संक्षिप्त परिचय
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने राज्यों की सीमाओं को व्यवस्थित करने की चुनौती थी। विभिन्न क्षेत्रों में भाषाई आधार पर अलग राज्य बनाने की मांग उठने लगी। इन मांगों के समाधान हेतु राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया, जिसकी सिफारिशों के आधार पर 1956 में राज्यों का पुनर्गठन किया गया।
यह विषय SSC, Railway, Police, CET, Banking तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राज्यों के पुनर्गठन की पृष्ठभूमि
स्वतंत्रता के बाद यह प्रश्न उठा कि राज्यों का पुनर्गठन भाषा के आधार पर किया जाए या प्रशासनिक सुविधा के आधार पर।
संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इस विषय की जांच हेतु एस.के. धर आयोग (Dhar Commission) की नियुक्ति की।
धर आयोग ने भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन का विरोध किया तथा प्रशासनिक सुविधा को अधिक उपयुक्त माना।
जे.वी.पी. समिति (JVP Committee)
धर आयोग की सिफारिशों की समीक्षा के लिए कांग्रेस ने एक समिति गठित की।
समिति के सदस्य
- जवाहरलाल नेहरू
- वल्लभभाई पटेल
- पट्टाभि सीतारमैया
इनके नामों के प्रथम अक्षरों से इसे JVP समिति कहा गया।
सिफारिश
समिति ने भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन की मांग को अस्वीकार कर दिया।
आंध्र राज्य का गठन
तेलुगु भाषी लोगों ने पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलन किया।
पोट्टी श्रीरामुलु का योगदान
- पोट्टी श्रीरामुलु ने पृथक आंध्र राज्य की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया।
- 56 दिनों के अनशन के बाद 15 दिसम्बर 1952 को उनका निधन हो गया।
- इसके बाद व्यापक आंदोलन हुआ।
परिणाम
1 अक्टूबर 1953 को आंध्र प्रदेश (तत्कालीन आंध्र राज्य) का गठन किया गया।
यह स्वतंत्र भारत में भाषाई आधार पर गठित पहला राज्य माना जाता है।
राज्य पुनर्गठन आयोग (1953)
भाषाई राज्यों की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिसंबर 1953 में राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना की।
आयोग की संरचना
| पद | नाम |
|---|---|
| अध्यक्ष | फज़ल अली |
| सदस्य | के.एम. पणिक्कर |
| सदस्य | हृदयनाथ कुंजरू |
आयोग की प्रमुख सिफारिशें
- राज्यों का पुनर्गठन भाषाई आधार पर किया जाए।
- प्रशासनिक सुविधा एवं राष्ट्रीय एकता को भी ध्यान में रखा जाए।
- राज्यों की सीमाओं को तार्किक बनाया जाए।
राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956
राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर संसद ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 पारित किया।
प्रमुख परिणाम
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| राज्य | 14 |
| केंद्र शासित प्रदेश | 6 |
यह अधिनियम 1 नवम्बर 1956 से प्रभावी हुआ।
राज्यों के गठन का कालक्रम
फ्रांसीसी क्षेत्रों का विलय
1954 में फ्रांस ने:
- पांडिचेरी
- यानम
- माहे
- कराईकल
भारत को सौंप दिए।
पूर्ण विलय
28 मई 1956 को इन क्षेत्रों को भारत में औपचारिक रूप से सम्मिलित किया गया।
पुर्तगाली क्षेत्रों का विलय
गोवा, दमन एवं दीव
18 दिसम्बर 1961 को भारतीय सेना ने कार्रवाई कर गोवा, दमन एवं दीव को भारत में सम्मिलित किया।
महाराष्ट्र एवं गुजरात का गठन
1 मई 1960 को द्विभाषी बंबई राज्य को विभाजित करके:
- महाराष्ट्र
- गुजरात
दो नए राज्यों का गठन किया गया।
नागालैंड
नागा आंदोलन के कारण:
1 दिसम्बर 1963 को नागालैंड भारत का राज्य बना।
पंजाब एवं हरियाणा
1 नवम्बर 1966 को पंजाब का विभाजन करके:
| राज्य | आधार |
|---|---|
| पंजाब | पंजाबी भाषी क्षेत्र |
| हरियाणा | हिंदी भाषी क्षेत्र |
का गठन किया गया।
हिमाचल प्रदेश
25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।
पूर्वोत्तर राज्यों का गठन
21 जनवरी 1972 को:
- मणिपुर
- त्रिपुरा
- मेघालय
को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
प्रश्न: राज्यों का पुनर्गठन किस आधार पर किया गया?
