📌 एक नजर में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| आंदोलन का नाम | गांधीवादी आंदोलन |
| प्रारम्भ | 1915 (भारत आगमन के बाद) |
| प्रमुख नेता | महात्मा गांधी |
| मुख्य उद्देश्य | ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करना |
| प्रमुख सिद्धांत | सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह |
| प्रमुख आंदोलन | चंपारण, खेड़ा, अहमदाबाद, असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो |
| अंतिम परिणाम | 1947 में भारत की स्वतंत्रता |
परीक्षा में पूछा जाता है
प्रश्न: गांधीवादी आंदोलन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
उत्तर:
गांधीवादी आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का ऐसा चरण था जिसमें महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों के आधार पर जनता को संगठित किया। यह आंदोलन जनभागीदारी, नैतिक शक्ति और शांतिपूर्ण प्रतिरोध पर आधारित था, जिसने ब्रिटिश शासन को गहराई से चुनौती दी।
संक्षिप्त परिचय
गांधीवादी आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे प्रभावशाली चरण माना जाता है। जब महात्मा गांधी वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे, तब उन्होंने भारतीय राजनीति को एक नई दिशा दी। उन्होंने पहली बार ग्रामीण भारत, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और विद्यार्थियों को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा।
गांधीजी का विश्वास था कि हिंसा से नहीं बल्कि सत्य, अहिंसा और जनशक्ति से किसी भी अन्यायपूर्ण शासन को झुकाया जा सकता है।
परिचय
गांधीवादी आंदोलन आधुनिक भारत के इतिहास का सबसे व्यापक जनआंदोलन था। इससे पहले स्वतंत्रता आंदोलन मुख्यतः शिक्षित वर्ग तक सीमित था, लेकिन गांधीजी ने इसे गाँव-गाँव तक पहुँचाया।
उन्होंने लोगों को केवल अंग्रेजों का विरोध करना नहीं सिखाया, बल्कि आत्मनिर्भर बनने, स्वदेशी अपनाने, चरखा चलाने, खादी पहनने तथा सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का संदेश भी दिया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
गांधीजी के भारत आने से पहले भारत में कई राजनीतिक घटनाएँ हो चुकी थीं।
प्रमुख पृष्ठभूमि
- 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना।
- बंगाल विभाजन (1905)।
- स्वदेशी आंदोलन।
- प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918)।
- किसानों एवं मजदूरों का शोषण।
- ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियाँ।
- बढ़ता हुआ राष्ट्रीय असंतोष।
ऐसे समय में गांधीजी ने भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और जनसाधारण को स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बना दिया।
गांधीवादी आंदोलन के मूल सिद्धांत
1. सत्य (Truth)
गांधीजी का मानना था कि सत्य ही सबसे बड़ी शक्ति है। प्रत्येक संघर्ष सत्य के आधार पर होना चाहिए।
2. अहिंसा (Non-Violence)
गांधीजी ने हिंसा का पूर्ण विरोध किया। उनका विश्वास था कि अहिंसा से भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।
3. सत्याग्रह
सत्याग्रह का अर्थ है—सत्य के लिए आग्रह। इसमें अन्याय के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रतिरोध किया जाता है।
4. स्वदेशी
विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार तथा भारतीय वस्तुओं का उपयोग।
मुख्य उद्देश्य—
- भारतीय उद्योगों को बढ़ावा देना
- विदेशी वस्तुओं का विरोध
- आर्थिक आत्मनिर्भरता
5. असहयोग
अन्यायपूर्ण शासन के साथ सहयोग न करना।
उदाहरण—
