मराठा साम्राज्य (1674–1818) Notes PDF, छत्रपति शिवाजी महाराज, पेशवा काल, MCQ एवं महत्वपूर्ण प्रश्न

मराठा साम्राज्य (1674–1818): सम्पूर्ण इतिहास, छत्रपति शिवाजी महाराज, पेशवा काल

Table of Contents

📌 एक नजर में

विषयविवरण
स्थापना1674 ई.
संस्थापकछत्रपति शिवाजी महाराज
राज्याभिषेकरायगढ़ दुर्ग (1674 ई.)
राजधानीरायगढ़ (प्रारम्भिक)
प्रमुख शासन व्यवस्थाअष्टप्रधान परिषद
प्रमुख पदपेशवा
साम्राज्य का अंत1818 ई. (तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध)

परीक्षा में पूछा जाता है | प्रश्न:

मराठा साम्राज्य क्या था?

उत्तर:

मराठा साम्राज्य भारत का एक शक्तिशाली हिन्दू साम्राज्य था, जिसकी स्थापना छत्रपति शिवाजी महाराज ने 1674 ई. में की। इस साम्राज्य ने मुगल सत्ता को चुनौती दी और 18वीं शताब्दी में भारत की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्ति बनकर उभरा।


परिचय

मराठा साम्राज्य भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है। इसकी स्थापना छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वतंत्र हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के उद्देश्य से की। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद शक्तिशाली मुगल, आदिलशाही और कुतुबशाही सेनाओं का सफलतापूर्वक सामना किया।

शिवाजी के बाद मराठा शक्ति का विस्तार पेशवाओं के नेतृत्व में हुआ। 18वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य उत्तर में अटक से लेकर दक्षिण में तंजावुर तक प्रभाव स्थापित करने में सफल रहा। प्रशासनिक सुधार, सुदृढ़ सैन्य संगठन और प्रभावी कूटनीति इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं।


ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

17वीं शताब्दी में दक्कन क्षेत्र पर बीजापुर की आदिलशाही, गोलकुंडा की कुतुबशाही तथा मुगल साम्राज्य का प्रभाव था। स्थानीय जनता पर अत्यधिक कर, राजनीतिक अस्थिरता और विदेशी शासन के कारण असंतोष बढ़ रहा था।

इसी समय शाहजी भोंसले के पुत्र शिवाजी ने मराठा सरदारों को संगठित किया और स्वतंत्र शासन की नींव रखी। उनका उद्देश्य केवल राज्य विस्तार नहीं बल्कि जनता की सुरक्षा और स्वराज्य की स्थापना था।


मराठा साम्राज्य की प्रमुख समयरेखा

वर्षघटना
1630शिवाजी महाराज का जन्म
1646तोरणा किले पर अधिकार
1659अफजल खान का वध
1663शाइस्ता खाँ पर आक्रमण
1664सूरत पर पहला आक्रमण
1665पुरंदर की संधि
1666आगरा से शिवाजी का पलायन
1674रायगढ़ में राज्याभिषेक
1680शिवाजी महाराज का निधन
1761तृतीय पानीपत का युद्ध
1818तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध एवं मराठा साम्राज्य का अंत

मराठा साम्राज्य के प्रमुख शासक

शासकशासनकाल
छत्रपति शिवाजी महाराज1674–1680
संभाजी महाराज1681–1689
राजाराम1689–1700
महारानी ताराबाई1700–1707
शाहू महाराज1708–1749

1. छत्रपति शिवाजी महाराज (1674–1680)

छत्रपति शिवाजी महाराज मराठा साम्राज्य के संस्थापक और भारत के महानतम योद्धाओं में से एक थे। उनका जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ। उनके पिता शाहजी भोंसले तथा माता राजमाता जीजाबाई थीं।

राजमाता जीजाबाई ने शिवाजी के व्यक्तित्व और राष्ट्रभक्ति के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके गुरु दादाजी कोंडदेव ने सैन्य एवं प्रशासनिक प्रशिक्षण दिया।


प्रारम्भिक विजय

तोरणा दुर्ग (1646)

16 वर्ष की आयु में शिवाजी ने तोरणा किले पर अधिकार कर स्वतंत्र राज्य निर्माण की शुरुआत की।

