क्षेत्रीय परिषद क्या है?
क्षेत्रीय परिषद (Zonal Councils) भारत में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच समन्वय, सहयोग तथा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए गठित वैधानिक निकाय हैं। इनका गठन राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत किया गया था।
संक्षिप्त परिचय
भारत जैसे विशाल संघीय देश में राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय बनाए रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 1956 में क्षेत्रीय परिषदों का गठन किया गया। ये परिषदें राज्यों के बीच विवादों के समाधान, आर्थिक एवं सामाजिक विकास तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
क्षेत्रीय परिषद (Zonal Councils)
गठन
क्षेत्रीय परिषदों का गठन राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत किया गया।
अध्यक्ष
- केंद्रीय गृह मंत्री
- प्रत्येक क्षेत्रीय परिषद के मुख्यमंत्री क्रमवार उपाध्यक्ष बनते हैं।
क्षेत्रीय परिषदों के उद्देश्य
- राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाना
- क्षेत्रीय विवादों का समाधान
- आर्थिक एवं सामाजिक विकास को प्रोत्साहन
- राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना
- प्रशासनिक समन्वय स्थापित करना
भारत की पाँच क्षेत्रीय परिषदें
1. उत्तरी क्षेत्रीय परिषद
| सदस्य राज्य |
|---|
| पंजाब |
| हरियाणा |
| राजस्थान |
| हिमाचल प्रदेश |
| जम्मू-कश्मीर |
| लद्दाख |
| चंडीगढ़ |
2. मध्य क्षेत्रीय परिषद
| सदस्य राज्य |
|---|
| उत्तर प्रदेश |
| मध्य प्रदेश |
| उत्तराखंड |
| छत्तीसगढ़ |
3. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद
| सदस्य राज्य |
|---|
| बिहार |
| पश्चिम बंगाल |
| ओडिशा |
| झारखंड |
| सिक्किम |
| अंडमान-निकोबार |
4. पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद
| सदस्य राज्य |
|---|
| गुजरात |
| महाराष्ट्र |
| गोवा |
| दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव |
5. दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद
| सदस्य राज्य |
|---|
| आंध्र प्रदेश |
| तेलंगाना |
| कर्नाटक |
| केरल |
| तमिलनाडु |
| पुडुचेरी |
नए राज्यों का गठन
| राज्य | गठन वर्ष |
|---|---|
| आंध्र प्रदेश | 1953 |
| महाराष्ट्र | 1960 |
| गुजरात | 1960 |
| नागालैंड | 1963 |
| हरियाणा | 1966 |
| हिमाचल प्रदेश | 1971 |
| मेघालय | 1972 |
| मणिपुर | 1972 |
| त्रिपुरा | 1972 |
| सिक्किम | 1975 |
| मिजोरम | 1987 |
| अरुणाचल प्रदेश | 1987 |
| गोवा | 1987 |
| छत्तीसगढ़ | 2000 |
| उत्तराखंड | 2000 |
| झारखंड | 2000 |
क्षेत्रीय परिषद बनाम अंतरराज्यीय परिषद
| आधार | क्षेत्रीय परिषद | अंतरराज्यीय परिषद |
|---|---|---|
| गठन | 1956 | अनुच्छेद 263 |
| संख्या | 5 | 1 |
| उद्देश्य | क्षेत्रीय समन्वय | केंद्र-राज्य समन्वय |
| प्रकृति | वैधानिक | संवैधानिक |

महत्वपूर्ण तथ्य
- क्षेत्रीय परिषदें वैधानिक निकाय हैं।
- इनका गठन राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 से हुआ।
- केंद्रीय गृह मंत्री इनके अध्यक्ष होते हैं।
- भारत में कुल 5 क्षेत्रीय परिषदें हैं।
- उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए पृथक रूप से North Eastern Council (NEC) कार्य करती है।
- परिषदों का मुख्य उद्देश्य सहकारी संघवाद को मजबूत करना है।
Key Takeaways
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत गठन।
- कुल 5 क्षेत्रीय परिषदें।
- अध्यक्ष – केंद्रीय गृह मंत्री।
- राज्यों के बीच समन्वय एवं विकास प्रमुख उद्देश्य।
- SSC एवं Railway परीक्षाओं में नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।
Quick Revision Notes
- गठन वर्ष – 1956
- कुल परिषदें – 5
- अध्यक्ष – केंद्रीय गृह मंत्री
- उपाध्यक्ष – संबंधित मुख्यमंत्री
- पूर्वोत्तर राज्यों हेतु – NEC
- प्रकृति – वैधानिक निकाय
One-Liner Revision Questions
- क्षेत्रीय परिषदों का गठन किस अधिनियम से हुआ?
- कुल कितनी क्षेत्रीय परिषदें हैं?
- इनके अध्यक्ष कौन होते हैं?
- दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में कौन-कौन से राज्य हैं?
- NEC किस क्षेत्र से संबंधित है?
- गुजरात राज्य कब बना?
- सिक्किम राज्य कब बना?
- झारखंड का गठन कब हुआ?
- क्षेत्रीय परिषद की प्रकृति क्या है?
- सहकारी संघवाद से इसका क्या संबंध है?
Exam Booster Facts
- SSC में परिषदों के सदस्य राज्यों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
- Railway में गठन वर्ष पूछा जाता है।
- CET में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष से संबंधित प्रश्न आते हैं।
- Police परीक्षाओं में राज्य गठन वर्ष महत्वपूर्ण है।
- Banking परीक्षाओं में संघीय ढांचे से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
Previous Year Questions (PYQ)
PYQ 1
क्षेत्रीय परिषदों का गठन किस अधिनियम के तहत किया गया?
उत्तर: राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956
PYQ 2
क्षेत्रीय परिषद का अध्यक्ष कौन होता है?
उत्तर: केंद्रीय गृह मंत्री
PYQ 3
भारत में कुल कितनी क्षेत्रीय परिषदें हैं?
उत्तर: 5
PYQ 4
सिक्किम भारत का राज्य कब बना?
उत्तर: 1975
PYQ 5
झारखंड राज्य का गठन कब हुआ?
उत्तर: 2000
महत्वपूर्ण वर्णनात्मक प्रश्न
- क्षेत्रीय परिषदों के गठन का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
- क्षेत्रीय परिषदों की संरचना का वर्णन कीजिए।
- सहकारी संघवाद में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका बताइए।
- क्षेत्रीय परिषद एवं अंतरराज्यीय परिषद में अंतर लिखिए।
- नए राज्यों के गठन का संक्षिप्त इतिहास लिखिए।
MCQ Practice Set (20)
- क्षेत्रीय परिषदों का गठन किस वर्ष हुआ?
उत्तर: 1956 - क्षेत्रीय परिषदों का गठन किस अधिनियम से हुआ?
उत्तर: राज्य पुनर्गठन अधिनियम - कुल कितनी क्षेत्रीय परिषदें हैं?
उत्तर: 5 - अध्यक्ष कौन होता है?
उत्तर: केंद्रीय गृह मंत्री - गुजरात राज्य का गठन कब हुआ?
उत्तर: 1960 - महाराष्ट्र राज्य कब बना?
उत्तर: 1960 - हरियाणा कब बना?
उत्तर: 1966 - नागालैंड कब बना?
उत्तर: 1963 - सिक्किम कब राज्य बना?
उत्तर: 1975 - गोवा कब राज्य बना?
उत्तर: 1987 - झारखंड का गठन कब हुआ?
उत्तर: 2000 - छत्तीसगढ़ कब बना?
उत्तर: 2000 - उत्तराखंड कब बना?
उत्तर: 2000 - दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में कौन-सा राज्य है?
उत्तर: कर्नाटक - पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद में कौन-सा राज्य है?
उत्तर: गुजरात - पूर्वी क्षेत्रीय परिषद में कौन-सा राज्य है?
उत्तर: बिहार - मध्य क्षेत्रीय परिषद में कौन-सा राज्य है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश - NEC किस क्षेत्र से संबंधित है?
उत्तर: पूर्वोत्तर भारत - क्षेत्रीय परिषद की प्रकृति क्या है?
उत्तर: वैधानिक - सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने वाली संस्था कौन-सी है?
उत्तर: क्षेत्रीय परिषद
FAQs
1. क्षेत्रीय परिषद क्या है?
राज्यों के बीच समन्वय हेतु गठित वैधानिक निकाय।
2. इनका गठन कब हुआ?
1956 में।
3. कुल कितनी क्षेत्रीय परिषदें हैं?
5।
4. अध्यक्ष कौन होता है?
केंद्रीय गृह मंत्री।
5. क्या ये संवैधानिक निकाय हैं?
नहीं, वैधानिक निकाय हैं।
6. NEC क्या है?
North Eastern Council, जो पूर्वोत्तर राज्यों के लिए कार्य करती है।
7. सिक्किम कब राज्य बना?
1975 में।
8. झारखंड कब बना?
2000 में।
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- नागरिकता
- मौलिक अधिकार
- मौलिक कर्तव्य
- राज्य के नीति निदेशक तत्व
- राष्ट्रपति
- संसद
- आपातकालीन उपबंध
निष्कर्ष
क्षेत्रीय परिषदें भारत की संघीय व्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण संस्थाएँ हैं। इनके माध्यम से राज्यों के बीच सहयोग, समन्वय तथा विकास को बढ़ावा मिलता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए परिषदों के सदस्य राज्यों, गठन वर्ष, अध्यक्ष तथा नए राज्यों के गठन से संबंधित तथ्यों का विशेष अध्ययन करना चाहिए।