- सरकारी विद्यालयों का बहिष्कार
- सरकारी नौकरियाँ छोड़ना
- विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार
- सरकारी सम्मान लौटाना
6. आत्मनिर्भरता
चरखा और खादी गांधीवादी आंदोलन के प्रतीक बने।
गांधीवादी आंदोलन के प्रमुख चरण
| वर्ष | आंदोलन |
|---|---|
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह |
| 1918 | खेड़ा सत्याग्रह |
| 1918 | अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन |
| 1920–22 | असहयोग आंदोलन |
| 1930–34 | सविनय अवज्ञा आंदोलन |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन |
1. चंपारण सत्याग्रह (1917)
यह गांधीजी का भारत में पहला सफल सत्याग्रह था।
कारण
- किसानों को नील की खेती के लिए मजबूर किया जाता था।
- “तीनकठिया प्रथा” के कारण किसानों का शोषण होता था।
- अंग्रेज़ी बागान मालिक अत्यधिक कर वसूलते थे।
गांधीजी की भूमिका
गांधीजी ने किसानों की शिकायतें सुनीं, जांच की और शांतिपूर्ण आंदोलन चलाया।
परिणाम
- तीनकठिया प्रथा समाप्त हुई।
- किसानों को राहत मिली।
- गांधीजी राष्ट्रीय नेता के रूप में उभरे।
2. खेड़ा सत्याग्रह (1918)
स्थान—गुजरात
कारण
- फसल खराब होने के बावजूद कर वसूला जा रहा था।
- किसान कर देने में असमर्थ थे।
प्रमुख नेता
- महात्मा गांधी
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- इंदुलाल याज्ञिक
परिणाम
- सरकार ने कर वसूली स्थगित की।
- किसानों की मांगें आंशिक रूप से स्वीकार की गईं।
3. अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918)
यह गांधीजी का पहला श्रमिक आंदोलन था।
कारण
- मजदूर वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे।
- मिल मालिक वेतन बढ़ाने को तैयार नहीं थे।
गांधीजी का कदम
- गांधीजी ने अनशन किया।
- मजदूरों को अहिंसक संघर्ष के लिए प्रेरित किया।
परिणाम
- मजदूरों का वेतन बढ़ाया गया।
- गांधीजी के सत्याग्रह की सफलता सिद्ध हुई।
महत्वपूर्ण तथ्य
- गांधीजी 1915 में भारत लौटे।
- पहला सफल सत्याग्रह—चंपारण (1917)।
- पहला किसान आंदोलन—चंपारण।
- पहला श्रमिक आंदोलन—अहमदाबाद।
- खेड़ा सत्याग्रह किसानों के कर माफी से संबंधित था।
- गांधीजी ने सत्य और अहिंसा को राजनीतिक हथियार बनाया।
- चरखा गांधीवादी आंदोलन का प्रमुख प्रतीक बना।
- खादी स्वदेशी आंदोलन का मुख्य आधार बनी।
- गांधीजी ने जनआंदोलन की नई परंपरा स्थापित की।
- गांधीवादी आंदोलन ने स्वतंत्रता संग्राम को जन-जन तक पहुँचाया।
महत्वपूर्ण सारणी
गांधीजी के प्रारम्भिक आंदोलन
| आंदोलन | वर्ष | उद्देश्य | परिणाम |
|---|---|---|---|
| चंपारण | 1917 | नील किसानों को राहत | सफलता |
| खेड़ा | 1918 | कर माफी | आंशिक सफलता |
| अहमदाबाद | 1918 | मजदूर वेतन वृद्धि | सफलता |
गांधीवादी सिद्धांत
| सिद्धांत | अर्थ |
|---|---|
| सत्य | सत्य का पालन |
| अहिंसा | हिंसा का विरोध |
| सत्याग्रह | सत्य के लिए संघर्ष |
| स्वदेशी | भारतीय वस्तुओं का प्रयोग |
| असहयोग | अंग्रेजी शासन का बहिष्कार |
4. असहयोग आंदोलन (1920–1922)
असहयोग आंदोलन गांधीजी द्वारा प्रारम्भ किया गया पहला राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन था। इसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के साथ हर प्रकार का सहयोग समाप्त करके स्वराज प्राप्त करना था।
यह आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक नए युग की शुरुआत माना जाता है क्योंकि पहली बार करोड़ों भारतीयों ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया।
असहयोग आंदोलन के प्रमुख कारण
1. रॉलेट एक्ट (1919)