राजगढ़ दुर्ग

तोरणा विजय के बाद राजगढ़ को सुदृढ़ बनाया और इसे प्रमुख प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित किया।


अफजल खान का वध (1659)

बीजापुर के सुल्तान ने शिवाजी को समाप्त करने के लिए अफजल खान को भेजा।

प्रतापगढ़ दुर्ग के निकट हुई ऐतिहासिक भेंट में शिवाजी ने वाघनख (बाघनख) और बिछवा का उपयोग करके अफजल खान का वध किया।

महत्व

  • मराठा शक्ति का मनोबल बढ़ा।
  • शिवाजी की सैन्य प्रतिभा पूरे भारत में प्रसिद्ध हुई।

शाइस्ता खाँ पर आक्रमण (1663)

औरंगज़ेब ने शाइस्ता खाँ को मराठों के विरुद्ध भेजा।

शिवाजी ने पुणे स्थित लाल महल पर रात्रि आक्रमण कर शाइस्ता खाँ को घायल कर दिया। इस घटना ने मुगल सेना की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुँचाया।


सूरत पर आक्रमण (1664)

शिवाजी ने मुगल साम्राज्य के प्रमुख व्यापारिक नगर सूरत पर आक्रमण किया।

उद्देश्य

  • युद्ध व्यय की पूर्ति।
  • मुगल आर्थिक शक्ति को कमजोर करना।

पुरंदर की संधि (1665)

पक्षविवरण
मराठा पक्षशिवाजी महाराज
मुगल पक्षराजा जय सिंह
परिणामशिवाजी ने कुछ किले मुगलों को सौंपे और पुत्र संभाजी को मुगल दरबार भेजा।

आगरा से पलायन (1666)

औरंगज़ेब ने शिवाजी को आगरा बुलाकर नजरबंद कर दिया।

शिवाजी ने अत्यंत चतुराई से फलों की टोकरी में निकलकर आगरा से सफलतापूर्वक पलायन किया। यह घटना भारतीय इतिहास की सबसे साहसिक घटनाओं में गिनी जाती है।


राज्याभिषेक (1674)

6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में शिवाजी का भव्य राज्याभिषेक हुआ।

उन्हें “छत्रपति” की उपाधि प्रदान की गई और स्वतंत्र हिंदवी स्वराज्य की औपचारिक स्थापना हुई।


अष्टप्रधान परिषद

शिवाजी ने प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए आठ मंत्रियों की परिषद बनाई, जिसे अष्टप्रधान परिषद कहा जाता था।

पदकार्य
पेशवाप्रधानमंत्री
अमात्यवित्त मंत्री
सचिवशाही पत्राचार
मंत्रीअभिलेख एवं गुप्त सूचना
सुमंतविदेश विभाग
सेनापतिसेना प्रमुख
न्यायाधीशन्याय व्यवस्था
पंडितरावधार्मिक कार्य

शिवाजी की प्रशासनिक व्यवस्था

प्रमुख विशेषताएँ

  • सुदृढ़ केंद्रीय प्रशासन।
  • किलों पर विशेष नियंत्रण।
  • योग्यता के आधार पर अधिकारियों की नियुक्ति।
  • किसानों के हितों की रक्षा।
  • धार्मिक सहिष्णुता।
  • महिलाओं के सम्मान की रक्षा।
  • नौसेना का विकास।

सैन्य व्यवस्था

शिवाजी की सेना अनुशासित एवं तीव्र गति से युद्ध करने में सक्षम थी।

प्रमुख विशेषताएँ

  • गुरिल्ला युद्ध नीति (गनिमी कावा)।
  • मजबूत दुर्ग व्यवस्था।
  • घुड़सवार सेना।
  • पैदल सेना।
  • शक्तिशाली नौसेना।
  • त्वरित आक्रमण एवं सुरक्षित वापसी।

शिवाजी महाराज की प्रमुख उपलब्धियाँ

  • मराठा साम्राज्य की स्थापना।
  • हिंदवी स्वराज्य की अवधारणा।
  • अष्टप्रधान परिषद का गठन।
  • शक्तिशाली नौसेना का विकास।
  • गुरिल्ला युद्ध प्रणाली को प्रभावी बनाया।
  • प्रशासनिक एवं सैन्य सुधार।
  • मुगल शक्ति को गंभीर चुनौती दी।

