
| तिथि | 3 जून 1947 | 18 जुलाई 1947 Royal Assent |
| मुख्य उद्देश्य | सत्ता हस्तांतरण की योजना | सत्ता हस्तांतरण को कानूनी रूप देना |
| प्रमुख विषय | विभाजन और स्वतंत्रता | डोमिनियन, विभाजन, प्रशासन, रियासतें |
| परिणाम | विधायी प्रक्रिया का आधार | भारत-पाकिस्तान के गठन की कानूनी व्यवस्था |
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के प्रमुख प्रावधान एक सारणी में
| प्रावधान | परीक्षा उपयोगी तथ्य |
| दो डोमिनियन | भारत और पाकिस्तान |
| Appointed Day | 15 अगस्त 1947 |
| बंगाल | विभाजित |
| पंजाब | विभाजित |
| रियासतें | British Paramountcy समाप्त |
| Governor-General | दोनों डोमिनियन में अलग व्यवस्था |
| संविधान सभा | विधायी शक्तियाँ प्राप्त |
| अंतरिम शासन | Government of India Act 1935 |
| British Crown | “Emperor of India” उपाधि का अंत |
| संविधान का निर्माण | दोनों डोमिनियन की संविधान सभाएँ |

भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 MCQs:
प्रश्न 1: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 का मुख्य आधार कौन-सी योजना थी?
A. क्रिप्स योजना
B. कैबिनेट मिशन योजना
C. माउंटबेटन योजना
D. वेवेल योजना
उत्तर: C. माउंटबेटन योजना
व्याख्या: 3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना के आधार पर सत्ता हस्तांतरण और विभाजन की व्यवस्था को कानूनी रूप दिया गया।
प्रश्न 2: Indian Independence Bill ब्रिटिश संसद में कब पेश किया गया?
A. 20 फरवरी 1947
B. 3 जून 1947
C. 4 जुलाई 1947
D. 18 जुलाई 1947
उत्तर: C. 4 जुलाई 1947
व्याख्या: विधेयक 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश Parliament में पेश किया गया था।
प्रश्न 3: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम को Royal Assent कब मिला?
A. 4 जुलाई 1947
B. 18 जुलाई 1947
C. 14 अगस्त 1947
D. 15 अगस्त 1947
उत्तर: B. 18 जुलाई 1947
व्याख्या: 18 जुलाई 1947 को Royal Assent मिलने के बाद यह कानून बना।
प्रश्न 4: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम में “Appointed Day” किसे माना गया?
A. 3 जून 1947
B. 4 जुलाई 1947
C. 18 जुलाई 1947
D. 15 अगस्त 1947
उत्तर: D. 15 अगस्त 1947
व्याख्या: 15 अगस्त 1947 को दोनों नए डोमिनियन स्थापित किए गए।
प्रश्न 5: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कौन-से दो डोमिनियन बने?
A. भारत और बर्मा
B. भारत और श्रीलंका
C. भारत और पाकिस्तान
D. पाकिस्तान और बांग्लादेश
उत्तर: C. भारत और पाकिस्तान
व्याख्या: Act ने India और Pakistan नामक दो नए independent dominions की व्यवस्था की।
प्रश्न 6: बंगाल और पंजाब का विभाजन किससे संबंधित था?
A. Government of India Act 1919
B. Indian Independence Act 1947
C. Indian Councils Act 1909
D. Charter Act 1833
उत्तर: B. Indian Independence Act 1947
व्याख्या: अधिनियम ने बंगाल और पंजाब के विभाजन का कानूनी प्रावधान किया।
प्रश्न 7: रैडक्लिफ आयोग का मुख्य कार्य क्या था?
A. संविधान बनाना
B. रियासतों का एकीकरण
C. भारत-पाकिस्तान सीमा निर्धारित करना
D. नई मुद्रा जारी करना
उत्तर: C. भारत-पाकिस्तान सीमा निर्धारित करना
व्याख्या: Sir Cyril Radcliffe ने पंजाब और बंगाल की सीमा निर्धारण प्रक्रिया का नेतृत्व किया।
प्रश्न 8: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के बाद रियासतों पर क्या प्रभाव पड़ा?