ब्रिटिश सरकार ने बिना मुकदमे के गिरफ्तारी का अधिकार देने वाला रॉलेट एक्ट पारित किया। इसका पूरे देश में विरोध हुआ।
2. जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919)
अमृतसर के जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलवा दीं। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया।
3. खिलाफत आंदोलन
तुर्की के खलीफा के समर्थन में भारतीय मुसलमानों द्वारा चलाए गए आंदोलन को गांधीजी ने समर्थन दिया, जिससे हिंदू-मुस्लिम एकता को बल मिला।
असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम
- सरकारी विद्यालयों और कॉलेजों का बहिष्कार
- सरकारी अदालतों का बहिष्कार
- विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
- विदेशी कपड़ों की होली जलाना
- खादी और चरखे का प्रचार
- सरकारी उपाधियाँ और सम्मान लौटाना
- राष्ट्रीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना
असहयोग आंदोलन की उपलब्धियाँ
- राष्ट्रीय चेतना का व्यापक प्रसार हुआ।
- कांग्रेस एक जनसंगठन बनी।
- खादी और स्वदेशी को बढ़ावा मिला।
- लाखों लोग स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े।
चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922)
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई। क्रोधित भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हुई।
गांधीजी ने अहिंसा के सिद्धांत को सर्वोपरि मानते हुए असहयोग आंदोलन को तत्काल वापस ले लिया।
परीक्षा में महत्वपूर्ण
असहयोग आंदोलन किस घटना के बाद वापस लिया गया?
उत्तर: चौरी-चौरा कांड (1922)
5. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–1934)
सविनय अवज्ञा आंदोलन का अर्थ है—अन्यायपूर्ण कानूनों का शांतिपूर्ण उल्लंघन करना।
यह आंदोलन अंग्रेजों के नमक कानून सहित अन्य दमनकारी कानूनों के विरोध में चलाया गया।
सविनय अवज्ञा आंदोलन के कारण
- साइमन कमीशन का विरोध
- नेहरू रिपोर्ट पर विवाद
- पूर्ण स्वराज प्रस्ताव (लाहौर अधिवेशन, 1929)
- अंग्रेजों द्वारा आर्थिक शोषण
- नमक कर
दांडी यात्रा (Salt March)
दांडी यात्रा गांधीवादी आंदोलन की सबसे प्रसिद्ध घटनाओं में से एक है।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| प्रारम्भ | 12 मार्च 1930 |
| समाप्ति | 6 अप्रैल 1930 |
| दूरी | लगभग 390 किमी |
| प्रारम्भ स्थान | साबरमती आश्रम |
| अंतिम स्थान | दांडी (गुजरात) |
| उद्देश्य | नमक कानून तोड़ना |
6 अप्रैल 1930 को गांधीजी ने समुद्र से नमक बनाकर अंग्रेजों के नमक कानून का उल्लंघन किया।
सविनय अवज्ञा आंदोलन की प्रमुख विशेषताएँ
- नमक कानून तोड़ना
- विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
- कर न देना
- शराब की दुकानों के सामने धरना
- शांतिपूर्ण सत्याग्रह
- बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ
गांधी-इरविन समझौता (1931)
प्रमुख बिंदु
- राजनीतिक कैदियों की रिहाई
- जब्त संपत्ति लौटाने का आश्वासन
- शांतिपूर्ण आंदोलन की अनुमति
- गांधीजी का द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेना
गोलमेज सम्मेलन
| सम्मेलन | वर्ष | गांधीजी की भागीदारी |
|---|---|---|
| प्रथम | 1930 | नहीं |
| द्वितीय | 1931 | हाँ |
| तृतीय | 1932 | नहीं |
सविनय अवज्ञा आंदोलन का महत्व
- स्वतंत्रता आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली।
- महिलाओं की भागीदारी बढ़ी।
- ब्रिटिश सरकार पर दबाव बढ़ा।
- स्वराज की मांग अधिक मजबूत हुई।
6. भारत छोड़ो आंदोलन (1942)
भारत छोड़ो आंदोलन गांधीजी का अंतिम और सबसे व्यापक जनआंदोलन था।