महत्वपूर्ण तथ्य

  1. मराठा साम्राज्य की स्थापना 1674 ई. में हुई।
  2. संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज थे।
  3. शिवाजी का जन्म शिवनेरी दुर्ग में हुआ।
  4. राज्याभिषेक रायगढ़ दुर्ग में हुआ।
  5. अष्टप्रधान परिषद में आठ मंत्री थे।
  6. पेशवा प्रधानमंत्री होता था।
  7. शिवाजी ने गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाई।
  8. शाइस्ता खाँ पर आक्रमण 1663 ई. में हुआ।
  9. अफजल खान का वध 1659 ई. में हुआ।
  10. आगरा से शिवाजी का पलायन भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है।

मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)

  • मराठा साम्राज्य की नींव छत्रपति शिवाजी महाराज ने रखी।
  • हिंदवी स्वराज्य मराठा शासन का मूल आदर्श था।
  • अष्टप्रधान परिषद ने प्रशासन को संगठित बनाया।
  • गुरिल्ला युद्ध नीति ने मराठों को अनेक युद्धों में विजय दिलाई।
  • शिवाजी ने नौसेना, दुर्ग व्यवस्था और प्रशासन को नई दिशा दी।
  • शिवाजी के बाद पेशवाओं के नेतृत्व में मराठा साम्राज्य भारत की सबसे शक्तिशाली राजनीतिक शक्ति बना।

2. संभाजी महाराज (1681–1689)

छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यु (1680 ई.) के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र संभाजी महाराज मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति बने। वे अत्यंत साहसी एवं कुशल योद्धा थे। उन्होंने औरंगज़ेब की विशाल मुगल सेना के विरुद्ध लगातार संघर्ष किया।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • मुगल साम्राज्य के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।
  • पुर्तगालियों एवं सिद्दियों के विरुद्ध अभियान चलाए।
  • मराठा साम्राज्य की स्वतंत्रता बनाए रखी।

गिरफ्तारी एवं मृत्यु

1689 ई. में मुगल सेना ने संगमेश्वर के निकट संभाजी महाराज को बंदी बना लिया। औरंगज़ेब के आदेश पर उन्हें अमानवीय यातनाएँ देकर मृत्यु दंड दिया गया।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • शिवाजी के उत्तराधिकारी – संभाजी महाराज
  • शासनकाल – 1681–1689 ई.
  • मृत्यु – 1689 ई.

3. राजाराम महाराज (1689–1700)

संभाजी महाराज की मृत्यु के बाद उनके भाई राजाराम महाराज ने मराठा नेतृत्व संभाला।

उन्होंने दक्षिण भारत के जिंजी (गिंजी) दुर्ग को अपनी राजधानी बनाया और वहीं से मुगलों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • जिंजी दुर्ग से मराठा आंदोलन का संचालन।
  • गुरिल्ला युद्ध नीति को जारी रखा।
  • मराठा प्रतिरोध को जीवित रखा।

4. महारानी ताराबाई (1700–1707)

राजाराम महाराज की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी महारानी ताराबाई ने शासन की बागडोर संभाली।

वे भारतीय इतिहास की सबसे सक्षम महिला शासकों में गिनी जाती हैं।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • औरंगज़ेब के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।
  • मराठा सेना का सफल नेतृत्व किया।
  • मराठा साम्राज्य को विघटन से बचाया।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महिला शासक।
  • औरंगज़ेब के विरुद्ध सफल प्रतिरोध।

5. शाहू महाराज (1708–1749)

औरंगज़ेब की मृत्यु (1707) के बाद मुगलों ने शिवाजी के पौत्र शाहू महाराज को रिहा किया।

उनके शासनकाल में पेशवा पद सबसे शक्तिशाली बन गया।


पेशवा काल

मराठा इतिहास में पेशवाओं का काल अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रारंभ में पेशवा प्रधानमंत्री होता था, लेकिन बाद में वही वास्तविक शासक बन गया।