A. ब्रिटिश Paramountcy समाप्त हुई
B. रियासतें ब्रिटिश संसद के अधीन रहीं
C. सभी रियासतें स्वतः पाकिस्तान में शामिल हुईं
D. सभी रियासतें स्वतः भारत में शामिल हुईं
उत्तर: A. ब्रिटिश Paramountcy समाप्त हुई
व्याख्या: ब्रिटिश Crown और रियासतों के बीच पुराना Paramountcy संबंध समाप्त हुआ।
प्रश्न 9: प्रत्येक डोमिनियन के लिए किस पद की व्यवस्था की गई?
A. राष्ट्रपति
B. प्रधानमंत्री
C. Governor-General
D. Chief Justice
उत्तर: C. Governor-General
व्याख्या: दोनों डोमिनियन के लिए अलग-अलग Governor-General की व्यवस्था की गई।
प्रश्न 10: Section 8(1) किससे संबंधित था?
A. Boundary Commission
B. Constituent Assembly की legislative powers
C. Governor-General की नियुक्ति
D. रियासतों का विलय
उत्तर: B. Constituent Assembly की legislative powers
व्याख्या: Section 8(1) ने संविधान सभाओं को प्रारंभिक रूप से Dominion Legislature की शक्तियाँ दीं।
प्रश्न 11: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के बाद अंतरिम शासन का प्रमुख आधार क्या रहा?
A. Government of India Act 1935
B. Government of India Act 1919
C. Charter Act 1853
D. Regulating Act 1773
उत्तर: A. Government of India Act 1935
व्याख्या: नए संविधान के लागू होने तक 1935 के अधिनियम को आवश्यक संशोधनों के साथ उपयोग किया गया।
प्रश्न 12: “Emperor of India” की उपाधि से संबंधित क्या व्यवस्था की गई?
A. इसे बढ़ाया गया
B. इसे भारतीय राष्ट्रपति को दिया गया
C. इसके उपयोग को समाप्त किया गया
D. इसे Governor-General को दिया गया
उत्तर: C. इसके उपयोग को समाप्त किया गया
व्याख्या: अधिनियम ने British monarch द्वारा इस उपाधि के उपयोग को समाप्त करने की व्यवस्था की।
प्रश्न 13: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद ने Indian Independence Act 1947 को repeal किया?
A. अनुच्छेद 393
B. अनुच्छेद 394
C. अनुच्छेद 395
D. अनुच्छेद 396
उत्तर: C. अनुच्छेद 395
व्याख्या: Article 395 ने Indian Independence Act 1947 और Government of India Act 1935 को repeal किया।
प्रश्न 14: 3 जून 1947 की योजना को किस नाम से जाना जाता है?
A. वेवेल योजना
B. माउंटबेटन योजना
C. क्रिप्स योजना
D. अगस्त प्रस्ताव
उत्तर: B. माउंटबेटन योजना
व्याख्या: 3 जून 1947 को Lord Mountbatten ने सत्ता हस्तांतरण और विभाजन की योजना प्रस्तुत की।
प्रश्न 15: Indian Independence Act 1947 किस प्रकार का दस्तावेज था?
A. भारतीय संविधान
B. ब्रिटिश संसद का कानून
C. कांग्रेस प्रस्ताव
D. संविधान सभा का प्रस्ताव
उत्तर: B. ब्रिटिश संसद का कानून
व्याख्या: यह United Kingdom Parliament द्वारा पारित अधिनियम था।
प्रश्न 16: भारत और पाकिस्तान को स्वतंत्र डोमिनियन बनाने की व्यवस्था किस अधिनियम ने की?
A. Government of India Act 1935
B. Indian Councils Act 1909
C. Indian Independence Act 1947
D. Government of India Act 1919
उत्तर: C. Indian Independence Act 1947
व्याख्या: Act ने दो नए independent dominions की स्थापना की व्यवस्था की।
प्रश्न 17: स्वतंत्र भारत में संविधान निर्माण का कार्य किस संस्था ने आगे बढ़ाया?