उत्तर: स्वतंत्रता के बाद प्रारम्भ में राज्यों का पुनर्गठन प्रशासनिक सुविधा के आधार पर किया गया था, लेकिन बाद में जनता की मांग एवं आंदोलनों के कारण मुख्यतः भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया। इसके लिए फज़ल अली आयोग की नियुक्ति की गई और 1956 में राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू किया गया।
राज्यों का पुनर्गठन (States Reorganisation) Notes
एक नजर में
महत्वपूर्ण तथ्य
- एस.के. धर आयोग ने भाषाई आधार का विरोध किया था।
- JVP समिति ने भाषाई राज्यों की मांग को अस्वीकार किया।
- पोट्टी श्रीरामुलु की मृत्यु के बाद आंध्र राज्य का गठन हुआ।
- फज़ल अली आयोग 1953 में गठित हुआ।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 भारतीय संघीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण चरण था।
- 1 नवम्बर 1956 को 14 राज्य एवं 6 केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आए।
तुलना सारणी
| आयोग/समिति | वर्ष | प्रमुख निष्कर्ष |
|---|---|---|
| धर आयोग | 1948 | भाषाई आधार का विरोध |
| JVP समिति | 1949 | भाषाई राज्यों की मांग अस्वीकार |
| फज़ल अली आयोग | 1953 | भाषाई आधार पर पुनर्गठन का समर्थन |
Key Takeaways
- राज्यों के पुनर्गठन का मुद्दा स्वतंत्रता के बाद प्रमुख राजनीतिक प्रश्न था।
- फज़ल अली आयोग राज्यों के पुनर्गठन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण आयोग है।
- आंध्र राज्य भाषाई आधार पर गठित पहला राज्य था।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 ने भारतीय राज्यों की संरचना बदल दी।
- महाराष्ट्र और गुजरात का गठन 1960 में हुआ।
- पंजाब और हरियाणा का गठन 1966 में हुआ।

Quick Revision Notes
- धर आयोग – 1948
- JVP समिति – 1949
- पोट्टी श्रीरामुलु की मृत्यु – 1952
- आंध्र राज्य – 1953
- फज़ल अली आयोग – 1953
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम – 1956
- महाराष्ट्र एवं गुजरात – 1960
- नागालैंड – 1963
- पंजाब एवं हरियाणा – 1966
- हिमाचल प्रदेश – 1971
- मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय – 1972
One-Liner Revision Questions
- धर आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
- JVP समिति में कौन-कौन सदस्य थे?
- आंध्र राज्य का गठन कब हुआ?
- पोट्टी श्रीरामुलु किस राज्य की मांग कर रहे थे?
- फज़ल अली आयोग कब गठित हुआ?
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम कब लागू हुआ?
- 1956 में कितने राज्य बनाए गए?
- महाराष्ट्र और गुजरात कब बने?
- नागालैंड कब राज्य बना?
- पंजाब और हरियाणा का गठन कब हुआ?
Exam Booster Facts
- SSC में फज़ल अली आयोग से प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
- Railway परीक्षाओं में राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 महत्वपूर्ण है।
- Police एवं CET परीक्षाओं में JVP समिति पूछी जाती है।
- आंध्र प्रदेश को भाषाई आधार पर गठित पहला राज्य माना जाता है।
- नागालैंड भारत का 16वां राज्य था।
Previous Year Questions (PYQ)
PYQ 1
राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: फज़ल अली
PYQ 2
आंध्र राज्य का गठन कब हुआ?
उत्तर: 1 अक्टूबर 1953
PYQ 3
राज्य पुनर्गठन अधिनियम कब लागू हुआ?
उत्तर: 1 नवम्बर 1956
PYQ 4
JVP समिति में P का संबंध किससे है?
उत्तर: वल्लभभाई पटेल
PYQ 5
महाराष्ट्र और गुजरात का गठन कब हुआ?