प्रमुख पेशवा

पेशवाप्रमुख उपलब्धि
बालाजी विश्वनाथपेशवा पद को सशक्त बनाया
बाजीराव प्रथममराठा साम्राज्य का तीव्र विस्तार
बालाजी बाजीराव (नाना साहेब)उत्तर भारत में प्रभाव बढ़ाया
माधवराव प्रथमपानीपत के बाद मराठा शक्ति का पुनर्गठन

बाजीराव प्रथम (1720–1740)

बाजीराव प्रथम मराठा इतिहास के सबसे महान सेनानायकों में से एक थे।

उन्होंने कहा था—

“सूखे वृक्ष की जड़ पर प्रहार करो, शाखाएँ स्वयं गिर जाएँगी।”

इसका अर्थ था कि मुगल सत्ता के केंद्र पर आक्रमण कर पूरे साम्राज्य को कमजोर किया जा सकता है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

  • मालवा एवं बुंदेलखंड पर अधिकार।
  • दिल्ली तक मराठा प्रभाव स्थापित किया।
  • निजाम को कई युद्धों में पराजित किया।
  • कभी कोई युद्ध नहीं हारे।

परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • सबसे सफल पेशवा – बाजीराव प्रथम
  • शासनकाल – 1720–1740 ई.

माधवराव प्रथम

माधवराव प्रथम ने तृतीय पानीपत युद्ध के बाद कमजोर हो चुकी मराठा शक्ति को पुनः संगठित किया।

उन्हें मराठा साम्राज्य का पुनर्निर्माता माना जाता है।


मराठा प्रशासन

मराठा प्रशासन शिवाजी द्वारा स्थापित व्यवस्था पर आधारित था।

प्रमुख विशेषताएँ

  • केंद्रीकृत शासन।
  • अष्टप्रधान परिषद।
  • प्रांतों में प्रशासनिक विभाजन।
  • योग्य अधिकारियों की नियुक्ति।
  • स्थानीय स्वशासन को प्रोत्साहन।

राजस्व व्यवस्था

मराठा साम्राज्य की आय मुख्यतः कृषि एवं करों से प्राप्त होती थी।

प्रमुख कर

करविवरण
चौथराज्य की आय का लगभग 25%
सरदेशमुखीलगभग 10% अतिरिक्त कर
भूमि करकृषि उत्पादन पर आधारित

सैन्य व्यवस्था

मराठा सेना अपनी तेज गति एवं गुरिल्ला युद्ध प्रणाली के लिए प्रसिद्ध थी।

प्रमुख विशेषताएँ

  • घुड़सवार सेना।
  • पैदल सेना।
  • दुर्ग प्रणाली।
  • नौसेना।
  • गनिमी कावा (गुरिल्ला युद्ध नीति)।
  • तीव्र आक्रमण एवं सुरक्षित वापसी।

मराठा साम्राज्य का विस्तार

18वीं शताब्दी में मराठा शक्ति भारत की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शक्ति बन गई।

प्रमुख क्षेत्र

  • महाराष्ट्र
  • गुजरात
  • मालवा
  • बुंदेलखंड
  • राजस्थान का बड़ा भाग
  • दिल्ली
  • उड़ीसा
  • कर्नाटक
  • तमिलनाडु के कुछ भाग

प्रमुख युद्ध

युद्धवर्षपरिणाम
प्रतापगढ़ का युद्ध1659अफजल खान की पराजय
पवनखिंड का युद्ध1660मराठा वीरता का उदाहरण
पुरंदर की संधि1665अस्थायी समझौता
साल्हेर का युद्ध1672मराठों की बड़ी विजय
तृतीय पानीपत का युद्ध1761मराठों की पराजय

तृतीय पानीपत का युद्ध (1761)

मराठा इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटना तृतीय पानीपत का युद्ध थी।

विवरणजानकारी
वर्ष1761
मराठा पक्षसदाशिवराव भाऊ
अफगान पक्षअहमद शाह अब्दाली
परिणाममराठों की पराजय

प्रभाव

  • मराठा साम्राज्य को भारी सैन्य क्षति।
  • उत्तर भारत में मराठा प्रभाव अस्थायी रूप से कमजोर हुआ।
  • अंग्रेजों के विस्तार का मार्ग आसान हुआ।