8 अगस्त 1942 को मुंबई के ग्वालिया टैंक मैदान (अब अगस्त क्रांति मैदान) में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया।
भारत छोड़ो आंदोलन के कारण
- द्वितीय विश्व युद्ध
- क्रिप्स मिशन की विफलता
- अंग्रेजों की दमनकारी नीतियाँ
- पूर्ण स्वतंत्रता की मांग
गांधीजी का प्रसिद्ध नारा
“करो या मरो” (Do or Die)
यह नारा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का सबसे प्रसिद्ध आह्वान माना जाता है।
भारत छोड़ो आंदोलन की विशेषताएँ
- पूरे देश में व्यापक जनआंदोलन
- विद्यार्थियों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी
- भूमिगत क्रांतिकारी गतिविधियाँ
- संचार व्यवस्था को बाधित करने के प्रयास
- अंग्रेजों द्वारा बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियाँ
प्रमुख नेता
- महात्मा गांधी
- जवाहरलाल नेहरू
- सरदार वल्लभभाई पटेल
- मौलाना अबुल कलाम आजाद
- अरुणा आसफ अली
- जयप्रकाश नारायण
- राम मनोहर लोहिया
परिणाम
- अंग्रेजों को स्पष्ट हो गया कि भारत पर लंबे समय तक शासन संभव नहीं है।
- स्वतंत्रता की प्रक्रिया तेज हुई।
- 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ।
गांधीवादी आंदोलन की समयरेखा (Timeline)
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1915 | गांधीजी भारत लौटे |
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह |
| 1918 | खेड़ा सत्याग्रह |
| 1918 | अहमदाबाद मिल आंदोलन |
| 1919 | रॉलेट एक्ट |
| 1919 | जलियांवाला बाग हत्याकांड |
| 1920 | असहयोग आंदोलन प्रारम्भ |
| 1922 | चौरी-चौरा कांड एवं असहयोग आंदोलन समाप्त |
| 1930 | दांडी यात्रा |
| 1930 | सविनय अवज्ञा आंदोलन |
| 1931 | गांधी-इरविन समझौता |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन |
| 1947 | भारत स्वतंत्र हुआ |
गांधीवादी आंदोलन का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम पर प्रभाव
राजनीतिक प्रभाव
- स्वतंत्रता आंदोलन जनआंदोलन बना।
- कांग्रेस की लोकप्रियता बढ़ी।
- ब्रिटिश शासन की वैधता कमजोर हुई।
सामाजिक प्रभाव
- जातीय और सामाजिक जागरूकता बढ़ी।
- महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
- ग्रामीण भारत राजनीति से जुड़ा।
आर्थिक प्रभाव
- स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा मिला।
- खादी राष्ट्रीय प्रतीक बनी।
- विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार से ब्रिटिश व्यापार प्रभावित हुआ।
नैतिक प्रभाव
- सत्य और अहिंसा विश्वभर में सम्मानित सिद्धांत बने।
- गांधीजी विश्व के महानतम अहिंसक नेताओं में शामिल हुए।
परीक्षा उपयोगी तथ्य
- गांधीजी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे।
- भारत का पहला सत्याग्रह—चंपारण (1917)।
- पहला किसान आंदोलन—चंपारण।
- पहला श्रमिक आंदोलन—अहमदाबाद।
- पहला राष्ट्रव्यापी आंदोलन—असहयोग आंदोलन।
- असहयोग आंदोलन 1922 में चौरी-चौरा कांड के बाद वापस लिया गया।
- दांडी यात्रा 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930 तक चली।
- गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ।
- भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को शुरू हुआ।
- “करो या मरो” भारत छोड़ो आंदोलन का प्रसिद्ध नारा था।

महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Booster Facts)
- महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे।
- गांधीजी के राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे।
- भारत में गांधीजी का पहला सफल सत्याग्रह चंपारण सत्याग्रह (1917) था।