उत्तर: 1 मई 1960
महत्वपूर्ण वर्णनात्मक प्रश्न
- राज्य पुनर्गठन आयोग की संरचना एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।
- पोट्टी श्रीरामुलु के योगदान की व्याख्या कीजिए।
- राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 की प्रमुख विशेषताएं लिखिए।
- धर आयोग एवं JVP समिति की तुलना कीजिए।
- भाषाई राज्यों के गठन के कारणों का वर्णन कीजिए।
MCQ Practice Set
1. राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
A. के.एम. पणिक्कर
B. फज़ल अली
C. हृदयनाथ कुंजरू
D. नेहरू
उत्तर: B
2. आंध्र राज्य का गठन कब हुआ?
A. 1952
B. 1954
C. 1953
D. 1956
उत्तर: C
3. पोट्टी श्रीरामुलु किस भाषा समूह से संबंधित थे?
A. तमिल
B. तेलुगु
C. कन्नड़
D. मलयालम
उत्तर: B
4. JVP समिति का गठन किसने किया?
A. संसद
B. राष्ट्रपति
C. कांग्रेस
D. सुप्रीम कोर्ट
उत्तर: C
5. JVP समिति ने किस आधार का विरोध किया?
A. प्रशासनिक
B. आर्थिक
C. भाषाई
D. सांस्कृतिक
उत्तर: C
6. राज्य पुनर्गठन अधिनियम कब पारित हुआ?
A. 1950
B. 1953
C. 1956
D. 1960
उत्तर: C
7. 1956 में कितने राज्य बनाए गए?
A. 12
B. 13
C. 14
D. 15
उत्तर: C
8. 1956 में कितने केंद्र शासित प्रदेश थे?
A. 5
B. 6
C. 7
D. 8
उत्तर: B
9. महाराष्ट्र का गठन कब हुआ?
A. 1956
B. 1958
C. 1960
D. 1962
उत्तर: C
10. गुजरात का गठन कब हुआ?
A. 1960
B. 1961
C. 1963
D. 1965
उत्तर: A
11. नागालैंड राज्य कब बना?
A. 1961
B. 1962
C. 1963
D. 1964
उत्तर: C
12. पंजाब का पुनर्गठन कब हुआ?
A. 1965
B. 1966
C. 1967
D. 1968
उत्तर: B
13. हरियाणा राज्य कब बना?
A. 1966
B. 1967
C. 1968
D. 1969
उत्तर: A
14. हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?
A. 1969
B. 1970
C. 1971
D. 1972
उत्तर: C
15. मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?
A. 1970
B. 1971
C. 1972
D. 1973
उत्तर: C
16. त्रिपुरा को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?
A. 1972
B. 1973
C. 1974
D. 1975
उत्तर: A
17. मेघालय को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?
A. 1971
B. 1972
C. 1973
D. 1974
उत्तर: B
18. धर आयोग किस विषय से संबंधित था?
A. निर्वाचन सुधार
B. राज्य पुनर्गठन
C. पंचायती राज
D. न्यायपालिका
उत्तर: B
19. फज़ल अली आयोग का गठन किस वर्ष हुआ?
A. 1952
B. 1953
C. 1954
D. 1955
उत्तर: B
20. भाषाई आधार पर गठित पहला राज्य कौन था?
A. गुजरात
B. महाराष्ट्र
C. आंध्र राज्य
D. हरियाणा
उत्तर: C
FAQs
1. राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे?
फज़ल अली।
2. आंध्र राज्य कब बना?
1 अक्टूबर 1953।
3. राज्य पुनर्गठन अधिनियम कब लागू हुआ?
1 नवम्बर 1956।
4. JVP समिति क्या थी?
नेहरू, पटेल एवं पट्टाभि सीतारमैया की समिति।
5. भाषाई आधार पर पहला राज्य कौन था?
आंध्र राज्य।
6. महाराष्ट्र और गुजरात कब बने?
1 मई 1960।
7. नागालैंड कब राज्य बना?
1 दिसम्बर 1963।
8. हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?
25 जनवरी 1971।
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Conclusion
राज्यों का पुनर्गठन भारतीय संघीय व्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण चरण था। भाषाई पहचान, प्रशासनिक सुविधा तथा राष्ट्रीय एकता के संतुलन को ध्यान में रखते हुए राज्यों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया गया। फज़ल अली आयोग एवं राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 ने आधुनिक भारत के राजनीतिक मानचित्र को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