मराठा साम्राज्य का पतन

मराठा साम्राज्य का पतन किसी एक घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि कई राजनीतिक एवं सैन्य कारणों का संयुक्त प्रभाव था।

प्रमुख कारण

  1. तृतीय पानीपत युद्ध में भारी क्षति।
  2. पेशवाओं के बीच आंतरिक संघर्ष।
  3. विभिन्न मराठा सरदारों में मतभेद।
  4. अंग्रेजों की बढ़ती शक्ति।
  5. तीन आंग्ल-मराठा युद्ध।
  6. कमजोर केंद्रीय नेतृत्व।

1818 ई. में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद मराठा साम्राज्य का अंत हो गया।


महत्वपूर्ण सारणी

प्रमुख मराठा शासक

शासकप्रमुख उपलब्धि
शिवाजी महाराजमराठा साम्राज्य की स्थापना
संभाजीमुगलों के विरुद्ध संघर्ष
राजारामजिंजी से प्रतिरोध
ताराबाईमराठा शक्ति को संगठित रखा
शाहू महाराजपेशवा पद को सशक्त बनाया

प्रमुख पेशवा

पेशवाविशेष उपलब्धि
बालाजी विश्वनाथपेशवा पद का सुदृढ़ीकरण
बाजीराव प्रथमसाम्राज्य का सर्वाधिक विस्तार
बालाजी बाजीरावउत्तर भारत में प्रभाव
माधवराव प्रथममराठा शक्ति का पुनर्गठन

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

  • मराठा साम्राज्य की स्थापना – 1674 ई.
  • संस्थापक – छत्रपति शिवाजी महाराज
  • राज्याभिषेक – रायगढ़ दुर्ग
  • प्रधानमंत्री – पेशवा
  • प्रशासन – अष्टप्रधान परिषद
  • प्रमुख कर – चौथ एवं सरदेशमुखी
  • गुरिल्ला युद्ध नीति – गनिमी कावा
  • सबसे प्रसिद्ध पेशवा – बाजीराव प्रथम
  • तृतीय पानीपत युद्ध – 1761 ई.
  • अंतिम पतन – 1818 ई. (तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध)

मुख्य निष्कर्ष (Key Takeaways)

  • शिवाजी महाराज ने स्वतंत्र हिंदवी स्वराज्य की स्थापना कर मराठा साम्राज्य की नींव रखी।
  • संभाजी, राजाराम और ताराबाई ने कठिन परिस्थितियों में मराठा शक्ति को जीवित रखा।
  • शाहू महाराज के समय पेशवाओं का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया।
  • बाजीराव प्रथम के नेतृत्व में मराठा साम्राज्य ने अभूतपूर्व विस्तार किया।
  • चौथ, सरदेशमुखी, अष्टप्रधान परिषद और गनिमी कावा मराठा शासन की प्रमुख विशेषताएँ थीं।
  • 1761 का तृतीय पानीपत युद्ध मराठा इतिहास का निर्णायक मोड़ सिद्ध हुआ।
  • 1818 ई. में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद मराठा साम्राज्य का अंत हुआ।

Quick Revision Notes

  • मराठा साम्राज्य की स्थापना 1674 ई. में हुई।
  • संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज थे।
  • शिवाजी का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ।
  • राज्याभिषेक 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुआ।
  • शिवाजी ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की।
  • प्रशासन के लिए अष्टप्रधान परिषद बनाई गई।
  • प्रधानमंत्री को पेशवा कहा जाता था।
  • मराठा सेना गनिमी कावा (गुरिल्ला युद्ध नीति) के लिए प्रसिद्ध थी।
  • प्रमुख कर चौथ एवं सरदेशमुखी थे।
  • सबसे प्रसिद्ध पेशवा बाजीराव प्रथम थे।
  • तृतीय पानीपत का युद्ध 1761 ई. में हुआ।
  • मराठा साम्राज्य का अंत 1818 ई. में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद हुआ।

One-Liner Revision Questions

  1. मराठा साम्राज्य का संस्थापक कौन था?
  2. शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कहाँ हुआ?
  3. अष्टप्रधान परिषद में कितने मंत्री थे?
  4. मराठा प्रधानमंत्री को क्या कहा जाता था?
  5. गुरिल्ला युद्ध नीति को क्या कहा जाता है?
  6. चौथ कर क्या था?
  7. सरदेशमुखी कर कितना था?
  8. सबसे प्रसिद्ध पेशवा कौन था?
  9. तृतीय पानीपत का युद्ध कब हुआ?
  10. मराठा साम्राज्य का अंत कब हुआ?