- पहला किसान आंदोलन – चंपारण सत्याग्रह।
- पहला श्रमिक आंदोलन – अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918)।
- खेड़ा सत्याग्रह में सरदार वल्लभभाई पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- असहयोग आंदोलन 1 अगस्त 1920 को प्रारम्भ हुआ।
- असहयोग आंदोलन चौरी-चौरा कांड (1922) के बाद वापस ले लिया गया।
- दांडी यात्रा 12 मार्च 1930 को प्रारम्भ हुई।
- गांधीजी ने 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुँचकर नमक कानून तोड़ा।
- गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ।
- गांधीजी ने केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लिया।
- भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को शुरू हुआ।
- “करो या मरो” भारत छोड़ो आंदोलन का प्रसिद्ध नारा था।
- गांधीवादी आंदोलन का आधार सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह था।
Key Takeaways
- गांधीजी ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाया।
- सत्याग्रह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे प्रभावी हथियार बना।
- असहयोग आंदोलन पहला राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन था।
- सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रतीक दांडी यात्रा बनी।
- भारत छोड़ो आंदोलन ने स्वतंत्रता की प्रक्रिया को निर्णायक गति दी।
- गांधीवादी आंदोलन ने विश्वभर में अहिंसक संघर्ष की नई मिसाल प्रस्तुत की।
Quick Revision Notes
- भारत आगमन – 1915
- पहला सत्याग्रह – चंपारण
- पहला किसान आंदोलन – चंपारण
- पहला श्रमिक आंदोलन – अहमदाबाद
- खेड़ा आंदोलन – कर माफी
- असहयोग आंदोलन – 1920
- चौरी-चौरा – 1922
- दांडी यात्रा – 1930
- गांधी-इरविन समझौता – 1931
- भारत छोड़ो आंदोलन – 1942
- नारा – करो या मरो
- स्वतंत्रता – 15 अगस्त 1947
One-Liner Revision Questions
- गांधीजी भारत कब लौटे?
- गांधीजी का पहला सत्याग्रह कौन-सा था?
- चंपारण सत्याग्रह किससे संबंधित था?
- खेड़ा सत्याग्रह किस राज्य में हुआ?
- असहयोग आंदोलन कब प्रारम्भ हुआ?
- चौरी-चौरा कांड किस वर्ष हुआ?
- दांडी यात्रा कितने किलोमीटर की थी?
- गांधी-इरविन समझौता कब हुआ?
- भारत छोड़ो आंदोलन का नारा क्या था?
- गांधीजी ने किस गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया?
गांधीवादी आंदोलन MCQ Practice Set (20 Questions)
प्रश्न 1: महात्मा गांधी भारत कब लौटे?
A. 1913
B. 1914
C. 1915
D. 1916
उत्तर: C. 1915
व्याख्या: महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए।
प्रश्न 2: महात्मा गांधी का भारत में पहला सफल सत्याग्रह कौन-सा था?
A. खेड़ा सत्याग्रह
B. अहमदाबाद मिल आंदोलन
C. असहयोग आंदोलन
D. चंपारण सत्याग्रह
उत्तर: D. चंपारण सत्याग्रह
व्याख्या: वर्ष 1917 में बिहार के चंपारण में किसानों की समस्याओं को लेकर गांधीजी ने अपना पहला सफल सत्याग्रह किया।
प्रश्न 3: खेड़ा सत्याग्रह किस समस्या से संबंधित था?
A. नमक कानून
B. किसानों की कर माफी
C. मजदूरों के वेतन
D. शिक्षा सुधार
उत्तर: B. किसानों की कर माफी
व्याख्या: फसल खराब होने के बावजूद किसानों से लगान वसूला जा रहा था, जिसके विरोध में खेड़ा सत्याग्रह किया गया।
प्रश्न 4: अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन किस वर्ग से संबंधित था?
A. किसान
B. व्यापारी
C. विद्यार्थी
D. मजदूर
उत्तर: D. मजदूर
व्याख्या: यह आंदोलन मिल मजदूरों के वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चलाया गया था।
प्रश्न 5: असहयोग आंदोलन किस वर्ष प्रारम्भ हुआ?