A. ब्रिटिश संसद
B. भारतीय संविधान सभा
C. मुस्लिम लीग
D. Governor-General की परिषद
उत्तर: B. भारतीय संविधान सभा
व्याख्या: भारतीय संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण की प्रक्रिया पूरी की।
प्रश्न 18: Indian Independence Act 1947 के तहत कौन-सा क्षेत्रीय विभाजन प्रमुख था?
A. बंगाल और पंजाब
B. बॉम्बे और मद्रास
C. बिहार और असम
D. राजस्थान और मध्य भारत
उत्तर: A. बंगाल और पंजाब
व्याख्या: बंगाल और पंजाब का विभाजन Act के प्रमुख प्रावधानों में था।
प्रश्न 19: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 का सबसे व्यापक ऐतिहासिक परिणाम क्या था?
A. कंपनी शासन की शुरुआत
B. ब्रिटिश सत्ता का अंत और सत्ता हस्तांतरण
C. मुगल शासन की वापसी
D. द्वैध शासन की स्थापना
उत्तर: B. ब्रिटिश सत्ता का अंत और सत्ता हस्तांतरण
व्याख्या: इस कानून ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र डोमिनियन की ओर सत्ता हस्तांतरण का कानूनी ढाँचा बनाया।
प्रश्न 20: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 को बाद में किसने निरस्त किया?
A. ब्रिटिश Parliament
B. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 395
C. संविधान सभा का प्रस्ताव
D. Government of India Act 1950
उत्तर: B. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 395
व्याख्या: Article 395 ने Indian Independence Act 1947 को formally repeal किया।
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 FAQs:
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 क्या है?
यह ब्रिटिश संसद द्वारा पारित कानून था जिसने ब्रिटिश भारत से सत्ता हस्तांतरण और भारत-पाकिस्तान के दो स्वतंत्र डोमिनियन की स्थापना की कानूनी व्यवस्था की।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 कब पारित हुआ?
इसे 18 जुलाई 1947 को Royal Assent मिला। Bill 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश Parliament में पेश किया गया था।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 कब लागू हुआ?
15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान के दो स्वतंत्र डोमिनियन के रूप में स्थापित होने की व्यवस्था लागू हुई।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 किस योजना पर आधारित था?
यह 3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना पर आधारित था।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?
भारत-पाकिस्तान का विभाजन, दो डोमिनियन की स्थापना, बंगाल-पंजाब विभाजन, रियासतों पर Paramountcy की समाप्ति, Governor-General की व्यवस्था और संविधान सभाओं को विधायी अधिकार इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम में रियासतों के लिए क्या प्रावधान था?
रियासतों पर ब्रिटिश Paramountcy समाप्त कर दी गई और ब्रिटिश Crown तथा रियासतों के बीच पुराने संबंध समाप्त हुए।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम की कौन-सी Section संविधान सभा से संबंधित है?
Section 8(1) संविधान सभा की प्रारंभिक legislative powers से संबंधित है।
-
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 को किस अनुच्छेद ने समाप्त किया?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 395 ने Indian Independence Act 1947 को repeal किया।
निष्कर्ष
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 भारत में ब्रिटिश शासन के अंत और सत्ता हस्तांतरण का कानूनी आधार था। इसके तहत भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र डोमिनियन बने, बंगाल और पंजाब का विभाजन हुआ तथा रियासतों पर ब्रिटिश Paramountcy समाप्त हुई। साथ ही, संविधान सभाओं को शासन और संविधान निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण अधिकार मिले।
परीक्षा की दृष्टि से 3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना, 4 जुलाई को Bill की प्रस्तुति, 18 जुलाई को Royal Assent, 15 अगस्त 1947, Section 8(1) और Article 395 सबसे महत्वपूर्ण तथ्य हैं। इन्हें क्रम से याद रखने पर भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 से जुड़े अधिकांश MCQ और PYQ आसानी से हल किए जा सकते हैं।