Exam Booster Facts

  • स्थापना – 1674 ई.
  • संस्थापक – छत्रपति शिवाजी महाराज
  • राजधानी – रायगढ़
  • राज्याभिषेक – 1674 ई.
  • अष्टप्रधान परिषद – 8 मंत्री
  • प्रधानमंत्री – पेशवा
  • प्रमुख कर – चौथ एवं सरदेशमुखी
  • गुरिल्ला युद्ध – गनिमी कावा
  • सबसे प्रसिद्ध पेशवा – बाजीराव प्रथम
  • पानीपत का तृतीय युद्ध – 1761 ई.
  • अंतिम पतन – 1818 ई.
मराठा साम्राज्य (1674–1818) Quick Revision Infographic – छत्रपति शिवाजी महाराज, पेशवा काल, अष्टप्रधान परिषद, चौथ, सरदेशमुखी, तृतीय पानीपत युद्ध एवं परीक्षा उपयोगी तथ्य
मराठा साम्राज्य Quick Revision Chart | शिवाजी महाराज, पेशवा, प्रशासन, प्रमुख युद्ध एवं परीक्षा उपयोगी तथ्य

MCQ Practice Set

प्रश्न 1: मराठा साम्राज्य का संस्थापक कौन था?

A. संभाजी महाराज

B. छत्रपति शिवाजी महाराज

C. शाहू महाराज

D. बाजीराव प्रथम

उत्तर: B

व्याख्या: मराठा साम्राज्य की स्थापना 1674 ई. में छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के उद्देश्य से की।


प्रश्न 2: शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक कहाँ हुआ?

A. प्रतापगढ़

B. रायगढ़

C. शिवनेरी

D. सिंहगढ़

उत्तर: B

व्याख्या: 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ और उन्हें “छत्रपति” की उपाधि मिली।


प्रश्न 3: शिवाजी महाराज का जन्म कहाँ हुआ था?

A. रायगढ़

B. प्रतापगढ़

C. शिवनेरी दुर्ग

D. पुणे

उत्तर: C

व्याख्या: शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को शिवनेरी दुर्ग में हुआ था।


प्रश्न 4: अष्टप्रधान परिषद में कितने मंत्री होते थे?

A. 6

B. 7

C. 8

D. 10

उत्तर: C

व्याख्या: शिवाजी ने प्रशासन के संचालन के लिए आठ मंत्रियों की अष्टप्रधान परिषद बनाई थी।


प्रश्न 5: अष्टप्रधान परिषद का प्रमुख कौन होता था?

A. सेनापति

B. अमात्य

C. पेशवा

D. सचिव

उत्तर: C

व्याख्या: पेशवा मराठा प्रशासन का प्रधानमंत्री होता था और परिषद का सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता था।


प्रश्न 6: मराठा सेना की प्रसिद्ध युद्ध नीति क्या कहलाती थी?

A. तुलुगमा

B. गनिमी कावा

C. दाग प्रणाली

D. मनसबदारी

उत्तर: B

व्याख्या: गनिमी कावा मराठों की गुरिल्ला युद्ध प्रणाली थी, जिसके माध्यम से वे अचानक आक्रमण कर सुरक्षित लौट आते थे।


प्रश्न 7: अफजल खान का वध किसने किया?

A. बाजीराव प्रथम

B. संभाजी महाराज

C. शिवाजी महाराज

D. राजाराम

उत्तर: C

व्याख्या: 1659 ई. में प्रतापगढ़ के निकट शिवाजी महाराज ने वाघनख और बिछवा का उपयोग कर अफजल खान का वध किया।


प्रश्न 8: मराठा साम्राज्य का प्रधानमंत्री किस पद को कहा जाता था?