A. 1919
B. 1920
C. 1921
D. 1922
उत्तर: B. 1920
व्याख्या: गांधीजी ने 1920 में असहयोग आंदोलन प्रारम्भ किया, जो पहला राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन था।
प्रश्न 6: असहयोग आंदोलन किस घटना के बाद वापस ले लिया गया?
A. गांधी-इरविन समझौता
B. साइमन कमीशन
C. चौरी-चौरा कांड
D. गोलमेज सम्मेलन
उत्तर: C. चौरी-चौरा कांड
व्याख्या: 5 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा में हुई हिंसा के बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
प्रश्न 7: दांडी यात्रा किस कानून के विरोध में निकाली गई थी?
A. वन कानून
B. प्रेस कानून
C. शिक्षा कानून
D. नमक कानून
उत्तर: D. नमक कानून
व्याख्या: गांधीजी ने अंग्रेजों के नमक कानून का विरोध करने के लिए दांडी यात्रा निकाली।
प्रश्न 8: दांडी यात्रा कब प्रारम्भ हुई?
A. 1931
B. 12 मार्च 1930
C. 6 अप्रैल 1930
D. 1929
उत्तर: B. 12 मार्च 1930
व्याख्या: दांडी यात्रा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुई।
प्रश्न 9: गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हुआ?
A. 1930
B. 1931
C. 1932
D. 1933
उत्तर: B. 1931
व्याख्या: गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को हुआ था।
प्रश्न 10: महात्मा गांधी ने किस गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था?
A. प्रथम
B. द्वितीय
C. तृतीय
D. किसी में नहीं
उत्तर: B. द्वितीय
व्याख्या: गांधीजी ने केवल 1931 में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था।
प्रश्न 11: भारत छोड़ो आंदोलन कब प्रारम्भ हुआ?
A. 1940
B. 1941
C. 1942
D. 1945
उत्तर: C. 1942
व्याख्या: भारत छोड़ो आंदोलन 8 अगस्त 1942 को प्रारम्भ हुआ।
प्रश्न 12: “करो या मरो” का नारा किस आंदोलन से संबंधित है?
A. असहयोग आंदोलन
B. सविनय अवज्ञा आंदोलन
C. भारत छोड़ो आंदोलन
D. खिलाफत आंदोलन
उत्तर: C. भारत छोड़ो आंदोलन
व्याख्या: गांधीजी ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान “करो या मरो” का नारा दिया था।
प्रश्न 13: गांधीवादी आंदोलन का मुख्य आधार क्या था?
A. हिंसा
B. सशस्त्र क्रांति
C. सत्य और अहिंसा
D. सैन्य शक्ति
उत्तर: C. सत्य और अहिंसा
व्याख्या: गांधीवादी आंदोलन पूरी तरह सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों पर आधारित था।
प्रश्न 14: महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु कौन थे?
A. बाल गंगाधर तिलक
B. गोपाल कृष्ण गोखले
C. दादाभाई नौरोजी
D. बिपिन चंद्र पाल
उत्तर: B. गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या: गांधीजी ने गोपाल कृष्ण गोखले को अपना राजनीतिक गुरु माना था।
प्रश्न 15: भारत में गांधीजी का पहला आंदोलन कौन-सा था?
A. खेड़ा सत्याग्रह
B. असहयोग आंदोलन
C. चंपारण सत्याग्रह
D. भारत छोड़ो आंदोलन
उत्तर: C. चंपारण सत्याग्रह
व्याख्या: चंपारण सत्याग्रह भारत में गांधीजी का पहला सफल जनआंदोलन था।
प्रश्न 16: खादी किसका प्रतीक मानी जाती है?
A. औद्योगीकरण
B. स्वदेशी और आत्मनिर्भरता
C. आधुनिक शिक्षा
D. विदेशी व्यापार
उत्तर: B. स्वदेशी और आत्मनिर्भरता
व्याख्या: गांधीजी ने खादी को स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक बनाया।
प्रश्न 17: सविनय अवज्ञा आंदोलन किस वर्ष प्रारम्भ हुआ?