A. मंत्री

B. सुमंत

C. पेशवा

D. अमात्य

उत्तर: C

व्याख्या: पेशवा मराठा साम्राज्य का प्रधानमंत्री एवं बाद में वास्तविक शासक बन गया।


प्रश्न 9: चौथ कर राज्य की आय का लगभग कितना प्रतिशत था?

A. 10%

B. 15%

C. 20%

D. 25%

उत्तर: D

व्याख्या: चौथ मराठों द्वारा विजित क्षेत्रों से वसूला जाने वाला लगभग 25% कर था।


प्रश्न 10: सबसे प्रसिद्ध मराठा पेशवा कौन था?

A. बालाजी विश्वनाथ

B. बाजीराव प्रथम

C. माधवराव प्रथम

D. नाना फडनवीस

उत्तर: B

व्याख्या: बाजीराव प्रथम ने मराठा साम्राज्य का सर्वाधिक विस्तार किया और अपने जीवन में कोई युद्ध नहीं हारा।

प्रश्न 11: मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति कौन थे?

A. राजाराम

B. शाहू महाराज

C. संभाजी महाराज

D. बाजीराव प्रथम

उत्तर: C

व्याख्या: शिवाजी महाराज की मृत्यु (1680 ई.) के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र संभाजी महाराज मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति बने।


प्रश्न 12: जिंजी (गिंजी) दुर्ग से मराठा आंदोलन का संचालन किसने किया?

A. संभाजी महाराज

B. राजाराम महाराज

C. ताराबाई

D. शाहू महाराज

उत्तर: B

व्याख्या: संभाजी महाराज की मृत्यु के बाद राजाराम महाराज ने जिंजी दुर्ग को अपनी राजधानी बनाकर मुगलों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा।


प्रश्न 13: औरंगज़ेब के विरुद्ध मराठा संघर्ष का सफल नेतृत्व करने वाली महिला शासक कौन थीं?

A. जीजाबाई

B. अहिल्याबाई होल्कर

C. ताराबाई

D. रानी लक्ष्मीबाई

उत्तर: C

व्याख्या: महारानी ताराबाई ने औरंगज़ेब के विरुद्ध मराठा शक्ति को संगठित रखा और सफल नेतृत्व किया।


प्रश्न 14: मराठा साम्राज्य में पेशवा पद को सबसे अधिक शक्तिशाली किसके शासनकाल में माना गया?

A. संभाजी महाराज

B. राजाराम

C. शाहू महाराज

D. शिवाजी महाराज

उत्तर: C

व्याख्या: शाहू महाराज के शासनकाल में पेशवा पद अत्यंत शक्तिशाली बन गया और वास्तविक शासन पेशवाओं के हाथों में चला गया।


प्रश्न 15: “कभी कोई युद्ध न हारने वाले” प्रसिद्ध मराठा पेशवा कौन थे?

A. बालाजी विश्वनाथ

B. बाजीराव प्रथम

C. माधवराव प्रथम

D. नाना फडनवीस

उत्तर: B

व्याख्या: बाजीराव प्रथम अपनी अद्वितीय सैन्य रणनीति के लिए प्रसिद्ध थे और उन्होंने अपने जीवन में कोई युद्ध नहीं हारा।


प्रश्न 16: तृतीय पानीपत के युद्ध (1761) में मराठा सेना का नेतृत्व किसने किया?

A. बाजीराव प्रथम

B. शाहू महाराज

C. सदाशिवराव भाऊ

D. माधवराव प्रथम

उत्तर: C

व्याख्या: 1761 ई. के तृतीय पानीपत युद्ध में मराठा सेना का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ ने किया था।


प्रश्न 17: तृतीय पानीपत के युद्ध में मराठों का सामना किससे हुआ?

A. बाबर

B. अहमद शाह अब्दाली

C. औरंगज़ेब

D. नादिरशाह

उत्तर: B

व्याख्या: तृतीय पानीपत का युद्ध मराठों और अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली के बीच लड़ा गया था।


प्रश्न 18: सरदेशमुखी कर लगभग कितना था?