A. 1929
B. 1930
C. 1931
D. 1932
उत्तर: B. 1930
व्याख्या: सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में दांडी यात्रा के साथ प्रारम्भ हुआ।
प्रश्न 18: जलियांवाला बाग हत्याकांड कब हुआ था?
A. 13 अप्रैल 1919
B. 15 अगस्त 1919
C. 26 जनवरी 1920
D. 5 फरवरी 1922
उत्तर: A. 13 अप्रैल 1919
व्याख्या: जनरल डायर ने 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में निहत्थी भीड़ पर गोलियां चलवाई थीं।
प्रश्न 19: भारत छोड़ो प्रस्ताव कहाँ पारित हुआ?
A. दिल्ली
B. कोलकाता
C. मुंबई (ग्वालिया टैंक मैदान)
D. अहमदाबाद
उत्तर: C. मुंबई (ग्वालिया टैंक मैदान)
व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने मुंबई के ग्वालिया टैंक मैदान (वर्तमान अगस्त क्रांति मैदान) में भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया।
प्रश्न 20: गांधीवादी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. शिक्षा सुधार
B. सामाजिक सुधार
C. भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराना
D. औद्योगीकरण
उत्तर: C. भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराना
व्याख्या: गांधीवादी आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य सत्य और अहिंसा के माध्यम से भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र कराना था।
Previous Year Questions (PYQs) – गांधीवादी आंदोलन
PYQ 1: असहयोग आंदोलन किस घटना के बाद वापस ले लिया गया?
परीक्षा: SSC CGL
A. जलियांवाला बाग हत्याकांड
B. साइमन कमीशन का विरोध
C. चौरी-चौरा कांड
D. गांधी-इरविन समझौता
उत्तर: C. चौरी-चौरा कांड
व्याख्या: 5 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में हुई हिंसक घटना के बाद महात्मा गांधी ने अहिंसा के सिद्धांत का पालन करते हुए असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
PYQ 2: दांडी यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
परीक्षा: UPSC Prelims
A. विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार
B. भारत छोड़ो आंदोलन शुरू करना
C. नमक कानून का उल्लंघन करना
D. किसानों के कर माफ कराना
उत्तर: C. नमक कानून का उल्लंघन करना
व्याख्या: 12 मार्च 1930 को गांधीजी ने साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा प्रारम्भ की और 6 अप्रैल 1930 को नमक बनाकर अंग्रेजों के नमक कानून का उल्लंघन किया।
PYQ 3: “करो या मरो” का नारा महात्मा गांधी ने किस आंदोलन के दौरान दिया था?
परीक्षा: Railway NTPC
A. असहयोग आंदोलन
B. सविनय अवज्ञा आंदोलन
C. चंपारण सत्याग्रह
D. भारत छोड़ो आंदोलन
उत्तर: D. भारत छोड़ो आंदोलन
व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को मुंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान गांधीजी ने “करो या मरो” का ऐतिहासिक नारा दिया।
PYQ 4: गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हुआ था?
परीक्षा: State PSC
A. 1930
B. 1931
C. 1932
D. 1933
उत्तर: B. 1931
व्याख्या: गांधी-इरविन समझौता 5 मार्च 1931 को महात्मा गांधी और तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच हुआ था, जिसके बाद गांधीजी ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।
PYQ 5: महात्मा गांधी का भारत में पहला सफल सत्याग्रह कौन-सा था?
परीक्षा: SSC CHSL
A. खेड़ा सत्याग्रह
B. अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन
C. चंपारण सत्याग्रह
D. सविनय अवज्ञा आंदोलन
उत्तर: C. चंपारण सत्याग्रह
व्याख्या: 1917 में बिहार के चंपारण में नील किसानों की समस्याओं को लेकर महात्मा गांधी ने अपना पहला सफल सत्याग्रह किया, जिसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