A. 5%

B. 10%

C. 15%

D. 25%

उत्तर: B

व्याख्या: सरदेशमुखी मराठों द्वारा वसूला जाने वाला लगभग 10% अतिरिक्त कर था।


प्रश्न 19: मराठा साम्राज्य का अंतिम पतन किस वर्ष हुआ?

A. 1761 ई.

B. 1772 ई.

C. 1803 ई.

D. 1818 ई.

उत्तर: D

व्याख्या: 1818 ई. में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद मराठा साम्राज्य का अंत हुआ।


प्रश्न 20: शिवाजी महाराज के पिता का नाम क्या था?

A. शाहजी भोंसले

B. संभाजी

C. मालोजी भोंसले

D. बाजीराव

उत्तर: A

व्याख्या: शिवाजी महाराज के पिता शाहजी भोंसले और माता राजमाता जीजाबाई थीं।


Previous Year Questions (PYQs)

PYQ 1

प्रश्न: मराठा साम्राज्य का संस्थापक कौन था?

परीक्षा: SSC CGL

उत्तर: छत्रपति शिवाजी महाराज

व्याख्या: शिवाजी महाराज ने 1674 ई. में मराठा साम्राज्य की स्थापना की और हिंदवी स्वराज्य की नींव रखी।


PYQ 2

प्रश्न: अष्टप्रधान परिषद की स्थापना किसने की?

परीक्षा: UPSC (Prelims Pattern)

उत्तर: छत्रपति शिवाजी महाराज

व्याख्या: शिवाजी ने प्रशासन को व्यवस्थित करने के लिए अष्टप्रधान परिषद का गठन किया।


PYQ 3

प्रश्न: तृतीय पानीपत का युद्ध किस वर्ष हुआ?

परीक्षा: RRB NTPC

उत्तर: 1761 ई.

व्याख्या: 14 जनवरी 1761 को मराठों और अहमद शाह अब्दाली के बीच तृतीय पानीपत का युद्ध हुआ।


PYQ 4

प्रश्न: मराठा साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध पेशवा कौन था?

परीक्षा: SSC CHSL

उत्तर: बाजीराव प्रथम

व्याख्या: बाजीराव प्रथम ने मराठा साम्राज्य का सबसे अधिक विस्तार किया और अपनी सैन्य प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध हुए।


PYQ 5

प्रश्न: मराठा साम्राज्य का अंत किस युद्ध के बाद हुआ?

परीक्षा: Rajasthan CET

उत्तर: तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1818 ई.)

व्याख्या: 1818 ई. में अंग्रेजों की विजय के बाद मराठा साम्राज्य का राजनीतिक अंत हो गया।


Frequently Asked Questions (FAQs)

1. मराठा साम्राज्य की स्थापना कब और किसने की?

मराठा साम्राज्य की स्थापना 1674 ई. में छत्रपति शिवाजी महाराज ने रायगढ़ में राज्याभिषेक के साथ की।


2. हिंदवी स्वराज्य का क्या अर्थ है?

हिंदवी स्वराज्य का अर्थ है जनता के हितों पर आधारित स्वतंत्र और स्वशासित राज्य की स्थापना।


3. अष्टप्रधान परिषद क्या थी?

यह शिवाजी महाराज द्वारा गठित आठ मंत्रियों की परिषद थी, जो प्रशासन के विभिन्न विभागों का संचालन करती थी।


4. मराठा साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध पेशवा कौन था?

बाजीराव प्रथम को मराठा साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध और सफल पेशवा माना जाता है।


5. तृतीय पानीपत का युद्ध क्यों महत्वपूर्ण है?

1761 का तृतीय पानीपत युद्ध मराठा साम्राज्य के इतिहास का निर्णायक मोड़ था। इस युद्ध के बाद मराठा शक्ति को भारी क्षति पहुँची।


6. मराठा साम्राज्य का अंत कब हुआ?

1818 ई. में तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बाद मराठा साम्राज्य का अंत हुआ।


7. मराठा साम्राज्य की प्रमुख कर व्यवस्था क्या थी?

मराठा प्रशासन में चौथ, सरदेशमुखी और भूमि कर प्रमुख राजस्व स्रोत थे।

Other Articles

Scroll to Top